Media24Media.com: गणतंत्र-दिवस परेड

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Republic day: छत्तीसगढ़ की झांकी मुरिया दरबार को बेस्‍ट झांकी बनाने का आखिरी मौका, आज शाम 5.30 तक कर सकते हैं वोट

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 Republic Day 2024 : नई दिल्ली के कर्तव्य-पथ पर गणतंत्र-दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी बस्तर की आदिम जनसंसद मुरिया दरबार प्रदर्शित की गई। इस झांकी में जनजातीय समाज में आदिम-काल से उपस्थित लोकतांत्रिक चेतना के प्रमाण स्वरूप जगदलपुर के मुरिया दरबार और बड़े डोंगर के लिमऊ राजा को विषय-वस्तु के रूप में प्रस्तुत किया गया। छत्तीसगढ़ के लोक-संगीत से सजी इस झांकी में परब नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। झांकी की सजावट जनजातीय शिल्पों से की गई थी, जिसमें बेलमेटल और टेराकोटा शिल्प के सौंदर्य को प्रदर्शित किया गया। कर्तव्य-पथ पर दर्शक-दीर्घा में उपस्थित विशिष्ट-जनों और आम नागरिकों ने इस झांकी की सराहना की है।


परेड में शामिल विभिन्न राज्यों की झांकियों के बारे में आम-नागरिकों की राय लेने के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक पोल की शुरुआत की है। ऐसे में छत्‍तीसगढ़ की इस झांकी को देश की सर्वश्रेष्‍ठ झांकी का मिल सकता है। इसके लिए लोगों को इस पोल शामिल होकर वोट देना होगा। लोग आज 27 जनवरी को शाम 5.30 बजे तक वोट कर सकते हैं।

वोटिंग के लिए प्रक्रिया-

भारत सरकार की MyGov एप को प्ले स्टोर से डाउन लोड करें।
साइनअप करके अपने आपको रजिस्टर करें।
फिर साइन-इन करें। आप अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से साइन इन कर सकते हैं।
डैशबोर्ड में पोल/सर्वे बटन पर क्लिक करें।
वोट फॉर योर फेबरेट टेबल्यू एट रिपब्लिक डे 2024 लिंक के नीचे कंट्रीब्यूट नाऊ बटन दबाएं।
अब छत्तीसगढ़ थीम आदिम जनसंसद ऑफ बस्तर मुरिया दरबार को चुने और सबमिट करें।
आपका वोट दर्ज हो जाएगा।

गणतंत्र-दिवस परेड में शामिल होगी 'छत्तीसगढ़ की आदिम जनसंसद की झांकी'

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रायपुर । देश के 28 राज्यों के बीच कड़ी प्रतियोगिता के बाद छत्तीसगढ़ की झांकी "बस्तर की आदिम जनसंसद : मुरिया दरबार" को इस साल नई दिल्ली में होने वाली गणतंत्र-दिवस परेड के लिए चयनित कर लिया गया है। नई-दिल्ली स्थित कर्तव्यपथ पर होने वाली परेड के लिए 28 में से 16 राज्यों का चयन किया गया है। झांकी का अनूठा विषय और डिजाइन रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति को रिझाने में कामयाब रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण सफलता पर बधाई दी है, उन्होंने इसे प्रदेश के लिए एक बड़ा अवसर बताया है।


छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम 'भारत लोकतंत्र की जननी' पर आधारित है। यह झांकी जनजातीय समाज में आदि-काल से उपस्थित लोकतांत्रिक चेतना और परंपराओं को दर्शाती है, जो आजादी के 75 साल बाद भी राज्य के बस्तर संभाग में जीवंत और प्रचलित है। इस झांकी में केंद्रीय विषय "आदिम जन-संसद" के अंतर्गत जगदलपुर के मुरिया दरबार और उसके उद्गम-सूत्र लिमऊ-राजा को दर्शाया गया है। मुरिया दरबार विश्व-प्रसिद्ध बस्तर दशहरे की एक परंपरा है,  जो 600 सालों से चली आ रही है। इस परंपरा के उद्गम के सूत्र कोंडागांव जिले के बड़े-डोंगर के लिमऊ-राजा नामक स्थान पर मिलते हैं। इस स्थान से जुड़ी लोककथा के अनुसार आदिम-काल में जब कोई राजा नहीं था, तब आदिम-समाज एक नीबू को राजा का प्रतीक मानकर आपस में ही निर्णय ले लिया करता था।


झांकी की थीम व डिजाइन स्थानीय स्तर पर वृहद अन्वेषण और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार की गई। इस विषय वस्तु पर आधारित झांकी को पांच चरणों की कठिन प्रक्रिया के बाद अंतिम स्वीकृति मिली है। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति के सामने थीम और डिजाइन के चयन के बाद झांकी का थ्रीडी मॉडल प्रस्तुत किया गया। अंत में संगीत चयन के साथ ही झांकी को अंतिम स्वीकृति मिल गई। झांकी की थीम और डिजाइन ने चयनकर्ताओं को खासा आकर्षित किया।


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