Media24Media.com: अटल पेंशन योजना

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Atal Pension Yojana : अटल पेंशन योजना के अंतर्गत कुल नामांकन 7 करोड़ के पार

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 Atal Pension Yojana : केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) के तहत कुल नामांकन 7 करोड़ को पार कर गया है, जिसमें चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 56 लाख से अधिक नामांकन शामिल हैं। यह योजना अपने 10वें वर्ष में है, और इसने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को पेंशन के दायरे में लाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह सब सभी बैंकों और एसएलबीसी और यूटीएलबीसी के अथक प्रयासों से संभव हुआ है। एपीवाई भारत सरकार की एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे 9 मई 2015 को सभी भारतीयों, विशेषकर गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।


क्या है अटल पेंशन योजना ?

आपको बता दें केंद्र सरकार ने लोगों के लिए बहुत सी कल्याणकारी योजनाएं चला रखी हैं , इसी क्रम में भारत के नागरिकों के लिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर केंद्रित एपीवाई एक पेंशन योजना है। इस योजना के तहत, 60 साल की उम्र में 1,000/- या 2,000/- या 3000/- या 4000 या 5000/- प्रति माह रुपये की न्यूनतम पेंशन की गारंटी ग्राहकों द्वारा योगदान के आधार पर दिया जाएगा। भारत का कोई भी नागरिक एपीवाई योजना शामिल हो सकता हैं।

इसके निम्नलिखित पात्रता मानदंड इस प्रकार हैं –

  • ग्राहक की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए
  • उसका एक बचत बैंक खाता डाकघर/बचत बैंक में होना चाहिए
  • भावी आवेदक एपीवाई अकाउंट में समय-समय पर अपडेट की प्राप्ति की सुविधा के लिए पंजीकरण के दौरान बैंक को आधार और मोबाइल नंबर उपलब्ध करा सकता है। हालांकि, आधार कार्ड नामांकन के लिए अनिवार्य नहीं है।

पेंशन की आवश्यकता ?

अब सवाल यह उठता हैं कि इस योजना की जरुरत क्या हैं ? तो आपको बता दें कि एक पेंशन लोगों को एक मासिक आय प्रदान करता है जब वे कमाई नही कर रहे होते हैं। इसके अलावा –

  • उम्र के साथ संभावित कमाई आय में कमी
  • परमाणु परिवार का उदय – कमाउ सदस्य का पलायन
  • जीवन यापन की लागत में वृद्धि
  • दीर्घायु में वृद्धि
  • निश्चित मासिक आय बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करता है

पीएफआरडीए ने इस योजना के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कई पहल की हैं

पेंशन निधि एवं विनियामक विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने हाल ही में इस योजना के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कई पहल की हैं, जैसे राज्य और जिला स्तर पर एपीवाई आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करना, जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, विभिन्न मीडिया चैनलों के माध्यम से प्रचार करना, हिंदी, अंग्रेजी और 21 क्षेत्रीय भाषाओं में एक-पृष्ठ का सरल एपीवाई फ्लायर/हैंडआउट जारी करना और नियमित प्रदर्शन समीक्षा करना।

योजना से लाभ

एपीवाई को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह न केवल ग्राहक को जीवन भर निश्चित और गारंटीकृत पेंशन राशि प्रदान करके सम्पूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है, बल्कि ग्राहक की मृत्यु के बाद समान पेंशन राशि प्रदान करके उसके जीवनसाथी को भी प्रदान करता है और फिर ग्राहक और जीवनसाथी की मृत्यु के बाद नामित व्यक्ति को संपूर्ण धनराशि (60 वर्ष की आयु तक संचित) लौटाकर परिवार को प्रदान करता है।

 

Atal Pension Yojana : अटल पेंशन योजना ने दर्ज की एक और उपलब्धि, 5 करोड़ के पार पहुंची सदस्यों की संख्या

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Atal Pension Yojana: अटल पेंशन योजना (APY) ने अपने सफल कार्यान्वयन के आठ वर्ष पूरे कर लिए हैं। भारत के सभी नागरिकों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के कामगारों को वृद्धावस्था आय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की गई थी।


कब शुरू की गई थी यह योजना ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा Atal Pension Yojana का शुभारंभ 09 मई 2015 को किया गया था, जिसका उद्देश्य भारत के सभी नागरिकों, विशेष तौर पर असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को वृद्धावस्था आय सुरक्षा प्रदान करना है। एपीवाई के तहत अंशदाता को 60 वर्ष की आयु से उनके योगदान के आधार पर आजीवन न्यूनतम गारंटीशुदा पेंशन 1,000 रुपये से 5 हजार रुपये प्रतिमाह तक मिलेगी।

तेजी से लोकप्रिय हो रही Atal Pension Yojana

आज यह योजना भारत सरकार की एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना बन चुकी है। अटल पेंशन योजना पूरे देश में व्यापक रूप से लागू है, जिसमें सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया गया है। इतने कम समय में इस योजना की बढ़ती लोकप्रियता इसके लगातार बढ़ रहे नामांकनों में झलक रही है।

नए नामांकन में 20% की वृद्धि दर्ज

जी हां, योजना के अंतर्गत अभी तक कुल 5.25 करोड़ से अधिक नामांकन दर्ज किए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2021-22 की तुलना में वित्त वर्ष 2022-23 में नए नामांकन में 20% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि वित्त वर्ष 2020-21 की तुलना में वित्त वर्ष 2021-22 में नए नामांकन में 25% की वृद्धि दर्ज की गई थी।

अब तक 8.92% का निवेश रिटर्न किया अर्जित

केवल इतना ही नहीं, अब तक एपीवाई में प्रबंधन के तहत कुल परिसंपत्ति (एयूएम) 28,434 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी गई है और इस योजना ने अपने शुभारंभ से लेकर अब तक 8.92% का निवेश रिटर्न अर्जित किया है। सार्वजनिक एवं निजी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, पेमेंट बैंकों, लघु वित्त बैंकों, डाक विभाग के अथक प्रयासों, और राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों द्वारा दिए गए व्यापक सहयोग के बिना समाज के सबसे कमजोर वर्गों को पेंशन के दायरे में लाने का यह कार्य संभव नहीं हो सकता था।

ये लोग खुलवा सकते हैं एपीवाई खाता

नया एपीवाई खाता 18-40 वर्ष की आयु वाले किसी भी ऐसे भारतीय नागरिक द्वारा खोला जा सकता है, जिसके पास बचत बैंक खाता है और जो आयकरदाता नहीं है। एपीवाई के तहत संबंधित ग्राहक को 60 वर्ष की आयु से प्रति माह 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक आजीवन न्यूनतम गारंटीकृत पेंशन प्राप्त होगी, जो कि उसके योगदान पर निर्भर करेगी। यह संबंधित ग्राहक या अभिदाता के स्वयं एपीवाई योजना में शामिल होने की उम्र के आधार पर अलग-अलग होगी। संबंधित ग्राहक या अभिदाता की मृत्यु हो जाने के बाद अभिदाता के पति/पत्नी को समान पेंशन का भुगतान किया जाएगा और अभिदाता तथा पति/पत्नी दोनों की ही मृत्यु हो जाने पर संबंधित अभिदाता की 60 वर्ष की आयु तक संचित पेंशन राशि नामांकित व्यक्ति को वापस कर दी जाएगी।

 

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