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किसान बोले सरकार खुले दिल से ले रही उनका धान

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बेमेतरा। आज गुरुवार से जिले में खरीफ सीजन 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत हो गयी। कलेक्टर सहित जिला नोडल अधिकारियों ने सौंपे गये धान उपार्जन केन्द्रों में पहुंचकर किसानों का फूल मालाओं से स्वागत किया और इलेक्ट्रॉनिक  तोल मशीन (काँटबांटे) की पूजा कर धान खरीदी का शुभारम्भ किया। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने खरीदी केंद्र में किसान रामाधर तिवारी का शाल-श्रीफल से स्वागत किया। किसानों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक तोल मशीन पर उनका धान तौल कर शुरुआत की।

जिले की लोलेसरा में कृषक सहकारी समिति में अपनी उपज धान बेचने आये ग्राम चारभाठा के किसान रामाधर तिवारी ने बताया कि वे 108 कट्टा धान बेचने आए है। कलेक्टर के हाथों स्वागत व सम्मान पाकर बहुत खुश और प्रसन्न है। उन्होंने कहा की उनका धान विष्णुदेव सरकार खुले दिल से ले रही है। केंद्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्य के ऊपर रुपये प्रति एकड़ धान के अंतर की राशि से खरीदी से अब छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति में भी और सुधार आयेगा। एक और किसान सेवकराम ने बताया कि उन्होंने अपनी भूमि में धान की फसल लगाई थी।जिसका धान समिति द्वारा आसानी से ले लिया गया। बहरहाल आज से शुरू हुई धान खरीदी केंद्रों में इस बार किसानों के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय द्वारा धान खरीदी के अपने वायदे को पूरा निभाया इसकी ज्यादा चर्चा है।

वही कृषक हेमन वर्मा ने ग्राम बैजी ने बताया कि अब सरकार की नीतियों से कृषि भी लाभ का व्यवसाय होता जा रहा है। एक और किसान अजय साहू ग्राम गर्रा ने बताया कि अब किसानों की धान खरीदी का कार्य पूर्व से बेहतर तरीके से हो रहा है।खरीदी केंद्र की संख्या बढ़ाने से अब केंद्रों में भीड़भाड़ वाली स्थिति नही है।किसान आसानी से अपनी साल भर की मेहनत की उपज धान बेचकर उसका उचित मूल्य प्राप्त करेगा।

एक कृषक सेवक राम वर्मा ने बताया कि अब सहकारी समिति में धान बेचना अच्छा लग रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धान का मूल्य बढ़ाने का अपना वायदा पूरा करते हुए किसानों की सुविधाओं की ओर भी विशेष ध्यान दिया जिसके लिए वे बधाई के पात्र है। धान बिक्री पर उन्हें समर्थन मूल्य की राशि भी जल्दी मिल जाएगी। इससे उनकी आर्थिक स्थित में सुधार भी पहले से ठीक आ रहा है।

महासमुंद : पहले दिन 162 उपार्जन केन्द्रों में 2151 किसानों से एक लाख 945 क्विंटल धान की होगी खरीदी

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में प्रदेश सहित जिले में कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी का कार्य आज 14 नवम्बर से प्रारम्भ हो गया है। धान खरीदी केन्द्रों में पहुंचे किसानों को मुंह मीठा कराकर और तौल बाट की पूजा अर्चना कर खरीदी की शुरूआत की गई। जिले के कुल उपार्जन केंद्र 182 में से पहले दिन 162 उपार्जन केंद्रां में 2 हजार 151 किसानों से एक लाख 945 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है।

खरीदी केन्द्रों में आने वाले किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसान अपनी मेहनत का वाजिब दाम मिलने से बहुत खुश है। जिले में सहकारी समितियों में बनाए गए खरीदी एवं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं और सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। धान खरीदी पूरी पारदर्शिता और शासन के नियमों के दायरे में हो रही है।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज प्राथमिक क़ृषि एवं साख समिति गांजर और मुनगासेर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान उपार्जन केंद्रों में धान बेचने आए किसानों से चर्चा कर उनसे धान उपार्जन केंद्र में लाये गये धान की मात्रा, धान का उत्पादन, धान का समर्थन मूल्य इत्यादि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मॉइश्चर मीटर से धान की नमी भी जांच की। उन्होंने धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा हेतु स्थल की साफ-सफाई, पेयजल, किसानों के बैठने हेतु छायादार स्थान, त्रुटिरहित धान खरीदी हेतु कांटा-बांट अथवा इलेक्ट्रॉनिक कांटा का सत्यापन आदि का जायजा लिया।

साथ ही उपार्जन केंद्रों में कैप कवर, बारदाने की व्यवस्था, कम्प्यूटर सेट, प्रिंटर, इंटरनेट सुविधा सहित अन्य व्यवस्थाएं भी देखी। कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्र में उपस्थित रहकर धान खरीदी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को धान खरीदी कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों में धान खरीदी की सतत निगरानी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी-बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उमेश साहू, खाद्य अधिकारी अजय यादव, डीमएओ एवं नोडल अधिकारी मौजूद थे।

धान के समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने आए ग्राम मुनगासेर के किसान भारत पटेल ने दीपावली पर एक नया ट्रैक्टर खरीदा है। उन्होंने बताया कि फसल का अच्छा समर्थन मूल्य मिलने से उन्होंने ट्रैक्टर खरीदने का साहस किया। उनका मानना है कि इस ट्रैक्टर से खेती के काम में अधिक सहूलियत होगी, और किश्तें भी आराम से भरी जा सकेंगी। ग्राम फिरगी के निवासी गंगाराम रैदास 100 कट्टा धान बेचने के लिए मुनगासेर मंडी पहुंचे। गंगाराम ने बताया कि खेती के लिए उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा था और इसके लिए ऋण भी लिया था, जिसकी किश्तें समय पर भरनी हैं। मंडी में धान की उचित कीमत मिलने पर उन्हें ट्रैक्टर की किश्त भरने में आसानी होगी। सरकार द्वारा बेहतर समर्थन मूल्य मिलने से ट्रैक्टर की लागत भी जल्दी से जल्दी ही निकल जाएगी। ग्राम मुनगासेर के किसान छन्नू लाल साहू बहुत खुश हैं, उन्होंने बताया कि धान की उचित मूल्य मिलने से आमदनी में इजाफा होगा। जिससे मैं अपने टेंट का कारोबार को और बढ़ाऊंगा। इसी तरह किसान नीलकंठ, हरिराम, छन्नू, मुकेश और भरतनाथ सहित सभी किसानों ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। 

कलेक्टर लंगेह के निर्देश पर सभी नोडल अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुंचकर स्वयं की निगरानी में धान खरीदी का कार्य प्रारम्भ किए हैं। जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि जिले में इस वर्ष शासन द्वारा कुल पंजीकृत किसान 1 लाख 62 हजार 33 है। उन्होंने बताया कि जिले में 130 समिति के माध्यम से 182 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जाएगी। इस खरीफ विपणन वर्ष 2024-2025 में जिले में 227994 हेक्टेयर रकबा अंतर्गत 12,45,963 मे.टन अनुमानित धान उपार्जन का लक्ष्य प्रदान किया गया है।

 

समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए : भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धान बेचने वाले किसानों को समितियां और उपार्जन केन्द्रों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। धान खरीदी की सभी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में जिलों के प्रभारी सचिव और कलेक्टर मुस्तैद रहें। उन्होंने कहा कि समिति स्तर पर 1 नवम्बर को किसानों की बैठक ली जाए और किसानों से धान आवागमन की प्लानिंग समिति स्तर पर की जाए।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश के कारण धान कटाई पूरे तरीके से शुरू नही हुई है। किसानों को धान को सुखाकर लाने के लिए सेंसिटाईस करें, ताकि उन्हें धान बेचने में परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष खरीदे जाने वाले धान में नमी का प्रतिशत 17 प्रतिशत से कम होना चाहिए। इसका किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने धान की मिलिंग के लिए राईस मिलों के पंजीयन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, वित्त सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी., मुख्यमंत्री के सचिव डी.डी. सिंह, खाद्य सचिव टोपेश्वर वर्मा, मुख्यमंत्री के उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में किसानों के पंजीयन की स्थिति, बारदाना व्यवस्था, धान परिवहन की तैयारियों, संग्रह केन्द्रों में की गई तैयारियों और मिलों के पंजीयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जानकारी दी गई कि धान परिवहन की व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है। नवगठित सभी पांच जिलों में डीएमओ, सहायक लेखा अधिकारी व क्षेत्र सहायक की पदस्थापना की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए अंतर्राज्यीय सीमाओं पर जांच चौकियां सक्रियता से काम करें।

पंजीकृत किसानों और धान के रकबे में बढ़ोतरी

बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ वर्ष 2022-23 में एक लाख 29 हजार नये किसानों के एक लाख 9 हजार हेक्टेयर रकबे का नवीन पंजीयन किया गया है। इस प्रकार खरीफ वर्ष 2022-23 में धान खरीदी के लिए 25 लाख 23 हजार किसानों के 29.42 लाख हेक्टेयर रकबे का पंजीयन किया जा चुका है। गौरतलब है कि पिछले खरीफ वर्ष में धान खरीदी के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या 24 लाख 5 हजार थी।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि धान खरीदी के लिए वर्तमान में लगभग 3 लाख 92 हजार गठान नये, पुराने बारदाने उपलब्ध हो चुके हैं। इसके अलावा नये बारदानों की प्राप्ति तथा पुराने बारदानों के संकलन एवं सत्यापन का कार्य सतत रूप से प्रक्रियाधीन है। राज्य स्तरीय समिति के निर्णय के अनुसार सभी जिलों में धान परिवहन हेतु परिवहनकर्ताओं से अनुबंध किया जा चुका है, साथ ही धान परिवहन हेतु अन्य आवश्यक तैयारियां भी पूर्ण की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि मिलरों द्वारा समितियों से धान के अधिकतम उठाव को सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि समितियों को धान खरीदी हेतु अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाए। बैठक में बताया गया कि विपणन संघ द्वारा धान खरीदी के संबंध में प्रदेश स्तर पर जिलों के सभी मास्टर ट्रेनर्स तथा मास्टर ट्रेनरों द्वारा धान खरीदी में संलग्न अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

अवैध रूप से भंडारण करने पर 251 क्विंटल धान जप्त

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गौरेला पेंड्रा मरवाही। आगमी 1 नवम्बर से प्रारम्भ हो रहे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान धान उपार्जन केन्द्रों में अवैध धान की आवक की रोकथाम के लिए जांच आभियान शुरू हो गया है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधारी के निर्देशनुसार आज खाद्य, राजस्व एवं कृषि उपज मण्डी के संयुक्त दल द्वारा जिले के 10 थोक एवम फुटकर व्यापारियो के गोदाम में छापामार कार्यवाही की गई



जिसमें 4 व्यापारियों के गोदाम में उपलब्ध दस्तावेज से अधिक धान का भण्डारण किये जाने तथा वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये जाने के कारण कुल 251.50 क्विंटल धान जप्ती की कार्यवाही की गई तथा 1 व्यापारी के गोदाम को सीलबंद किया गया।

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