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कृषकों की समृद्धि हमारा संकल्प: नवाचार और तकनीक से सशक्त होंगे छत्तीसगढ़ के अन्नदाता – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से कृषि क्रांति अभियान के अंतर्गत एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअल शुभारंभ किया। जिला पंचायत परिसर में दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश की कई प्रमुख कृषि कंपनियां जैसे-जियो मार्ट रिटेल, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म, आत्माकुर, धरागरी, अवनी आयुर्वेदा इत्यादि उपस्थित रहेंगी। इन कंपनियों के माध्यम से जिले के किसान एफपीओ के जरिए अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने हेतु फसल विक्रय अनुबंध कर सकेंगे। बिचौलिया प्रथा समाप्त होने से किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि  कृषकों की समृद्धि के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है । नवीनतम तकनीक को अपनाकर छत्तीसगढ़ के अन्नदाता आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि जशपुर के कृषि विकास के इतिहास में आज का दिन मील का पत्थर सिद्ध होने वाला है। जिला प्रशासन के अभिनव प्रयास से कृषि क्रांतिअभियान की शुरुआत हो रही है। हमारा देश कृषि प्रधान है और छत्तीसगढ़ में लगभग 80 प्रतिशत लोग कृषि तथा इससे संबंधित कार्यों से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने हेतु फसल बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। चाहे वह समर्थन मूल्य पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी हो, समर्थन मूल्य पर वनोपज का संग्रहण हो या प्रोसेसिंग और निर्यात से जुड़ी योजनाएं हों, हमारी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर में कटहल, आम, लीची, नाशपाती की बहुतायत में पैदावार होती है। यहां सेब की भी खेती शुरू हो गई है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और खरीदार कंपनियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। यह एक ऐसा मंच है जहां एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से किसानों की उपज को सीधा बाजार उपलब्ध होगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री साय ने सॉइल हेल्थ कार्ड के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि इससे यह जानकारी मिलती है कि किस जमीन पर कौन-सी फसल का उत्पादन अधिक होगा और कितनी मात्रा में खाद की आवश्यकता होगी। इसके लिए केंद्र से आए कृषि वैज्ञानिक पूरे राज्य में जाकर सॉइल हेल्थ के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। राज्य में कृषि के साथ पशुपालन, मछली पालन और डेयरी विकास को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। डेयरी विकास योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित छह जिलों में जशपुर भी शामिल है।

रायगढ़ से वर्चुअली जुड़े सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि जशपुर जिले का प्राकृतिक वातावरण अत्यंत आकर्षक है। जल संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण अनिवार्य है, जिससे किसानों को लाभ होगा और उनकी आमदनी में वृद्धि होगी। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिला नवाचार को तेजी से अपना रहा है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और कंपनियों के बीच सीधा अनुबंध होगा, जिससे उन्हें निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने अपने संबोधन में कहा कि यदि जिले में व्यवस्थित ढंग से खेती और प्रबंधन किया जाए तो किसानों को निश्चय ही लाभ प्राप्त होगा। जशपुर आम, मिर्च और नाशपाती के उत्पादन में अग्रणी है। उन्होंने धान के साथ दलहन और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

कलेक्टर रोहित व्यास ने एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के महत्व तथा इससे किसानों को होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़े जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने एक वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से सम्मेलन के तहत होने वाले नवाचार एवं विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर आईजी दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह,  नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगा राम भगत सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

ग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में मिलेगी उन्नत तकनीकों की जानकारी

सम्मेलन के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से नाबार्ड एवं एपेडा जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित होकर एग्रीकल्चर मार्केटिंग, जैव उत्पादों के प्रमाणीकरण आदि विषयों पर किसानों को जानकारी देंगे। राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक फसल किस्मों का जीआई टैग, कृषि एवं उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक पद्धति से खेती तथा रेशम विशेषज्ञ रेशम पालन की जानकारी देंगे। साथ ही कंपनी एवं किसानों के मध्य अनुबंध खेती (कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग) पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कंपनी और कृषकों के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।

कार्यक्रम में फसल प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है, जिसमें जिले के एफपीओ से जुड़े किसान एवं प्रगतिशील किसान अपनी फसल जैसे-जैविक धान, कुटकी, रागी, नाशपाती, लीची, रामतिल, टाऊ, मिर्च, सुगंधित धान आदि का किस्मवार गुणवत्ता के आधार पर प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत आम एवं नाशपाती तथा नवाचार प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया है। विजेता किसानों को पुरस्कार राशि भेंट कर आगामी समय में नवाचार एवं उन्नतशील खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

 

Chhattisgarh : सपनों को मिली उड़ान, धान की सही दाम ने अन्नदाताओं के चेहरे में लाई खुशियां

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 कोरिया : पटना तहसील के ग्राम जमडी के किसान सुरेश साहू और उनकी पत्नी मृदुला का जीवन कभी संघर्षों से भरा था। सीमित संसाधनों के बावजूद, दोनों ने अपने बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने का सपना देखा। उनके लिए यह सपना कभी दूर की कौड़ी लगता था, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की किसानों के हित में उठाए गए कदमों ने उनकी जिंदगी बदल दी।


सुरेश साहू, जो पेशे से किसान और सब्जी विक्रेता हैं। दिन-रात मेहनत करके अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास करते थे। हालांकि, खेती से होने वाली आय और सब्जी बिक्री का सीमित मुनाफा उनके बच्चों की उच्च शिक्षा के खर्च को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं था।

गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा तय की है। सरकार का यह निर्णय सुरेश के परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं था। उन्होंने अपनी मेहनत से खेत में रिकॉर्ड धान उपज और करीब 85 क्विंटल धान को सरकारी दर पर बेचकर पर्याप्त आय अर्जित की।

बच्चों की मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई में खर्च करेंगे
श्री सुरेश और उनकी पत्नी मृदुला कहते हैं ‘‘सरकार की इस नीति ने हमें एक नई दिशा दी है,‘ हमने धान से जो पैसा कमाया, उसका इस्तेमाल अपने बच्चों की मेडिकल और इंजीनियरिंग की कोचिंग के लिए कर रहे हैं। अब हमें यकीन है कि हमारे बच्चे बड़े सपने साकार करेंगे।‘

पैसे का उपयोग मकान निर्माण व आभूषण खरीदने में करेंगे
चार बेटे और दो बेटियों के पिता जमडी निवासी किसान हरबंश प्रसाद साहू ने इस वर्ष करीब 185 क्विंटल धान बेचने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान खरीदी केंद्र में माकूल व्यवस्था है। धान के बदले मिलने वाले पैसे का उपयोग मकान बनाने, कर्ज चुकाने के साथ पत्नी के लिए सोना-चांदी खरीदने में व्यय करेंगे।

खेत निर्माण के साथ अन्य फसलों के उपज में करेंगे खर्च
इसी तरह ग्राम मुरमा निवासी किसान लाल सिंह गोंड़ ने 23 एकड़ खेत में धान लगाने व करीब 300 क्विंटल धान, सरकारी खरीदी केंद्र में बेचने की जानकारी देते हुए कहा कि प्राप्त राशि का उपयोग खेत निर्माण के साथ अन्य फसलों के पैदावार के लिए खर्च किया जाएगा।

सरकारी सहयोग से सपना होता है साकार
इन किसानों ने सरकार की नीति से उन्हें आर्थिक संबल मिला है। अन्नदाताओं ने दिखा दिया कि मेहनत और सही दिशा में सरकारी सहयोग से कोई भी सपना पूरा हो सकता है। इन किसानों का कहना है, ‘हम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी सरकार के आभारी हैं। यह न केवल आर्थिक सुधार है, बल्कि हमारे जैसे किसान परिवारों के लिए एक नई उम्मीद है।‘

अन्नदाताओं के धान का एक-एक दाना खरीदना हमारा लक्ष्य : योगेश्वर राजू सिन्हा

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महासमुंद। गुरुवार को खरीफ वर्ष 2024-25 के लिए धान खरीदी की शुरुआत हुई। महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने पिटियाझर धान खरीदी केंद्र में पूजा-अर्चना कर धान खरीदी का शुभारंभ किया। साथ ही अपनी उपज बेचने आए किसान भाइयों से मुलाकात व चर्चा कर मंडी में धान बेचने के लिए की गई व्यवस्था का भी जायजा लिया। धान बेचने आए किसान के उपज को मशीन में तौल कर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने खरीदी की शुरुआत की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 14 नवंबर को प्रदेश के अन्नदाता किसानों के सम्मान में 'धान तिहार' के रूप में मना रही है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का पूरा मान मिलेगा। हमारी सरकार ने जो वादा किया था प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी व 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसान भाइयों को भुगतान वह पूरा किया जाएगा। धान खरीदी के मद्देनजर हमारी सरकार ने किसान भाइयों की सुविधा के लिए पूरी तैयारियां की है। अन्नदाताओं के धान का एक-एक दाना खरीदना हमारा लक्ष्य है, इस बार पूरे प्रदेश में 27 लाख से अधिक किसानों का धान हमारी सरकार खरीदेगी और भुगतान भी 72 घंटे के अंदर सुनिश्चित करेंगे।

किसानों को धान खरीदी के लिए अधिक दूरी तय न करना पड़े, इसका भी हमने विशेष ख्याल रखा है। उपार्जन केंद्रों के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ धान खरीदी की व्यवस्था की गई है। अन्नदाता हमारे छत्तीसगढ़ की आत्मा हैं, उनकी मेहनत को पूरा दाम और सम्मान मिले, इसके लिए हमारी सरकार तत्पर है। हमने किसानों से उनके पूरी उपज को खरीदने, खरीदी में पूरी पारदर्शिता बरतने और तय समयसीमा में भुगतान करने पर विशेष ध्यान दिया है।  इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश साहू, पवन पटेल सहित मंडी के स्टाफ व किसान उपस्थित थें।

विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने वाला बजट : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ का वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट आने वाले कई वर्षों तक छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा और दशा संवारने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश का राजस्व बढ़ाने वाला बजट है। इस बजट में कर का कोई नया प्रस्ताव नहीं हैन ही मौजूदा करों की दरों में वृद्धि का कोई प्रस्ताव है।

यह बजट सभी वर्गों के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने वाला और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने वाला बजट है। अमृतकाल का छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री साय आज वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट प्रस्तुत करने के बाद समिति कक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। 

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद और वित्त सचिव अंकित आनंद भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बजट में हमारा फोकस GYAN यानि गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी सशक्तिकरण पर केन्द्रित है। बजट में सभी वर्गों की चिन्ता की गई है। यह बजट हमारी सरकार का विजन डॉक्युमेंट भी है, जो छत्तीसगढ़ के चौमुखी विकास की परिकल्पना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास आने वाले पांच वर्षों में राज्य की जीडीपी को दोगुना करने का होगा।

मुख्यमंत्री ने बजट के प्रमुख बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए प्रति मानक बोरा करने और बोनस का प्रावधान किया गया है। तेन्दूपता संग्राहकों के लिए हम चरण पादुका योजना पुनः शुरू करेंगे। इसी तरह दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रूपए की वार्षिक सहायता के लिए बजट में 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

युवाओं के भविष्य के साथ अब खिलवाड़ न हो इसके लिए राज्य सरकार ने पीएससी की अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। बजट में युवाओं के रोजगार के लिए प्रावधान किया गया है। साय ने कहा कि कृषि उन्नति योजना के लिए बजट में 10 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस योजना में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले प्रदेश के 24 लाख 72 हजार से अधिक किसानों को अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 3000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

 इस योजना में विवाहित महिलाओं को प्रतिवर्ष 12 हजार रूपए की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पांच हॉर्स पॉवर कृषि पंपों के लिए निःशुल्क बिजली की आपूर्ति के लिए 3500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए मुख्य बजट में 8369 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके पहले द्वितीय अनुपूरक में 3800 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। पेयजल की बेहतर व्यवस्था के लिए जल जीवन मिशन हेतु पीएचई विभाग के बजट को दोगुना करते हुए 5047 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।   

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट केवल पैसे का लेखा-जोखा नहीं, अपितु छत्तीसगढ़ के भविष्य की उन्नति की आधारशीला है। इस बजट में कोई नया कर प्रावधान नहीं किया गया है, न ही किसी कर की दर में वृद्धि का प्रस्ताव है। इसके बावजूद बजट के आकार में बढ़ोत्तरी हुई है। बजट के माध्यम से टेक्नालॉजी के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है। यह बजट सामाजिक-आर्थिक विकास के हर आयाम को छूने वाला और मोदी जी के गांरटी को पूरा करने वाला बजट है।

 

मुख्यमंत्री बघेल 2 फरवरी को राजनांदगांव जिले के ग्राम भर्रेगांव में विशाल किसान अन्नदाता सम्मेलन में होंगे शामिल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 2 फरवरी को राजनांदगांव जिले के ग्राम भर्रेगांव में विशाल किसान अन्नदाता सम्मेलन में शामिल होंगे। वे यहां जिलेवासियों को 24 करोड़ 31 लाख 37 हजार रूपए के विकास कार्यों की सौगात देंगे। वे 19 करोड़ 38 लाख 52 हजार रूपए के 13 कार्यों का भूमिपूजन एवं 4 करोड़ 92 लाख 85 हजार रूपए के 2 कार्यों का लोकार्पण करेंगे। बघेल 43 हितग्राहियों को 11 लाख 94 हजार रूपए की लागत के सामग्री का वितरण भी करेंगे।


मुख्यमंत्री जिन नये कार्यों का भूमिपूजन करेंगे, उनमें 15 लाख रूपए की लागत से राजनांदगांव और डोंगरगांव में 15-15 लाख रूपए की लागत से मितानीन प्रशिक्षण भवन, 19.73-19.73 लाख रूपए की लागत से रानीतराई शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल और पेण्ड्री शासकीय हाई स्कूल में 2-2 अतिरिक्त कक्ष, 2.70 करोड़ रूपए की लागत से मोतीपुर से ढाबा मार्ग चौड़ीकरण, 1.10 करोड़ रूपए की लागत से जंगलेसर मेन रोड से मुक्तिधाम तक पक्का पहुंच मार्ग, 1.39 करोड़ रूपए की लागत से भर्रीटोला से तेलीनबांधा मार्ग का भूमिपूजन शामिल है। इसी प्रकार 4.40 करोड़ रूपए की लागत से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के अंतर्गत शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन घुमका शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन सुकुलदैहान और शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन भर्रेगांव का रिनोवेशन एवं नवीन निर्माण कार्य,

का रिनोवेशन एवं नवीन निर्माण कार्य, इसके अलावा 32 लाख 39 हजार रूपए की लागत से समुदाय के लिए मैशनरी, सीसी चेकडेम, एनीकट का मरम्मत एवं सुधार कार्य भर्रेगांव का भूमिपूजन करेंगे। वे 4.44 करोड़ रूपए की लागत से धरधरा नाला में उच्चस्तरीय पुल पहुंच मार्ग, ग्राम कोलिहाटोला में 3 करोड़ 30 लाख 58 हजार रूपए की लागत से शासकीय प्राथमिक शाला पहुंचमार्ग नाला पर पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे। इसी तरह वे 4.57 करोड़ रूपए की लागत से भोलापुर से घुपसाल मार्ग एवं पुल-पुलिया निर्माण तथा मेडिकल बोर्ड में 35 लाख 62 हजार रूपए की लागत से ट्रू नॉट लैब का निर्माण का लोकार्पण करेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल इस अवसर पर 43 हितग्राहियों को 11 लाख 94 हजार 109 रूपए लागत की सामग्री वितरित करेंगे। दो हितग्राहियों को व्यापार एवं आटा चक्की मशीन क्रय के लिए 1-1 लाख रूपए की राशि का चेक, 4 हितग्राहियों को मछली जाल के लिए 10-10 हजार रूपए, 2 हितग्राहियों को आईस बाक्स के लिए 6-6 हजार रूपए, 5 हितग्राहियों को 11 हजार रूपए के बैटरी स्प्रेयर, 5 हितग्राहियों को 3 लाख 76 हजार 109 रूपए के डीजल पंप, विद्युत पंप, मिनी राईस मिल, 25 हितग्राहियों को 5 लाख 55 हजार रूपए के चॉक बोर्ड वितरित करेंगे।

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