Media24Media.com: कालाबाजारी

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उर्वरक विक्रय में अनियमितता के मामले में पांच संस्थानों को नोटिस

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रायपुर। किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं नकली खाद के विक्रय पर रोक लगाने हेतु मुंगेली जिले में कृषि विभाग के अधिकारियों, उर्वरक निरीक्षकों की टीम द्वारा सतत निरीक्षण एवं कार्यवाही की जा रही है। जिले के विभिन्न कृषि केन्द्रों का औचक निरीक्षण के दौरान उर्वरक विक्रय में अनियमितता पाए जाने पर तीन कृषि केन्द्रों - साहू कृषि केन्द्र मोहडंडा, पटेल कृषि केन्द्र मोहडंडा एवं मॉं महामाया कृषि केन्द्र देवरहट के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।

कृषि उपसंचालक एम.आर. तिग्गा ने जानकारी दी कि उक्त तीनों केन्द्रों के अतिरिक्त साहू कृषि केन्द्र खपरीकला एवं सत्येन्द्र कृषि केन्द्र तरकीडीह सहित प्रतिबंधित केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि उर्वरक का विक्रय केवल निर्धारित दर पर एवं पॉस मशीन के माध्यम से ही किया जाए। कृषकों को उर्वरक के साथ अन्य सामग्री लेने हेतु बाध्य न किया जाए तथा दुकान में दैनिक स्टॉक एवं मूल्य सूची का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य रूप से किया जाए। निरीक्षण दल में राजेश साहू, लोकेश कोशले, योगेश दुबे (निरीक्षक), उमेश दीक्षित (निरीक्षक) एवं सहायक भीष्म राव भोसले भी उपस्थित रहे।


बिलासपुर जिले के दर्जनों कृषि केंद्रों में छापामार कार्रवाई, अनियमितता पाये जाने पर खाद गोदाम सील

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को उचित दाम पर गुणवत्ता युक्त खाद मुहैया कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही अमानक एवं खाद-बीज की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए है। इसी तारतम्य में बिलासपुर जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला स्तर पर अधिकारियों की टीम गठित कर खाद-बीज विक्रय केंद्रों में आकस्मिक निरीक्षण करने को कहा है।

बिलासपुर के जिले के कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर के नेतृत्व में उड़न दस्ता दल ने विकासखण्ड-कोटा और बिल्हा में दर्जनों पर कृषि केन्द्रों पर छापामार कार्रवाई की। छापामार कार्यवाही के दौरान आधा दर्जन कृषि केंद्र में नियम विरूद्ध व्यवसाय करने पाये जाने पर नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। वही औचक निरीक्षण के दौरान मेंसर्स किसान सेवा केन्द्र तखतपुर के फर्म में कमी एवं अनियमितताओं के कारण नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया था, संबंधित के द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक प्राप्त नहीं होने के फलस्वरूप उनकी अनुज्ञप्ति को 15 दिवस के लिए निलबंन की कार्रवाई की गई है।

बिलासपुर के उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स उन्नत कृषि केन्द्र रतनपुर में क्रेताओं को बिना बिल दिये उर्वरक का व्यवसाय किये जाने के कारण नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार मेसर्स शेखर कृषि केन्द्र कोनचरा को बिना आई.एफ.एम.एस, आई.डी के उर्वरक का व्यवसाय करते पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंध कर उपलब्ध स्टॉक को जब्ती की कार्यवाही कर नोटिस जारी किया गया। ग्राम कोनचरा स्थित अतुल कृषि केन्द्र में अनियमितता पाये जाने के कारण गोदाम को सील करने की कार्यवाही किया गया।

ग्राम मदनपुर विकास खण्ड बिल्हा अन्तर्गत मेसर्स राघवेन्द्र देवांगन के यहां मूल्य एवं स्कंध सूची का प्रदर्शन नहीं करने भंडारण वितरण की प्रतिवेदन नही भेजने, स्कंध एवं बिल संधारण नहीं करने के कारण विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। उक्त कृषि केन्द्रो को स्पष्टीकरण तामिल हेतु सात दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन एवं जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। समय सीमा एवं संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं किये जाने पर अनुज्ञप्ति निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि अनिल कुमार शुक्ला, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी खेमराज शर्मा, विजय धीरज एवं विकासखण्ड कोटा से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी दिलीप रात्रे एवं उर्वरक निरीक्षक मारू ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आर.जी. भानू शामिल थें।

गौरतलब है कि जिले में संचालित समस्त उर्वरक विक्रेताओं को बिना पॉस मशीन के उर्वरकों का विक्रय नहीं किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित निरीक्षकों से उनके कार्य क्षेत्र अन्तर्गत संचालित उर्वरक विक्रेताओं से पॉस मशीन की मांग के लिए भी कहा गया है उर्वरक विक्रेता पॉस मशीन हेतु वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, संबंधित उर्वरक निरीक्षक एवं कार्यालय उप संचालक कृषि बिलासपुर में सम्पर्क कर सकते हैं।


रासायनिक खादों की कालाबाजारी बर्दास्त नहीं, समितियों में खाद का हो पर्याप्त भण्डारण: मंत्री केदार कश्यप

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रायपुर। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डीएपी खाद की कमी को देखते हुए प्रदेश में डीएपी खाद की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो पा रही है तो डीएपी के वैकल्पिक खादों के प्रति किसानों को जागरूक करें और जो वैकल्पिक खाद उपलब्ध है किसानों को दिया जाए। उन्होंने बैठक में कहा कि किसानों को सहुलियतें प्रदान करना हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है। मंत्री केदार कश्यप आज अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में सहकारिता और उर्वरक कंपनियों के अधिकारियों की बैठक में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित बनाए रखने के संबंध में समीक्षा कर रहे थे।

सहकारिता मंत्री कश्यप ने कहा कि रासायनिक खाद की कालाबाजारी बर्दास्त नहीं की जाएगी। ऐसे गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों व केन्द्र संचालकों के ऊपर कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने सहकारिता विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में 2058 सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का भण्डारण हो और किसानों की मांग के अनुरूप खाद मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नैनो यूरिया, नैनी डीएपी के छिड़काव के प्रति भी किसानों को जागरूक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डीएपी खाद की आपूर्ति के संबंध में कंपनी के प्रतिनिधियों से समन्वय कर खाद सप्लाई के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में डीएपी खाद सप्लाई की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025 के लिए किसानों के मांग के अनुरूप विभाग 10.73 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य के विरूद्ध 5.85 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण किया जा चुका है तथा किसानों को 4.37 लाख मीट्रिक टन खाद वितरित किए जा चुके हैं। वर्तमान में समितियों में 1.18 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।

अधिकारियों ने बताया कि डीएपी का लक्ष्य 78 हजार 331 मीट्रिक टन है। इसके विरूद्ध अब तक 75 हजार 428 मीट्रिक टन डीएपी का भण्डारण किया जाकर किसानों को 61 हजार 137 मीट्रिक टन खाद वितरण किया जा चुका है। समितियों में 14 हजार 291 मीट्रिक टन डीएपी खाद शेष है। डीएपी खाद की कमी के कारण एनपीके का लक्ष्य बढ़कर 3 लाख 16 हजार मीट्रिक टन हो गया है। लक्ष्य के विरूद्ध 93 हजार 467 मीट्रिक टन एनपीके का भण्डारण किया जाकर किसानों को 74 हजार 545 मीट्रिक टन एनपीके खाद का वितरण किया जा चुका है। समितियों में 18 हजार 922 मीट्रिक टन एनपीके शेष है। ज्यादा से ज्यादा एनपीके के सप्लाई के लिए कंपनियों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए मांग के अनुरूप यूरिया का लक्ष्य 4.54 लाख मीट्रिक टन है। लक्ष्य के विरूद्ध 2.88 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण कर 1.91 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किसानों को किया जा चुका है, इसी प्रकार एमओपी का लक्ष्य 46 हजार 360 मीट्रिक टन है। लक्ष्य के विरूद्ध 55 हजार 611 मीट्रिक टन एमओपी का भण्डारण कर किसानों को 29 हजार 851 मीट्रिक टन एमओपी का वितरण किया जा चुका है। इसी प्रकार एसएसपी (समस्त) का लक्ष्य 1.76 लाख मीट्रिक टन निर्धारित है। लक्ष्य के विरूद्ध 1.28 लाख मीट्रिक भण्डारण कर किसानों को 65 हजार 878 मीट्रिक टन एसएसपी का वितरण किए जा चुके हैं।

बैठक में अपेक्स बैंक के चेयरमेन केदारनाथ गुप्ता सहित रासायनिक खाद कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर आयुक्त सहकारिता व पंजीयक सहकारी संस्थाएं कुलदीप शर्मा मार्कफेड की एमडी श्रीमती किरण कौशल, संचालक कृषि राहुल देव, अपेक्स बैंक के एमडी के.एन. काण्डे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं खाद कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

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