Media24Media.com: कोरबा में बर्ड फ्लू

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36 कबूतरों की मौत का सामने आया सच, विटमिन सी की कमी से गई थी जान

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कोरबा : अनेक राज्यों में बर्ड फ्लू (Bird Flu News) की दस्तक से लोग एक बार फिर डरे सहमें हुए हैं। ऐसे में अचानक हुई 36 कबूतरों की मौत (pigeons died in korba) ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए। तत्काल पशु चिकित्सा विभाग की टीम वहां पहुंची और घटना का जायजा लिया गया।





जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कबूतरों की मौत (pigeons died in korba) विटामिन की कमी से हुई है। वहां बर्ड फ्लू से संबंधित कोई लक्षण नहीं मिले हैं। इस रिपोर्ट से प्रशासन के साथ आम लोगों ने राहत की सांस ली। फिर भी सतर्कता के तौर पर सैंपल जांच के लिए भोपाल भेज दिए गए हैं।कबूतरों के मरने का ताजा यह मामला जिला मुख्यालय में रहने वाले बबलू मारवाह ने काफी समय से अपने घर में कबूतर पाल रखे हैं। इनकी संख्या वर्तमान में सैकड़ों में है। इनमें से 36 कबूतरों की एक-एक कर मौत हो गई। कबूतरों की मौत के लिए बर्ड फ्लू के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।





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विटामिन सी की कमी बनी वजह (pigeons died in korba)





विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के अनुसार इन कबूतरों की मौत किसी अन्य कारण से हुई है। टीम की जांच रिपोर्ट केे अनुसार विटामिन सी की कमी के कारण कबूतर एक-एक कर मरते गए। सैंपल कलेक्शन विभाग की ओर से सामान्य दिनों में भी समय-समय पर किया जाता है। बर्ड फ्लू के मद्देनजर विभाग ने पक्षी पालकों से अनुरोध किया है कि पक्षियों की मौत होने पर बिना देर किए तत्काल विभाग को सूचना दी जाए। लोगों से कहा गया है कि अगर पक्षियों में किसी प्रकार की समस्या होती हैं तो अविलंब इसकी सूचना विभाग को दी जाए।





अगर यह लक्षण दिखे तो अलर्ट हो जाएं





सामान्य तौर पर बर्ड फ्लू में पक्षियों के आंख और नाक से पानी आने और मलद्वार में सूजन होने सहित पंखों के झड़ने की स्थिति निर्मित होती है। विभाग ने आम लोगों, पक्षी प्रेमियों व पोल्ट्री फार्म संचालकों को जागरूक रहने को कहा है और उन्हें यह भी कहा गया है कि अगर पक्षियों में मुंह व आंख से पानी आने जैसी समस्या नजर आए तो जल्द से जल्द इसकी जानकारी विभाग तक पहुंचाएं। उनकी सजगता से अगर बर्ड फ्लू का प्रकोप हुआ भी, तो समय रहते नियंत्रण किया जाना संभव हो।


बर्ड फ्लू : कोरबा में 36 कबूतरों की मौत से मचा हड़कंप

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कोरबा में 36 कबूतरों की मौत से हड़कंप मच गया है। हालांकि पशु चिकित्सा विभाग ने पक्षियों के बर्ड फ्लू से मौत होने की पुष्टि नहीं की है। विभाग के अनुसार मृत पाए गए पक्षियों में विटामिन C की कमी होने के कारण मौत हुई है। विभाग ने पक्षी पालक और पोल्ट्री फॉर्म के संचालकों से सावधानी बरतने की अपील की है। पक्षियों के नाक और आंख में पानी आने जैसे लक्षण दिखते ही सूचना देने की अपील की है।





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पशु चिकित्सा विभाग ने शुरुआती जांच कर कहा किअगर पक्षियों में किसी प्रकार की समस्या होती हैं, उनकी मौत होती है, तो तुरंत पशुधन विभाग को सूचना दी जाए। कोरबा के एसईसीएल कॉलोनी सुभाष ब्लॉक में रहने वाले बबलू मारवाह ने काफी समय से अपने घर में कबूतर पाल रखे हैं। इनकी संख्या 100 है, इस में से 36 कबूतर एक-एक कर मर गए। बबलू ने पशु चिकित्सा विभाग को सूचित किया। वेटरनरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर सोहम सिंह गुर्जर और उनके सहयोगी मौके पर पहुंचे। डॉक्टर्स ने कहा कि कबूतरों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू जैसा लक्षण नहीं है और ना ही कोई कारण है।






कबूतरों में विटामिन C की कमी





बर्ड फ्लू के कारण पक्षियों के आंख और नाक से पानी आता है। मलद्वार में सूजन होने सहित पंखों के झड़ने की परेशानी होती है। कोरबा में कबूतरों की मौत पर ऐसा कुछ नहीं हुआ है। विभाग ने माना कि विटामिन C की कमी से 36 कबूतरों की मौत हुई है।





पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर्स ने बर्ड फ्लू के मद्देनजर पक्षी पालकों से अपील की है। कहा कि अगर पक्षियों के मुंह और आंख से पानी आने जैसी समस्या नजर आए तो जानकारी दें। इसके अलावा पक्षियों की मौत होने पर भी अवगत कराएं। ऐसा करने से समय पर नियंत्रण किया जाना संभव होगा।


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