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बीजापुर जिला शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है : मंत्री केदार कश्यप

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रायपुर। वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप अपने एक दिवसीय बीजापुर जिले के प्रवास के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

उन्होंने अपने उद्बोधन में जिला प्रशासन की टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि बीजापुर जिला अब शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाईयों को छूने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच अब सुनिश्चित हो रही है।

मंत्री कश्यप ने कहा कि बीजापुर के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। बस उन्हें सही अवसर मिलना चाहिए। केन्द्र और राज्य सरकार की योजना से समूचे बस्तर के आदिवासी बच्चों का भविष्य बेहतर हो रहा है। बीजापुर का नवोदय विद्यालय राज्य में दूसरे स्थान पर है यह जिले के लिए गर्व की बात है। यहां केन्द्रीय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, नवोदय विद्यालय सहित ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में उच्च स्तर के शैक्षणिक संस्थान है जिससे जिले के बच्चों का बेहतर भविष्य तय हो रहा है।

मंत्री कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा में व्यापक बदलाव आएगा। शिक्षा के क्षेत्र में हमारी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए है। स्कूलों की अद्योसंरचना, शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण, गुणवत्तायुक्त मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति सहित तमाम योजनाएं बेहतर शिक्षा के लिए कारगर सिद्ध हो रही है।

बस्तर संसदीय क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना से तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से बस्तर अंचल अब विकास शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल जैसे बुनियादि सुविधाओं की ओर अग्रसर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित सभी बुनियादि सुविधाएं, व्यक्तिमूलक योजनाओं का क्रियान्वयन अब जमीनी स्तर पर हो रही है।

अतिथियों द्वारा इस अवसर पर नवप्रवेशी बच्चों को फूल-माला, मिठाई एवं तिलक-चंदन लगाकर प्रोत्साहित किया गया। विधायक विक्रम शाह मंडावी एवं पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने शाला प्रवेशोत्सव पर सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी, श्रीमती नीना रावतिया उद्दे, श्रीमती बी पुष्पाराव, वरिष्ठ नागरिक जी वेंकट, श्रीनिवास मुदलियार, पुलिस अधीक्षक डा. जितेन्द्र यादव, डीएफओ सामान्य रामाकृष्ण, उप निर्देशक इंद्रावती टाईगर रिजर्व संदीप बल्गा, सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

दामाखेड़ा का नाम अब होगा कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा

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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के दामाखेड़ा में माघपूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले सद्गुरू कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। धर्म गुरू पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहेब ने मुख्यमंत्री के रूप में पहली दफा दामाखेड़ा आगमन पर साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा करने की घोषणा की।

उन्होंने पूर्व में स्वीकृत 22 करोड़ रूपये से अधिक लागत से बनने वाले कबीर सागर के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साय ने कहा कि दामाखेड़ा के 10 किलोमीटर की परिधि में कोई भी नया औद्योगिक प्रतिष्ठान शुरू न हो इसके लिए विचार किया जाएगा। समारोह में मुख्यमंत्री साय ने पंथश्री हुजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब से छत्तीसगढ़ की तरक्की और खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद श्री सुनील सोनी, भाटापारा विधायक इंद्र कुमार साव, लुण्ड्रा विधायक प्रमोद मिंज, भाटापारा पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी दर्शन कर गुरू से आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश का मुख्यमंत्री का दायित्व मुझे मिला है इस दायित्व से जनता की सेवा और प्रदेश के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहूंगा। आप सभी के विश्वास और सहयोग से प्रदेश में विकास की गंगा बहाएंगे। उन्होंने ने कहा कि बचपन से ही मेरा जुड़ाव कबीर पंथ से रहा है और चौका आरती में शामिल होते रहा हूं। मेरे गृह ग्राम बगिया में कबीर पंथ के मुनियों का पदार्पण हुआ है जो मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि एक छोटे से गांव के किसान के बेटे को आप लोगों ने मुख्यमंत्री का बड़ा दायित्व दिया है।

इस चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी पर खरा उतरने में लिए आप सबका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहे। जिस प्रकार से मोदी जी की गारंटी पर आपने विश्वास जताया है उसे आगे भी कायम रखते हुए सेवा का अवसर देते रहेंगे। हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर आगे ले जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने केवल 2 माह में ही लंबे समय से रुके बड़े बड़े काम को पूरे किए हैं। इस अवधि में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, महतारी वंदन योजना तथा युवाओं की मांग पर पीएससी परीक्षा में हुए गड़बड़ी की सीबीआई जांच जैसे बड़े काम किए है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकास कार्य के लिए प्रतिबद्ध है और निरन्तर विकास के काम होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि धर्मनगर दामाखेड़ा कबीरपंथियों की आस्था का एक प्रमुख केन्द्र है। संपूर्ण दामाखेड़ा के विकास के लिए वचनबद्ध है। यहां दर्शन के लिए आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालु दामाखेड़ा की मधुर स्मृति लेकर वापस लौटेंगे। समारोह को खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर नवोदित वंशाचार्य उदित मुनि साहेब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, दामाखेड़ा के पूर्व सरपंच कमलेश साहू, कलेक्टर चंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार, डीएफओ मयंक अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ नम्रता जैन अपर कलेक्टर बीसी एक्का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव,सहित जनप्रतिनिधि गण एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

 

श्रीराम के आदर्शों पर चलकर संवारेंगे छत्तीसगढ़ : विष्णु देव साय

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रायपुर। पूरे राष्ट्र और दुनिया के सबसे ऐतिहासिक समारोह रामलला के प्राणप्रतिष्ठा के अवसर का अवलोकन करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ की पवित्र भूमि में से एक शिवरीनारायण पहुँचे जहां भगवान श्रीराम ने माता शबरी के जूठे बेर खाये थे। इस जगह पर उन्होंने प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम का अवलोकन किया और अभिभूत हुए। शिवरीनारायण के नागरिकों के लिए अभिभूत करने वाले दो क्षण आये।

पहला तो तब जब रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई। दूसरा क्षण तब आया जब माता शबरी का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन में किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सुदूर कुटिया में जीवन गुजारने वाली मेरी आदिवासी माँ शबरी का ध्यान आते ही अप्रतिम विश्वास जागृत होता है। माँ शबरी तो कब से कहती थी राम आयेंगे। प्रत्येक भारतीय में जन्मा यही विश्वास सक्षम भव्य भारत का आधार बनेगा। यही तो है देव से देश और राम से राष्ट्र की चेतना का विस्तार। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि श्रीराम के आदर्शाें पर चलकर हम छत्तीसगढ़ संवारेंगे। उल्लेखनीय है कि श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का उल्लास पूरे प्रदेश में नजर आया, शिवरीनारायण में भी नागरिक इस पवित्र क्षण में बहुत उत्साहित दिखे।

इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सबके लिए यह ऐतिहासिक क्षण है कि हम अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सुंदर संबोधन भी दिया है और माता शबरी के धैर्य के माध्यम से हमें सीख दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी बहुत सौभाग्यशाली हैं कि हमने श्री रामलला की प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम की संपूर्ण प्रक्रिया को विस्तार से देखा। भगवान श्रीराम की अलौकिक बाल प्रतिमा का दर्शन हुआ। हम सब अभिभूत हुए। यह खुशी का क्षण इसलिए भी है कि हमने यह सब माता शबरी के पवित्र धाम शिवरीनारायण की पावन भूमि में देखा। एक पावन भूमि में हमने एक और पवित्र भूमि में होने वाले अद्भुत प्राण प्रतिष्ठा समारोह को देखा।

हमारे लिए यह सौभाग्य इसलिए भी बहुत बड़ा है कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। माता कौशल्या की जन्मभूमि है। आज केवल भारत ही नहीं, पूरी दुनिया राममय हो गई है। दुनिया भर में सब अलग-अलग तरह से खुशियों की अभिव्यक्ति कर रहे हैं।हमारा सौभाग्य है कि हमने अपने धान के कटोरे से भगवान के भोग के लिए सुगंधित चावल भेजा है। छत्तीसगढ़ के राईस मिलर्स ने यह चावल भेजा है। बहुत खुशी की बात है कि ननिहाल के चावल से रामलला का भोग तैयार हुआ है।

हमारे सेवाभावी डाक्टरों की टीम अयोध्या गई हुई है जो रामभक्तों के इलाज के सेवाकार्य में लगी हुई है। कल ही एक समूह और रवाना होगा जो अयोध्या धाम में 60 दिनों तक भंडारा चलाएगा। छत्तीसगढ़ में हम लोगों के लिए आज की घड़ी बहुत शुभ घड़ी है। हम श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ को संवारने का काम करेंगे।

इस मौके पर छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर ने भी उपस्थित नागरिकों को संबोधित किया। माथुर ने कहा कि आज जय श्री राम का जयघोष अयोध्या तक जाना चाहिए। शबरी माता की भूमि पर आयोजित इस पावन कार्यक्रम में उपस्थित सभी को अभिनंदन करता हूँ। हम सबका सौभाग्य है कि 500 वर्षों के त्याग, बलिदान का फल आज हमें मिला है। हमारा समाज समतापूर्ण रहा है। प्रभु राम ने कभी किसी के बीच भेद भाव नहीं किया। उन्होंने वनवासियों का आतिथ्य स्वीकार किया। यही हमारी संस्कृति है। आज हमारे लिए गौरव का दिन है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनसंपर्क विभाग की ओर से तैयार की गई कॉफी टेबल बुक ‘‘हम सबके राम‘‘ और कैलेंडर ‘‘रामो विग्रहवान धर्मः‘‘ का विमोचन भी किया। यह संग्रह श्रीराम के अयोध्या धाम से छत्तीसगढ़ में वनवास के दौरान की कथाओं पर आधारित है। इस दौरान महंत राजेश्री रामसुंदर दास, सांसद गुहाराम अजगल्ले, पामगढ़ विधायक श्रीमती शेषराज हरवंश, जनसम्पर्क आयुक्त मयंक श्रीवास्तव, संभागायुक्त बिलासपुर श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, आईजी अजय यादव, कलेक्टर आकाश छिकारा, एसपी विजय अग्रवाल भी मौजूद रहे।

रामनामियों ने अपना मोर मुकुट पहनाकर किया अभिनंदन- रामनाम को अपने अंग-अंग में हृदय में तथा चेतना में बसाने वाले रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अपना परंपरागत मोर मुकुट पहनाकर अभिनंदन किया। उनके मोर मुकुट में राम नाम लिखा होता है। मुख्यमंत्री के साथ ही उन्होंने ओम माथुर को भी मोर मुकुट पहनाया।

बुरा कार्य करने से राष्ट्र का गौरव नष्ट हो जाता है - राज्यपाल

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रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ओडिशा राज्य के प्रवास के दौरान खोरधा जिले में जनता हाईस्कूल कुहुदी के 68वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बुरा कार्य करने से राष्ट्र का गौरव नष्ट हो जाता है।
                  

जनता हाईस्कूल के पूर्व छात्र रहे राज्यपाल हरिचंदन ने मुख्य अतिथि की आसंदी से अपने उद्बोधन में कहा कि आगे बढें और देश के लिए गरिमा के साथ कार्य करें। अपने जीवन को दया और घृणा का पात्र न बनाये बल्कि देश, मातृ भूमि, और मानवता की सेवा में समर्पित करें। उन्होंने कहा कि मातृ भाषा और मानवजाति पर अत्याचार नहीं होना चाहिए। शोषण किसी भी समुदाय की परंपरा नहीं है। शोषण करके कोई भी राष्ट्र महान नहीं बना। देश के गरीबों का कल्याण तभी होगा जब शोषण का परित्याग होगा।
                   

इस अवसर पर भुवनेश्वर की सांसद सुश्री अपराजिता षडंगी समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थी। कार्यक्रम में स्कूल के पूर्व प्राचार्य विधुभूषण पटनायक, सामाजिक कार्यकर्ता बलवंत राय, अभिभावक एवं शिक्षकगण, स्कूल के वर्तमान एवं पूर्व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के प्रथम दीक्षांत समारोह में 13 शोधार्थियों को पीएचडी और 135 छात्र-छात्राओं को मिला स्वर्ण पदक

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रायपुर। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के प्रथम दीक्षांत समारोह व विश्वविद्यालय के 8वें स्थापना दिवस समारोह आज भिलाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बिश्वभूषण हरिचंदन ने की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस गरिमामय दीक्षांत समारोह में 13 शोधार्थियों को पीएचडी और 135 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। समारोह में पर्यावरण संरक्षण व समाज कल्याण की दिशा में अद्वितीय कार्य के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंडवानी गायिका पद्मश्री श्रीमती उषा बारले को मानद उपाधि प्रदान की गई। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पोटिया कला में 12 करोड़ रूपए की लागत से 40 एकड़ रकबे में निर्मित होने वाले विश्वविद्यालय के नवीन ऑडिटोरियम निर्माण एवं नरेंद्र देव वर्मा शोधपीठ की स्थापना की घोषणा की। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने अपने उद्बोधन में शिक्षा को सबसे ताकतवर हथियार बताया। उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपस्थित शोधकर्ताओं व छात्र-छात्राओं दी जाने वाली उपाधि व स्वर्ण पदक को उनके सालों की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने इस बात की खुशी जताई की विद्यार्थी अपने जीवन के नये पड़ाव में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि  भविष्य मे कई चुनौतियां आएगी, लेकिन शोधार्थियों और छात्र-छात्राओं को अपने ज्ञान और कौशल से भविष्य निर्माण के नये अवसर भी मिलेंगे। 

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा ने जो शक्ति प्रदान की है, उसे आप अपने भविष्य निर्माण और समाज के निर्माण में लगाएं। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री बघेल ने ऑडिटोरियम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए स्वर्गीय हेमचंद यादव जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागरूकता के लिए ज्ञान जरूरी है और यह शिक्षा से प्राप्त होता है। उन्होंने शिक्षा में नैतिक मूल्यों के समावेश पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास की अवधारणा उन्हें शिक्षा से प्राप्त हुई है। इसी का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है।

इसके जरिए सभी वर्गों के लिए एक बेहतर इकोसिस्टम निर्मित हो रहा है। उन्होंने शासन की नरवा कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रवाहित होने वाले 30 हजार नालों में से 13 हजार नालों का उपचार वाटर रिचार्जिंग के लिए किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे है। भू-जल स्तर, सिंचाई के रकबे की वृद्धि और जैव-विविधता की स्थिति बेहतर हो रही है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जीवन में संयम और सदाचार को अपनाकर बेहतर समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछा कि आपने मुझे मानद उपाधि के लिए क्यों चुना। मुझे थोड़ा असहज लग रहा था। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना था कि हमने छत्तीसगढ़ राज्य में सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी कार्यक्रम तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए जो सफल नवाचार किए हैं

उसके लिए यह मानद उपाधि विश्वविद्यालय की ओर सहर्ष प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब मुझे यह उपाधि मिली तो मैं बहुत खुश हूँ क्योंकि मेरी धर्मपत्नी और पूरा परिवार इस मौके पर मौजूद हैं जैसे आप सबके परिवारजन मौजूद हैं। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह को संबोधित किया और शहरी और दूरस्थ अंचल में शिक्षा के विस्तार पर चर्चा की और क्षेत्र में शासन के योगदान के बारे में बताया। दीक्षांत समारोह में अध्यक्ष रामकृष्ण आश्रम राजकोट अति विशिष्ट अतिथि स्वामी निखिलेश्वरानंद, मंत्री ताम्रध्वज साहू, सांसद लोकसभा विजय बघेल, दुर्ग विधायक एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ वेयर हाउस कॉपोरेशन अरूण वोरा, विधायक देवेन्द्र यादव, कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप, कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा व अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक, प्राचार्य व अधिकारीगण उपस्थित थे।


प्रधानमंत्री वैश्विक आर्थिक विकास हेतु शांति के पक्षधर :राज्यपाल विश्वभूषण

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रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने आज मैटस विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ रिसर्च कांन्क्लेव 2023 में मुख्य अतिथि के रूप में अपना उद्बोधन दिया। इस सम्मेलन का विषय ‘‘वैश्विक वितीय एवं आर्थिक परिवर्तनः विकास पर प्रभाव‘‘ था। राज्यपाल हरिचंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का विचार है कि   वैश्विक अर्थव्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए विश्व मे शांति स्थापित होना पहली प्राथमिकता होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने वर्तमान में रूस और यूक्रेन के बीच चल रहें युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति का मार्ग अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युद्ध केवल विनाश की ओर ले जाता है। यह मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है। युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे न केवल विश्व की वित्तीय व्यवस्था बल्कि सामाजिक व्यवस्था भी कमजोर हो जाती है। इसका प्रभाव लोगों के ऊपर पड़ता है और आम जनता को आर्थिक बदहाली से गुजरना पड़ता है। इसलिए युद्ध और नरसंहार की कीमत पर किसी भी समस्या का हल नहीं निकल सकता है। इसे बातचीत के जरिए ही सुलझाने का रास्ता निकाला जाना चाहिए। विश्व ने दो महायुद्ध और उसके दुष्परिणाम देखे हैं। इनसे दुनिया को सबक लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका, चीन, जापान, और जर्मनी के बाद  विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भारत को पांच ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था बनाने का जो सपना देखा था वह अब वास्तविक स्वरूप ले रहा है। भारत के लाखो वंचित वर्गो को बैंकिंग तंत्र से जोड़ा गया है और करोड़ों युवाओं को 20 लाख करोड़ से अधिक का मुद्रा ऋण बिना बैंक गारंटी स्वीकृत किया गया है। स्थानीय कुटीर उद्योग एवं उत्पादों को बढ़ावा देने की प्रधानमंत्री की योजना से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है।

इस अवसर पर राज्यपाल हरिचंदन ने स्मारिका का विमोचन किया। मैट्स विश्वविद्यालय की ओर से राज्यपाल को पुस्तक, शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सेमिनार मे विभिन्न राज्यों के शोधकर्ताओं एवं शिक्षाविदों ने इस विषय पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्रीमती लुभा मुखर्जी ,मैट्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति गजराज पगारिया, कुलपति के.पी.यादव, शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।


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