Media24Media.com: गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हुआ छत्तीसगढ़ का योग

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छत्तीसगढ़ का वर्चुअल योग मैराथन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल, सर्वाधिक पंजीयन के लिए मिला अवार्ड

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सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित वर्चुअल योग मैराथन में सर्वाधिक पंजीयन के लिए छत्तीसगढ़ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। प्रदेश में 28 जिलों से कुल 10 लाख 41 हजार 595 लोगों ने इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया था। इस उपलब्धि पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने 'मोस्ट पीपल रजिस्टर्ड फॉर ए वर्चुअल योगा मैराथन' के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के समाज कल्याण विभाग को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस से नवाजा है।





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मंगलवार को महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री अनिला भेड़िया के नेतृत्व में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री भूपेश से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें यह सर्टिफिकेट सौंपा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की जनता की योग के प्रति जागरूकता की सराहना करते हुए सभी प्रदेशवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। बता दें कि 5 जून से 20 जून तक वर्चुअल योग मैराथन के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन किया गया था, जिसमें प्रदेश के समस्त जिलों से लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और 28 जिलों से कुल 10 लाख 41 हजार 595 लोगों ने वर्चुअल योगा मैराथन के लिए पंजीयन कराया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, समाज कल्याण विभाग के संचालक पी दयानन्द भी उपस्थित थे।





स्कूल शिक्षा मंत्री ने किया योगासन





अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने अपने निवास में योगासन कर आम लोगों को प्रेरित किया। मंत्री टेकाम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हम सभी संकल्प ले कि हम एक स्वस्थ्य भारत के लिए जन जन में योग को जीवन शैली का अंग बनाने का प्रयास करें।





21 जून को मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय योग दिवस





बता दें कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन साल का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। पहली बार यह दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया, जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नें 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी।





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PM मोदी ने कहा था कि 'योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है। विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है और स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आए एक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं।'





PM मोदी की पहल से मनाया जाता है ये दिवस





PM मोदी की इस पहल के बाद 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' घोषित किया गया। 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय है।


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