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बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर कन्या एवं बालक आश्रम बेलझीरिया के अधीक्षक-अधीक्षिका निलंबित

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रायपुर। गौरेला पेंड्रा मरवाही कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी द्वारा बीते शनिवार को आकस्मिक निरीक्षण के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर कन्या आश्रम एवं बालक आश्रम बेलझीरिया के अधीक्षक एवं अधीक्षिका को निलंबित कर दिया है।

निलंबन आदेश में कहा गया है कि 20 जुलाई को निरीक्षण दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के आश्रम में अनुपस्थित रहने एवं नियमित रूप से आश्रम में नहीं रहने के कारण बी.एस. मास्को अधीक्षक (प्रधान पाठक) आदिवासी बालक आश्रम बेलझीरिया, विकासखण्ड मरवाही और श्रीमती रियाज अंसारी अधीक्षिका (प्रधान पाठक) आदिवासी कन्या आश्रम बेलझीरिया विकासखण्ड मरवाही को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। बी.एस. मास्को और श्रीमती रियाज अंसारी का निलंबन अवधि में मुख्यालय कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास गौरेला नियत किया जाता है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।


छत्तीसगढ : 11 चिकित्सा अधिकारियों की सेवा समाप्त, तीन वर्षो से अधिक समय से अनुपस्थित

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रायपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन वर्षो से अधिक समय से अनुपस्थित 11 चिकित्सा अधिकारियों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की गई है। वहीं दो चिकित्सा अधिकारियों को 15 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण देने का आखिरी अवसर प्रदान किया गया है। संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित कुल 24 चिकित्सा अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित किए जाने के प्रस्ताव पर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पांच चिकित्सा अधिकारियों की अनुपस्थिति अवधि को अकार्य दिवस (डायजनान) घोषित किया गया था एवं छह चिकित्सा अधिकारियों की सेवा समाप्ति कर उनकी अनुपस्थिति अवधि को मूलभूत नियम 17 '' एवं पेंशन नियम 1976 के नियम 27 के तहत निराकरण करते हुए पृथक विभागीय आदेश विगत 7 फरवरी को विभाग द्वारा जारी किया गया है।

शेष 13 चिकित्सा अधिकारियों को विभाग द्वारा अनुपस्थित होने के कारणों को स्पष्ट करने हेतु युक्तियुक्त अवसर देते हुए 1 दिसम्बर 2022 को प्रकरण की सुनवाई नियत की गई थी। पर इन 13 चिकित्सा अधिकारियों में से कोई भी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ और न ही उनके द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया। इन चिकित्सा अधिकारियों में से 11 चिकित्सा अधिकारी तीन वर्ष से अधिक समय से और दो चिकित्सा अधिकारी तीन वर्ष से कम समय से अनुपस्थित हैं। राज्य शासन द्वारा 11 अनुपस्थित चिकित्सा अधिकारियों के विरुद्ध तीन वर्ष से अधिक समय से अनुपस्थित होने के कारण सेवा समाप्त किए जाने तथा तीन वर्ष से कम की अनुपस्थिति वालों पर विभागीय जांच संस्थित किए जाने तथा परिविक्षाधीन होने पर अवधि बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है।

जिन 11 चिकित्सा अधिकारियों की सेवा समाप्त की गई है उनमें डॉ. सुमीत सोलंकी, चिकित्सा अधिकारी, दस बिस्तर अस्पताल, नवा रायपुर, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय कबीरधाम, डॉ. रिद्धी अरोरा, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय दुर्ग, डॉ. सुरेंद्र कुमार सिस्टू, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय दुर्ग, डॉ. छवि जांगड़े, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय बेमेतरा, डॉ. पारुल जोगी, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी, डॉ. तान्या मिश्रा, चिकित्सा अधिकारी, 50 बिस्तर, एमसीएच, डॉ. शारदा परिहार, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय मुंगेली,

डॉ. शबा परवीन, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय सूरजपुर, डॉ. धनंजय प्रसाद साहू, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत और डॉ. कमल कुमार डहिरे, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार शामिल हैं। इन सभी की सेवा समाप्त करते हुए उनकी अनुपस्थिति दिनांक से आदेश जारी करने के दिनांक तक की अवधि को अकार्य दिवस घोषित कर सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के नियम 27 सहपठित मूलभूत नियम 17 ए के अधीन सभी उद्देश्यों के लिए सेवा से व्यवधान माना जाए, जो सेवा के किसी भी प्रयोजन हेतु मान्य नहीं होगा। साथ ही तीन वर्ष से कम समय से अनुपस्थित दो चिकित्सा अधिकारियों डॉ. ज्योति सोनवानी, चिकित्सा अधिकारी, मातृत्व एवं शिशु अस्पताल बेमेतरा एवं डॉ. अवधेश्वर साय, भेषज विशेषज्ञ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित किया गया है। इन दोनों चिकित्सा अधिकारियों को 15 दिवस के भीतर प्रतिवाद उत्तर प्रस्तुत करने पत्र भेजा गया है।

बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने वाले संकुल समन्वयक निलंबित

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सुकमा। कलेक्टर हरिस एस. के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी नितिन डडसेना द्वारा कोण्टा विकासखण्ड के बंडा संकुल समन्वयक कट्टम नागेश (सहायक शिक्षक) को निलंबित किया गया है। संकुल समन्वयक कट्टम नागेश के द्वारा 11 अक्टूबर को आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक में बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने,  



प्रतिदिन शाला मॉनिटरिंग करने के निर्देशों का उल्लंघन और अपने पदीय दायित्व में लापरवाही बरतने के कारण उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निलंबित किया गया। निलंबन अवधि में कट्टम नागेश का मुख्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोण्टा नियत किया गया है।

हिदायत के बाद भी अनुपस्थित मिले 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी, कलेक्टर ने जताई नाराजगी

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जांजगीर-चांपा। शासकीय कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति समय पर सुनिश्चित करने कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा द्वारा लगातार बैठक लेकर हिदायत दी जा रही है। उन्होंने यहाँ आते ही बैठक लेकर सभी को निर्देशित भी किया था कि सभी समय पर दफ्तर पहुचे। आज सोमवार को एक बार फिर उनके निर्देश पर सयुंक्त कलेक्टर और एसडीएम जांजगीर, पामगढ़ एसडीएम, तहसीलदार सारागांव ने शासकीय कार्यालयों में आकस्मिक निरीक्षण किया तो अनेक अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयीन समय पर भी दफ्तर नहीं पहुँचे थे। कुल 120 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये। कलेक्टर ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए सभी को नोटिस जारी कर वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।



कलेक्टर सिन्हा द्वारा जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों को बैठक लेकर लगातार समय पर कार्यालय में उपस्थित होने और शासन के योजनाओं के क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर द्वारा लगातार विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर शासकीय कर्मचारियों को समय पर उपस्थिति देने के निर्देश दिए जा रहे हैं। अनेक ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर को प्राप्त शिकायत के आधार पर अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को पूर्व में भी हिदायत दी गई है। इसी कड़ी में आज कलेक्टर के निर्देश पर कार्यालयों का निरीक्षण किया गया जिसमें विभिन्न शासकीय कार्यालयों में 120 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।

अनुभाग चांपा में 40 से अधिकारी कर्मचारी अनुपस्थित

कलेक्टर के निर्देश पर चांपा एसडीएम श्रीमती आराध्या राहुल कुमार द्वारा कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में लोक निर्माण विभाग में कुल 18 में से 7 लोग अनुपस्थित मिले। जिसमें श्रीमती सविना रिजवी, विजय कुमार कवंर, श्रीमती सरस्वती राठौर, दीपक कुमार वर्मा, हेमंत कुमार देवांगन, श्रीमती सरिता कवंर, श्रीमती गीता बाई साहू अनुपस्थित पाई गई। इसी प्रकार जल संसाधन विभाग माइनर में होमेश नायक कार्यपालन अभियंता एवं 17 कर्मचारी एन.आर. राठौर, डी.एल. खैरवार, जीआर कैवर्त्य, एन के पोरचट्टी, जीएस राठौर, कुमारी संध्यालता साहू, एम वी टोप्पो, पंकज कश्यप, संतोष कुमार साहू, सुधाकर राव, श्यामलाल पटेल, अलगराम साहूकुमारी दुजन बाई चौहान, श्रीमती अमृता तिवारी, श्रीमती शांति बाई, देवसिंह गोड़, राकेश कुमार खाण्डे, अनुपस्थित मिले। यहां 22 में से 18 अधिकारी अनुपस्थित थे। 

जल संसाधन विभाग मेजर में अधिकारी नेताम कार्यपालन अभिंयता, कर्मचारी विजेन्द्र कुमार जायसवाल, प्रकाश महंत, कमलेश कुमार केंवट, मिकेश कुमार बरेठ, श्रीमती सुनिता यादव, श्रीमती उषा रामचन्द्रन नायर, ललित कुमार स्वर्णकार, बाके बिहारी सिंह चंदेल, दिलीप कुमार अवस्थि, बहादुलाल कुम्हार, धनसिंह कवंर अनुपस्थित थे। यहां 25 में से 12 अधिकारी अनुपस्थित थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में कुल 31 मे से 6 अधिकारी अनुपस्थित थे। जिसमें सी के शुक्ला कार्यपालन अभियंता, कर्मचारी ओम प्रकाश बरेठ, आकाश कुमार जांगड़े, निखिल कुमार तम्बोली, पीयूष पटेल और प्रसाद राठौर अनुपस्थित मिले।

 संयुक्त कलेक्टर की जांच में 31 मिले अनुपस्थित

संयुक्त कलेक्टर श्रीमती निशा नेताम मड़ावी ने जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय जिला विपणन अधिकारी, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, उप-पंजीयक सहकारी संस्था में कार्यालयीन निरीक्षण किया। जिसमें जिला विपणन अधिकारी सुनील सिंह राजपूत सहित अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारी श्रीमती कामिनी मोदी, श्रीमती सुनिता जाहिरे, फैज मोहम्मद, सतीश पटेल, अजीत दुबे, कृपा राम दुबे, कमल सोनी, आशिष सिंह चंदेल, राजेन्द्र पटेल, रमेश स्वर्णकार, वेद प्रकाश पटेल, सत्यनारायण यादव, पुष्पेन्द्र कौशिक, रवि यादव, घृत बरेठ, अनिरूद्ध पाण्डेय, राजेश यादव, लखेश्वर कटकवार, श्रीमती प्रभा पाण्डेय, सत्यनारायण, श्रीमती शांति दुबे, आनंद तिवारी, श्रीमती गीता कुर्रे अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण में उपपंजीयक सहकारी संस्था के अधिकारी भी अनुपस्थित मिले।

 अस्पताल में चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ थे अनुपस्थित

 कलेक्टर के निर्देश पर जांजगीर एसडीएम श्रीमती कमलेश नंदिनी साहू, पामगढ़ एसडीएम श्री आर के तंबोली, संयुक्त कलेक्टर डॉ ज्योति पटेल, तहसीलदार सारागांव श्रीमती जयंती देवांगन द्वारा अलग-अलग किए गए निरीक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 5, साक्षरता मिशन में 2, बीईओ कार्यालय पामगढ़ में 4, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग में 8, शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला पामगढ़ में 3, रेशम विभाग में 2, शासकीय प्राथमिक शाला पामगढ़ में 1, पशु चिकित्सा विभाग में 9, जनपद सीईओं पामगढ़ में 11, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सारागांव में एक चिकित्सक डॉ अमित अग्रवाल सहित जे पी मिश्रा, आर आर डडसेना, श्रीमती सुरेखा वीना, श्रीमती उषा कर्ष अनुपस्थित पाई गई।

 मुख्यालय से बाहर आना-जाना नहीं चलेगा : कलेक्टर

कलेक्टर सिन्हा द्वारा जिले में शासकीय अधिकारियों की उपस्थिति मुख्यालय में सुनिश्चित करने के निर्देश लगातार दिया जा रहा हैं। उन्होंने फील्ड के स्टाफ को भी मुख्यालय और कार्यालयों में रहने के निर्देश दिया हुआ है। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे शासन द्वारा निर्धारित कार्यालयीन समय तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित होकर शासकीय कामकाज करें। कलेक्टर ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता शासन के मंशानुसार जनकल्याणकारी योजनाओं का जिले में बेहतर क्रियान्वयन कराना है। आने वाले दिनों में भी यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। मुख्यालय से बाहर आना-जाना नहीं चलेगा। स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी सहित सभी कार्यालयों में आकस्मिक निरीक्षण सुबह और शाम को किया जाएगा। अनुपस्थिति पर वेतन काटने के साथ आने वाले दिनों में सख्त विभागीय कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी।

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