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छत्तीसगढ़ में मेदांता अस्पताल और वरुण बेवरेजेस संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव, मुख्यमंत्री से निवेशकों ने की मुलाकात

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र में बड़े निवेश की दिशा में अहम कदम बढ़ते हुए आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से दो प्रमुख उद्योग समूहों ने मुलाकात की।

मेदांता अस्पताल के संस्थापक और प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहन ने रायपुर में एक अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने बताया कि वे इस परियोजना में लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहते हैं। यह अस्पताल उन्नत चिकित्सा तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों, रिसर्च और प्रशिक्षण सुविधाओं से लैस होगा।

वहीं, वरुण बेवरेजेस लिमिटेड के चेयरमैन रवि जयपुरिया ने रायपुर में कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और फ्रूट जूस आधारित संयंत्र लगाने का प्रस्ताव दिया, जिसमें 250 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोज़गार सृजन को गति देगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोनों प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में ऐसे गुणवत्तापूर्ण निवेश के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाओं पर राज्य शासन विचार कर इसे हर संभव मदद देगी, इस प्रकार की परियोजनाओं से जनता को लाभ और युवाओं को रोज़गार के नए अवसर भी सुलभ होंगे।

छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ ने महापौर सहित 42 पार्षदों का किया सम्मान

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रायपुर। छत्तीसगढ़िया वाणिज्य के महासभा के तत्वाधान में रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे तथा रायपुर नगर निगम के 42 पार्षदों का सम्मान हुआ। इस अवसर पर रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि मैं भी एक छत्तीसगढ़िया हूं और इस प्रकार के आयोजनों का भूरी भूरी प्रशंसा करती हूं। पहली बार ऐसे छत्तीसगढ़िया जनप्रतिनिधियों का सम्मान का कार्यक्रम रखा गया और यह कम चलाते रहना चाहिए महापौर ने छत्तीसगढ़ी भाषा में अपना उद्बोधन दिया।

उन्होंने कहा कि आज धीरे-धीरे छत्तीसगढ़िया लोग आगे आ रहे हैं विधानसभा में भी छत्तीसगढ़िया लोगों की संख्या बढ़ी है नगर निगम नगर पालिका नगर पंचायत में भी छत्तीसगढ़िया लोगों को स्थान मिला है कहीं ना कहीं व्यापार में हम आज भी पीछे नजर आते हैं जरूरत है कि जो छत्तीसगढ़िया व्यापारी है उन्हें जोड़कर एक मंच देकर उनके व्यापार को बढ़ाने में हम सब सहयोग करें ताकि व्यापार के क्षेत्र में भी हमारी स्थान मजबूती से बन पाया।

संस्था के प्रदेश अध्यक्ष शेखर वर्मा ने बताया कि हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़िया व्यापारियों को एक ऊंचाई देना साथ ही साथ हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़िया लोगों को आगे बढ़ने के उद्देश्य से या आयोजन किया जा रहा है। महापौर एवं पार्षदों के द्वारा ही रायपुर शहर का विकास आगामी 5 वर्षों में होना है संपूर्ण संसाधनों को विकसित करने की जिम्मेदारी लोगों ने इन जनप्रतिनिधियों दी है। इन जिम्मेदारियां के लिए छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ सभी पार्षदों महापौर जिला जनपद जनप्रतिनिधियों को बधाई दी ।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप टिकरिया, राजेश देवांगन , प्रदेश मीडिया प्रभारी ईश्वर पटेल , कोषाध्यक्ष ललित साहू, प्रदेश सह सचिव पुनारद निषाद,कुबेर चंद्राकर, मासिश साहू ,गोविंद साहू ,दीपक साहू,करण भारद्वाज, त्रिलोचन साहू जिला अध्यक्ष रायपुर , रजनी चंद्रवंशी सचिव , लक्ष्मण साहू , घनश्याम सिन्हा, कविता कुंभज ,  अनिल चंद्राकर , प्रवीण चंद्रवंशी , विजय चंद्रवंशी , विनोद रात्रि , परमानंद साहू  , कुलेश्वर साहू  ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 57 हजार श्रमिकों को 49.43 करोड़ राशि का डी.बी.टी. के माध्यम से करेंगे वितरण

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के श्रमिकों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। जिसका सीधा लाभ श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मिल रहा है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 17 सितंबर विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘श्रमिक सम्मेलन‘ में 57 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को 49 करोड़ 43 लाख 52 हजार 294 रूपए केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे। यह सम्मेलन राजधानी के इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय जोरा के कृषि मंडपम में आयोजित होगा।

श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को श्रम विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सर्न्न्मिाण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 निर्माण श्रमिकों 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 6873 श्रमिकों को 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 2496 श्रमिकों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए की राशि डी.बी.टी. के जरिए वितरण करेंगे। इस तरह कुल 57 हजार 95 श्रमिकों को कुल राशि 49 करोड़ 43 लाख 5 हजार 229 रूपये का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में उद्योगों की स्थापना के लिए हर संभव सहयोग : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है छत्तीसगढ़ में निवेश करने वाले और उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता सुशासन और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है।

इसी क्रम में आज निवेशकों और नए उद्योग लगाने वालों की सुविधा के लिए विभिन्न क्लीयरेंस और स्वीकृतियां त्वरित रूप से प्रदान करने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल 2.0 का शुभारंभ किया गया है। प्रशासनिक दखल कम कर प्रक्रिया को सरलीकृत बनाने के लिए यह बड़ी पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल उद्यमियों के लिए अत्यंत आसान और उपयोग करने में सुगम होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज यहां अपने राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय से सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 पोर्टल शुभारंभ करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश में संसाधनों के विपुल भंडार है और औद्योगिक विकास के भी असीम अवसर उपलब्ध हैं। उद्योग विभाग की इस नई व्यवस्था से सभी सुविधाएं एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया आसान होने से निवेश में उनकी रुचि बढ़ेगी और युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। व्यवसायियों को आवश्यक विभागीय अनुमति-सहमति और क्लीयरेंस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और ना ही अलग-अलग विभागों में आवेदन करने की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि नए पोर्टल में विभागीय अधिकारियों को भी जिम्मेदारियां दी गई है और उन पर आवेदनों के समय पर निराकरण की जवाबदेही भी होगी। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर इसकी समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सभी व्यापारियों को बधाई देते हुए कहा कि इससे समय पर आवेदनों का निराकरण होगा और आवेदक सिंगल क्लिक पर अपने आवेदन की स्थिति के बारे में जान पाएंगे।

वाणिज्य और उद्योग विभाग के सचिव अंकित आनंद ने सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 16 से अधिक विभागों की 100 से अधिक सुविधा इस पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध होगी। आवेदक को एक बार ही लॉगिन करना होगा और दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी विभाग द्वारा यदि कोई जानकारी मांगी जाएगी तो आवेदक लॉगिन कर इसके बारे में जान पाएंगे।

उन्होंने बताया कि अब किसी भी कार्यालय से ऑफलाइन मोड में संपर्क करने की आवश्यकता नहीं है। सचिव आनंद ने बताया कि ई-चालान के माध्यम से पेमेंट की सुविधा भी मिलेगी। नई सुविधाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अब किसी भी उद्योग को लगाने से पूर्व किन-किन विभागों से अनुमति की आवश्यकता होगी, यह जानकारी भी पोर्टल में उपलब्ध कराई गई है। सभी विभागीय अधिकारियों को आईडी-पासवर्ड भी दिए गए हैं, जिससे वह समय-समय पर  आवेदनों का निराकरण कर पाएंगे। अब इसकी मॉनिटरिंग आसान होगी और अनुमति के लाइसेंस के लिए समय-समय पर संबंधित विभाग अधिकारियों को अलर्ट भी भेजा जाएगा।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न मौकों पर कहा है कि उद्योगों की स्थापना से न केवल प्रदेश का विकास होगा बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उद्योगों की स्थापना प्रक्रिया जितनी अधिक पारदर्शी और आसान होगी, उद्यमी उतने ही अधिक आकर्षित होंगे और  निवेश बढ़ने से आर्थिक विकास को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाने वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा पुराने पोर्टल को अपग्रेड करते हुए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 तैयार किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार धीरेन्द्र तिवारी,  सचिव पी दयानंद और उद्योग विभाग के संचालक अरूण प्रसाद सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

प्रदेश की नई औद्योगिक नीति का पहला ड्राफ्ट 31 जुलाई तक होगा तैयार

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रायपुर। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति 2024-29 के पहले ड्राफ्ट को 31 जुलाई तक जारी करने के निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। नई औद्योगिक नीति के लिए उद्योग विभाग द्वारा लगातार अलग-अलग उद्योग संगठनों से विचार-विमर्श कर उनके अमूल्य सुझाव लिए जा रहे हैं, अब तक प्रदेश के 20 अलग-अलग उद्योग संघों से सुझाव लिए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिसा, मध्यप्रदेश समेत अन्य प्रदेशों के उद्योग नीति पर स्टडी भी विभाग द्वारा की जा रही है। राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों और उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में निवेश प्रोत्साहन बढ़ाने की दिशा में जोर दिया जा रहा है।

उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं की नई औद्योगिक नीति में हर सेक्टर पर फोकस होना चाहिए। नए सेक्टर जैसे फार्मास्युटिकल, एग्रीकल्चर, टेक्सटाइल समेत अन्य सेक्टरों के उद्योग ज्यादा से ज्यादा लगें, ताकि रोजगार भी अधिक लोगों को मिले और प्रदेश में निवेश भी बढ़े। इन सेक्टरों के उद्योग लगने से प्रदूषण के बढ़ने की संभावना भी कम रहेगी।

नई औद्योगिक नीति के लिए इस मेल आईडी पर भेज सकते हैं सुझाव

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया की नई औद्योगिक नीति 2024-29 के लिए मेल आईडी ेनहहमेजपवदेण्ब्हपदकचवसपबल2024/हउंपसण्बवउ पर या फिर सीधे विभाग में अपने अमूल्य सुझाव दे सकते हैं।

उद्योग मंत्री स्वयं जाएंगे अन्य राज्य, उद्योग प्रतिनिधियों से लेंगे सुझाव

नई नीति के लिए उद्योग मंत्री देवांगन स्वयं अन्य राज्यों का दौरा कर वहां के उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सुझाव लेंगे। ताकि उन राज्यों के उद्योग नीति के अच्छे और प्रोत्साहन परक अनुदान मांगों पर अध्ययन परीक्षण किया जा सके। अभी हाल ही में मंत्री देवांगन ने नई दिल्ली में आईसीसी के प्रतिनिधियों से नई नीति हेतु विचार विमर्श किया था।

सभी मंत्रीगण और विभागों से भी लिए जाएंगे राय

प्रदेश की नई औद्योगिक नीति के लिए सभी विभागों और मंत्री गणों से विमर्श के पश्चात ही आगे 5 वर्षों के लिए नीति बनाई जाएगी। ताकि नीति में सभी विभागों का समावेश हो और हर सेक्टर में उद्योग लग सके।

 

छत्तीसगढ़ में कटंग बांस के रोपण सहित बांस उद्योग को बढ़ावा देने विशेष पहल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में कटंग बांस के रोपण सहित बांस उद्योग को बढ़ावा देने विशेष पहल हो रही है। इसके तहत वन विभाग द्वारा तैयार की जा रही कार्ययोजना अंतर्गत लगभग दो लाख एकड़ में कटंग बांस के रोपण से इसकी शुरूआत होगी।

मुख्यमंत्री बघेल की अध्यक्षता में आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में वन विभाग द्वारा बांस रोपण और उपयोगिता के संबंध में विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि छत्तीसगढ़ में बांस रोपण और इसके उद्योग के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री बघेल के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में बांस रोपण और इसके उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। यह कार्ययोजना किसानों को समृद्ध बनाने और मौसम परिवर्तन के दुष्प्रभाव को कम करने सहित पर्यावरण सुधार में महत्वपूर्ण साबित होगी।

बैठक में वन विभाग द्वारा प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि बांस की खेती बहुत लाभदायक है। यह इमारती लकड़ी का एक बेहतर विकल्प भी है। मौजूदा समय में इसका व्यापक अंतर्राष्ट्रीय बाजार है और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। बांस उद्योग कई तरह के रोजगार सृजित करने में सहायक है। इसके रोपण पर प्रायः एक ही बार खर्चा होता है और मौसम की मार से बेअसर होता है, इसलिए इसमें नुकसान की गुंजाइश न के बराबर होता है। यह जल संरक्षण और मृदा संरक्षण के लिए विशेष लाभकारी है। बांस का रोपण पर्यावरण के लिए लाभकारी, हरियाली बढ़ाने और तापमान संतुलन करने में भी सहायक है।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, संसदीय सचिव द्वय शिशुपाल सोरी एवं चंद्रदेव राय, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा और वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव तथा विभागीय अधिकारी आलोक तिवारी, दिलराज प्रभाकर, मयंक अग्रवाल तथा बांस उद्यमी देबोपम मुखर्जी आदि उपस्थित थे।

 

ग्रामीण उद्योग नीति बनाने की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जाए: मुख्यमंत्री बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए नई उद्योग नीति की तर्ज पर जल्द ही ग्रामीण उद्योग नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। बघेल आज अपने निवास कार्यालय मे आयोजित कार्यक्रम में पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को गोबर क्रय तथा लाभांश राशि के ऑनलाईन वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रय में 8 करोड़ 23 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी की।

मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रय को संबोधित करते हुए कहा कि गौठान से जुड़े रूरल इंडस्ट्रियल पार्क अधिकतर जगहों पर क्रियाशील हो रहे हैं। अब यह पूर्णरूप से कार्य करें उसके पहले हमें ग्रामीण उद्योग नीति बनाने की दिशा में कार्य करना होगा इसके लिए संबंधित विभाग जल्द प्रक्रिया पूर्ण करें। जिससे कि जब पूर्ण रूप से रूरल इंडस्ट्रियल पार्क कार्य करना प्रारंभ करेंगे तो इनसे जुड़े हितग्राहियों को बैंक से ऋण लेना तथा अन्य व्यवसाय शुरू करने में मदद मिल सके।

मुख्यमंत्री ने पशुपालकों सहित गौठान से जुड़े महिला समूहों को बधाई देते हुए कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि वे लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं। 8.23 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 403 करोड़ 58 लाख रूपए हो जाएगा। इसी प्रकार गोबर विक्रेताओं को 4.76 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 206 करोड़ 49 लाख रूपए हो जाएगा। उन्होंने गोबर से बिजली उत्पादन के लिए शुरू की गई बिजली यूनिट पर खुशी जाहिर करते हुए, इन यूनिटों से उत्पादित बिजली को पॉवर ग्रिड से जोड़ने और बिजली की कीमत  तय करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि यह गर्व की बात है कि राज्य में अब तक 4927 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं, जो स्वयं की जमा पूंजी से गोबर क्रय करने लगे हैं। अभी तक जो गौठान समूह जो दीया, वर्मी कम्पोस्ट इत्यादि बना रहे थे अब वे बिजली उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जो बिजली उत्पादन के लिए एमओयू किए गए थे, उनमें बेमेतरा और बस्तर की यूनिट जमीनी स्तर पर मूर्त रूप ले चुकी है। अब इसे उत्पादित बिजली को पावर ग्रिड से जोड़ने और इससे उत्पादित बिजली की कीमत तय करने का कार्य जल्द पूरा करें।

मुख्यमंत्री ने गोबर से पेंट बनाने की इकाई की समीक्षा करते हुए कहा कि यह खुशी की बात है कि 21 जिलों में 23 पेंट की इकाई प्रक्रियाधीन हैं, 13 ईकाई पूर्ण हो गई हैं। 17 हजार लीटर से अधिक पेंट का उत्पादन हो गया है और 22 लाख रूपए से अधिक की राशि की आय अर्जित की गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जल्द ही स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में बड़ी मात्रा में पेंट की आवश्यकता होगी अतः हमें मांग और पूर्ति में संतुलन बनाकर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन करना होगा ताकि सही समय में आवश्यकतानुसार पेंट की पूर्ति की जा सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वर्चुअल रूप से उपस्थित लोक स्वास्थ्य मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव डॉ. अयाज तंबोली, राज्य ग्रामीण आजीवीका मिशन के संचालक अवनीश शरण, कृषि विभाग की संचालक श्रीमती रानू साहू, उद्यानिकी विभाग के संचालक माथेस्वरन वी. तथा अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

रीपा से ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा, जल्द पूरे करें सभी जगहों पर रीपा का काम - कलेक्टर

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रायगढ़। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में रीपा गौठान, लाईवलीहुड, उद्योग एवं संबंधित जिला स्तरीय विभागों की संयुक्त बैठक ली। कलेक्टर सिन्हा ने कहा की शासन द्वारा गोठानों को रीपा के तहत विकसित करने का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना तथा ग्रामीणों के स्थायी आय संवर्धन दिशा में कार्य करना है। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अबिनाश मिश्रा भी उपस्थित रहे।

कलेक्टर सिन्हा ने विकास खंडवार चयनित रीपा गोठानों की समीक्षा की। उन्होंने सभी जनपद सीईओ एवं नोडल अधिकारियों से रीपा के तहत चयनित गतिविधियों, समूह, आवश्यक सामग्री एवं  अधोसंरचना के कार्यों की अद्यतन जानकारी ली। सीईओ जिला पंचायत अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले में रीपा के तहत 14 गोठानों का चयन किया गया है। जिसमें विभिन्न आय मूलक पारंपरिक एवं व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जायेगी। उन्होंने बताया कि जिले के उद्योगों द्वारा गोठानों के आधारभूत संरचना और सुविधाओं के विकास के लिए सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में उद्योगों द्वारा रीपा गोठानों के लिए बेहतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है, वे लाइवलीहुड में भी सहयोग प्रदान करें, ताकि कार्यों को और बेहतर रूप संचालित किया जा सके।कलेक्टर सिन्हा ने कहा की रीपा में ऐसी गतिविधियों को प्राथमिकता प्रदान की जाए, जिससे समूह, संबंधित व्यक्तियों को बेहतर लाभ प्रदान हो और कार्य संचालन स्थायी रहे। उत्पाद के लिए बाजार का विश्लेषण कर जिन उत्पाद को बड़ी मात्रा में उत्पादन कर बाजार में बिक्री कर लाभ प्राप्त  किया जा सके, उन उत्पादों और गतिविधियों पर प्राथमिकता से कार्य किया जाए।

इसके साथ ही नये एवं पारंपरिक उद्यमी जिनको व्यापार करना है उन्हें रीपा गोठानों में स्थान प्रदान करें। हमारा कार्य योजनाओं को मूर्त रूप में लाना, सुविधाएं प्रदान करना है, जिससे उनका एक स्थायी आय का साधन निर्मित हो सके। इस दौरान महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग शिव कुमार राठौर, सभी जनपद सीईओ, उद्योग प्रतिनिधि, गौठान नोडल अधिकारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

गोबर पेंट यूनिट के लिए गोठान चयन कर कार्यों में लाए तेजी

कलेक्टर सिन्हा ने कहा की जिले में गोबर पेंट की यूनिट नहीं है। जिसके लिए जिले के रीपा गोठानों से एक गोठान का चयन कर अधोसंरचना, मशीन एवं ट्रेनिंग जैसे कार्यों को यथाशीघ्र प्रारंभ किया जाए। जिससे जिले की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। इस दौरान उन्होंने कहा कि गोठानों में ऐसे गतिविधियों को चयनित किया जाए जो लाभप्रद हो। इसके साथ ही चयनित समूहों को उन गतिविधियों के संंबंध में जरूरी प्रशिक्षण प्रदान करवाएं।

ये गौठान बनेंगे ग्रामीण औद्योगिक पार्क

जिले में 14 गोठानों का चयन किया गया है जिसके अन्तर्गत विकासखंड रायगढ़ अंतर्गत ग्राम-डोंगीतराई एवं पंडरीपानी, पुसौर से सूपा एवं तरडा, खरसिया से भूपदेवपुर एवं बोतल्दा, तमनार विकासखंड के तमनार एवं मिलुपारा, धरमजयगढ़ में बरतापाली, दुर्गापुर, लैलूंगा विकासखंड में कोडासिया, मुकडेगा, घरघोड़ा से बैहामुड़ा एवं ढोरम आदि गोठानों को रीपा के तहत चयन किया गया है। जिन्हे ग्रामीण औद्योगिक पार्क( रीपा) अंतर्गत विकसित किया जाएगा। जहां फेब्रिकेशन, दोना-पत्तल, सीमेंट पोल, पेयर ब्लॉक, फिश फीड, मुर्रा, चावल प्रोसेसिंग, मशरूम उत्पादन, ऑयल, सिल्क, बेकरी जैसे विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जाना है।

छत्तीसगढ़ सरकार जनजाति समाज का हक छीन रही- कुलस्ते

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अम्बिकापुर। केंद्रीय कोयला और उद्योग राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार जनजाति समाज का हक छीन रही है। उन्होंने कहा कि जनजातियों की संस्कृति को मिटाने के लिए राज्य सरकार धर्मांतरण को संरक्षण और बढ़ावा दे रही है। कुलस्ते कल अंबिकापुर में भाजपा जनजाति अधिकार रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्ष के कार्यकाल में राज्य की कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों के लिए ऐसा कोई काम नहीं किया है, जिसे याद रखा जा सके। कुलस्ते ने कहा कि आदिवासियों के अधिकारों को लेकर चल रहे आंदोलन को और तेज करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा के पंद्रह वर्षों के कार्यकाल में जनजाति वर्ग के विकास में बेहतर काम हुआ था। आदिवासी बहुल क्षेत्रों को सड़कों से जोड़ने का काम तेजी से हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, जिससे जनजाति समाज गौरवान्वित हुआ है। रैली को पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरूण साव ने भी संबोधित किया।

उद्योग मंत्री कवासी लखमा के उपस्थिति में हुआ एमओयू पर हस्ताक्षर

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रायपुर। उद्योग मंत्री कवासी लखमा की उपस्थिति में आज उद्योग भवन रायपुर में दो एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। छत्तीसगढ़ शासन उद्योग विभाग एवं सुरुचि फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली के मध्य पूरक पोषण आहार तथा फोर्टिफाइड राइस के लिए  अनुबंध हुआ। जिसमें कम्पनी 111.7 करोड़ रुपये का निवेश करेगी इस उद्योग से 800 लोगो को रोजगार उपलब्ध होगा। छत्तीसगढ़ शासन उद्योग विभाग एवं यूनिटी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के मध्य एथेनाल एक्सट्रैक्शन फ्रॉम मेज़ बेस्ड कॉर्न स्टार्च एंड डैमेज राइस एवं पावर प्लांट के लिये अनुबंध हुआ, जिसमे कम्पनी 183 करोड़ का निवेश करेगी।

इस उद्योग से लगभग 120 लोगो को रोजगार उपलब्ध होगा। इस प्रकार कुल 294.7 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हुये। पूरक पोषण आहार तथा फोर्टिफाइड राइस के लिए छत्तीसगढ़ शासन उद्योग विभाग के सचिव भुवनेश यादव और सुरुचि फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से संचालक श्री हिमांशु गुप्ता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, वहीं एथेनाल एक्सट्रैक्शन फ्रॉम मेज़ बेस्ड कॉर्न स्टार्च एंड डैमेज राइस एवं पावर प्लांट के लिये छत्तीसगढ़ शासन उद्योग विभाग के सचिव भुवनेश यादव और यूनिटी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के संचालक बसन्त कुमार अग्रवाल के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उद्योग विभाग के अपर संचालक द्वय आलोक द्विवेदी एवं प्रवीण शुक्ला तथा संयुक्त संचालक द्वय हरीश सक्सेना एवं वी.के.देवांगन के अलावा सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।

उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने मेडिसीन बाईक और वेन को दिखायी हरी झंडी

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नारायणपुर। उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने आज नारायणपुर जिला प्रवास के दौरान जिला अस्पताल नारायणपुर में मेडिसीन वेन और मोटर बाईक एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखायी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मोटर बाईक और मेडिसीन वेन के माध्यम अब अंदरूनी क्षेत्रों के स्वास्थ्य केन्द्रों में दवाईयां आसानी से पहुंचायी जा सकेगी, जिसका लाभ अंदरूनी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को मिलेगा। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं एवं मरीजों एवं उनके परिजनों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।



निरीक्षण के दौरान मंत्री लखमा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल के सभी वार्डों में रह रहे मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध करायी जाये। मंत्री लखमा ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य एवं अस्पताल की सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डाे पुरूष वार्ड, महिला वार्ड सहित अन्य वार्डो का निरीक्षण किया और अस्पताल परिसर में और अधिक साफ-सफाई एवं सुविधा प्रदान करने कहा। इस दौरान हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष चंदन कश्यप सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करें युवा : राज्यपाल

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रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने युवाओं से आव्हान किया है कि वे जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम का संकल्प लें। इसी संकल्प से आप सफल होंगे और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे पाएंगे। यह बात राज्यपाल ने आज भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित युवा उत्सव कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत की जो संकल्पना की है, 



उसे पूरा करने में भारत के युवा उद्यमियों की बड़ी भूमिका होगी। परिसंघ के रायपुर वाय.आई. चेप्टर द्वारा आयोजित युवा उत्सव में देश और प्रदेश के प्रमुख उद्योगपति, विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हुए। इस दौरान राज्यपाल ने चयनित औद्योगिक इकाइयों और परिसंघ के विशिष्ट सदस्यों को पुरस्कार प्रदान किया।

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