Media24Media.com: इच्छाशक्ति

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विष्णु देव की सरकार में मिला 2 लाख रुपए का ऋण, समूह की प्रगति और सदस्यों की इच्छाशक्ति को मिली मजबूती

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रायपुर। श्रीमती निरंजना चंद्राकर जागृति महिला स्व-सहायता समूह, महासमुंद की अध्यक्ष हैं। सन 2000 से उनका समूह गठित हुआ है। उनके समूह में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों की गृहणी महिलाएं हैं। उन्हें जोड़कर यह समूह बनाया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायता एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की महिला सशक्तिकरण की नीतियों से जागृति महिला स्व-सहायता समूह समूह आगे बढ़ रहा है। इस समूह की सभी 10 सदस्य को महतारी वंदन योजना में हर माह एक हजार रुपए समय पर मिलता है।

समूह की अध्यक्ष श्रीमती निरंजना ने बताया कि उनके समूह को लगभग 20 साल हो गए। समूह की शुरुआत में छत्तीसगढ़ महिला कोष से उन्हें प्रारंभिक 5 हजार का ऋण प्राप्त हुआ। इसके बाद 10 हजार रुपए फिर एक लाख रुपए का लोन मिला। श्रीमती चंद्राकर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार की ओर से उनके समूह को 2 लाख रुपए का ऋण मिला है, जिससे समूह की प्रगति और सदस्यों की इच्छाशक्ति को और अधिक मजबूती मिली है।

जागृति महिला स्व-सहायता समूह छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन बनाता है, जिनमें बड़ी, पापड़, आचार, चिप्स, लड्डू, ठेठरी, खुरमी, पपची, अइरसा आदि शामिल हैं। समूह को स्थानीय ऑर्डर के अलावा बहुतायत मात्रा में शादी के जोरन, गोद भराई, जन्मोत्सव जैसे समारोहों में भी ऑर्डर मिलता है। जिससे समूह की अच्छी-खासी आमदनी हो जाती है।

समूह की सदस्य श्रीमती गायत्री बाई यादव ने बताया कि महतारी वंदन योजना में अब तक 12 किश्त मिल चुकी है। यह पैसा जरूरत के समय बहुत काम आता है। घर के खर्चे में बड़ा आसरा बन गया है। श्रीमती यादव ने बताया कि कुछ समय पहले जब उनकी तबियत बिगड़ी तब महतारी वंदन योजना का पैसा बहुत काम आया,  हमारा परिवार इस योजना में मिले पैसे से डॉक्टर की फीस दे पाया और दवाइयां खरीद पाया।

50 साल बाद नक्सलियों के गढ़ पामेड़ क्षेत्र में शुरू हुई बस सेवा

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 रायपुर : बीजापुर जिले का एक ऐसा इलाका जो कभी नक्सलियों की राजधानी कही जाती थी, वह इलाका अब सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और जवानों की मेहनत के बलबूते विकास की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। जहां कभी बमुश्किल दुपहिया वाहन नजर आते थे अब उस इलाके में 50 साल के बाद यात्री बस की सेवा शुरू कर दी गई।


बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर बसा उसूर ब्लॉक के पामेड़ समेत उस इलाके के 7 ग्राम पंचायतों सहित पूरे इलाके में बस की सुविधा मिल रही है। यहां पिछले 4 महीने के अंदर विकास कार्यों ने ऐसी गति पकड़ी।

अब इस इलाके में सड़क और कैंप के साथ ही मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर दिया गया है, तो वहीं सबसे बड़ी सौगात इस इलाके के ग्रामीणों के लिए यात्री बस की सेवा है। इस बस के संचालन के चलते अब उन इलाकों के ग्रामीणों को तेलंगाना से होते हुए अपने गांव जाने की जहमत नहीं उठानी पड़ रही है बल्कि बीजपुर से सीधे पामेड़ पहुंच रहे हैं।

नियद नेल्लानार के तहत पामेड़ इलाके के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगीः इस मामले में बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा की माने तो सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नियद नेल्लानार के तहत उन इलाकों में मूलभूत सुविधाओं के साथ
विकास कार्यों को गति प्रदान किया जाएगा। 50 सालों तक जिन सुविधाओं के लिए ग्रामीण तरस रहे थे वह सारी सुविधा उन तक पहुंचाई जाएगी। पामेड़ इलाके के ग्रामीणों के लिए बहुत तेजी से आधार कार्ड राशन कार्ड के अलावा राशन दुकान भी गांव में संचालित की जा रही है। दरअसल पामेड़ वह इलाका है जहां पदस्थ जवानों के लिए कभी वेतन से लेकर अखबार तक हेलीकॉप्टर से भेजा जाता था परंतु अब सड़क बनने और बस सेवा के शुरू हो जाने से जवानों का यह कठिन सफर खत्म हो चुका है।

इलाका नक्सलियों के कब्जे में था, अब हो रहा विकास

पामेड़ इलाके में सड़क नहीं थी, ऐसा नहीं है, बल्कि 50 साल पहले भी सड़क बनी थी। परंतु वाहनों का संचालन नहीं होता था, उसके बाद धीरे-धीरे इस इलाके में नक्सलियों ने अपनी पैठ बढ़ाई और पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया जिसके चलते उस इलाके को नक्सलियों की राजधानी कहा जाने लगा, परंतु अब यह इलाका सरकार के विकास कार्यों के प्रोजेक्ट में शामिल हो चुका है। क्योंकि इस इलाके में कैंप स्थापित किए गए, सड़कों का विस्तार किया गया और मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। ऐसे में अब पामेड़ इलाके में तेजी से विकास कार्यों को पहुंचाकर लोगों को सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। ताकि ग्रामीण नक्सलवाद के दंश से हटकर सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ ले सकें। बीजापुर से सुबह पामेड़ के लिए जाने वाली बस आवापल्ली, बासागुड़ा, तररेम, चित्रागेल्लूर, गुंडेम कोंडापल्ली जीडपल्ली करवगट्टा और धर्माराम होते हुए पामेड़ पहुंचती है। जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करने लगे हैं। इन इलाकों में विकास कार्यों के विस्तार के लिए सरकार तो कटिबद्ध है ही, परंतु आज अगर यह पूरा इलाका विकास की ओर बढ़ रहा है।

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