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आंकड़ेबाजी से नहीं धरातल पर दिखना चाहिए काम- कलेक्टर कुन्दन कुमार

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अम्बिकापुर। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में औसत प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए सीडीपीओ व सुपरवाइजर को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल आंकड़े भरने का ही काम न करे फील्ड में काम होते हुए दिखना भी चाहिए। 

बच्चों व महिलाओं में कुपोषण दूर करने व उन्हें जागरूक करने में ईमानदारीपूर्वक दायित्वों का निर्वाहन करें। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त कार्यकर्ता व सहायिका के पदों पर भर्ती की कार्यवाही 31 जनवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर लुण्ड्रा के सीडीओपी को कारण बताओ सूचना जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित पोषण तुंहर द्वार कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों व महिलाओं को खिचड़ी व अंडा वितरण की नियमित मॉनिटरिंग करें। कार्यक्रम शुरू हुए 10 दिन हो गए हैं, इन दस दिनों में महिलाओं के व्यवहार में क्या परिवर्तन आया, कहां पर कमियां या गेप मिला इसका आंकलन करें। महिलाआें को बताएं कि खिचड़ी बनाने में किन सामग्रियां की कितनी मात्रा में आवश्यकता होती है और खिचड़ी कुपोषण दूर करने में कैसे सहायक बन सकता है। उन्होंने कहा कि पोषण तुंहर द्वार कार्यक्रम में शिक्षा विभाग व पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का भी सहयोग लें। उन्होंने बताया कि बच्चों एवं महिला में कुपोषण एवं एनीमिया को दूर करने पोषण तुंहर द्वार कार्यक्रम जिले में संचालित की जा रही है जिसके लिए डीएमएफ मद से 3 करोड़ राशि उपलब्ध कराई गई है।

पहले खुद जानें योजनाओं को- कलेक्टर ने कहा कि विभाग में केंद्र एवं राज्य  शासन के अनेक योजनाएं संचालित है। सभी योजनाओं के बारे में पहले स्वयं को अच्छी तरह से जनकरी होनी चाहिये तभी हितग्रहियों को अच्छे से बता पाएंगे। इस दौरान उन्होंने कुपोषण की परिभाषा एवं विभिन्न योजनाओं के बारे में पूछा जिसे कई सीडीपीओ व सुपरवाइजर नहीं बता पाए। उन्होंने सभी सीडीपीओ व सुपरवाइजर की ब्लाक एवं जिला स्तर पर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए ताकि सभी योजनाओं की पूरी जानकारी हो सके। उन्होंने शहरी क्षेत्र में गांधीनगर तथा ग्रामीण क्षेत्र में लखनपुर, लुण्ड्रा व मैनपाट में कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक होने पर कुपोषण प्रतिशत में कमी लाने विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बाल विवाह पर लगाएं नियंत्रण- कलेक्टर ने जिले में बाल विवाह रोकथाम की समीक्षा करते हुए मैनपाट क्षेत्र में अधिक अधिक प्रकरण होने पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी को शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करने तथा उल्लंघन पर कार्रवाई होने की जानकारी देने कहा। बताया गया कि मैनपाट में मांझी-मंझवार विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों में   बाल विवाह के सर्वाधिक प्रकरण मिलते हैं जो अशिक्षा व जागरूकता में कमी के कारण है। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी बसन्त मिंज सहित सभी सीडीपीओ व सेक्टर सुपरवाईजर उपस्थित थे।


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