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आलेख : सरकार के नीतिगत फैसलों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मान

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के नीतिगत फैसलों एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हैं। इन नीतियों से प्रदेश के किसान निरंतर समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदी कर न सिर्फ किसानों का मान बढ़ाया बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य सरकार ने बीते 18 महीने में विभिन्न योजनाओं के तहत् लगभग सवा लाख करोड़ रूपए किसानों के खाते में अंतरित की है। इन कल्याणकारी फैसलों और प्रोत्साहन से साल दर साल किसानों की संख्या, खेती-किसानी का रकबा और उत्पादन में वृद्धि हो रही है।

साल दर साल बढ़ रहा है किसानों की संख्या, रकबा और उत्पादन

बता दें कि देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री साथ के नेतृत्त्व में प्रदेश सरकार की इन डेढ़ साल की अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीति गत फैसलों से खेती-किसानी की नया सम्बल मिला है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों से बीते खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में सर्वाधिक 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी कर एक नया रिकार्ड कायम किया है। किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 32 हजार करोड रूपए का भुगतान एवं किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मूल्य की अंतर की राशि 13,320 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में प्रदेश के किसानों से रिकार्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई और धान खरीदी के एवज में किसानों को 34,500 करोड़ रूपए का तत्काल भुगतान किया गया तथा 12 हजार करोड़ रूपए की अंतर की राशि एकमुश्त सीधे किसानों के खातों में अंतरित किया गया।

राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वायदे को पूरा कर यह बता दिया है कि छत्तीसगढ़ की खुशहाली और अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने का रास्ता खेती-किसानी से ही निकलेगा। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड रूपए का भुगतान करके अपना संकल्प पूरा किया, इससे प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर है। किसानो का मानना है कि राज्य सरकार के फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार किसानों की हितैषी है। खेती-किसानी ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकसित राज्य बनाने का सपना साकार होगा।

छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण 01 अप्रैल 2014 से उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रूपए तक है। फसल ऋण में नगद एवं वस्तु का अनुपात 60 अनुपात 40 है। सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों से व्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए खरीफ वर्ष 2024 में 15.21 लाख किसानों को 6912 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वितरित किया गया था। वर्ष 2025 में किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य है। किसानों को 11 जुलाई की स्थिति में 5124 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित किए गए हैं। यह किसानों के हित में क्रांतिकारी कदम है।

छत्तीसगढ़ में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लागू की गई है। सौर सुजला योजना के माध्यम से सरकार ने दूरस्थ वनांचल में जहां बिजली की सुविधा नहीं है, वहां किसानों के खेतों में भी इस योजना के माध्यम से सौर सुजला सिंचाई पंप स्थापित कर सिंचाई की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ में किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों की स्थिति में सुधार, कृषि एवं सहायक गतिविधियां के लिए समन्वित प्रयास पर राज्य सरकार का फोकस है।

कृषि विभाग के बजट में बीते वर्ष की तुलना में वर्ष 2024-25 में 33 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 13 हजार 435 करोड रूपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए राज्य के बजट में भी कृषि के साथ-साथ ग्रामीण विकास को फोकस किया गया है। यहां धान और किसान एक-दूसरे के पर्याय है। पिछले वर्ष 149.25 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर राज्य के 25 लाख 48 हजार 798 किसानों से खरीदी की गई है।

राज्य सरकार ने बजट में कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, जिसका उद्देश्य कृषि समृद्धि को बढ़ावा देना है। वहीं किसानों के 5 एचपी तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5.65 लाख भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही दलहन एवं तिलहन फसलों समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 80 करोड़ रुपये तथा फसल बीमा योजना के लिए 750 करोड़ रुपये और मोटे अनाजों के साथ-साथ दलहन, तिलहन, बीज उत्पादन एवं वितरण के लिए कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सरकार की किसान हितैषी नियत को दर्शाता है।

केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के 26 लाख से ज्यादा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना में किसानों को तीन किश्तों में साल में 6 हजार रूपए की राशि केन्द्र सरकार के द्वारा सीधे किसानों के बैंक खातों में दी जा रही है। केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में धान के विपुल उत्पादन को देखते हुए केन्द्रीय पूल में 78 लाख मीट्रिक टन चावल जमा करने का लक्ष्य दिया है।



सुशासन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों का दौर जारी, पीएचई के कार्यों की हुई समीक्षा

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रायपुर। सुशासन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के काम में कसावट लाने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की समीक्षा बैठकों का दौर जारी है। वे आज लगातार तीसरे दिन अलग-अलग विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा मुख्यमंत्री सचिवालय, जल जीवन मिशन और विभागीय अधिकारियों के साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में बरसात के दिनों में प्रदेश में स्वच्छ पेयजल के लिए पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए पीएचई विभाग के टोल-फ्री नम्बर 1800-233-0008 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में जन कल्याणकारी योजनाओं के मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के हर घर में पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्द हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए शुद्ध पेयजल के लिए जलापूर्ति व्यवस्था के आवश्यक रखरखाव और मरम्मत का कार्य पूर्ण करने को कहा। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांवों में नियुक्त किए जाने वाले नल जल मित्रों का प्रशिक्षण कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से यथाशीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग में तकनीकी अमला बढ़ाने के लिए नई भर्तियों के प्रस्ताव भी शीघ्र भेजने को कहा।

मुख्यमंत्री साय ने खारे पानी, भू-जल में भारी तत्वों की मौजूदगी और जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने की समस्या से जूझ रहे गांवों के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे उन गांवों में यथाशीघ्र साफ पेयजल पहुंच सके। कुल 4527 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के 18 जिलों में ये मल्टी-विलेज योजनाएं प्रारंभ की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से 3234 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इससे दस लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल पहुंचेगा।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए संचालन-संधारण नीति जल्द तैयार करने की जरूरत बताई। उन्होंने जलस्रोतों को रिचार्ज करने मनरेगा के माध्यम से आवश्यक संरचनाओं के निर्माण पर जोर दिया। साव ने ऐसे गांवों में जहां पेयजल आपूर्ति के लिए भू-जल स्रोत नहीं मिल रहे हैं, उन गांवों के लिए नई मल्टी-विलेज योजनाएं राज्य मद से स्वीकृत करने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए सीएसआर या डीएमएफ फंड से राशि की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने तेजी से नए नलकूपों के खनन के लिए विभाग में नई ड्रिलिंग मशीनें खरीदने की जरूरत भी बताई।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने बैठक में बताया कि प्रदेश में अब तक 39 लाख 14 हजार से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा चुका है। जल जीवन मिशन के तहत अब तक 78 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य को हासिल किया जा चुका है। राज्य के 3356 गांवों में शत-प्रतिशत, 5093 गांवों में 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तथा 3153 गांवों में 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत घरों में नल का पानी पहुंच रहा है। 

उन्होंने बताया कि गांवों में पंचायतों के द्वारा जलापूर्ति व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए नल जल मित्र की नियुक्ति की जाएगी। भारत सरकार द्वारा इसके लिए प्रदेश के 33 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से ग्राम पंचायतों द्वारा चयनित नल जल मित्रों का प्रशिक्षण शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेन्द्र तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, और डॉ. बसवराजु एस., क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा, जल जीवन मिशन के एमडी सुनील जैन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता एम.एल. अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने बैठक में बताया कि प्रदेश में अब तक 39 लाख 14 हजार से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा चुका है। जल जीवन मिशन के तहत अब तक 78 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य को हासिल किया जा चुका है। राज्य के 3356 गांवों में शत-प्रतिशत, 5093 गांवों में 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तथा 3153 गांवों में 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत घरों में नल का पानी पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में पंचायतों के द्वारा जलापूर्ति व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए नल जल मित्र की नियुक्ति की जाएगी।

भारत सरकार द्वारा इसके लिए प्रदेश के 33 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से ग्राम पंचायतों द्वारा चयनित नल जल मित्रों का प्रशिक्षण शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेन्द्र तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, और डॉ. बसवराजु एस., क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा, जल जीवन मिशन के एमडी सुनील जैन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता एम.एल. अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

 

 

विकसित भारत संकल्प यात्रा का दूसरा दिन : महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम साराडीह एवं मुढ़ेना में हुआ आयोजन

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महासमुंद। केंद्र सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने एवं इनसे लाभ लेने वाले हितग्राहियों से संवाद करने के उद्देश्य से शुरू की गई विकसित भारत संकल्प यात्राका सफर महासमुंद जिले में दूसरे दिन निरंतर जारी है। आज जिले के महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम साराडीह एवं मुढ़ेना में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विकसित भारत संकल्प यात्राप्रचार रथ के ग्राम में आगमन होने पर महिलाओं तथा ग्रामीणों द्वारा पूजा-अर्चना कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम स्थलों में विभिन्न विभागों द्वारा आम जनता को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने स्टॉल भी लगाया गया था। जिसमें संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा आम जनता को योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई तथा उसका लाभ उठाने प्रेरित किया गया। कार्यक्रम स्थल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा आम लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। इस अवसर पर केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सामग्रियों का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम में केन्द्र सरकार द्वारा नियुक्त विकसित भारत संकल्प यात्रा के संयोजक एवं पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के कोई भी पात्र हितग्राहियों को लाभ से वंचित न होना पड़े इसलिए विकसित भारत संकल्प यात्रा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के तहत सभी लोगों को योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रशासन संकल्प यात्रा के साथ गांव-गांव पहुंचकर योजनाओं की जानकारी दे रही है।

डॉ. चोपड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के गारंटी के अनुरूप प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना देने का कार्य की शुरूआत कर दी है। उन्होंने कहा कि सभी बुनियादी आवश्कताओं की पूर्ति के लिए मोदी सरकार द्वारा पानी, शौचालय, सड़क स्वावस्थ्य आदि की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम सबको मोदी जी का सपना कि हर गरीब की उन्नति और प्रगति हो, प्रत्येक गांव का विकास हो के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने सभी से अपील किया कि सभी योजनाओं का लाभ उठाएं। कार्यक्रम के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पवन पटेल एवं पार्षद देवीचंद राठी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत साराडीह के सरपंच को टीबी मुक्त भारत के लिए निष्क्षय प्रमाण पत्र एवं डिजिटल इंडिया के लिए संतोष सोनी को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम साराडीह में आयोजित कार्यक्रम में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 03 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया तथा 20 नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। उज्जवला योजना के अंतर्गत 15 हितग्राही को घरेलू रसोई गैस कनेक्शन का वितरण किया गया। जिसमें सुशीला साहू, जानकी रात्रे, रुचि साहू, डिगेश्वरी यादव, महिला एवं बाल विकास अंतर्गत ज्योति विश्वकर्मा, खोमेश्वरी निर्मलकर, झरना साहू, आशा चेलक, अगेश्वरी शामिल है। पीएम किसान योजना अंतर्गत 05 किसानों को केसीसी कार्ड जारी किया गया। इसके अलावा आधार कार्ड पंजीयन, पीएम मुद्रा एवं सुरक्षा बीमा, जल जीवन मिशन आदि विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी देकर पंजीयन किया गया।

इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी भुनेश्वरी कुर्रे, सरस्वती जलक्षत्री, ईश्वर परमेश्वरी, तुकाराम ने अपने अनुभव भी साझा किया। कार्यक्रम में ग्राम साराडीह की  झरना साहू ने बताया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड से एक लाख 50 हजार रुपए का निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के दौरान विषम परिस्थिति के कारण स्वास्थ्यगत समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस दौरान डॉक्टर ने बताया कि इलाज में लगभग डेढ़ लाख रुपए खर्च होंगे। ऐसे समय में आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला। निःशुल्क उपचार के पश्चात सुरक्षित डिलीवरी भी हुआ। आज मैं अपने गुड़िया के साथ बेहद खुश हूं।

इसी तरह उज्ज्वला योजना की हितग्राही सुशीला साहू ने बताया कि आज इस कैम्प में मुझे उज्ज्वला गैस कनेक्शन प्राप्त हुआ। जिसमें एक सिलेण्डर, चूल्हा, पाईप आदि शामिल है। अब मुझे लकड़ी और धुएं से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने मोदी सरकार को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में मुन्ना साहू, ग्राम पंचायत साराडीह के सरपंच साजन यादव, प्रकाश साहू एवं अनुविभागीय अधिकारी उमेश साहू, तहसीलदार चंद्रशेखर मंडई सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण व हितग्राही गण एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।

विकसित भारत संकल्प यात्रा से जुड़ रहे ग्रामवासी, योजनाओं का मिल रहा लाभ

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रायगढ़। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में नागरिकों के बीच जागरूकता पैदा करने और योजनाओं के शत-प्रतिशत संतृप्ति के लिए उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गांव-गांव में विकसित भारत संकल्प यात्रा चलाया जा रहा है। विकसित भारत संकल्प यात्रा का यह सफर रायगढ़ जिले में भी निरंतर जारी है।

इसी कड़ी में आज जिले के विकासखण्ड धरमजयगढ़ के ग्राम-साजापाली एवं जमाबीरा, घरघोड़ा के कोसमघाट एवं पूरी, लैलूंगा के मुड़ागांव एवं कोड़़ासिया, रायगढ़ के पंडरीपानी पूर्व एवं गोपालपुर तथा तमनार विकासखण्ड के ग्राम-उरबा एवं पेलमा में विकसित भारत संकल्प यात्रा का आयोजन किया गया। यहां मौके पर विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं से संबंधित स्टॉल भी लगाये गये थे। जिससे पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में आये ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच के साथ सिकल सेल के मरीजों की भी जांच की गई। मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को अभिनंदन पत्र वितरित किए गए। मौके पर लोगों ने स्वच्छता की शपथ भी ली।

लाभान्वित हितग्राहियों ने साझा किये अपने अनुभव

कार्यक्रम में मेरी कहानी-मेरी जुबानी के माध्यम से केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किये। कोसमघाट की शारदा राठिया का कहना कि ग्रामीण अंचलों में निवासरत लोगों के लिए पक्के का मकान सपने जैसा होता है, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद से पक्के मकान का सपना पूरा हुआ और आज हमें इस शिविर के माध्यम से मकान का अभिनंदन पत्र भी जारी हो गया है। इसी तरह शिविर में आये जयराम राठिया ने बताया कि उसके घर में पहले शौचालय नहीं था, जिससे काफी कठिनाई होती थी। 

लेकिन आज केन्द्र सरकार की योजना स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उनके घर में शौचालय की सुविधा हो गई। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को सहृदय धन्यवाद दिया। ग्राम-पूरी की कविता बेहरा ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से उनके जीवन में समय की बचत के साथ-साथ धुएं से राहत मिली है। पहले वे चूल्हे में खाना बनाती थी, जिससे निकलने वाले धुुएं से उन्हे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ता था। शिविर में आकर समस्त दस्तावेज जमा करने पर उन्हें तुरन्त उज्जवला गैस का कनेक्शन मिल गया। अब उन्हे खाना बनाने में आसानी होगी।

जिले के इन गांवों में कल पहुंचेंगी विकसित भारत संकल्प यात्रा का वैन

विकसित भारत संकल्प यात्रा का वैन कल 20 दिसम्बर को जिले के इन गांवों में पहुंचेगी। जहां केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के संबंध में लोगों को जानकारी दी जाएगी। इनमें धरमजयगढ़ विकासखण्ड के ग्राम-सिसरिंगा एवं सोहनपुर, वि.ख.घरघोड़ा के ग्राम-कुडुमकेला एवं पुसल्दा, वि.खं रायगढ़ के कोतरलिया एवं कोटमार, वि.ख.तमनार के गारे एवं सराईटोला शामिल है।

 

ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित होने पर जाति प्रमाण पत्र और वन अधिकार पट्टे के प्रकरणों का हो तत्काल निराकरण: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले की कटघोरा विधानसभा के ग्राम नोनबिर्रा में भेंट-मुलाकात के दौरान अधिकारियों से कहा कि ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद ग्रामीणों के जाति प्रमाण पत्र और वन अधिकार पट्टे के प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, लोगों की आय बढ़े। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। भेंट-मुलाकात में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से राज्य शासन की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक मोहित राम केरकेट्टा और पुरूषोत्तम कंवर, पूर्व विधायक बोधराम कंवर भी उपस्थित थे।

भेंट-मुलाकात में तिवरता (हरदी बाजार) के किसान रमेश कुमार जांगड़े ने वन अधिकार पट्टा अब तक नहीं मिलने की बात कही, उन्होंने बताया कि विशेष ग्राम सभा में तीन पीढ़ी से भूमि पर काबिज होने का साक्ष्य सिद्ध हो गया है, इसके बावजूद भी पट्टा नहीं मिला। उनकी बात सुनकर मुख्यमंत्री ने कल तक उन्हें वन अधिकार पट्टा देने के अधिकारियों को निर्देश दिए और पंचायत सचिव अनिल कुमार केंवट को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री द्वारा जाति प्रमाण पत्र के बारे में पूछे जाने पर उर्तला गांव की आरती चौहान ने बताया कि उसका सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा, इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रकरण को देखकर जाति प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए।

ग्राम नोनबिर्रा के किसान देवीप्रसाद पटेल ने बताया कि उन्होंने 75 क्विंटल धान बेचा, जिसके एक लाख रुपए खाते में आए हैं। उन्होंने बताया सब्जी का धंधा भी करता हूं। शासन की योजनाओं का लाभ ले रहा हूं। मुख्यमंत्री के पूछे जाने पर देवीप्रसाद ने कहा कि पत्नी और बहू के लिए दो-दो तोला सोना लिया है। ग्राम छिंदपुर के किसान देवसिंह राठौर ने बताया कि उनका 50 हजार रुपए ऋण माफ़ हुआ है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि ऋणमाफी से बचे हुए पैसों का क्या किया, इस पर देवसिंह ने बताया कि उनका उपयोग घर खर्चे में किया है। उन्होंने बताया कि उनके गांव में ज्यादा बिजली बिल आने की समस्या आ रही है। मुख्यमंत्री  ने बिजली बिल अनियमितता की शिकायत के संबंध में संबंधित अधिकारी से कारण पूछा और जल्द से जल्द इस समस्या के निराकरण के निर्देश दिए।

भेंट-मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सभी परिवारों के राशन कार्ड बनवाए हैं, चाहे बीपीएल परिवार हो या एपीएल परिवार हो। राशन कार्ड बनने के संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर छीर पानी की रहने वाली सुनीता पटेल ने बताया कि खाद्यान्न योजना के अंतर्गत पर्याप्त राशन मिल रहा है। मुफ्त में नमक भी मिल रहा है। सुनीता ने गैस के दाम कम करने की बात कही, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गैस के दाम केंद्र सरकार तय करती है। सुनीता ने मुख्यमंत्री से गांव के आंगनबाड़ी में मितानिन न होने की जानकारी देते हुए मितानिन पदस्थ करने का आग्रह किया। ग्राम दमिया की रहने वाली चंद्रवती जगता और उनकी मां ने बताया कि उन्हें 30 साल से पट्टा नहीं मिला। जिसे सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रकरण की जांच करने एसडीएम को निर्देशित किया।

भेंट-मुलाकात में गोधन न्याय योजना के बारे में पूछे जाने पर निर्मला बाई कंवर ने बताया कि उन्होंने ढाई सौ क्विटंल गोबर बेचकर 50 हजार रूपये की आमदनी हुई है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना की। सैलागांव की रहने वाली रेखा विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि 300 क्विंटल से ज्यादा खाद बनाया, इससे हुई आमदनी से सभी सदस्यों ने 26-26 हजार रुपए बांटा और उन्होंने सोने का झुमका लिया। सरोज करपे ने मुख्यमंत्री को बताया कि हाट बाजार क्लिनिक योजना के तहत हर सोमवार को गाड़ी आती है, फ्री में इलाज होता है। ग्राम भेलवाडोंगरी के पोर्ते ने बताया कि उन्हें हाट बाजार क्लिनिक में बीपी की जानकारी मिली, जिसका इलाज करा रहे हैं। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के संबंध में एक किसान ने बताया कि ग्राम पंचायत बांधाखार के 78 लोगों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। मानिकपुर के समूह की महिला ने गौठान की मांग की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गांव में गौठान देने के लिए कहा।

तेंदूपत्ता संग्रहण के बारे में पूछे जाने पर मनशीला पैकरा ने बताया कि बेटे के 12वीं में फर्स्ट डिवीजन आने पर प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रवृत्ति मिली। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा देवांशी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया। कक्षा 8वीं की छात्र संध्या कंवर ने बताया पहले मैं दीपका के सेंट थॉमस स्कूल में पढ़ती थी। कक्षा 8वीं से मैंने आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में एडमिशन लिया। संध्या ने बताया कि यहां निःशुल्क अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा दी जाती है। 

स्कूल में मिड-डे मील भी दिया जाता है इसके साथ-साथ स्कूल में प्ले ग्राउंड, लैब और लाइब्रेरी आदि की बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा अनुष्का राठौर ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से अंग्रेजी में बात की और स्कूल में चल रही पढ़ाई एवं सुविधाओं के बारे में बताया। हरिबोल महिला समूह ने वनौषधि बेचकर कमाए 25 लाख, ’एक करोड़ का मिला आर्डर, हवाई जहाज से सिंगापुर की यात्रा की

भेंट-मुलाकात में हरि बोल स्व सहायता समूह वन धन विकास केंद्र डोंगानाला की सरोज पटेल और फूलबाई नरेटी ने बताया कि उनका समूह जड़ीबूटी से वनौषधि तैयार करता है। फूलबाई ने बताया कि पिछले साल 47 लाख का टर्न ओवर था जिसमे 20 लाख की आमदनी हुई थी। सरोज ने बताया कि अब तक 75 लाख की दवाइयां बेची है, जिससे  25 लाख की आमदनी हुई है। फूलबाई ने बताया कि शुगर, बी पी गठिया आदि की दवाइयां बना रही है। अभी आयुष विभाग द्वारा 1 करोड़ की दवाइयों का ऑर्डर मिला है। हमने अभी सिंगापुर की भी यात्रा की। मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा हमारे गांव की बेटी ने अपने मेहनत के बल पर विदेश घूमने का भी सौभाग्य प्राप्त किया।

नोनबिर्रा में मुख्यमंत्री की घोषणाएं-

मुख्यमंत्री ने ग्राम नोनबिर्रा में भेंट-मुलाकात के दौरान अनेक घोषणाएं की। उन्होंने ग्राम नोनबिर्रा में नई आदिमजाति सेवा सहकारी समिति (लैम्प्स) प्रारंभ करने, पूर्व माध्यमिक शाला मुड़पार का उन्नयन, ग्राम नोनबिर्रा में 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, नोनबिर्रा के खलारी जलाशय का जीर्णाेद्धार, नोनबिर्रा के शिवसागर तालाब का उन्नयन एवं सौंदर्यीकरण, शासकीय ग्राम्य भारती महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा देने, ग्राम बोइदा में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण, विधानसभा कटघोरा क्षेत्र में 25 देवगुड़ी (ठाकुर देव) के निर्माण और चौरा रानी में अहाता निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण की घोषणा की।

 

PIB द्वारा अंबिकापुर में मीडिया कार्यशाला ‘‘वार्तालाप‘‘ का आयोजन

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अम्बिकापुर। केन्द्र सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पत्रकारों के लिए अंबिकापुर में मीडिया कार्यशाला ‘‘वार्तालाप‘‘ का आयोजन किया गया। पत्र सूचना कार्यालय रायपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय की राज्यमंत्री रेणुका सिंह थी। इस मौके पर श्रीमती सिंह ने केन्द्र सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए पांच संकल्पों के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी उन्होंने पत्रकारों का आह्वान किया कि वे योजनाओं के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दें,



ताकि हितग्राही, शासकीय योजनाओं का लाभ ले सके, जिससे देश का भी विकास होगा। कार्यशाला में पत्र सूचना कार्यालय रायपुर के निदेशक कृपाशंकर यादव ने जिला, ग्रामीण और आदिवासी अंचल के पत्रकारों को केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।

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