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शासकीय मेडिकल कॉलेजों में 125 सहायक प्राध्यापकों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ

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रायपुर। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के 125 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को पत्र प्रेषित कर इन पदों की पूर्ति हेतु औपचारिक मांग भेजी गई है। यह मांग विभागीय स्वीकृति के अनुरूप तैयार की गई है, जिससे भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किया जा सके।

राज्य सरकार का यह निर्णय न केवल शासकीय मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक स्टाफ की उपलब्धता को सशक्त बनाएगा, बल्कि विद्यार्थियों को विशेषज्ञता-सम्पन्न एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण भी सुनिश्चित करेगा। इससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं की नींव और अधिक सुदृढ़ बनेगी।

यह पहल राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर अग्रसर बनाना प्राथमिक उद्देश्य है।


समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम: सूरजपुर में शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण सफल

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रायपुर। शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से सूरजपुर जिला प्रशासन ने शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिले की कई शालाएं जहां शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रही थीं, वहीं कुछ विद्यालयों में शिक्षक आवश्यकता से अधिक पदस्थ थे।
                

इस असंतुलन को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने छात्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया। इसके तहत जहां शिक्षक आवश्यकता से अधिक पदस्थ थे, वहां से उन्हें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की जरूरतमंद शालाओं में स्थानांतरित किया गया।

 ओपन काउंसलिंग से तय हुई पदस्थापनाएं

इस प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न किया गया। 1 से 3 जून 2025 तक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विश्रामपुर में ओपन काउंसलिंग का आयोजन किया गया। इसमें वरियता के आधार पर शिक्षकों को नई शालाएं चुनने का अवसर मिला। इससे न केवल शिक्षकों को संतोषजनक स्थान मिला, बल्कि उन स्कूलों को भी लाभ मिला जहां लंबे समय से योग्य शिक्षकों की आवश्यकता थी।

 णवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर ठोस कदम

इस युक्तियुक्तकरण से अब जिले के दूरस्थ व ग्रामीण अंचलों की शालाओं में भी सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं। इससे बच्चों को अब गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे विषयों में भी बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।

शिक्षकों की नई और आवश्यकतानुसार पदस्थापना से जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। यह पहल न केवल बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को संतुलित और सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी एक सकारात्मक और दूरदर्शी प्रयास सिद्ध हो रही है।

शासन की इस पहल को शिक्षक समुदाय और अभिभावकों दोनों से सराहना मिल रही है। यह युक्तियुक्तकरण न केवल शिक्षक वितरण की समस्या का समाधान है, बल्कि यह दर्शाता है कि सही नीति और पारदर्शी प्रक्रिया से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना संभव है।

गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रदेश के 14 स्वास्थ्य संस्थाओं को मिला गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण

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रायपुर। उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने वाले छत्तीसगढ़ के 14 शासकीय अस्पतालों को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS – National Quality Assurance Standard) प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। इनमें 10 आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र, 03 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की विशेषज्ञों की टीम द्वारा विगत अक्टूबर व नवंबर माह में इन अस्पतालों में मरीजों के लिए उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता के परीक्षण के बाद राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गुणवत्ता आश्वासन के मानकों पर खरा उतरने वाले स्वास्थ्य केंद्रों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बेहतर हो रही हैं और 14 शासकीय अस्पतालों को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र मिलना इसी का नतीजा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा महासमुंद ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र भदरसी को 91.29% , बड़े टेमरी को 90.27%, झलप  को 91.93% व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नयापारा को 88.89% के साथ सूरजपुर ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र नवापाराकला को 76.09%, धरमपुर को 87.75% व  कांकेर जिले आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र मुसरपट्टा को 94.2%,पीवी89 को 85.58%, कोदागांव को 93.36%, माकरीखुना को 81.54 व बलौदाबाजार ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद् ठेलकी को 86.83%, रायगढ़ जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र छर्राटानगर को 82.39%, बस्तर जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र जमावड़ा को 88.99% व रायपुर ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी को 88.15% अंक प्राप्त हुए हैं।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान करने के पूर्व विगत माह भारत सरकार के विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया गया। इनमें उपलब्ध सेवाएं, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।

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