Media24Media.com: कोण्डागांव

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अवैध भंडारण एवं परिवहन के मामले में 834 बोरा मक्का एवं 60 बोरा उड़द जब्त

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रायपुर। कृषि उपज मंडी समिति, कोण्डागांव द्वारा मंडी क्षेत्र अंतर्गत अवैध भण्डारण और परिवहन के मामले में 834 बोरा मक्का एवं 60 बोरा उड़द जब्त किया गया है। यह कार्रवाई मंडी सचिव सुरेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित निरीक्षण दल द्वारा मंडी अधिनियम 1972 के तहत की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मेघना (नवरंगपुर) निवासी पदम बिंदाड़ी द्वारा ग्राम बफना में वाहन क्रमांक ओडी 29 डी 6133 में 60 बोरा उड़द का परिवहन बिना किसी वैध मंडी दस्तावेज के करते पाए जाने पर मंडी अधिनियम की धारा 23 के तहत जब्ती और अभिग्रहण की कार्रवाई की गई।

इसी प्रकार ग्राम मुड़ाटिकरा (मुलमूला) में बुधराम देवांगन के गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बिना वैध मंडी पंजीयन के अवैध रूप से भण्डारित 834 बोरा मक्का (अनुमानित वजन 500 क्विंटल) जब्त किया गया। दोनों प्रकरणों में मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19(4) के तहत नियमानुसार मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क, निराश्रित शुल्क तथा धारा 53 के अंतर्गत प्रशमन शुल्क के रूप में कुल 92,738 रूपए की वसूली की गई।

मंडी समिति के सचिव ने जानकारी दी कि सत्र 2025-26 में अब तक कुल 9 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं, जिनमें कुल 3,631 बोरा (अनुमानित वजन 2,172.20 क्विंटल) कृषि उपज की जब्ती की गई है। इनका कुल अनुमानित मूल्य 49 लाख 71 हजार 780 रूपए है। इन प्रकरणों में मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19(4) के तहत कार्रवाई करते हुए 3 लाख 47 जार 852 की राशि वसूल कर प्रकरणों का निराकरण किया गया है।


हमारी सरकार बस्तर में शांति और विकास के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ ने बौद्ध धर्म से जुड़ी सुंदर स्मृतियों को अपनी अमूल्य विरासत के रूप में सहेज कर रखा है। हमारा सौभाग्य है कि भगवान बुद्ध की चेतना का प्रसार समकालीन छत्तीसगढ़ में व्यापक रूप से हुआ और बस्तर की पुण्य धरा इसके साक्ष्य मिले हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोण्डागांव जिले के भोंगापाल में भगवान बुद्ध की जयंती के अवसर पर आयोजित बुद्ध महोत्सव और लोकार्पण व भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कोण्डागांव जिले में 94 करोड़ 18 लाख रूपए से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास कर जिलेवासियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री और अतिथियों ने भगवान बुद्ध के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भोंगापाल का धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व इतना अधिक है कि आज यहां जनसैलाब उमड़ पड़ा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बस्तर में शांति स्थापना और विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षाे में हमने जो विकास किया है इसे आप सभी जानते है और लाभान्वित भी हो रहे हैं। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सभी गारंटियों को पूरा करने का काम किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पलेना एवं परोदा नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण, भोंगपाल बुद्ध महोत्सव के आयोजन के लिए 25 लाख रूपए, सांस्कृतिक दलों को बढ़वा देने के लिए उनके वेश भूषा पहनावा ढोल मांदर सांस्कृतिक गतिविधियों तथा भोंगपाल को सांस्कृतिक पर्यटन क्षेत्र के उन्नयन के लिए एक करोड़ रूपये स्वीकृत किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि प्रदेश के गरीब व जरूरतमंद परिवारों को हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत करने का जो सिलसिला शुरू किया था, वह अनवरत जारी है। साय ने कहा कि नक्सल पीड़ित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए है और विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी लगातार आवास देने का काम हमारी सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं बहनों को महतारी वंदन योजना की राशि नियमित रूप से दी जा रही है।

सुशासन तिहार में प्रदेशव्यापी भ्रमण के दौरान अनेक माताओं बहनों ने महतारी वंदन योजना से जीवन में आए बदलावों के बारे में मुझे बताया है। नारायणपुर प्रवास के दौरान एक अबूझमाड़िया बहन ने बताया कि योजना से मिली राशि से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और अब उसे अच्छी आय हो रही है। पूरे प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है, जो इस बात का प्रमाण है कि हम अपने उद्देश्य में सफल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही ग्राम पंचायत भवनों में शुरू हुए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को मिल रही बैंकिंग सुविधाओं के बारे में जानकारी दी और कहा कि आने वाले एक साल में सभी पंचायतों में यह सुविधा प्रारंभ होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता देश विदेश में प्रसिद्ध है और इस क्षेत्र में पर्यटन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति स्थापित हो इसके लिए हमारे जवान नक्सलियों से डटकर मुकाबला कर रहे हैं। हमारी डबल इंजन की सरकार नक्सलियों के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है और बस्तर में शांति स्थापना के अपने संकल्प को हम पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सुदूर इलाकों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही है। साय ने कहा कि खेती से लेकर पर्यटन तक को बढ़ावा देने का काम हमारी सरकार कर रही है। इसी आशय से पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। प्रदेश सरकार युवाओं के हित में लगातार भर्तियां भी कर रही है और जल्द ही 5000 शिक्षकों की भर्ती की स्वीकृति भी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में आत्मसमर्पित नक्सली और नक्सल पीड़ित परिवार के लोगांे को जाति प्रमाण पत्र, पीएम आवास के हितग्राहियों को चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन कर कृषि विभाग, समाज कल्याण विभाग, मत्स्य विभाग, श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को विभिन्न उपकरण और सामग्रियां वितरित की।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि बस्तर परिवर्तन की करवट ले रहा है, अंचल में शांति की स्थापना हो रही है। उन्होंने भोंगापाल में स्थित छठवीं शताब्दी की ऐतिहासिक बुद्ध प्रतिमा और बुद्ध विहार का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर में भगवान बुद्ध का गहरा प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार के जनहितैषी योजनाओं से प्रदेशवासियों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव का विशेष रूप से जिक्र किया। डॉ. सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक नीलकंठ टेकाम, बौद्ध धर्मगुरु भदन्त आर्य नागार्जुन सुरई ससई, अनिल खोब्रागड़े संयोजक बुद्ध महोत्सव और बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के अनुयायी, प्रबुद्धजन मौजूद थे।

खेती को लाभकारी बनाने का हुनर सिखाती हैं वेदेश्वरी शर्मा

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रायपुर। जब मन में कुछ अच्छा करने की ललक और इरादे नेक हों, तो रास्ते खुद-ब-खुद बनते जाते हैं और कामयाबी कदम चूमती है। जीवों के प्रति दया का भाव और पर्यावरण के प्रति प्रेम ने वेदेश्वरी शर्मा को जैविक खेती और गौसेवा के क्षेत्र में एक नई पहचान दी है। कोण्डागांव की रहने वाली वेदेश्वरी शर्मा आज पूरे क्षेत्र में बिन्दु दीदी के नाम जानी जाती है। गोधन की सेवा और जैविक खेती को अपने जीवन का लक्ष्य मानने वाली वेदेश्वरी शर्मा ने इस काम से हजारों महिलाओं को न सिर्फ जोड़ा है, बल्कि उनके स्वावलंबन की भी सूत्रधार बनी है।


गौसेवा और जैविक खेती के प्रोत्साहन के उनके प्रयासों को गौसेवा आयोग से लेकर कई संस्थाओं ने न सिर्फ सराहा है बल्कि उन्हें सम्मानित भी किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में संचालित छत्तीसगढ़ सरकार की गौठान निर्माण और गोधन न्याय योजना की तारीफ करते हुए वह कहती है कि इसके माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण को बेहतर बनाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ सरकार गोधन न्याय योजना ने गौ-सेवा और जैविक खेती  को लेकर उनके उत्साह को दोगुना कर दिया है। 

लावारिश, अशक्त और बीमार गोधन की सेवा-जतन का 13 वर्ष पूर्व बीड़ा उठाने वाली वेदेश्वरी शर्मा कोण्डागांव से 20 किलोमीटर दूर बड़ेकनेरा गांव में कामधेनु गौसेवा संस्था का संचालन कर रही हैं, जहां सैकड़ों की संख्या में लावारिश एवं अशक्त गौवंशीय पशुओं की देख-भाल, उपचार एवं चारे-पानी का बेहतर प्रबंध है। इस गौशाला में पलने वाले गाय और बछड़ों को जरूरतमंद ग्रामीणों और किसानों को दान में दिए जाने का भी चलन है, ताकि इससे उन्हें आय के साथ-साथ जैविक खेती में मदद मिल सके। गौशाला में गोबर और गौमूत्र से जैविक खाद, जैविक कीटनाशक, फसल वृद्धिवर्धक जीवामृत तैयार करने के साथ-साथ कंडा, दीया, गमला भी बनाएं जाते हैं, ताकि वहां गोधन की देख-रेख में लगे गौसेवकों एवं त्रिवेणी स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आय हो सके।

कामधेनु गौसेवा संस्था बड़ेकनेरा वर्ष 2010 से गौसेवा आयोग में पंजीकृत है। यह गौशाला ढाई एकड़ रकबे में बनी है। यहां पशुओं के चारे के प्रबंध के लिए एक एकड़ में हरे चारे की खेती भी होती है। कोण्डागांव अंचल में जैविक खेती को जी-जान से प्रोत्साहित करने में जुटी वेदेश्वरी शर्मा दण्डकारण्य एग्रो प्रोड्यूस कंपनी भी संचालित कर रही हैं। इस कंपनी से हजारों ऐसे कृषक जुड़े हुए हैं, जो जैविक खेती करते हैं। कंपनी का उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें इसके लिए आवश्यक मदद एवं उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। कोण्डागांव ब्लॉक के करगी, कोकोड़ी, फरसगांव बेड़ा सहित दर्जनों गांवों के किसान आज सुगन्धित धान की जैविक खेती कर रहे हैं। किसानों को जैविक पद्धति से उपजाए गए धान की अच्छी कीमत मिल रही है।

किसानों से सुगन्धित धान खरीदने बाहर की ऑर्गेनिक फर्मे भी आती हैं। दण्डकारण्य एग्रो प्रोड्यूस कंपनी की संचालक वेदेश्वरी शर्मा बताती है कि शुरूआती दौर में उन्होंने अपने परिचित की पड़त भूमि रेगहा पर लेकर खेती की शुरूआत की और खूब मेहनत से इसमें अच्छा मुनाफा हासिल किया। उन्हें शुरू से ही खेती-किसानी और गोधन सेवा का जुनून रहा है। सच्चे मन से गोधन और प्रकृति की सेवा के फलस्वरूप इस क्षेत्र वह लगातार आगे बढ़ती गई। लोग जुड़ते गए और आज किसानों और महिलाओं का एक कारवां बन गया है, जो जैविक खेती के साथ-साथ पर्यावरण को बेहतर बनाने में उनके साथ सच्चे मन से जुटे हैं। छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री रविन्द्र चौबे और गौसेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत डॉ. रामसुन्दर दास ने उन्हें भूईंया का भगवान अवार्ड से सम्मानित किया है। गोधन की सेवा के लिए उन्हें लाईफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड सहित अन्य कई सम्मान मिल चुके हैं।  

कोण्डागांव अंचल में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने में जुटी वेदेश्वरी शर्मा का मानना है कि भूमि किसी भी स्थिति में बेकार पड़ती नहीं रहनी चाहिए, यदि हम थोड़ा सा परिश्रम करें तो भूमि से अन्न, फल, साग-सब्जी उपजाकर अपने परिवार की जरूरतों के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने हजारों ग्रामीण किसानों को इसके लिए प्रेरित किया है, जिसके चलते किसान अब खेतों की मेड़ों पर भी फलदार पौधे, जिमीकंद, तिखूर, अरबी, दलहन आदि की खेती कर मुनाफा कमाने लगे हैं। खेती से लगातार आय बनी रहे, उनके इस मंत्र को किसानों से अपनाया है। खेती के साथ-साथ किसान पशुपालन, जैविक पद्धति से सब्जी उत्पादन, मसाला आदि की खेती भी कर रहे हैं। किसानों के जैविक उत्पाद, सब्जी के विक्रय के लिए कोण्डागांव के मंडी में पृथक से जैविक उत्पादों की दुकान शुरू करने की कोशिश है।

ग्रामीणों के लिए संजीवनी बनी ‘डॉक्टर तुमचो दुआर‘

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले दिनों कोण्डागांव जिले के बेड़मा प्रवास के दौरान डॉक्टर तुमचो दुआरअभियान की शुरूआत की थी। अभियान अपने उद्देश्य के अनुरूप सफल हो रहा है और दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं एक फोन कॉल के माध्यम से पहुंच रही हैं। जनजातीय बहुल सुदूर गांवों में घर पर ही डॉक्टरों की सेवा मिलने से लोग बहुत खुश है और जिला प्रशासन के इस पहल की सराहना भी कर रहे है।

दुर्गम इलाकों में जरूरतमंद ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन कोण्डागांव की इस पहल को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। पिछले हफ्ते ही शुरू किए गए इस अभियान के बेहतर क्रियान्वयन से दूरस्थ इलाकों के मरीजों को समय पर प्रशिक्षित चिकित्सकों की घर पहुंच सुविधा मिल रही है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ जरूरतमंद मरीज के घर पहुंचकर निःशुल्क जांच, उपचार और दवाईयां दे रहे हैं। मरीज की बीमारी और उसकी स्वास्थ्यगत स्थिति को देखते हुए टीम बेहतर इलाज के लिए रिफर भी करती है। विशेष रूप से उम्रदराज और आने-जाने में असमर्थ मरीजों को इसका बड़ा फायदा मिला है।

डॉक्टर तुमचो दुआर परियोजना को जिले के दो ब्लॉक बड़ेराजपुर एवं फरसगांव के पहुंचविहीन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रारंभ किया गया है। डॉक्टर तुमचो द्वार के माध्यम से दोनों विकासखंडों के बड़ेडोंगर, आलोर, फुपगांव, कबोंगा, कुम्हारबड़गांव, लंजोड़ा, कोकोड़ा जुगानार, बीरापारा, पेण्ड्रावन, खलारी, खरगांव, बालेंगा, सलना इत्यादि गांवों के मरीजों को इसका लाभ भी मिलने लगा है।

डॉक्टर तुमचो दुआर के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे क्रियाशील है। इसके माध्यम से पहुंचविहीन ग्रामों के मरीज सीधे संपर्क कर चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकते है। कॉल प्राप्त होते ही डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ मरीज के घर पहुंचकर उसका इलाज करती है।

सीएम भूपेश बघेल आज कोण्डागांव को देगें 213 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात

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रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का 6 जून को कोण्डागांव जिले में 213 करोड़ रुपये से अधिक के 527 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। इनमें 61.83 करोड़ रूपये लागत के 445 कार्यों का लोकार्पण और 151.93 करोड़ रूपये की लागत से 82 निर्माण कार्यों का भूमि पूजन शामिल है। इस मौके पर वे आमसभा को भी सम्बोधित करेंगे। साथ ही कलार समाज के पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री बघेल द्वारा जिन नए विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे इनमें मुख्य रूप से 20.86 करोड़ रूपए की लागत से 34.45 किलोमीटर लम्बी 5 नई सड़कों देऊरबाल से तरईबेड़ा, मोहलई से चेराकुर-गुमगा, माकड़ी से ओटेंडा,  कोरमेल से परोदा, बादालूर-कांगा सड़क शामिल है। इसी प्रकार 24 गांवों में जिल जीवन मिशन के तहत 20 करोड़ 47 लाख रूपये की लागत से कोकोड़ी, बड़ेउसरी, पुसावण्ड, बाखरा, तातरी, मयुरडोंगर, फरसगांव, निलजी, उदेंगा, जरडीं, केरावाही, बालोण्ड, भाटगांव, देवहरदुली, शंकरपुर, सारबेड़ा, बाड़ागांव, बड़ेराजपुर,पाटला,छोटे अमरावती, पुसपाल, कोन्दाबेड़ा, तोतर एवं कोंगेरा में निर्मित नलजल प्रदाय योजना का शुभारंभ होगा।

कोण्डागांव के महात्मा गांधी वार्ड में 1.50 करोड़ रूपये की लागत से नवनिर्मित स्वामी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, इसके अलावा कोण्डागांव मे डडसेना कलार समाज लोहार समाज, भोजपुरी संगम समाज केशकाल में निर्मित सतनामी समाज भवन एवं बंगीय समाज कलार समाज भवन फरसगांव में निर्मित आहाता का लोकार्पण होगा। इसी प्रकार 25 लाख रूपये की लागत से केजंग-मड़ानार मार्ग पर निर्मित आरसीसी पुलिया, 37 लाख 64 हजार रूपये की लागत से निर्मित कुधुर कपाटभाठा में स्टॉपडैम, 48 लाख 33 हजार रूपये की लागत से कलेक्टोरेट परिसर में निर्मित एकीकृत जनसुविधा हेतु शौचालय एवं कैंटिन, जनपद पंचायत फरसगांव के अंतर्गत 8 करोड़ 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित 113 विकास कार्य, जनपद पंचायत केशकाल अंतर्गत 3 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से निर्मित 61 विकास कार्य तथा जनपद पंचायत बड़ेराजपुर अंतर्गत एक करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से निर्मित 25 विकास कार्यों सहित अन्य कार्य शामिल है।  

इसी प्रकार जिले के बड़ेराजपुर, फरसगांव एवं केशकाल ब्लॉक में 57 लाख रुपये की लागत से 32 देवगुड़ी निर्माण एवं जीर्णाेद्धार कार्य, 20 लाख रूपये की लागत से फरसगांव में निर्मित खण्ड स्तरीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण भवन, 46 लाख 74 हजार रूपये की लागत से कुंभी नाला एवं लकड़ी बहार नाला में निर्मित स्टॉपडैम, 39 लाख रुपये की लागत से केशकाल एवं फरसगांव में वन धन केंद्र गोदाम निर्माण, 61 लाख 96 हजार रूपये की लागत से कोनगुड़ में निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 15 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में निर्मित हमर लैब, एक करोड़ एक लाख रूपये की लागत से जिले के 159 आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित 04 स्वास्थ्य केन्द्रों बड़ेकनेरा पीएचसी एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र बड़ेकनेरा सहित कमेला एवं करंजी और बड़ेओड़ागांव में सोलर होम लाइट स्थापना सहित सौर गर्म जल सयंत्र तथा सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापना कार्य का लोकार्पण होगा।

मुख्यमंत्री जिन नए निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। उनमें 17.60 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली मर्दापाल मेढ़पाल मुख्य मार्ग से चांगेर-हंगवा 12.90 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया, 12.72 करोड़ रूपए की लागत से माकड़ी ब्लाक अंतर्गत बासनी नाला में दो पुल निर्माण सहित बालोण्ड नाला में पुल निर्माण, 11.15 करोड़ रूपए की लागत से सोनपुर से बन्नूपारा खजरावंड 7 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण, 10 .43 करोड़ रूपए की लागत से कोण्डागांव में न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु 71 नग आवासीय भवन निर्माण, 8.49 करोड़ रूपए की लागत से बांसगांव-मड़ागांव मार्ग पर भंवरडीह नही में उच्च स्तरीय पुल निर्माण, 7.17 करोड़ रूपए की लागत से कुधुर से तुमड़ीवाल मार्ग पर भंवरडीह नदी में उच्च स्तरीय पुल निर्माण,

 5.02 करोड़रूपये की लागत से बेड़मा-अंतागढ़ मार्ग पर बिंझे नदी में सेतु निर्माण, 4.72 करोड़ रूपए की लागत से उड़िदगांव में 4.50 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण सड़क निर्माण, 4.36 करोड़ रूपये की लागत से घोटियामुंडा-चांदाबेड़ा मार्ग पर चांदा बेड़ा नाला में पुल निर्माण, 3.08 करोड़ रूपये की लागत से जड़कोंगा से उदेंगा तक 3 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण, 3.05 करोड़ रूपये की लागत से सिंघनपुर-बेड़ापारा 3 किलोमीटर सड़क निर्माण, 2.78 करोड़ रूपये की लागत से छोटेबंजोड़ा-बोलबोला तक 2.90 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण, 2.77 करोड़ रूपये की लागत से डोंगरसिलाटी-कावरा तक 3.50 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण, 2.73 करोड़ रूपये की लागत से मालगांव-सिवनापदर तक 2.50 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण,

2.53 करोड़ रूपये की लागत से लॉइवलीहुड कॉलेज कोण्डगांव में 100 सीटर बालक छात्रावास एवं अधीक्षक सह चौकीदार आवास निर्माण, 2.24 करोड़ रूपये की लागत से बफना-छोटेबंजोड़ा तक 2.40 सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण, 2.14 करोड़ रूपये की लागत से कांगा-हिरामांदाला-मुनगापदर मार्ग पर घुमरनाला में मध्यम पुल निर्माण,  2.10 करोड़ रूपये की लागत से केशकाल में 100 सीटर नवीन आवसीय विद्यालय निर्माण, एक करोड़ 74 लाख रूपये की लागत से कोकोड़ी में 4 नग सोलर सिंचाई पम्प स्थापना कार्य, 1.74 करोड़ रूपये की लागत से कांगा-हिरामांदला से मुनगापदर मार्ग पर मध्यम पुल निर्माण,

1.35 करोड़ रूपये की लागत से कांगा से ठोंडापारा मार्ग पर ठोंडानाला में मध्यम पुल निर्माण, 1.10 करोड़ रूपये की लागत से केशकाल में 100 सीटर नवीन छात्रावास भवन निर्माण, 1.42 करोड़ रूपये की लागत से केशकाल एवं धनोरा में नवीन तहसील भवन निर्माण, 1.03 करोड़ रूपये की लागत से बयानार में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण, जल जीवन मिशन के अंतर्गत 36.54 करोड़ रूपये की लागत से 44 ग्रामों में एकल ग्राम नलजल प्रदाय योजना स्थापना, 1.04 करोड़ रूपये की लागत से केलाली नाला, भुमका नाला, भंडारवंडी नाला, हमोड़ी एवं तुर्की नाला में चौक डैम निर्माण तथा चिंगनार में प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति भवन निर्माण, 69.38 लाख रूपये की लागत से बड़ेराजपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण तथा 32.28 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मर्दापाल में 20 शैय्यायुक्त वार्ड निर्माण कार्य सम्मिलित हैं।

 

                                                                                                                               

आदिवासी विकास विभाग में रिक्त पदों पर सीधी भर्ती हेतु 29 मई तक आवेदन पत्र आमन्त्रित

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कोण्डागांव। जिले में आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत डाटा एंट्री ऑपरेटर के एक तथा वाहन चालक के एक रिक्त पदों पर सीधी भर्ती किये जाने हेतु योग्य अभ्यर्थियों से आगामी 29 मई 2023 तक आवेदन पत्र कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, कलेक्टोरेट कोण्डागांव में आमंत्रित किया गया है।

आवेदन पत्र पंजीकृत डाक या स्पीड पोस्ट के माध्यम से स्वीकार किये जायेंगे। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जायेगा। उक्त भर्ती सम्बन्धी विस्तृत जानकारी का अवलोकन कार्यालय के सूचना पटल पर किया जा सकता है। इसके ही उक्त जानकारी जिले की वेबसाइट www.kondagaon.gov.in पर देखी जा सकती है।

 


पर्यटन मण्डल के रिसॉर्ट में कक्ष बुकिंग पर आकर्षक छूट

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा बोर्ड के इकाईयों के कक्ष आरक्षण दर में रियायत देने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार सप्ताह के कार्य दिवसों (सोमवार से गुरूवार) तक आरक्षण की दरों पर 35 प्रतिशत छूट प्रदाय की जाएगी। साथ ही बोर्ड के 15 आवासीय सुविधायुक्त इकाइयों में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी प्रमील वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्षाकाल अवधि (1 जुलाई से 30 सितंबर तक) में बोर्ड के हरेली ईको रिसॉर्ट मोहदा, बारनवापारा एवं सोनभद्र टूरिस्ट रिसॉर्ट, आमाडोब तथा ग्रीष्मकाल अवधि (1 अप्रैल से 30 जून तक) में दण्डामी लग्जरी रिसॉर्ट चित्रकोट, एस.टी.एफ. कैम्प रिसॉर्ट चित्रकोट, धनकुल एथनिक रिसॉर्ट कोण्डागांव, हिल मैना हाईवे ट्रीट नथियानवागांव, कांकेर, बैगा एथनिक रिसॉर्ट सरोधादादर, जिला-कबीरधाम, ईको हिल रिसॉर्ट कबीरचबूतरा गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, कुरदर हिल ईको रिसॉर्ट बिलासपुर, सतरेंगा बोट क्लब रिसॉर्ट कोरबा, वे साईट एमीनिटी महेशपुर,

शैला टूरिस्ट रिसॉर्ट मैनपाट, सरगुजा, करमा एथनिक रिसॉर्ट, मैनपाट, जिला-सरगुजा, सोनतराई मोटल सीतापुर, जिला-सरगुजा, कोईनार हाईवे ट्रीट कुनकुरी जशपुर, सरना एथनिक रिसॉर्ट बालाछापर जशपुर, होटल सिरपुर जिला-महासमुंद ईकाईयों में कक्ष आरक्षण पर छूट प्रदाय की जाएगी। उक्त अवधि में पूर्व में किये गए कक्ष आरक्षण की अंतर राशि चेकआउट के समय वापस की जाएगी अथवा खान-पान देयक से समायोजित किया जाएगा। उक्त सभी रिसॉर्ट में ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्यटन सूचना केंद्र, राघवेंद्र भवन कंपनी गार्डन के पास, सदर बाजार में भी बुकिंग किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नम्बर 7974048816 पर भी संपर्क कर सकते हैं।


मांझिनगढ़ को जैव विविधता पार्क के रूप में विकसित करने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की घोषणा

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कोण्डागांव। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बांसकोट में केशकाल विधानसभा के ग्राम बांसकोट में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा की स्थापना, मांझीनगढ़ पर्यटन स्थल को जैव विविधता पार्क के रूप में जंगल सफारी की तर्ज पर विकसित करने तथा उप स्वास्थ्य केंद्र गम्हरी का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में उन्नयन करने के साथ ही बांसकोट में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने एवं साहू सदन बाँसकोट में आहाता निर्माण की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने जिले के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए केशकाल में इंडोर स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज कोंडागांव जिले के बांसकोट में भक्त माता कर्मा जयंती तथा मुख्यमंत्री कन्या विवाह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। उन्होंने साहू समाज सहित क्षेत्रवासियों को भक्त माता कर्मा जयंती की शुभकामनाएं दी और मुख्यमंत्री कन्या विवाह के अंतर्गत परिणय सूत्र में बंध रहे 101 जोड़ो को आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कोंडागांव जिले में 154 करोड़ के 145 विभिन्न कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।

साथ ही मुख्यमंत्री की वर्चुअल उपस्थिति में विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम,बस्तर सांसद दीपक बैज,  हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पारंपरिक, सांस्कृतिक धरोहर स्थलों जैसे देवगुड़ी, मातागुड़ी एवं घोटुल की भूमि को संरक्षित रखने हेतु  कुल 436 सामुदायिक वन अधिकार पत्र ग्रामीणों को प्रदान किये गए तथा साहू समाज के प्रतिभावान युवाओं को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भक्त माता कर्मा को नमन किया उन्होंने कहा कि आज भक्त माता कर्मा जी की 1007 वीं जयंती हम सब मना रहे हैं । आज प्रदेश भर में बेमौसम बारिश हुई है जिससे असुविधा हुई है परंतु इस बारिश से किसी प्रकार से उत्साह में कमी नहीं आई है। पूरे हर्षोल्लास के साथ माता कर्मा जी की जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने माता कर्मा का जो योगदान है उसे समाज कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने एकता में ही ताकत के आधार पर समाज को संगठित किया और एक नई दिशा प्रदान की।

उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह अंतर्गत परिणय सूत्र में बंध रहे नव दंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इसके दी जा रही सहायता राशि को हमने 15 हजार से बढ़कर 25 हजार किया था और वर्तमान बजट में इसे बढ़ाकर 50 हजार करने का प्रावधान कर दिया गया है।  मुख्यमंत्री  ने सुपोषण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से आए सकारात्मक बदलावों पर प्रशंसा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज छत्तीसगढ़ की मजबूत अर्थव्यवस्था की चर्चा पूरे देश में हो रही है और उसके पीछे सभी समाज के साथ-साथ साहू समाज का भी बड़ा योगदान है। हमने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ 4 साल पहले एक नई यात्रा की शुरुआत की थी, हमारी सरकार ने किसानों, मजदूरों तथा परंपरागत व्यवसाय करने वाले मेहनतकश कारीगर और महिलाओं के लिए प्राथमिकता के साथ कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव जिले में ही 29 हजार 939 किसानों के कुल 116 करोड़ 34 लाख  72 हजार कर्ज माफ हुए हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना का भी प्रदेश सहित जिले के किसानों को लाभ मिल रहा है। किसान हितैषी सरकार ने इस वर्ष सर्वाधिक धान खरीदी का नया कीर्तिमान रचते हुए प्रदेश में 107 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी की है। लघु वनोपज खरीदी हो या फिर गोबर से प्राकृतिक पेंट या बिजली उत्पादन करने की बात हो, इसका लाभ जरूरतमंदों को मिल रहा है और उनकी आय बढ़ी है।

कार्यक्रम को सांसद दीपक बैज ने माता कर्मा जयंती की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सरकार ने हर व्यक्ति और समाज के विकास के लिए कार्य किया है। बस्तर की पहचान अब देश विदेश में होनी लगी है। क्षेत्र के दंतेवाड़ा का डेनेक्स के कपड़ा, लघु वनोपज महुआ इमली  और मिलेटस की माँग देश विदेश में हो रहा है। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से लोंगों की आय में वृद्धि होने से बैंकों की माँग होने लगी है। सरकार ने बस्तर की संस्कृति को संरक्षित करने के लिए देवगुड़ी मातागुड़ी गोटूल का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। संभाग के जिलों में सभी समाजों के लिए सामाजिक भवनों का निर्माण किया जा रहा है।

विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने कहा कि कर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में  बारिश की वजह से मुख्यमन्त्री वर्चुअल शामिल हुए इसके मुख्यमन्त्री का आभार। क्षेत्र के विकास के लिए भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमन्त्री द्वारा किए घोषणा को पूरा किया जा रहा है । सरकार द्वारा क्षेत्र में अतिरिक्त धान ख़रीदी केंद्रों का  स्थापना, सामाजिक भवनों की सौगात, वन अधिकार और सामुदायिक वन अधिकार दिया गया। उन्होंने कार्यक्रम में कन्या विवाह योजना के तहत 101 नव दंपति को आशीर्वाद  और साहू समाज के प्रतिभावान युवाओं को बधाई दी। कार्यक्रम में  कलेक्टर सोनी ने जिले में किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी।

प्रदेश का पहला एथेनॉल प्लांट कोण्डागांव के कोकोड़ी में ले रहा आकार

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रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप कोण्डागांव जिले के कोकोड़ी में मक्का प्रसंस्करण पर आधारित राज्य का पहला एथेनाल प्लांट अब मूर्त रूप ले रहा है। मक्का प्रसंस्करण प्लांट जून 2023 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मक्का प्रसंस्करण प्लांट जिले के मक्का उत्पादक किसानों की आर्थिक समृद्धि का द्वार खोलेगा। इससे करीब 45 हजार से ज्यादा किसान सीधे लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही समीपस्थ अन्य जिले के मक्का उत्पादक किसानों के मक्का का प्रसंस्करण किया जाएगा। 

साथ ही मक्का प्रसंस्करण प्लांट में क्षेत्र के लगभग 200 से ज्यादा लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार की उद्योग नीति में कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना को विशेष प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। कोण्डागांव जिले में 140 करोड़ रूपए लागत से बन रहा मक्का प्रोसेसिंग प्लांट किसानों का जीवन संवारेगा। राज्य सरकार के सहयोग से सहकारिता के क्षेत्र में यह पहला प्लांट स्थापित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य में कोण्डागांव जिले में मक्का का सर्वाधिक उत्पादन होता है। इस प्लांट की स्थापना से किसानों को मक्का का अधिकतम मूल्य मिलने की उम्मीद है। प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण का लगभग 35 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। यह प्लांट कोण्डागांव में ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

ग्राम कोकोड़ी में तैयार हो रहे मक्का प्रोसेसिंग प्लांट का संचालन माँ दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति द्वारा किया जाएगा। यह प्लांट ग्राम कोकोड़ी में 14 एकड़ शासकीय भूमि पर बन रहा है। इस प्लांट में मक्के की आपूर्ति के लिए लगभग 45 हजार किसानों का पंजीयन किया गया है। प्लांट में प्रतिदिन 200 मीट्रिक टन मक्का की प्रोसेसिंग होगी, जिससे 80 हजार लीटर एथेनॉल तैयार होगा। इस प्लांट के लग जाने से निजी निवेशकों द्वारा अन्य सहायक उद्योग लगाने के लिए नया वातावरण बनेगा।

कोण्डागांव जिले के ग्राम कोकोड़ी में बनाए जा रहे मक्का प्रोसेसिंग प्लांट में कूलिंग टॉवर और बॉसिंग वॉल सहित अन्य कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। स्टील बाईंडिंग वर्क का काम प्रगति पर है। साथ ही फरमनटेशन कूलिंग टॉवर का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। प्लांट के वेयर हाउस निर्माण का काम भी जारी है। बॉयलिंग सेक्शन का काम भी तेजी से किया जा रहा है। बॉलिंग सेक्शन का सिविल कार्य लगभग 60 से 70 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इसी प्रकार इएसपी सेक्शन के लिए भी सिविल सेक्शन पूर्ण हो चुका है और टरबाईन का 80 प्रतिशत काम भी पूर्ण हो चुका है। इस प्लांट में फरमनटेशन टैंक का निर्माण का कार्य चल रहा है। मक्का प्रोसेसिंग प्लांट के लिए पर्यावरण विभाग और भू जल उपयोग के लिए स्वीकृति प्राप्त हुई है। पीईएसओ तथा आईईएम से अनुमोदन प्राप्त हुआ है।

कोण्डागांव जिले में 3.48 लाख मीट्रिक टन उत्पादन

कोण्डागांव जिले में बीते तीन-चार सालों में खरीफ और रबी दोनों सीजन में मक्का उत्पादन को काफी बढ़ावा मिला है। प्लांट की स्थापना से उत्साहित किसान मक्का का रकबा साल दर साल बढ़ा रहे है। वर्तमान में कोण्डागांव जिले में प्रति वर्ष 3 लाख 48 हजार 127 मेट्रिक टन मक्का का उत्पादन होता है।

किसानों की अंश पूंजी 7.06 करोड़ रूपए

स्टेट प्रोजेक्ट फाईनेंस कमेटी द्वारा मक्का से एथेनॉल निर्माण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट को  फिजीबल पाया गया था। लगभग 140 करोड़ की लागत से बन रहे इस प्लांट के निर्माण में किसानों ने 7.06 करोड़ रूपए की अंश पूंजी का योगदान दिया है। इसी प्रकार मंडी बोर्ड द्वारा 21.19 करोड़ रूपए और राज्य शासन द्वारा 35.32 करोड़ रूपए तथा सहकारी संस्था के स्वयं की निधि से 2.10 करोड़ रूपए दिए हैं। शेष 75 करोड़ रूपए बैंक ऋण के माध्यम से जुटाएं गए हैं।

मक्का उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन

कोण्डागांव जिले में समर्थन मूल्य पर मक्का उपार्जन के लिए 47 खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं। जिले के कोण्डागांव माकड़ी, फरसगांव, बड़ेराजपुर विकासखण्ड में मक्के का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। मक्का खरीदी का कार्य छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा किया जा रहा है। मक्का उत्पादक किसानों को राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 9 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से इनपुट सब्सिडी भी दी जा रही है।

मक्का उत्पादन से जुड़े हैं 65 हजार किसान

कोण्डागांव जिले में खरीफ सीजन में एक लाख 24 हजार 188 तथा रबी सीजन में 2 लाख 23 हजार 929 टन मक्का का उत्पादन होता है। मक्का उत्पादन से जिले के लगभग 65 हजार किसान जुड़े हुए हैं।

विदेशी मुद्रा की होगी बचत

प्लांट में उत्पादित होने वाला एथेनॉल इंडियन ऑयल कार्पोरेशन को विक्रय किया जाएगा। जिसे पेट्रोल के साथ मिक्स कर बेचा जाएगा। इससे विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी साथ ही किसानों को मक्का का वाजिब दाम भी मिलेगा।


मक्का प्रोसेसिंग प्लांट से बदलेगी किसानों की तकदीर

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रायपुर। कोण्डागांव जिले में 140 करोड़ रूपए लागत से बन रहा मक्का प्रोसेसिंग प्लांट किसानों की तकदीर संवारेगा। राज्य सरकार के सहयोग से सहकारिता के क्षेत्र में यह पहला प्लांट कोण्डागांव जिले में इसलिए स्थापित किया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में कोण्डागांव जिले में मक्का का सर्वाधिक उत्पादन होता है। इस प्लांट के लग जाने से किसानों को मक्का का अधिकतम मूल्य मिलने की उम्मीद है। 

प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण का लगभग 35 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। यह प्लांट कोण्डागांव में ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। जिला प्रशासन द्वारा इसे जून 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार की उद्योग नीति में कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों के स्थापना को विशेष प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है।

जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होगा मक्का प्रसंस्करण प्लांटः कलेक्टर दीपक सोनी

कोण्डागांव जिले के कलेक्टर दीपक सोनी की पहल पर मक्का प्रोसेसिंग में आज स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, ग्रामीणों और अधिकारी-कर्मचारियों ने श्रमदान किया। कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि राज्य शासन की परिकल्पना के अनुरूप मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार इस मक्का प्रसंस्करण प्लांट को आगामी जून 2023 तक पूर्ण करने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध होकर पहल कर रही है। कलेक्टर दीपक सोनी ने स्वयं श्रमदान करते हुए कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि आज सुबह से ही इतनी अधिक संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान में योगदान देकर मक्का प्रसंस्करण प्लांट निर्माण में पूरी मेहनत एवं लगन के साथ जुटे। 

उन्होंने इसे सकारात्मक प्रयास बताते हुए प्रोसेसिंग प्लांट अधोसंरचना निर्माण को मूर्त रूप देने में सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधि, सरपंच एवं सीईओ जिला पंचायत प्रेम प्रकाश शर्मा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, पत्रकारगण और मक्का प्रसंस्करण प्लांट निर्माण से जुड़े एजेंसियों के प्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

140 करोड़ के लागत से बन रहा है प्रदेश का पहला एथेनॉल प्लांट

कोण्डागांव जिले के ग्राम कोकोड़ी में बनाए जा रहे मक्का प्रोसेसिंग प्लांट में कूलिंग टॉवर और बॉसिंग वॉल सहित अन्य कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। स्टील बाईंडिंग वर्क का काम प्रगति पर है। साथ ही फरमनटेशन कूलिंग टॉवर का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। प्लांट के वेयर हाउस निर्माण का काम भी जारी है। 

बॉयलिंग सेक्शन का काम भी तेजी से किया जा रहा है। बॉलिंग सेक्शन के सिविल कार्य लगभग 60 से 70 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इसी प्रकार इएसपी सेक्शन के लिए भी सिविल सेक्शन पूर्ण हो चुका है और टरबाईन का 80 प्रतिशत काम भी पूर्ण हो चुका है। इस प्लांट में फरमनटेशन टैंक का निर्माण का कार्य चल रहा है। मक्का प्रोसेसिंग प्लांट के लिए पर्यावरण विभाग और भू जल उपयोग के लिए स्वीकृति प्राप्त हुई है। पीईएसओ तथा आईईएम से अनुमोदन प्राप्त हुआ है।

 कोण्डागांव जिले में 3.48 लाख मेट्रिक टन उत्पादन

कोण्डागांव जिले में बीते तीन-चार सालों में खरीफ और रबी दोनों सीजन में मक्का उत्पादन को काफी बढ़ावा मिला है। प्लांट की स्थापना से उत्साहित किसान मक्का का रकबा साल दर साल बढ़ा रहे है। वर्तमान में कोण्डागांव जिले में प्रति वर्ष 3 लाख 48 हजार 127 मेट्रिक टन मक्का का उत्पादन होता है।

सहकारी समिति करेगी संचालन

ग्राम कोकोड़ी में तैयार हो रहे मक्का प्रोसेसिंग प्लांट का संचालन माँ दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति द्वारा किया जाएगा। यह प्लांट ग्राम कोकोड़ी में 14 एकड़ शासकीय भूमि पर बन रहा है। इस प्लांट में मक्के की आपूर्ति के लिए लगभग 45 हजार किसानों का पंजीयन किया गया है।

किसानों के अंश पूंजी 7.06 करोड़ रूपए

स्टेट प्रोजेक्ट फाईनेंस कमेटी द्वारा मक्का से एथेनॉल निर्माण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट को  फिजीबल पाया गया था। लगभग 140 करोड़ की लागत से बन रहे इस प्लांट के निर्माण में किसानों ने 7.06 करोड़ रूपए की अंश पूंजी का योगदान दिया है। इसी प्रकार मंडी बोर्ड द्वारा 21.19 करोड़ रूपए और राज्य शासन द्वारा 35.32 करोड़ रूपए और सहकारी संस्था के स्वयं की निधि से 2.10 करोड़ रूपए तथा शेष 75 करोड़ रूपए बैंक ऋण के माध्यम से राशि जुटाई गई है।

मक्का उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन

कोण्डागांव जिले में समर्थन मूल्य पर मक्का उपार्जन के लिए 47 खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं। जिले के कोण्डागांव माकड़ी, फरसगांव, बड़ेराजपुर विकासखण्ड में मक्के का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। मक्का खरीदी का कार्य छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा किया जा रहा है। मक्का उत्पादक किसानों को राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 9 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से इनपुट सब्सिडी भी दी जा रही है।

मक्का उत्पादन से जुड़े हैं 65 हजार किसान

कोण्डागांव जिले में खरीफ सीजन में एक लाख 24 हजार 188 तथा रबी सीजन में 2 लाख 23 हजार 929 टन मक्का का उत्पादन होता है। मक्का उत्पादन से जिले के लगभग 65 हजार किसान जुड़े हुए हैं।

बढ़ेगी आय और मिलेगा रोजगार

मक्का प्रोसेसिंग प्लांट के बनने से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। प्लांट में प्रतिदिन 200 मेट्रिक टन मक्का की प्रोसेसिंग होगी, जिससे 80 हजार लीटर एथेनॉल तैयार होगा। इस प्लांट के लग जाने से निजी निवेशकों द्वारा अन्य सहायक उद्योग लगाने के लिए नया वातावरण बनेगा। प्रोसेसिंग प्लांट में 200 से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा, वहीं अप्रत्यक्ष रूप से 45 हजार किसान लाभान्वित होंगे।

 विदेशी मुद्रा की होगी बचत

प्लांट में उत्पादित होने वाला एथेनॉल इंडियन ऑयल कार्पारेशन को विक्रय किया जाएगा। जिसे पेट्रोल के साथ मिक्स कर बेचा जाएगा। इससे विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। किसानों को मक्का का वाजिब दाम भी मिलेगा।

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