Media24Media.com: गौठान

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गो वंशो की देखभाल के लिए एसडीएम व सीएमओ के नाम सौंपा ज्ञापन

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 आरंग। आरंग के घुमरा भांठा गौठान में रखे बहुत से गाय चारा, पानी समय पर उचित इलाज व देखभाल की कमी कारण एक एक कर मरते जा रहे हैं। वहां गायों के पीने के लिए बनाए गए पानी की टंकियां क्रेक होकर टूटने लगी हैं। जिससे उसमें पानी भरना मुश्किल हो रहा है। वहीं सैकड़ों गायों की देखभाल के लिए पर्याप्त कर्मचारी भी नहीं है।


जिससे गौ वंशो को समय पर पर्याप्त चारा पानी नहीं मिल रहा है।बीमार गो वंशों का उपचार भी समय पर नहीं हो रहा है। जिससे अब तक बहुत सारे गाय काल के गाल में समा चुके हैं। वहीं सोमवार को नगर के स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन व बागेश्वर गौ सेवा समिति आरंग की प्रतिनिधि मंडल व सामाजिक कार्यकर्तागण घुमरा गौठान में उपस्थित होकर गो वंशों की दयनीय स्थिति को देखते हुए गौठान में चारा पानी व समुचित व्यवस्थापन के लिए एसडीएम एवं नगर पालिका परिषद कार्यालय आरंग को ज्ञापन सौंपा गया।

आवर्ती चराई योजना से आर्थिक समृद्धि की राह हुई प्रशस्त

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषि की महत्ता को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप राज्य शासन द्वारा महत्वाकांक्षी नरवा, गरुवा, घुरूवा एवं बाड़ी योजना का आरंभ किया गया। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आवर्ती चराई क्षेत्र विकास व गौठान निर्माण कर पशुपालन में वृद्धि करना व पशुओं को चारागाह के माध्यम से चारा उपलब्ध कराना व साथ ही ग्रामीणों को रोजगारोन्मुखी कार्य उपलब्ध कराकर उन्हे सुदृढ़ बनाना है।

इसी कड़ी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अंतर्गत सामान्य वनमंडल महासमुन्द के वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत आवर्ती चराई विकास कार्य  हेतु 30 स्थल तथा गौठान निर्माण कार्यहेतु 16 स्थलों को चयन कर कार्य सम्पादन किया गया है। आवर्ती चराई एवं गौठान गोड़बहाल को परिक्षेत्र में मॉडल के रूप में चयन किया गया।

आवर्ती चराई विकास कार्य गोड़बहाल में चारागाह विकास कार्य हेतु 2 हेक्टेयर क्षेत्र का चयन कर चयनित क्षेत्र में सी.पी.टी, डब्ल्यू.ए.टी. व शोकपीट का निर्माण कराया गया। कार्य के तहत् क्षेत्र में पानी एकत्रीकरण हेतु पानी टंकी का निर्माण किया गया, पानी की व्यवस्था हेतु नलकूप खनन कराकर मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था की गई। गौठान क्षेत्र में वर्मी कम्पोस्ट पीट 10 नग, अंजोला टैंक 12 नग तथा 0.20 हेक्टेयर क्षेत्र में 3 स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा सब्जी भाजी का उत्पादन कर अपने आय में वृद्धि कर आर्थिक रूप से सशक्त व सुदृढ़ हो रहे है।

10 हेक्टेयर क्षेत्र में नेपियर घास का रोपण किया गया है। जिससे स्थानीय निवासियो द्वारा चक्रिय निधि मद के तहत ऋण लेकर 250 गायों के लिए उत्तम चारा उपलब्ध हो पा रहा है, जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हुई है। अंजोला टैंक से भी पशुओं के लिए चारा उपलब्ध हो रहा है। इस प्रकार पशुपालकों, ग्रामीण महिलाओं को जमीनी स्तर में लाभ मिल रहा है।

गांव के पशुपालक अपने मवेशियों को चराई केंद्र में लाते हैं, जिससे वे निश्चिंत होकर कृषि कार्यों में अपना समय का बेहतर सदुपयोग कर पाते हैं। स्व सहायता समूह की महिलाएं एकता और आत्मविश्वास से स्वावलंबन कि दिशा में बढ़ते हुए उन्नति की ओर अग्रसर हो रही हैं। साथ ही क्षेत्रीय ग्रामीणों को रोजगार के नए नये मौके मिलना शुरु हो गये हैं जिससे आर्थिक सशक्तीकरण भी सुनिश्चित हुआ है।

कांग्रेस सरकार ने किया 229 करोड़ का गोबर घोटाला : भाजपा

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी रायपुर संभाग प्रभारी एवं विधायक सौरभ सिंह ने सोमवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गौठान बनाया और गोबर खरीदी की। गोबर की खरीदी जब सरकार करती है तो वह सरकार की संपत्ति हो जाती है। गोबर का उपयोग वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए किया जाता है। गोबर खरीदी को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने इस विषय को गंभीरता से उठाया भी था जिसमें उन्होंने गौठान निर्माण एवं गोबर खरीदी को लेकर प्रदेश सरकार से सवाल किया था।


सिंह ने कहा कि गोबर खरीदी में कैसे भ्रष्टाचार हुआ है या प्रदेश सरकार के आंकड़ों से पता चल रहा है। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री से लेकर जनसंपर्क विभाग तक को भी मालूम है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत प्रदेश सरकार ने 246 करोड़ रुपए की गोबर खरीदी की तो यह गोबर सरकारी संपत्ति हो गया क्योंकि गोधन न्याय योजना में सरकार का पैसा लगा, बजट का पैसा लगा है।

भाजपा संभाग प्रभारी एवं विधायक सिंह ने प्रदेश सरकार से सवाल किया कि जब 246 करोड़ का गोबर प्रदेश सरकार ने खरीदा तो खरीदे गए गोबर का क्या बना कर बेचा और उसकी कितनी कीमत मिली ? जिसके जवाब में प्रदेश सरकार के मंत्री जी का जवाब आया कि हमने 86 लाख रुपए का ही सामान बेचा है और इसके बारे में भाजपा ने हिसाब लगाया तो 17 करोड़ रुपए की बिक्री का तथ्य सामने आया। प्रदेश सरकार द्वारा दिया गया जवाब ही गलत है। सिंह ने कहा कि अगर हिसाब लगाया जाए तो 246 करोड रुपए में से 17 करोड़ रुपए घटा दें तो 229 करोड़ रूपए बचता है, जिसका हिसाब प्रदेश सरकार के पास नहीं है।

गोबर खरीदी करने के बाद उसको वर्मी कंपोस्ट खाद बनाकर या पेंट बनाकर बेचा गया तो उसका वैल्यू ऑडिशन किया गया। दो रुपए किलो में गोबर खरीदने के बाद उसको 10 रुपए किलो की दर से वर्मी कंपोस्ट बनाकर बेचते हैं। 10 रुपए किलो की दर से वर्मी कंपोस्ट खाद बेच रहे हैं तो उसके बाद भी टोटल रिलाइजेशन हो रहा है, वह केवल 17 करोड़ रुपए का हो रहा है। तो 229 करोड रुपए कहां गया ? वह गोबर है कहां ? अगर आपने 229 करोड़ रुपए का सामान नहीं बेचा तो निर्मित सामान कहां-कहां पर है ? किस-किस गौठान में हैं ? कितना पेंट स्टॉक है ? यह प्रदेश सरकार को बताना चाहिए। लेकिन इसका जवाब भी प्रदेश सरकार के मंत्री नहीं दे पा रहे हैं।

भाजपा रायपुर संभाग प्रभारी व विधायक सिंह ने कहा कि इससे साफ-साफ पता चलता है कि प्रदेश सरकार के पास 229 करोड रुपए का कोई हिसाब नहीं है। यह गंभीरता के लिहाज से चारा घोटाले से भी बड़ा घोटाला है। विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि गौठान समिति के माध्यम से गोबर की खरीदी की जाती है। पहले गोठान समिति का अध्यक्ष ग्राम पंचायत से होता था जिसे बाद में प्रभारी मंत्री को अध्यक्ष बनाने का अधिकार दिया गया, जिसमें कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही गौठान समिति का अध्यक्ष बनाया गया। जिसमें उनके द्वारा उटपटांग ढंग से गोबर की खरीदी की गई।

सिंह ने बताया कि एक परिवार की तीन महिलाओं ने 282 लाख किलो गोबर बेचा। ऐसे कई उदाहरण हैं। गोबर खरीदी को लेकर जो आंकड़े बताये जा रहे हैं जहां-जहां गोबर खरीदी की जो मात्रा बताई जा रही है, वहां तो गोबर रखने तक की व्यवस्था नहीं है, उतना स्टॉक ही नहीं बना है जितना यह लोग गोबर खरीदी का दावा करते हैं। सिंह ने दो टूक आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार ने 229 करोड़ रुपए का गोबर घोटाला किया है।


गोठान समितियों ने सेवा सहकारी समितियों से कहा कि उपरोक्त गौठान में किस मात्रा में वर्मी कंपोस्ट खाद बना है उसका भुगतान कर दो। भुगतान एडवांस हो गया सेवा सहकारी समिति किसानों की समिति है। गौठान समिति ने जितनी मात्रा में भुगतान किया, उतनी मात्रा में वर्मी कंपोस्ट खाद लाकर जमा नहीं किया। इससे पता चलता है कि या तो गोबर खरीदा नहीं गया या फिर वर्मी कंपोस्ट खाद बना ही नहीं। प्रदेश के किसानों को जबरदस्ती वर्मी कंपोस्ट खाद खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है। जब किसान वर्मी कंपोस्ट खाद खरीदेंगे तब उन्हें रासायनिक खाद देंगे।


किसान वर्मी कंपोस्ट खाद नहीं ले रहे हैं तो उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा है कि आपको वर्मी कंपोस्ट खाद खरीदना ही पड़ेगा। फर्टीलाइजेशन एक्ट के तहत सोसाइटियों से जो खाद बेच रहे हैं उसमें आपको बताना होगा कि उन खादों में कौन-सा केमिकल है कितना प्रतिशत इसमें नाईट्रोजन है कितना प्रतिशत इसमें फास्फोरस है और कितना प्रतिशत इसमें पोटेशियम है जिसे सरकार बता नहीं पा रही है।


भाजपा रायपुर संभाग प्रभारी एवं विधायक सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बनाए जा रहे वर्मी कंपोस्ट खाद की कोई क्वालिटी नहीं है। 246 करोड़ रुपए भुगतान करने के बाद केवल 17 करोड़ रूपए का सामान प्रदेश सरकार ने बेचा है बाकी 229 करोड़ रुपए का हिसाब प्रदेश सरकार नहीं दे पा रही है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी में 229 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। प्रेस वार्ता में भाजपा मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी माजूद रहे।


मुख्यमंत्री ने गोधन योजना के हितग्राहियों के खाते में ऑनलाईन जारी 21.31 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की

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रायपुर। इस राशि में 16 मई से 31 मई तक गौठानों में क्रय किए गए  गोबर के एवज में ग्रामीण पशुपालकों को भुगतान की जा रही 4.91 करोड़ रूपए तथा गौठान समितियों को 8.98 करोड़ एवं स्व-सहायता समूहों को 6.29 करोड़ रूपए की लाभांश राशि तथा गौठान समितियों ने पदाधिकारियों के मानदेय की राशि 1.13 करोड़ रुपए की राशि शामिल है। 

गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को इस राशि को मिलाकर अब तक 538 करोड़ 89 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है।

गौठान बना समूह की महिलाओं के लिए आमदनी का जरिया

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रायपुर। राज्य में महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के अंतर्गत संचालित गौठान समूह की महिलाओं के लिए आमदनी का जरिया बन गया है। गौठानों में समूह की महिलाएं विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधि अपनाकर स्वावलंबन व आत्मनिर्भर होने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। जिससे महिलाओं के जीवन में एक नया बदलाव आ रहा है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम सांवतपुर के गौठान में इंदिरा महिला स्व-सहायता समूह और भारत वाहिनी स्व-सहायता समूह द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के तहत क्रय किए गए गोबर से वर्मी कंपोस्ट व सुपर कंपोस्ट निर्माण कर रहे हैं।

गोधन न्याय योजना की शुरुआत से अब तक समूह द्वारा 621.85 क्विंटल वर्मीं कंपोस्ट का उत्पादन किया गया है, जिसमें से 538 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय किया जा चुका है। इसी तरह समूह द्वारा 318 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट का भी निर्माण किया गया है, जिसमें से 71 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट का विक्रय किया जा चुका है। इससे समूह की महिलाओं को लगभग 04 लाख 22 हजार रूपए की आमदनी हुई है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप ग्रामीण अर्थव्यव्स्था को मजबूती प्रदान करने तथा ग्रामीणों को ग्राम में ही रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत निर्मित गौठानों में विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधि संचालित की जा रही है। इन गौठानों से जुड़कर स्वसहायता समूह की महिलाएं अब सशक्त व आत्मनिर्भर हो रही हैं।

मंडी बोर्ड की भूमि का होगा व्यावसायिक दृष्टि से विकास

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रायपुर। मंडी बोर्ड की भूमि का व्यावसायिक दृष्टि से विकास किया जाएगा। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने मंडी बोर्ड की अनुपयोगी भूमि का व्यावसायिक विकास कर किसान मॉल और किसान सेंटर बनाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। जैन आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम एक गौठान में गोबर पेंट निर्माण की इकाई लगायी जाए। इसी तरह से शहरी गौठानों में भी गोबर पेंट निर्माण की यूनिट्स लगायी जाए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को आगामी धान खरीदी से पूर्व धान खरीदी केन्द्रों में अधिक से अधिक चबूतरा निर्माण करने, किसानों को धान के बदले अन्य नकद फसलों के लिए प्रोत्साहित करने, मिलेट्स फसलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में फसल प्रदर्शन कार्यक्रम और प्रमाणित बीज वितरण करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह

ऊर्जा विभाग के सचिव अंकित आनंद, विशेष सचिव नगरीय प्रशासन एवं नरवा,गरवा, घुरूवा, बाऱी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अयाज भाई तम्बोली सहित कृषि विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग के अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सभी प्रकरणों को समय-सीमा में निराकृत करने के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए। इसके लिए कमिश्नर को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अविवादित नामांतरण एवं बटवारे, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र और नगरीय निकायों में नल कनेक्शन प्रदाय करने के प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसी तरह से स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चिकित्साकर्मियों के रिक्त पदों पर भर्ती के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

 कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गौठानों में प्राकृतिक पेंट उत्पादन के लिए 23 इकाईयों ने काम प्रारंभ कर दिया है। इन इकाईयों द्वारा 55 हजार 884 लीटर से अधिक पेंट का उत्पादन किया जा चुका है और 31 हजार लीटर से ज्यादा पेंट का विक्रय भी हुआ है। इससे करीब 60 लाख रूपए की आमदनी हुई है। नरवा विकास कार्यक्रम के तहत करीब 4662 नरवा का विकास किया जा रहा है। इसके लिए करीब 55 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। राज्य के गौठानों में 29 लाख क्विंटल से अधिक कम्पोस्ट का उत्पादन किया जा चुका है।

सामुदायिक बाड़ी कार्यक्रम के तहत 4494 बाड़ियों का विकास किया गया है। राज्य पोषित बाड़ी विकास योजना के तहत 20 हजार बाड़ियों का विकास किया जा रहा है। राज्य के किसानों को धान के बदले अन्य नकद फसलें लेने को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को मक्का, दलहन, तिलहन एवं साग-सब्जी की खेती करने, गेहंू, रागी, मक्का, चना एवं गन्ने की फसलों को लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को अच्छे किस्म के बीज उपलब्ध कराएं जा रहे हैं, जिससे धान के बदले अन्य फसलों की खेती का रकबा प्रतिवर्ष बढ़ रहा है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 23 लाख से अधिक किसानों को अब तक 18570 करोड़ रूपए की राशि उनके खातों में अंतरित कर दी गई है।

 

फूलों की खेती से महका महिलाओं का जीवन

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रायपुर। परम्परागत् खेती की जगह आधुनिक खेती फायदे का सौदा साबित हो रही हैं। इससे कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत तुड़गे के गौठान में काम कर रही महिलाओें की जिन्दगी भी अब महकने लगी है। शीतला स्व-सहायता समूह की इन महिलाओं ने तुड़गे के गौठान की महज 04 डिसमिल भूमि में कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग से पहली बार गेंदा फूल के टेनिस बॉल किस्म की खेती शुरू की है।

पहली बार में ही महिलाओं को अच्छा मुनाफा हो रहा है। समूह की महिलाएं औसतन 100 रुपए प्रति किलो की दर से गेंदा फूल की बिक्री कर रही हैं। उन्होंने अब तक 150 किलोग्राम फूल बेच कर 15 हजार रुपए कमाए हैं। महिलाओं ने बताया कि करीब 300 किलोग्राम से अधिक फूलों का उत्पादन होने की संभावना है, जिससे समूह को अच्छी आमदनी मिलेगी। इस सफलता से इन महिलाओं के चेहरे की खुशी दोगुनी हो गई है।

महिला समूह की सक्रिय सदस्य सुलोचना रावटे, शांति नेताम, मालती नरेटी, मंगतीन नेताम, बृजबत्ती, गिरजा बाई और विमला ने बताया कि गौठान में वर्मी खाद उत्पादन के अलावा पहली बार ट्रायल के रूप में गेंदा फूल की खेती  की जा रही है। खेती के लिए टेनिस बॉल नाम के गेंदा फूल की हाइब्रिड वैरायटी के बीज को मंगवाया गया है। इसके लिए पहले नर्सरी तैयार की गई तथा रोपाई के बाद फूलों की हार्वेस्टिंग की गई। उन्होंने बताया कि फूलों की खेती में खास बात यह है कि इससे कम पानी, कम लागत और कम मेहनत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। गेंदा फूल की मांग भी वर्षभर बनी रहती है। उन्होंने अपने नए रोजगार एवं हो रही आमदनी के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया गया कि टेनिस बॉल गेंदा फूल पौधे की हाइट 3 से 4 फुट की होती है। तीन माह में फूल आना शुरू हो जाता है और पैदावार भी अधिक होती है। गेंदा फूल की खेती में अधिक मुनाफा है, इसकी डिमांड भी अच्छी है। उन्होंने बताया कि गोधन न्याय योजना के तहत बनाए गए गौठानों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों के महिलाओं को आजीविका गतिविधियों एवं स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। महिला समूह भी वर्मी-कम्पोस्ट खाद उत्पादन के साथ गेंदा फूल की खेती में काफी रूचि ले रही हैं।

मेरीगोल्ड की खेती से महक रही तुड़गे का गौठान

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उत्तर बस्तर कांकेर। भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत तुड़गे के गौठान में शीतला स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मेरीगोल्ड गेंदा फूल की खेती की जा रही हैं। गेंदा फूल के महक से गौठान के साथ समूह की महिलाओं की जिंदगी भी महकने लगी है। गौठान में गेंदा फूल की खेती से उनके चेहरे की खुशी बढ़ रही है, तुड़गे गौठान के महिला समूह की सक्रिय सदस्य सुलोचना रावटे, शांति नेताम, मालती नरेटी, मंगतीन नेताम,

बृजबत्ती, गिरजा बाई और विमला ने बताया कि हमारे समूह के सदस्यों द्वारा गौठान में वर्मी खाद उत्पादन के अलावा कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग से गौठान की महज 03 से 04 डिसमिल भूमि में पहली बार ड्रायल के रूप में इंडस मेरीगोल्ड सीड्स कंपनी से संकर किस्म का गेंदा फूल टेनिस बाल नाम की वैरायटी के बीज को मंगवाया गया। गेंदा फूल का बीज मिलने के बाद नर्सरी तैयार किया गया तथा रोपाई के बाद फस्ट हार्वेस्टिंग की गई। समूह की महिलाओं ने बताया 100 रुपए प्रति किलो की दर से अब तक 150 किलोग्राम फूल 15 हजार रुपए में बेच चुकी हैं। समूह की महिलाओं का कहना है कि अभी टेनिस बाल गेंदा फूल के किस्म से तीन सौ किलोग्राम से अधिक फूल का उत्पादन होने की संभावना है, जिससे समूह को अच्छी आमदनी मिलेगी। फूलों की खेती में खास बात यह है कि इसे कम पानी, कम लागत और कम मेहनत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है, गेंदा फूल की मांग बारहमासी रहती है।

कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि टेनिस बाल गेंदा फूल पौधे की हाइट 3 से 4 फुट की होती है। तीन माह में फूल आना शुरू हो जाता है और पैदावार भी अधिक होती है। गेंदा फूल की खेती में अधिक मुनाफा है, इसकी डिमांड भी अच्छी है। तुड़गे गौठान की महिला समूह वर्मी-कम्पोस्ट खाद उत्पादन के कार्य में जुड़ी हैं, महिलाओं द्वारा नवाचार के रूप में गेंदा फूल की खेती करने में अच्छी रूचि ले रही है तथा इस कार्य से मिल रहे लाभ से महिलाएं काफी खुश है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के तहत बनाए गए गौठानों के माध्यम से स्थानीय स्व-सहायता समूहों के महिलाओं को आजीविका गतिविधियों एवं स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आजीविका गतिविधियों एवं स्वरोजगार से जोड़कर लाभान्वित कराने के लिए शीतला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने राज्य सरकार को आभार व्यक्त किये हैं।


मुख्यमंत्री अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के राशि अंतरण के लिए आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के राशि अंतरण के लिए आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू भी उपस्थित हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 8 करोड़ 23 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी की।  इस राशि में 15 जनवरी से 31 जनवरी तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय 2.38 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 4 करोड़ 76 लाख रूपए, गौठान समितियों को 2.04 करोड़ रूपए और महिला समूहों को 1.43 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है।

गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी के एवज में विक्रेताओं को अंतरित की गई 4.76 करोड़ रूपए की राशि में से मात्र 1.98 करोड़ की राशि कृषि विभाग द्वारा तथा 2.78 करोड़ रूपए का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा किया गया है।  राज्य में अब तक 4927 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं, जो स्वयं की जमा पूंजी से गोबर क्रय करने लगे हैं।

स्वावलंबी गौठानों द्वारा अब तक 40.49 करोड़ रूपए का गोबर स्वयं की राशि से क्रय कर भुगतान किया गया है। गौठानों में गोबर से  प्राकृतिक पेंट बनाने की 13 यूनिट शुरू हो चुकी हैं। क्रियाशील यूनिटों के माध्यम से अब तक 17936 लीटर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन किया गया है, जिसमें से 9622 लीटर प्राकृतिक पेंट के विक्रय से 22 लाख 51 हजार 110 रूपए की आय अर्जित हुई है। राज्य के 21 जिलों के 29 चिन्हित गौठानों में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की यूनिट स्थापना अंतिम चरण में है। शीघ्र ही इनसे प्राकृतिक पेंट का उत्पादन होने लगेगा।

जब मुख्यमंत्री ने किया किसान को सैल्यूट

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रायपुर। भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान कोनारगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रदेश के किसानों के प्रति मान और सम्मान जताने के तरीके ने लोगों का एक बार फिर दिल जीत लिया। किसान के गांव के प्रति विकास के नजरिए को देखकर मुख्यमंत्री ने किसान को ससम्मान सेल्यूट किया। साथ ही गांव के विकास की चिंता करने के लिए उनका आभार भी जताया। दरअसल भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान कोनारगढ़ में ग्राम अर्जुनी के किसान राम कुमार बंजारे ने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि गांव में गौठान स्वीकृत नहीं हुआ है।



गांव में गौठान के बन जाने से गांव के लोगों का विकास होगा, साथ ही महिलाओं को भी रोजगार के नए साधन मिलेंगे। मुख्यमंत्री बघेल ने किसान राम कुमार की गांव के लोगों के विकास की चिंता करने वाली बातों को सुनकर उनकी प्रशंसा की। साथ ही ससम्मान उनको सैल्यूट भी किया। किसान के प्रति आदर और सम्मान देखकर भेंट मुलाकात कार्यक्रम में शामिल लोगों ने तालियों के साथ मुख्यमंत्री बघेल का आभार जताया। कार्यक्रम में ही मुख्यमंत्री बघेल ने ग्राम अर्जुनी में गौठान स्वीकृत करने और शासकीय योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

गौठान के कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में दो पंचायत सचिव निलंबित

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मुंगेली जिले के ग्राम पंचायत राजपुर एवं उजियारपुर के पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत मुंगेली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डी.एस. राजपूत द्वारा उक्त दोनों ग्राम पंचायत सचिवों के निलंबन की कार्रवाई उनके द्वारा गौठान के कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में की गई है। ग्राम पंचायत राजपुर के सचिव अर्जुन लाल यादव द्वारा गौठान में गोबर खरीदी नहीं कराने एवं गौठान कार्य में सहयोग नहीं करने तथा ग्राम पंचायत उजियारपुर के सचिव बलरामदास मानिकपुरी द्वारा गौठान में हो रहे निर्माण कार्य,

टीकाकरण कार्य में सहयोग नहीं करने एवं शासन की फ्लैगशिप योजना के क्रियान्वयन में रूचि नहीं लेने के मामले में निलंबित किया गया है। निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में अर्जुन लाल यादव का मुख्यालय जनपद पंचायत मुंगेली और बलरामदास मानिकपुरी का मुख्यालय जनपद पंचायत लोरमी निर्धारित किया गया है।

ऑस्ट्रेलियन काउंसेल जनरल रोवन एन्सवर्थ ने गौठान व्यवस्था और वहां की गतिविधियों को सराहा

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छत्तीसगढ़ राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आईं ऑस्ट्रेलियन काउंसलेट की काउंसेल जनरल रोवन एन्सवर्थ ने छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी और गोधन न्याय योजना की सराहना की है। ऑस्ट्रेलियन काउंसेल जनरल एन्सवर्थ  रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के आदर्श गौठान नवागांव पहुंचकर वहां पशुधन के लिए चारे-पानी की व्यवस्था, गोबर खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण सहित महिला समूहों द्वारा संचालित आयमूलक गतिविधियों का जायजा लिया। 


एन्सवर्थ ने पशुधन के संरक्षण-संवर्धन के लिए निर्मित गौठान और वहां के प्रबंध पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने गौठान अवलोकन के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं से वर्मी कंपोस्ट बनाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और कहा कि इस खाद का उपयोग करके ऑस्ट्रेलिया की जमीन को और ज्यादा उपजाऊ बनाया जा सकता है। 


काउंसेल जनरल  एन्सवर्थ को गौठान से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने गोबर की खरीदी से लेकर डी-कम्पोजिंग और वर्मी कम्पोस्ट तैयार केंचुआ के प्रयोग की पूरी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।  एन्सवर्थ ने बाड़ी योजना के तहत सब्जी उत्पादन में लगी स्व सहायता समूह की महिलाओं से उन्होंने सब्जी लगाने से लेकर उत्पादन  मार्केटिंग और अर्जित होने वाले आय के बारे में जानकारी ली। 


उन्होंने बॉडी में उपजे करेला,  भिंडी, बरबट्टी, पपीता, केला,लौकी,भाजी  को देखा और सिंचाई की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। गौठान में लगे तीखुर पौधा, सतावर पौधा के बारे में स्व सहायता समूह की दीदीयों ने बताया कि इनके सेवन से व्यक्ति में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। गौठान में बने चरवाहा कक्ष, पशुओं के लिए बनाए गए शेड और कोटना को उन्होंने देखा और कहा कि इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा। 


एन्सवर्थ ने इस अवसर पर गौठान में अमलतास के पौधे का रोपण किया और कहा कि वह अपने आगामी रायपुर भ्रमण के दौरान गौठान में रोपित अमलतास के पौधे को देखने जरूर आएंगी। सहायक कलेक्टर अभिषेक कुमार ने गोधन न्याय  योजना के बारे में  एन्सवर्थ को विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर वरिष्ठ विधायक धनेंद्र साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधि गण, संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी, स्व सहायता समूह की महिलाएं और ग्रामीण जन उपस्थित रहे। 



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