Media24Media.com: गढ़फुलझर

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मुख्यमंत्री र्ने इंट भट्ठा श्रमिकों की मृत्यु पर गहरा दुःख प्रकट किया

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम गढ़फुलझर में ईंट भट्ठा में काम करने वाले 5 श्रमिकों की मृत्यु पर गहरा दुःख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने मृतक व्यक्तियों के परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि मंज़ूर की है।

उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को गंभीर रूप से घायल श्रमिक को बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि घटना में घायल श्रमिक को बेहतर उपचार के लिए राजधानी रायपुर रेफर किया है। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने दुर्घटना के जांच के आदेश दिए है। जानकारी मिलते ही प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने बसना में विकास कार्यों के लिए दी करोड़ों की मंजूरी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम महासमुंद जिले के विकासखण्ड मुख्यालय बसना में विभिन्न समाज एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमण्डल से भेंट-मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक-एक कर सभी समाज एवं संगठनों के प्रतिनिधियों से सामाजिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी लेने के साथ ही उनसे शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में भी फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री से कोलता समाज के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर 27 प्रतिशत आरक्षण बिल पारित करने के लिए आभार व्यक्त किया। गढ़फुलझर में विभिन्न विकास कार्यों के लिए भी प्रतिनिधि मंडल ने आभार व्यक्त किया। सिख समाज के प्रतिनिधियों ने नानक सागर को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को कृपाण भेंट की।

                सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से की भेंट-मुलाकात

मुख्यमंत्री से आदिवासी गोड़ समाज के प्रतिनिधि मंडल ने बसना और गढ़फुलझर में सामाजिक भवन की मांग की। कुम्भकार समाज ने इलेक्ट्रानिक चाक और 5 एकड़ जमीन की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने कुम्भकार समाज के प्रतिनिधियों को अंग्रेजी खपरेल बनाने का सुझाव दिया। सतनामी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने बसना में मुक्तिधाम स्वीकृत करने का आग्रह किया। मरार पटेल समाज द्वारा धर्मशाला, संवरा समाज द्वारा पिथौरा में भवन और देवांगन समाज द्वारा भंवरपुर में भवन के लिए राशि की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के पास स्वयं की जमीन होने पर नियमानुसार राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार बड़गांव की सरपंच ने गौठान में तार फेंसिंग के लिए राशि की मांग की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विभिन्न समाजों की मांग पर सामाजिक भवन और अन्य कार्यों के लिए अघरिया समाज को ग्राम पैता में विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रूपए मंजूर किए। इसी प्रकार कलार समाज के प्रतिनिधि मंडल की मांग पर कन्या छात्रावास के लिए जमीन होने पर 20 लाख रूपए, फुलझर में तेली समाज के सामाजिक भवन के लिए 20 लाख रूपए, ब्राम्हण समाज पिथौरा के लिए 20 लाख रूपए, मसीह समाज जगदीशपुर के लिए 20 लाख रूपए, मुस्लिम समाज बसना के लिए 15 लाख रूपए, सरपंच ग्राम किसनपुर की मांग पर विकास कार्यों के लिए 15 लाख रूपए, पिथौरा में मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान में बाउंड्रीवाल हेतु फेंसिंग और जमात खाना के लिए 10 लाख रूपए, ब्राम्हण समाज बसना के लिए 10 लाख रूपए, कैथोलिक चर्च और मेनोनाइट चर्च के ट्रस्ट के लिए 10 लाख रूपए स्वीकृत किए।

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के लिए दी करोड़ों की मंजूरी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम महासमुंद जिले के विकासखण्ड बसना में विभिन्न समाज एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमण्डल से भेंट-मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक-एक कर सभी समाज एवं संगठनों के प्रतिनिधियों से सामाजिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी लेने के साथ ही उनसे शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में भी फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री से कोलता समाज के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर 27 प्रतिशत आरक्षण बिल पारित करने के लिए आभार व्यक्त किया। गढ़फुलझर में विभिन्न विकास कार्यों के लिए भी प्रतिनिधि मंडल ने आभार व्यक्त किया। सिख समाज के प्रतिनिधियों ने नानक सागर को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को कृपाण भेंट की। 



मुख्यमंत्री से आदिवासी गोड़ समाज के प्रतिनिधि मंडल ने बसना और गढ़फुलझर में सामाजिक भवन की मांग की। कुम्भकार समाज ने इलेक्ट्रानिक चाक और 5 एकड़ जमीन की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने कुम्भकार समाज के प्रतिनिधियों को अंग्रेजी खपरेल बनाने का सुझाव दिया। सतनामी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने बसना में मुक्तिधाम स्वीकृत करने का आग्रह किया। मरार पटेल समाज द्वारा धर्मशाला, संवरा समाज द्वारा पिथौरा में भवन और देवांगन समाज द्वारा भंवरपुर में भवन के लिए राशि की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के पास स्वयं की जमीन होने पर नियमानुसार राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार बड़गांव की सरपंच ने गौठान में तार फेंसिंग के लिए राशि की मांग की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विभिन्न समाजों की मांग पर सामाजिक भवन और अन्य कार्यों के लिए अघरिया समाज को ग्राम पैता में विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रूपए मंजूर किए। इसी प्रकार कलार समाज के प्रतिनिधि मंडल की मांग पर कन्या छात्रावास के लिए जमीन होने पर 20 लाख रूपए, फुलझर में तेली समाज के सामाजिक भवन के लिए 20 लाख रूपए, ब्राम्हण समाज पिथौरा के लिए 20 लाख रूपए, मसीह समाज जगदीशपुर के लिए 20 लाख रूपए, मुस्लिम समाज बसना के लिए 15 लाख रूपए, सरपंच ग्राम किसनपुर की मांग पर विकास कार्यों के लिए 15 लाख रूपए, पिथौरा में मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान में बाउंड्रीवाल हेतु फेंसिंग और जमात खाना के लिए 10 लाख रूपए, ब्राम्हण समाज बसना के लिए 10 लाख रूपए, कैथोलिक चर्च और मेनोनाइट चर्च के ट्रस्ट के लिए 10 लाख रूपए स्वीकृत किए।

 

​​​​​​​छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोगों का आपस में रोटी-बेटी का है मधुर संबंध : सीएम

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महासमुंद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के गढ़फुलझर में आयोजित बाबा बिशासहे कुल कोलता समाज के वार्षिक स्नेह सम्मेलन व बंधु मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए। उनके साथ छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण और गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू तथा नगरीय प्रशासन विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया भी थे। मुख्यमंत्री बघेल ने रामचंडी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। 



इस अवसर पर उन्होंने कोलता समाज को बधाई देते हुए कहा कि यह एक ऐसा समाज है, जो एक बड़े वर्ग को अपने साथ लेकर चलता है। यह समाज भारतीय समाज, संस्कृति एवं परंपरा को लेकर चलने वाला समाज है, क्योंकि इस समाज के अधिकांश लोग खेती-किसानी करने वाले लोग हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान गढ़फुलझर स्थित रामचंडी मंदिर स्थल को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने, सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा, मंगल भवन, सार्वजनिक शौचालय तथा सरोवरों के सौन्दर्यीकरण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा की संस्कृति प्राचीन संस्कृति है और छत्तीसगढ़ मुख्य रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक रूप से इस राज्य से जुड़ा है। दोनों प्रदेश के लोगों का रोटी-बेटी का संबंध है। दोनों के अचार-विचार मिलते हैं। एक दूसरे की भाषा के साथ अब छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुलने से अग्रेजी भी सीखेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री को पडोसी राज्य ओडिशा के पारंपरिक व्यंजन अरसापिठा से तौला गया।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अन्य स्थलों के साथ-साथ रामचण्डी मंदिर के स्थल को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार गाँव के विकास और किसानों के लिए लाभकारी योजनाएं लायी है। किसानों का ऋण माफ़ किया। इनके हित में गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना और राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का संचालन किया जा रहा है। सरकार सभी वर्गों के हित को ध्यान में रखकर काम कर रही है।

कोलता समाज के अध्यक्ष हरीचरण प्रधान ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष देवेन्द्र बहादुर सिंह, लोकसभा सांसद चुन्नीलाल साहू, विधायक खल्लारी द्वारिकाधीश यादव, विधायक सरायपाली किस्मत लाल नंद, अध्यक्ष ज़िला पंचायत श्रीमती ऊषा पटेल, कोलता समाज के पदाधिकारी, समाज के लोग और जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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