Media24Media.com: एमओयू

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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने यूनिसेफ, डबल्यूएचओ,एम्स सहित 05 संस्थाओं के साथ ऐतिहासिक एमओयू

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रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन  में स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा तंत्र को मजबूत, समावेशी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में  ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 05 प्रमुख राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन  पर हस्ताक्षर किया है।  नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के साथ साझा दायित्वों और लक्ष्यों पर सहमति बनी। कार्यक्रम के दौरान सचिव, लोक स्वास्थ्य अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, संचालक महामारी नियंत्रण डॉ एस. के. पामभोई, संबंधित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल/उपसंचालक व सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
               

विदित हो कि प्रदेश में स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार लाने एवं योजनाओं तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन ने एक संगठित एवं समन्वित तंत्र के रूप में "छत्तीसगढ़ साथी" पहल को प्रारंभ किया है। इसके सुचारू संचालन के लिए शासन द्वारा एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत विविध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना है।यह समिति एक ऐसा संस्थागत मंच प्रदान करती है, जिसके माध्यम से साझेदार संगठन अपनी विशेषज्ञता, अनुभव और तकनीकी सुझाव सीधे विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

इस साझेदारी का उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में संरचनात्मक सुधार, तकनीकी उन्नयन, जनसहभागिता और सेवा की पहुंच में व्यापक विस्तार सुनिश्चित करना है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर, सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज, बीवीएचए  सहित 05 संस्थाएं इस समझौते की साझेदार बनीं इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन व यूनिसेफ के वार्षिक एक्शन प्लान पर विस्तृत चर्चा की गई ।

इस ऐतिहासिक एमओयू में शामिल संस्थाएं अपने-अपने विशिष्ट क्षेत्रों में राज्य सरकार के साथ मिलकर समन्वित रूप से कार्य करेंगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सहयोग करेगा, वहीं यूनिसेफ पोषण, बाल स्वास्थ्य और मातृ सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) राज्य की संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम तथा रोग निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देगा। यूएनडीपी द्वारा टीकाकरण कार्यक्रमों को तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग मिलेगा, जबकि इविडेंस एक्शन राज्य में शिशु स्वास्थ्य और कृमि मुक्ति अभियान को सशक्त करेगा। सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से किशोरों के स्वास्थ्य और जागरूकता में सहयोग प्रदान करेगा, बीवीएचए लक्षित समुदायों के लिए विशेष स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के क्रियान्वयन में भागीदारी करेगा और निमहांस  मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार व सुदृढ़ीकरण में तकनीकी मार्गदर्शन देगा।

ये सभी संस्थाएं मिलकर छत्तीसगढ़ में बहुआयामी स्वास्थ्य सुधारों की एक समेकित और टिकाऊ रूपरेखा विकसित करने में राज्य सरकार की भागीदार बनेंगी। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार "स्वस्थ छत्तीसगढ़" की अवधारणा को धरातल पर साकार करने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है, जिसमें इन संस्थाओं का सहयोग राज्य के लिए एक नई दिशा तय करेगा। इस समझौते के जरिए न सिर्फ़ दूरस्थ और अंतिम छोर में बसे व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी, बल्कि मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता में भी महत्वपूर्ण सुधार संभव होगा। यह समझौता मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता लाने की दिशा में भी कारगर सिद्ध होगा। सरकार और साझेदार संस्थाओं ने इस अवसर पर यह विश्वास जताया कि यह सामूहिक पहल छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों में अग्रणी राज्य बनाने में सहायक होगी और एक सशक्त, सुलभ तथा संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा तंत्र की नींव रखेगी।


मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 36 आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए टाटा टेक्नोलॉजीस के साथ एमओयू

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के 36 शासकीय आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए लगभग 1188.36 करोड़ की परियोजना पर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग और टाटा टेक्नोलॉजीस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

एमओयू के तहत टाटा टेक्नोलॉजीस द्वारा राज्य के 36 आईटीआई में युवाओं को 6 नए ट्रेडों में तथा 23 शॉर्ट टर्म कोर्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। टाटा टेक्नोलॉजीस द्वारा राज्य के चयनित आईटीआई में अत्याधुनिक तकनीकी वर्कशॉप की स्थापना तथा प्रशिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा राज्य के युवाओं को बड़ी कम्पनियों में प्लेसमेंट दिलाने में टाटा और उनकी सहयोगी कंपनी सहयोग करेंगी। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के संचालक अवनीश शरण तथा टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटेड के प्रेसिडेंट पवन भगेरिया ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री उमेश पटेल, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव टोपेश्वर वर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आईटीआई के उन्नयन और आधुनिकीकरण से राज्य के युवाओं को अपने कौशल को विकसित करने का अच्छा अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक नवाचार किए गए हैं, जिससे किसानों, मजदूरों, वनांचलों में रहने वाले आदिवासियों की आय में वृद्धि हुई है। 

पिछले साढ़े चार वर्षों में लोगों की जेब में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग एक लाख 60 हजार करोड़ रूपए की राशि डाली गई है, इससे व्यापार और उद्योगों को गति मिली है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश है कि गांव उत्पादन का केंद्र और शहर व्यापार के केंद्र के रूप में स्थापित हों। छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी लाभप्रद बनने से शहरों से लोग गांव की ओर आ रहे हैं।

रीपा को आधुनिक बनाने टाटा टेक्नोलॉजीस से सहयोग का आग्रह

मुख्यमंत्री बघेल ने टाटा टेक्नोलॉजीस के अधिकारियों से कहा कि गांव में छोटे-मोटे उद्योग स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित किए गए हैं, जहां व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए जमीन, बिजली, पानी, शेड, प्रशिक्षण, वाई-फाई की सुविधा एवं बैंकिंग लिंकेज उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने टाटा टेक्नोलॉजीस के अधिकारियों से रीपा तथा शहरी औद्योगिक केंद्रों को आधुनिक उद्योगों और नई तकनीक से लैस कर और अधिक विकसित करने में सहयोग का आग्रह किया। टाटा टेक्नोलॉजीस के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और यहां रोजगार के अवसर विकसित करने के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।

इन आईटीआई का होगा उन्नयन

टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटड के सहयोग से जिन आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा उनमें शासकीय आई.टी.आई. - बैकुण्ठपुर, ओड़गी वाड्रफनगर, मैनपाट, बगीचा, लोरमी, कोनी- बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, अकलतरा, हसौद, रायगढ़, खरसिया, राजनांदगांव, डोंगरगांव, मानपुर, छुईखदान, पण्डरिया, गुण्डरदेही, दल्लीराजहरा, गुरूर, दुर्ग, पाटन, धरसींवा, हीरापुर, आरंग, अभनपुर, भाटापारा, सिमगा, बागबाहरा, पिथौरा, कांकेर, अंतागढ़, चारामा, नगरनार एवं दंतेवाड़ा शामिल हैं।

6 नवीन तकनीकी ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण

आईटीआई उन्नयन परियोजना के अंतर्गत राज्य के युवाओं को विश्व स्तर के अत्याधुनिक निम्नलिखित 6 नवीन तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण की सुविधा प्राप्त होगी। इसमें एक वर्षीय ट्रेड में आर्टीजन यूजिंग एडवांस टूल, इंडस्ट्रीयल रोबोटिक्स एण्ड डिजिटल मैन्यूफैचरिंग टेक्निशियन, मैन्यूफैचरिंग प्रोसेस कण्ट्रोल एण्ड ऑटोमेशन शामिल हैं। इसी प्रकार दो वर्षीय ट्रेड में एडवांस सी.एन.सी. मशीनिंग, बेसिक डिजायनर एण्ड वर्चुअल वेरिफायर (मैकेनिकल), मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल के ट्रेड शामिल हैं।

अत्याधुनिक तकनीकी वर्कशॉप की होगी स्थापना: 10 हजार युवा होंगे लाभान्वित

टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटेड द्वारा चयनित प्रत्येक आईटीआई में अत्याधुनिक तकनीकी वर्कशॉप की स्थापना की जाएगी तथा प्रशिक्षण कार्य हेतु प्रत्येक आईटीआई में प्रारंभ में दो प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट में टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटेड एवं उसके सहयोगी उद्योग सहयोग प्रदान करेंगे। योजना से प्रतिवर्ष लगभग 10 हजार युवा लाभान्वित होंगे।

गौरतलब है कि टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटड के सहयोग से राज्य के तकनीकी संस्थानों को टेक्नोलॉजिक हब के रूप में विकसित करने तथा कृषि अनुसंधान व नवाचार केंन्द्रों के रूप में उन्नयन हेतु राज्य योजना आयोग एवं टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटेड के मध्य मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में 01 अक्टूबर 2022 को एमओयू किया गया था। इसकी अगली कड़ी के रूप में आज टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटेड के सहयोग से राज्य की निम्नलिखित 36 शासकीय आई.टी.आई. के उन्नयन हेतु एमओयू किया गया।

उद्योग मंत्री कवासी लखमा के उपस्थिति में हुआ एमओयू पर हस्ताक्षर

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रायपुर। उद्योग मंत्री कवासी लखमा की उपस्थिति में आज उद्योग भवन रायपुर में दो एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। छत्तीसगढ़ शासन उद्योग विभाग एवं सुरुचि फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली के मध्य पूरक पोषण आहार तथा फोर्टिफाइड राइस के लिए  अनुबंध हुआ। जिसमें कम्पनी 111.7 करोड़ रुपये का निवेश करेगी इस उद्योग से 800 लोगो को रोजगार उपलब्ध होगा। छत्तीसगढ़ शासन उद्योग विभाग एवं यूनिटी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के मध्य एथेनाल एक्सट्रैक्शन फ्रॉम मेज़ बेस्ड कॉर्न स्टार्च एंड डैमेज राइस एवं पावर प्लांट के लिये अनुबंध हुआ, जिसमे कम्पनी 183 करोड़ का निवेश करेगी।

इस उद्योग से लगभग 120 लोगो को रोजगार उपलब्ध होगा। इस प्रकार कुल 294.7 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हुये। पूरक पोषण आहार तथा फोर्टिफाइड राइस के लिए छत्तीसगढ़ शासन उद्योग विभाग के सचिव भुवनेश यादव और सुरुचि फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से संचालक श्री हिमांशु गुप्ता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, वहीं एथेनाल एक्सट्रैक्शन फ्रॉम मेज़ बेस्ड कॉर्न स्टार्च एंड डैमेज राइस एवं पावर प्लांट के लिये छत्तीसगढ़ शासन उद्योग विभाग के सचिव भुवनेश यादव और यूनिटी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के संचालक बसन्त कुमार अग्रवाल के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उद्योग विभाग के अपर संचालक द्वय आलोक द्विवेदी एवं प्रवीण शुक्ला तथा संयुक्त संचालक द्वय हरीश सक्सेना एवं वी.के.देवांगन के अलावा सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में ड्रोन उत्पादन इकाई की जल्द होगी स्थापना

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नई दिल्ली। प्रगति मैदान में छत्तीसगढ़ बिज़नेस समिट का आयोजन किया गया, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए उद्यमी, निर्यातक और व्यवसायियों ने भाग लिया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ शासन ने इथेनॉल व ड्रोन उत्पादन इकाई स्थापना के लिए दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। बिज़नेस समिट में छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री शिव डहरिया ने छत्तीसगढ़ में औद्योगिक संभावनाओं की जानकारी देने के साथ ही उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रगतिशील और संभावनाओं से भरा राज्य है। प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत उद्यमियों के लिए कई प्रकार की रियायत और सुविधाएं दी जा रही हैं।



उन्होंने उद्यमियों व निवेशकों से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ आकर सुविधाओं का लाभ लें एवं प्रदेश की उन्नति और विकास में सहयोगी बनें। बिज़नेस समिट में छत्तीसगढ़ से आई अधिकारियों की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स, लघु वनोपज और हस्तशिल्प और हथकरघा आदि क्षेत्रों के व्यवसायियों, उद्यमियों और निर्यातकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग, व्यापार की संभावनाओं की जानकारी देते हुये निवेश के लिए भी आमंत्रित किया।

उद्योग विभाग के विशेष सचिव हिमशिखर गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के नई औद्योगिक नीति 2019-2024 में उद्योगों की स्थापना से जुड़े नियमों को सरल बनाया है, जिसमें उद्योगों को विभिन्न स्वीकृतियां प्रदान करने के लिए एकल खिड़की प्रणाली लागू की गई है, कठिन प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। कई प्रकार की रियायतें व सुविधाएं प्रदान की जा रही है। स्टार्ट-अप के लिए विशेष पैकेज प्रदान किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में कोर सैक्टर के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, लघु वनोपज और हस्तशिल्प और हथकरघा आदि क्षेत्रों में भी फोकस किया जा रहा है।

समिट के अंत में दो एमओयू हुये। इथेनॉल उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए एनकेजे बायोफ्यूल, दुर्ग के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह कंपनी 140 करोड़ का निवेश करेगी। कंपनी की ओर से राजेश गौतम ने हस्ताक्षर किए। वहीं, दूसरा एमओयू ड्रोन व यूएवी मैनुफेक्चरिंग यूनिट के लिए डेबेस्ट रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया गया। कंपनी की ओर से मनीष वाजपेई ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया। यह कंपनी 50.95 करोड़ का निवेश करेगी व 4500 यूनिट स्थापित करेगी।

बिजनेस समिट में उद्योग विभाग, लघु वनोपज, हस्तशिल्प और हथकरघा, पर्यटन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में संभावनाओं को लेकर जानकारी दी गयी। इस मौके पर लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्याम सुंदर बजाज, रुरल इंडस्ट्री के संचालक अरुण प्रसाद, सीएसआईडीसी के कार्यकारी संचालक अनिल श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

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