Media24Media.com: केमिस्ट और दवा डिस्ट्रीब्यूटरों

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ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में देशभर में मेडिकल स्टोर्स बंद, 15 लाख दवा विक्रेताओं की हड़ताल

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 नई दिल्ली। देशभर में आज यानी 20 मई को मेडिकल स्टोर्स की हड़ताल देखने को मिल रही है। फार्मासिस्ट, केमिस्ट और दवा डिस्ट्रीब्यूटरों के राष्ट्रीय संगठन All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) के आह्वान पर देशभर के 15 लाख से अधिक दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखीं। यह हड़ताल ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों और उनसे जुड़े सरकारी नियमों के विरोध में की जा रही है।


AIOCD का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी जीएसआर 220(ई) और जीएसआर 817(ई) नोटिफिकेशन की वजह से ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां बिना स्पष्ट और सख्त नियमों के काम कर रही हैं। संगठन का आरोप है कि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर दवाइयों की बिक्री के लिए पर्याप्त निगरानी व्यवस्था नहीं है, जिससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

AIOCD के महासचिव Rajiv Singhal ने कहा कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फर्जी या गलत प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर भी दवाइयां बेच रहे हैं। संगठन का कहना है कि जिस तरह पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स पर सख्त नियम लागू होते हैं, उसी तरह ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों पर भी कड़े कानून लागू किए जाने चाहिए।

ऑनलाइन दवा बिक्री पर उठे सवाल

दवा व्यापारियों का कहना है कि मेडिकल स्टोर्स डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही दवाइयां देते हैं और एंटीबायोटिक्स, नशीली दवाएं तथा प्रेग्नेंसी किट जैसी संवेदनशील दवाओं का पूरा रिकॉर्ड रखते हैं। वहीं, ई-फार्मेसी कंपनियों पर आरोप है कि वे बिना उचित जांच के दवाइयां उपलब्ध करा रही हैं।

संगठन ने यह भी कहा कि कई online कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर बाजार व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। जबकि सामान्य मेडिकल स्टोर संचालकों को सीमित मुनाफा मिलता है, ऐसे में बड़े डिस्काउंट देना सामान्य व्यापार नियमों के खिलाफ प्रतीत होता है।

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