Media24Media.com: ऑनलाइन पोर्टल

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label ऑनलाइन पोर्टल. Show all posts
Showing posts with label ऑनलाइन पोर्टल. Show all posts

समस्त शैक्षणिक एवं प्रशासकीय कार्यालयों में ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से होगी अवकाश प्राप्ति एवं स्वीकृति की प्रक्रिया

No comments Document Thumbnail

रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा 1 अगस्त 2024 से प्रदेश के समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में एवम 12 अगस्त 2024 से समस्त शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यालयों में अवकाश प्राप्ति एवं स्वीकृति की प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। 

उक्त तिथि के पश्चात ऑफलाइन माध्यम से किया गया आवेदन स्वमेव निरस्त माना जायेगा। इस आशय का आदेश संचालक लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर द्वारा जारी कर दिया गया है।


बी.एड./एम.एड. (विभागीय) प्रशिक्षण सत्र 2024-26 में प्रवेश प्रारंभ

रायपुर। शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर ने सत्र 2024-26 के लिए एम.एड. और बी.एड. विभागीय परीक्षार्थियों की प्रवेश हेतु आवेदन प्रक्रिया 01 अगस्त से प्रारंभ होगी। इच्छुक उम्मीदवार 1 अगस्त 2024 से 7 अगस्त 2024 तक एस.सी.ई.आर.टी. की आधिकारिक वेबसाइट http://scert.cg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी 14 अगस्त 2024 तक संबंधित महाविद्यालय में जमा करानी होगी।

शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य से मिली जानकारी के अनुसार एम.एड. में प्रवेश पूर्व परीक्षा के प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची के अनुसार होगा, जबकि बी.एड. में चयन स्नातक परीक्षा के अंकों की वरीयता के आधार पर किया जाएगा। शासकीय शिक्षण संस्थानों में कार्यरत अध्यापक अपने संस्थान प्रमुख के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय ने समस्त अभ्यर्थियों को निर्देशित किये हैं कि वे समय पर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करें और विस्तृत जानकारी के लिए महाविद्यालय से संपर्क करें।

रायपुर में मिसल बंदोबस्त पोर्टल शुरू, अब ऑनलाइन मिलेगा जमीनों का रिकार्ड

No comments Document Thumbnail

रायपुर। रायपुर जिले के वासियों को अब मिसल बंदोबस्त रिकार्ड एक क्लिक पर मोबाइल पर मिल जाएगा। जिला प्रशासन ने रायपुर जिले का मिसल बंदोबस्त ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है। इस पोर्टल से अब लोग आसानी से अपने जमीनों का रिकार्ड मोबाइल पर ही देख सकते है और उसे डाउनलोड कर सकेंगे।


कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने आज यहां बताया कि लोगों को अपनी कई दस्तावेजी जरूरतों के लिए वर्ष 1929-1945 के पुराने मिसल बंदोबस्त रिकार्ड की जरूरत पड़ती है और उन्हें इसके लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते है, परन्तु अब यह रिकार्ड ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है। लोग इसे अब अपने मोबाइल पर ही देख और डाउनलोड कर सकते है। कलेक्टर ने यह भी बताया कि डाउनलोड किए गए दस्तावेज प्रिंट भी लिए जा सकते है।

मोबाइल पर ऐसे मिलेंगे मिसल रिकार्ड

मिसल बंदोबस्त रिकार्ड पोर्टल का लिंक https:/revenue.cg.nic.in/missal/ है। जिसमें प्रदान की गई व्यवस्था में रिकॉर्ड खोजे ग्राम वार एवं रिकॉर्ड खोजे नाम वार के माध्यम से सामान्य जन अपने कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से वर्ष 1929-1945 के अपने रिकॉर्ड आसानी से प्राप्त कर सकते है। मिसल बंदोबस्त रिकार्ड ऑनलाइन चेक करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https:/revenue.cg.nic.in/missal/ पर जाएं। होम पेज पर आपको पूछी गयी जानकारियों जैसे- जिला, तहसील, राजस्व नंबर, प.ह.नं, गांव, अभिलेख का चुनाव करें। सभी पूछी गयी जानकारियों को दर्ज कर के खोजें पर क्लिक कर दें. अब आपकी स्क्रीन पर मिसल बंदोबस्त रिकार्ड लिस्ट खुल जाती है। खुले हुए पेज में नाम ढूंढे और उसके आगे सलेक्ट लिखा होगा वहां क्लिक करें। लाभार्थी लिस्ट को डाउनलोड भी कर सकते हैं और प्रिंट के ऑप्शन पर जा कर प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं।


सुप्रीम कोर्ट एंट्री पास के लिए अब कतार नहीं, ई-पास के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने आज पोर्टल ‘सुस्वागतम’ शुरू करने की घोषणा की जिससे वकील, अदालत आने वाले लोग, प्रशिक्षु और अन्य लोग ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे और शीर्ष न्यायालय में प्रवेश करने के लिए ई-पास ले सकेंगे। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने जैसे ही संविधान के अनुच्छेद 370 के कुछ प्रावधानों को रद्द किए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की तभी न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने इस ऑनलाइन सुविधा की घोषणा की।




न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि सुस्वागतम’ वेब आधारित और मोबाइल अनुकूल ऐप है जिससे उपयोगकर्ता ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं और अदालत की सुनवाई में भाग लेने, वकीलों से मिलने जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए ई-पास का आवेदन कर सकते हैं। सीजेआई ने कहा कि सुस्वागतम’ पोर्टल का 25 जुलाई 2023 से प्रायोगिक आधार पर परीक्षण किया गया और इस पर उपयोगकर्ताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने बताया कि नौ अगस्त तक इस पोर्टल के जरिए प्रायोगिक आधार पर 10,000 से अधिक ई-पास जारी किए गए।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘आपको सुबह कतार में इंतजार करने की जरूरत नहीं है। सभी पास ऑनलाइन दिए जाते हैं। यह सुविधा आज सुबह से उपलब्ध हो गयी है। अदालत कक्ष में मौजूद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि उच्चतम न्यायालय के काउंटर पर प्रवेश पास पाने के लिए सुबह लंबी कतार हुआ करती थी। सीजेआई ने कहा कि वेबसाइट पर एक वीडियो भी उपलब्ध है जिसमें बताया गया है कि इस ऐप का इस्तेमाल कैसे करना है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.