Media24Media.com: ई-नीलामी

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ई-ऑक्शन के माध्यम से छत्तीसगढ़ में ग्रेफाईट ब्लॉक का सफल आबंटन

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रायपुर। छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग द्वारा जिला बलरामपुर स्थित केनापारा ग्रेफाईट ब्लॉक को ई-नीलामी के माध्यम से कंपोजिट लायसेंस के रूप में आवंटन हेतु मेसर्स मा कुदारगढ़ी स्टील्स प्रा. लि. द्वारा 111.00 प्रतिशत की अधिकतम बोली (फायनल प्राईस ऑफर) लगाई गई। उक्त ब्लॉक को जीएसआई द्वारा जी-4 लेवल पर अन्वेषण किया गया था।

संचालक, भौमिकी तथा खनिकर्म, जयप्रकाश मौर्य के निर्देशन में एमएसटीसी पोर्टल में 29 मार्च 2023 को प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक संचालित ई-नीलामी में कुल 670 बोली लगाई गई जिसमें मेसर्स मां कुदारगदी स्टील्स प्रा. लि. द्वारा 111.00 प्रतिशत अधिकतम बोली लगायी गई। राज्य द्वारा प्रथम बार ग्रेफाइट ब्लॉक की सफलतापूर्वक ई-नीलामी की गई है। इसके पहले देश में केवल ओड़िशा एवं मध्यप्रदेश द्वारा ही अधिकतम 10.50 में ग्रेफाइट ब्लॉक का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया गया है। ग्रेफाइट रिफेक्ट्री, बैटरी, ल्युब्रिकेंट, क्रुसीबुल निर्माण हेतु महत्वपूर्ण खनिज है। वर्तमान में इसके ओडिशा एवं झारखण्ड में ही प्रमुख खानें हैं।

संयुक्त संचालक एवं इंचार्ज ऑक्शन अनुराग दीवान ने बताया कि ई-नीलामी पद्धति से खानों का आबंटन पारदर्शिता एवं राज्य शासन को राजस्व में भागीदारी के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण व्यवस्था है। छत्तीसगढ़ खनिज विभाग द्वारा अब तक इस प्रकार से चूनापत्थर, बाक्साईट, लौह अयस्क, स्वर्णधातु एवं निकल, क्रोमियम एवं पीजीई तथा ग्रेफाइट के कुल 28 खनिज ब्लॉकों का सफलतापूर्वक आबंटन किया जा चुका है जिनसे आने वाले वर्षों में रायल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण एवं अधोसंरचना उपकर के अतिरिक्त लगभग 81 हजार करोड़ की अतिरिक्त आय राज्य शासन को होगी।

भारतीय खाद्य निगम: भारतीय खाद्य निगम ने दूसरी ई-नीलामी में 901 करोड़ रुपये में 3.85 एलएमटी गेहूं की बिक्री की

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गेहूं और आटे की बढ़ती कीमतों को काबू में रखने के लिये यह ई-नीलामी मार्च 2023 के दूसरे सप्ताह तक हर बुधवार को की जायेगी

भारतीय खाद्य निगम ने 15 फरवरी, 2023 को जो दूसरी ई-नीलामी की थी, उसमें 1060 से अधिक बोलीकर्ताओं ने हिस्सा लिया और 3.85 एलएमटी गेहूं की बिक्री की गई। निगम ने 15.25 एलएमटी गेहूं के भंडारण की नीलामी में पेशकश की थी।

दूसरी ई-नीलामी में 100 से 499 एमटी की मात्रा की अधिकतम मांग थी। इसके बाद 500-1000 एमटी मात्रा की मांग दूसरे नंबर पर रही। तीसरे नंबर पर 50-100 एमटी गेहूं की मांग रही। इससे पता चलता है कि नीलामी में छोटे और मंझोले आटा मिल वालों तथा कारोबारियों ने सक्रिय हिस्सा लिया। एकमुश्त 3000 एमटी की अधिकतम मात्रा के लिये केवल पांच बोलियां ही प्राप्त हुई थीं।

नीलामी में एफसीआई ने भार-आधारित औसत दर 2338.01 रुपये/कुंतल जारी की थी। दूसरी ई-नीलामी में एफसीआई ने 901 करोड़ रुपये अर्जित किये।

देश में गेहूं और आटे की बढ़ती कीमतों को काबू में रखने के लिये मंत्रियों के समूह द्वारा की जाने वाली सिफारिशों के अनुपालन में एफसीआई ई-नीलामी के लिये गेहूं की पेशकश कर रहा है। ई-नीलामी के जरिये गेहूं की बिक्री देशभर में मार्च 2023 के दूसरे सप्ताह तक हर बुधवार को की जायेगी।

भारत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, सहकारिताओं तथा केंद्रीय भंडार, एनसीसीएफ और नाफेड जैसे संघों के लिये बिना ई-नीलामी के 03 एलएमटी गेहूं का आवंटन किया है। पहले रियायतों दरों पर गेहूं 23.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उठाया जा सकता था। इसी तरह इस योजना के तहत आटा भी जनता को एमएसपी की दर के मद्देनजर उपलब्ध कराया जाता रहा है, जो 29.50 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक नहीं था। भारत सरकार ने इन दोनों दरों में संशोधन कर दिया है, जिसके अनुसार गेहूं 21.50 रुपये प्रति किलोग्राम और आटा एमएसपी की दर से ऐसे भंडारण से उठाया जा सकता है, जिसकी कीमत 27.50 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक नहीं होगी।

भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) को उपरोक्त योजना के तहत आठ राज्यों में 68,000 एमटी गेहूं उठाने की अनुमति दी गई है। इस योजना के तहत नाफेड को 01 एलएमटी गेहूं का आवंटन और केंद्रीय भंडार को 1.32 एलएमटी गेहूं का आवंटन किया गया है, ताकि देशभर में आटे की कीमत को नीचे लाया जाये। एफसीआई से भंडारण उठाने के बाद आटे की बिक्री इन्हीं सहकारिताओं द्वारा संचालित की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि ओएमएसएस (डी) योजना के जरिये दो महीनों की अवधि में बाजार में ओएमएसएसडी (डी) के तहत बिक्री के लिये 30 एलएमटी गेहूं रखा गया था, जिसमें से 25 एलएमटी से अधिक गेहूं उठा लिया गया है। यह गतिविधि अनेक चैनलों के माध्यम से चलाई जा रही है। इसका भी गेहूं और आटे की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में भूमिका रहेगी तथा खाद्य अर्थव्यवस्था में कीमतों को स्थिर करके आम आदमी को राहत मिलेगी।


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