Media24Media.com: केन्द्रीय आवासन

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मुख्यमंत्री साय की पहल पर नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भारत सरकार ने मंजूर किए 230 करोड़ रुपए

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 230 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत इस राशि से सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अधोसंरचना और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। इससे राज्य में अपशिष्ट प्रबंधन और ज्यादा पुख्ता तथा टिकाऊ होगी।

सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अधोसंरचना को किया जाएगा मजबूत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के इस सहयोग के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस राशि से शहरों में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों को नया आयाम मिलेगा। यह राज्य के प्रत्येक नगरीय निकाय को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत इस राशि से प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन के इन्फ्रॉस्ट्रक्चर को बेहतर और स्थाई बनाया जाएगा। इससे राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक तकनीकी, भौतिक और मानव संसाधन जुटाए जाएंगे, जिससे न केवल स्वच्छता की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं मिलेंगी।

उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने विगत दिनों अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों के लिए राशि मंजूर करने का आग्रह किया था। उन्होंने राज्य के शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक सुगम तथा प्रभावी बनाने केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया था। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग के प्रस्तावों के आधार पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ के लिए 230 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में सहायता मिलेगी।  उन्होंने स्वच्छता को हर नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि संपूर्ण स्वच्छता के लिए सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

छत्तीसगढ़ देश का तीसरा सबसे स्वच्छ राज्य

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रायपुर। छत्तीसगढ़ देश का तीसरा सबसे स्वच्छ राज्य बन गया है। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में छत्तीसगढ़ को महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बाद देश के तीसरे सबसे साफ-सुथरे राज्य का दर्जा मिला है। प्रदेश की इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम कन्वेन्शन सेंटर में आयोजित समारोह में पुरस्कृत किया।


राष्ट्रपति के हाथों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने ग्रहण किया पुरस्कार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरूण साव ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी, सचिव मनोज जोशी और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की निदेशक श्रीमती रूपा मिश्रा भी समारोह में शामिल हुईं। स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के पांच नगरीय निकायों रायपुर, महासमुंद, कुम्हारी, आरंग और पाटन को भी समारोह में पुरस्कृत किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने प्रदेश और नगरीय निकायों की इस उपलब्धि पर संबंधित निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समन्वयकों तथा स्वच्छता दीदियों को बधाई और शभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि इनके उत्कृष्ट कार्यों के कारण आज प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित होने का मौका मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य के शहरों को साफ-सुथरा एवं कचरामुक्त रखने के लिए ये आगे भी अपने बेहतरीन कार्यों को जारी रखेंगे और अन्य नगरीय निकायों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

छत्तीसगढ़ ऐसे बना देश का तीसरा सबसे स्वच्छ राज्य

शहरों को स्वच्छ रखने प्रदेश में हो रहे लगातार अच्छे कार्यों के कारण छत्तीसगढ़ को देश के तीसरे सबसे स्वच्छ राज्य का दर्जा मिला है। स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणामों के मुताबिक गारबेज फ्री सिटी के अंतर्गत प्रदेश के दो शहरों को फाइव स्टार रेटिंग, 23 शहरों को थ्री स्टार रेटिंग और 47 शहरों को सिंगल स्टार रेटिंग मिला है। राज्य में ओडीफ प्लस प्लस वाले 164, ओडीफ प्लस वाला एक और ओडीएफ वाले तीन शहर हैं। प्रदेश के एक नगरीय निकाय को वाटर प्लस का दर्जा मिला है।

महासमुंद नगर पालिका को पूर्वी जोन में 50 हजार से एक लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला है। देश के पूर्वी जोन में कुम्हारी नगर पालिका को 25 हजार से 50 हजार तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में और आरंग नगर पालिका को 15 हजार से 25 हजार तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला है। पाटन नगर पंचायत को एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में देश के दूसरे सर्वाधिक स्वच्छ शहर के लिए पुरस्कृत किया गया है। ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा प्राप्त पाटन को गारबेज फ्री सिटी में फाइव स्टार रैंकिंग मिला है। सर्वे में रायपुर नगर निगम को एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में प्रदेश का सबसे स्वच्छ शहर चुना गया है। गारबेज फ्री सिटी में रायपुर को फाइव स्टार रेंटिंग प्राप्त हुआ है।

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