Media24Media.com: अम्बेडकर अस्पताल

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आयुक्त शिखा राजपूत तिवारी का अम्बेडकर अस्पताल में औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा

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 रायपुर : आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिखा राजपूत तिवारी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय का निरीक्षण कर मरीजों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर, रेडियो डायग्नोसिस (एक्स-रे) विभाग, डीएसए ब्लॉक, स्त्री एवं प्रसूति रोग वार्ड, नियोनेटल केयर यूनिट (नर्सरी), एचडीयू वार्ड, कैंसर ओपीडी, कीमोथेरेपी कक्ष सहित प्रस्तावित एकीकृत 700 बिस्तरों वाले अस्पताल स्थल का अवलोकन भी किया।


उन्होंने विभिन्न विभागों में स्थापित चिकित्सा उपकरणों की स्थिति और उनकी कार्यक्षमता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं तथा भोजन व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल के किचन का निरीक्षण कर किचन की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। साथ ही अस्पताल के विभिन्न विभागों में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियनों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भरे एवं रिक्त पदों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सालय के ऐसे विभाग, जहां मानव संसाधन की तत्काल आवश्यकता है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संविदा नियुक्ति के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ चर्चा की।

आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिखा राजपूत तिवारी ने कहा कि चिकित्सा एक अत्यंत आवश्यक सेवा है, और अस्पताल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करने के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध रहना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित अस्पताल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों ने रचा इतिहास, निकाला फेफड़े और हार्ट से चिपका पांच किलो का ट्यूमर

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 रायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने 52 वर्षीय महिला के फेफड़े और हार्ट से चिपका लगभग पांच किलोग्राम वजनी मेडिस्टाइनल ट्यूमर को निकालकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।


सर्जरी इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि सर्जन की टीम इस कैंसरस ट्यूमर को सावधानीपूर्वक बाहर नहीं निकालती तो शरीर के वाइटल ऑर्गन हृदय और फेफड़े में चोट लगने का खतरा हो सकता था। अम्बेडकर अस्पताल के दक्ष सर्जन टीम की बदौलत इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई।

इस तरह की मुश्किल सर्जरी को सफलता पूर्वक संपन्न करने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अंबेडकर अस्पताल प्रबंधन को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि बहुत जल्द ओपन हार्ट सर्जरी और कोरोनरी बायपास सर्जरी की सुविधा भी लोगों को मिलने लगेगी।

अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में 52 वर्षीय महिला लेने में तकलीफ की शिकायत के साथ अम्बेडकर अस्पताल पहुंची। सीटी स्कैन एवं अन्य जांच कराने पर पता चला कि मरीज के छाती के अंदर और हार्ट से चिपका हुआ बहुत बड़ा ट्यूमर है। मरीज की हालत इतनी खराब थी कि वह ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही थी इसलिए उसको हाईप्रेशर (बाईपेप) वेंटीलेटर में रखा गया। ट्यूमर इतना बड़ा था कि वह हार्ट को दबाकर दूसरे भाग में शिफ्ट कर दिया था एवं फेफड़े के साथ-साथ सांस नली भी दब गई थी।

अन्य संस्थानों में मरीज को ऑपरेशन के लिए मना कर दिया गया था। योजना के अनुसार कैंसर सर्जन डॉ. आशुतोष गुप्ता एवं हार्ट और चेस्ट सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू की टीम के संयुक्त प्रयास से यह ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। इस ऑपरेशन के दौरान हार्ट लंग मशीन को भी तैयार करके स्टेंड बाई मोड में रखा गया था क्योंकि यदि किसी कारण से हार्ट या पल्मोनरी आर्टरी में चोट लग जाती है तो मशीन से सपोर्ट मिल जाता।

ट्यूमर लगभग पांच किलोग्राम का था। बाद में बायोप्सी करने पर पता चला कि यह मैलिग्नेंट ट्यूमर है जिसको सार्कोमा कहा जाता है जो कि बहुत भयावह ट्यूमर होता है। ठीक होने के बाद मरीज को कीमोथेरेपी के लिए कैंसर विभाग में भेज दिया गया।

 

अम्बेडकर अस्पताल के न्यू ट्रामा विभाग में आग लगने की घटना में मरीज एवं डॉक्टर सुरक्षित

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रायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के तृतीय तल में स्थित न्यू ट्रामा विभाग में आज दोपहर आग लगने की घटना घटित हुई थी जिसमें कोई भी मरीज एवं मेडिकल स्टाफ घायल नहीं हुआ है। घटना के दौरान वहां मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं। न्यू ट्रामा की जिस ओटी में आग लगने की घटना घटित हुई वहां ओटी के बाद साफ-सफाई करके ओटी को बंद कर दिया गया था। बगल में जो ओटी थी वहां पर ऑपरेशन चल रहा था। ऑपरेशन टीम में तीन-चार डॉक्टर एवं अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ शामिल थे।

जैसे ही उन्होंने धुआं उठता देखा तुरंत इसकी सूचना प्रबंधन को दी। इसके साथ प्रबंधन ने आग लगने की घटना के दौरान तुरंत तत्परता दिखाते हुए अस्पताल के स्टाफ की मदद से ओटी से लगे हुए खिड़की के ग्रिल को इलेक्ट्रिक कटर से काटकर और कांच को तोड़कर मरीज एवं डॉक्टरों को सुरक्षित बाहर निकाला। ऑपरेशन टीम के डॉक्टरों को धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हो रही थी इसलिए उन्हें ऑब्जरवेशन में भर्ती रखा गया है। सभी लोग अभी सामान्य स्थिति में हैं।

आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है परंतु प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि एयर प्यूरीफायर एवं ए.सी. में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी जिस पर त्वरित काबू पा लिया गया था किंतु दोनों उपकरणों के प्लास्टिक बॉडी के जलने से कक्ष में अत्यधिक धुआं भर गया था। इस सम्बन्ध में अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता विद्युत/यांत्रिक को पत्र लिखकर घटनास्थल का निरीक्षण कर निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराने के त्वरित निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संपूर्ण अस्पताल परिसर के विद्युत प्रवाह सिस्टम की ऑडिट कराकर ऑडिट रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस घटना की सूचना मिलते ही तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर मरीज के परिजनों एवं डॉक्टरों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के संबंध में इलाज कर रहे डॉक्टरों से जानकारी ली। उन्होंने घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन एवं डॉक्टरों की त्वरित तत्परता और सूझबूझ की तारीफ़ की। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी को संपूर्ण घटनाक्रम की जांच तकनीकी टीम से कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने घटना की वास्तविक वस्तुस्थिति से अवगत होकर प्रबंधन को तीन दिन के भीतर न्यू ट्रामा विभाग को ठीक करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।

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