Media24Media.com: #vishnu dev sai

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #vishnu dev sai. Show all posts
Showing posts with label #vishnu dev sai. Show all posts

विष्णु के सुशासन से बस्तर संभाग में बदल रही है स्वास्थ्य सुविधाओं की तस्वीर

No comments Document Thumbnail

 रायपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन और स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल सामान्य क्षेत्रों में, बल्कि नक्सल प्रभावित जिलों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों की पहुंच में आ रही हैं। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS), राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन अभियान और मलेरिया मुक्त अभियान जैसे कार्यक्रमों ने इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम दिया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हमारी सरकार की जन-केंद्रित सोच और समर्पित स्वास्थ्य प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों, मितानिनों तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मेहनत से बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूरे छत्तीसगढ़ में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इस दिशा में ठोस प्रयास लगातार जारी हैं। बस्तर में घर-घर जाकर जांच, त्वरित उपचार और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मलेरिया के प्रसार को नियंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य संस्थानों ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि

1 जनवरी 2024 से 16 जून 2025 तक बस्तर संभाग में कुल 130 स्वास्थ्य संस्थाओं को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। इनमें 1 जिला अस्पताल, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 113 उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा, 65 अन्य संस्थाओं का सर्टिफिकेशन कार्य प्रक्रियाधीन है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित जिलों—कांकेर (8), बीजापुर (2), सुकमा (3) और दंतेवाड़ा (1)—में 14 संस्थानों को गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है, जो क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार का प्रमाण है।

बस्तर संभाग में नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड की स्थिति

नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग में 62,466 राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि एक वर्ष में ही 36,231 आयुष्मान कार्ड पंजीकृत किए जा चुके हैं। इसके अंतर्गत अब तक 52.6 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड का कवरेज इन पांच जिलों में हो चुका है, जिसमें 6,816 लोगों को लाभ मिला है और इन पर 8 करोड़ 22 लाख रुपये की राशि क्लेम की गई है।

चिकित्सक स्टाफ की नियुक्ति से मजबूत हुई व्यवस्था

पिछले डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए 33 मेडिकल स्पेशलिस्ट, 117 मेडिकल ऑफिसर और 1 डेंटल सर्जन की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही राज्य स्तर से 75 तथा जिला स्तर से 307 स्टाफ एवं प्रबंधकीय पदों पर भर्ती की गई है, जबकि 291 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। यह कदम क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच

नक्सल प्रभावित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता रहा है। कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अब आम लोगों तक पहुंच रहा है। यह विष्णु देव साय के सुशासन का परिणाम है, जिसने बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है।बस्तर संभाग में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे ये सुधार न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठा रहे हैं, बल्कि यह भी साबित कर रहे हैं कि सुशासन और समर्पित प्रयासों से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है।

इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल पूरे विभाग के साथ 5 अगस्त से 7 अगस्त तक तीन दिन के बस्तर संभाग के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वो मेडिकल कॉलेजों की स्वशासी समिति की बैठक लेंगे, अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे, दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेंगे, मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की समीक्षा करेंगे और साथ में बस्तर संभाग के बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों के अंतिम छोर पर बसे गांव में जाकर भी स्वास्थ्य विभाग का काम देखेंगे।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर अभिनव बिंद्रा ने की मुलाकात

No comments Document Thumbnail

रायपुर-छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं अब आकाश को छूएंगी। राज्य के खिलाड़ी प्रारंभिक स्तर से ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दक्ष बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर श्री अभिनव बिंद्रा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी एवं स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के विषय में विस्तारपूर्वक चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री बिंद्रा का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने संबंधी योजनाओं पर गहन चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा है, विशेषकर आदिवासी अंचलों के युवाओं में अत्यधिक संभावनाएं हैं। इस परिप्रेक्ष्य में श्री बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वे छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने में ये प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।

चर्चा के दौरान श्री बिंद्रा ने बताया कि वे अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए विविध कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि फाउंडेशन द्वारा खेलहित में संचालित ये कार्यक्रम निःशुल्क होते हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने के सम्बन्ध में चर्चा की।

श्री बिंद्रा ने जानकारी दी कि ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों में ओलंपिक मूल्यों का विकास किया जाएगा। उन्हें उत्कृष्टता, सम्मान और मैत्री जैसे मूल्यों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक अवस्था से ही खेल प्रतिभाओं का संवर्धन संभव हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय को श्री बिंद्रा ने अवगत कराया कि स्पोर्ट्स इंजरी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी कार्यक्रम के अंतर्गत खिलाड़ियों को निःशुल्क सर्जरी, पुनर्वास एवं उपचार उपरांत देखभाल की संपूर्ण सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि वे स्वस्थ होकर पुनः खेल क्षेत्र में सक्रीय हो सकें। इस हेतु फाउंडेशन के साथ देश के 30 उत्कृष्ट चिकित्सकों का नेटवर्क कार्यरत है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा।

मुख्यमंत्री को श्री बिंद्रा ने बताया कि वर्तमान खेल परिदृश्य पूर्णतः विज्ञान-आधारित हो गया है। अतः वे छत्तीसगढ़ में स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं, जिससे आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा सके। नवीनतम तकनीकों की सहायता से प्रतिभाओं की पहचान वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी तथा टेक्नोलॉजी के माध्यम से उनके कौशल को समुचित रूप से विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आवश्यक सभी सुविधाएं प्रदान कर रही है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के युवाओं में तीरंदाजी का प्राकृतिक कौशल है। इस प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु रायपुर एवं जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से 60 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। इसी प्रकार बस्तर में आयोजित बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये एवं कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की घोषणा की गई है।

इस अवसर पर खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डॉ. दिगपाल राणावत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयत्नों से मिली ऐतिहासिक स्वीकृति: चावल उपार्जन लक्ष्य में 8 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि

No comments Document Thumbnail

रायपुर- प्रदेश के अन्नदाताओं के हितों को सर्वोपरि मानते हुए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर 149.25 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो राज्य गठन के बाद अब तक की सर्वाधिक मात्रा है। उपार्जित धान का त्वरित निराकरण कस्टम मिलिंग के माध्यम से किया जा रहा है। धान खरीदी की समाप्ति तक प्रदेश को केन्द्रीय पूल अंतर्गत 70 लाख मीट्रिक टन चावल उपार्जन का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। राज्य की कल्याणकारी योजनाओं एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए आवश्यक राज्य पूल के लक्ष्य के साथ मिलाकर कुल 118.17 लाख मीट्रिक टन धान की मात्रा कस्टम मिलिंग से निराकरण के लिए निर्धारित की गई है।किसानों के हित में निर्णय लेते हुए राज्य सरकार ने अतिरिक्त धान का नीलामी के माध्यम से निराकरण करने का निर्णय लिया है। नीलामी के माध्यम से अब तक 19 लाख मीट्रिक टन धान हेतु बायर ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं, और संबंधित क्रेताओं एवं मिलरों द्वारा उसका त्वरित उठाव भी किया जा रहा है। प्रदेश के संग्रहण केंद्रों में शेष भंडारित धान की सुरक्षा हेतु खाद्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक सावधानियाँ सुनिश्चित की गई हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश के कृषकों से एक-एक दाना धान खरीदने की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार से लगातार संवाद एवं आग्रह किया गया। इसी क्रम में उन्होंने दिनांक 24 जून 2025 को नई दिल्ली में केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी से भेंट कर केन्द्रीय पूल अंतर्गत चावल उपार्जन लक्ष्य को बढ़ाने का आग्रह किया था।

मुख्यमंत्री साय के सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। भारत सरकार ने 18 जुलाई 2025 को चावल उपार्जन लक्ष्य को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। यह निर्णय न केवल किसानों के हित में महत्त्वपूर्ण है, बल्कि इससे राज्य सरकार को लगभग 1200 करोड़ रुपये की संभावित वित्तीय हानि से भी बचाया जा सका है। चावल उपार्जन लक्ष्य में मिली इस वृद्धि से राज्य की राजकोषीय स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गति आएगी। 

मुख्यमंत्री साय ने इस निर्णय के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग, केंद्र और राज्य की समन्वित किसान-हितैषी नीति का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मिलर एसोसिएशन एवं किसानों द्वारा समय-समय पर उठाई गई मांगों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि सभी सुझावों और आवश्यकताओं पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्रवाई की जाएगी।


राज्य के 11 जिलों को भारत सरकार से मिला कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलॉग फ्री स्टेटस (सीबीबीएफएस)

No comments Document Thumbnail

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा दृष्टिहीनता की रोकथाम हेतु वृहद स्तर पर कार्य किया जा रहा है। दृष्टिहीनता के प्रमुख कारणों में से एक मोतियाबिंद है, जो सामान्यतः एक आयुजन्य नेत्र रोग है। एक निश्चित आयु के पश्चात इसका होना सामान्य माना जाता है, किन्तु इसका ऑपरेशन कर दृष्टि पुनः प्राप्त की जा सकती है। इसके उपचार हेतु गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क नेत्र ऑपरेशन की सुविधा राज्य के 25 जिला चिकित्सालयों एवं 10 चिकित्सा महाविद्यालयों सहित कुल 43 स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है, जहाँ नियमित रूप से नेत्र ऑपरेशन किए जा रहे हैं।

राज्य में अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 1,45,580 तथा अप्रैल 2025 से जून 2025 तक 27,245 मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए हैं। प्रदेश में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी "राष्ट्रीय नेत्र ज्योति योजना" संचालित है, जिसके अंतर्गत सभी जिलों को ‘‘कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलॉग फ्री स्टेटस’’ (सीबीबीएफएस) प्रदान किया जाना है। इस योजना के अंतर्गत दोनों आंखों में मोतियाबिंद से दृष्टिहीन रोगियों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर ऑपरेशन द्वारा उन्हें दृष्टिहीनता से मुक्त किया जाता है।

अब तक राज्य के 11 जिलों — कबीरधाम, रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, खैरागढ़, रायगढ़, कोरबा एवं बस्तर — को दृष्टिहीनता मुक्त घोषित किए जाने हेतु दावा भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। वहीं कांकेर एवं बेमेतरा जिलों के दावों का सत्यापन कार्य प्रगति पर है, जिसके उपरांत प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाएगा।

दृष्टिहीनता के एक अन्य प्रमुख कारण "ग्लॉकोमा" की भी पहचान और उपचार हेतु विभाग सजग है। यह आंख की एक जटिल बीमारी है, जिसकी प्रारंभिक अवस्था में रोगी को जानकारी नहीं होती और जब पता चलता है, तब तक दृष्टि का ह्रास हो चुका होता है। इसकी गई दृष्टि वापस नहीं लाई जा सकती। इसकी पहचान केवल नियमित नेत्र परीक्षण से ही संभव है। अतः 40 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक 6 माह में नेत्र परीक्षण कराने की सलाह दी जाती है। राज्य के सभी विकासखंड केन्द्रों में इसकी जांच की सुविधा उपलब्ध है।

कॉर्नियल दृष्टिहीनता की रोकथाम के लिए "कॉर्नियल दृष्टिहीनता मुक्त राज्य योजना" भी संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत सभी जिलों में कॉर्नियल दृष्टिहीन रोगियों की पहचान कर, नेत्र प्रत्यारोपण केन्द्रों से उनका सत्यापन कराते हुए नेत्र बैंक में पंजीयन कराया गया है। नेत्रदान प्राप्त होते ही प्राथमिकता के आधार पर इनका प्रत्यारोपण किया जाता है। जनजागरूकता के माध्यम से नेत्रदान को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 263 और अप्रैल 2025 से जून 2025 तक 88 नेत्रदान संपन्न हुए हैं।

अन्य सामान्य नेत्र रोगों के उपचार की सुविधा राज्य के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है। सभी जिला चिकित्सालयों में निर्धारित दिवसों पर स्पेशल क्लीनिक आयोजित किए जाते हैं, जिनके अंतर्गत ग्लॉकोमा, रेटिना, डायबिटिक रेटिनोपैथी, पीडियाट्रिक ऑप्थैल्मोलॉजी सहित अन्य नेत्र रोगों का उपचार किया जाता है। अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक ऐसे 81,000 से अधिक तथा अप्रैल 2025 से जून 2025 तक 25,000 से अधिक रोगियों का उपचार किया गया है।

गुणवत्तापूर्ण नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित स्क्रीनिंग शिविर, आधुनिक उपकरणों से जांच तथा तत्काल सर्जरी की सुविधा के माध्यम से प्रदेशवासी निरंतर लाभान्वित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग, छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता को बेहतर, प्रभावी और सुलभ नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।


धान खरीदी में ऐतिहासिक वृद्धि, किसानों के लिए समर्पित डबल इंजन सरकार का बड़ा निर्णय- मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

रायपुर, प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।


कोण्डागांव की बालिका ने ताईवान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

No comments Document Thumbnail

रायपुर- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की बालिका रंजीता कोरेटी ने ताइपे (ताईवान) में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद बालगृह बालिका कोण्डागांव की रंजीता ने कई देशों के खिलाड़ियों को पराजित करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। 

 रंजीता कोरेटी 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर रंजीता को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह न केवल कोण्डागांव जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि रंजीता जैसी बेटियाँ राज्य की उम्मीद और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं, जो यह सिद्ध कर रही हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अब वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

रंजीता की इस उपलब्धि के पीछे जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं बालगृह संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सतत मार्गदर्शन और सहयोग से रंजीता मानसिक और शारीरिक रूप से निरंतर सशक्त होती गई। खेलों में विशेष रुचि और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उसे आईटीबीपी के सहयोग से जूडो का प्रशिक्षण दिलवाया गया। रंजीता ने वर्ष 2021 में चंडीगढ़ में आयोजित ओपन नेशनल जूडो टूर्नामेंट में 40 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी खेल यात्रा की प्रभावशाली शुरुआत की।

इसके पश्चात् वर्ष 2022 में भोपाल में आयोजित ओपन नेशनल जूडो प्रतियोगिता में रंजीता ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वर्ष 2024 में केरल में आयोजित खेलो इंडिया नेशनल जूडो टूर्नामेंट में 52 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इसी वर्ष महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित खेलो इंडिया रीजनल जूडो प्रतियोगिता में उसने गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके साथ ही त्रिशूर (केरल) में 52 किलोग्राम वर्ग में पुनः स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता को दोहराया। पुणे में आयोजित राष्ट्रीय ओपन नेशनल जूडो चैंपियनशिप में रंजीता ने असम, तेलंगाना, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे प्रमुख राज्यों की खिलाड़ियों को पराजित करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, पटना (बिहार) में भी उसने जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक प्राप्त कर जिले और राज्य को गौरवान्वित किया।

राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उपलब्धियों के पश्चात रंजीता ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। अप्रैल 2025 में जॉर्जिया में आयोजित कैडेट यूरोपियन कप 2025 में रंजीता ने 52 किलोग्राम वर्ग में 5वाँ स्थान प्राप्त किया। इसके बाद ताशकंद (उज़्बेकिस्तान) में वर्ष 2025 में आयोजित एशियन कैडेट चैंपियनशिप में भी उसने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखा। अंततः 12 जुलाई से 15 जुलाई 2025 तक ताइपे (ताईवान) में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में रंजीता ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल किया।

रंजीता की इस प्रेरणादायक यात्रा को देखते हुए जनवरी 2023 में उसका चयन भोपाल स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में हुआ, जहाँ वह वर्तमान में शिक्षा के साथ-साथ जूडो का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता यह दर्शाती है कि यदि बेटियों को अवसर, संसाधन और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे किसी भी ऊँचाई को छू सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को सशक्त बनाने के लिए हर स्तर पर प्रतिबद्ध है, और रंजीता कोरेटी जैसे उदाहरण छत्तीसगढ़ की शक्ति और संभावना का प्रतीक हैं।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

No comments Document Thumbnail

रायपुर- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से  विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्य भेंट कर मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2005 से 2009 बैच तक के अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किए जाने के निर्णय हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।


उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के समुचित प्रबंधन हेतु 30 सांख्येतर पदों का सृजन करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय उन अधिकारियों के लिए लिया गया है जिन्होंने सेवा में निर्धारित अर्हता अवधि पूर्ण कर ली है।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले, श्री कीर्तन राठौर, श्री अनंत साहू, डॉ. संगीता माहेलकर एवं श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम उपस्थित थीं।


मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन

No comments Document Thumbnail

रायपुर- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत श्रीमती निहारिका बारीक, विशेष सचिव श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

ग्राम पंचायतों की सक्रियता और स्वप्रेरित जनभागीदारी से हो रहे जल संरक्षण के प्रयास प्रशंसनीय : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।

उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है।

अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।


श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत रायपुर से 850 श्रद्धालुओं का तीर्थयात्रा हेतु प्रस्थान — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी शुभकामनाएं

No comments Document Thumbnail

रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेशवासियों की आस्था और श्रद्धा को मूर्त रूप देने हेतु प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत आज रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर संभाग के 850 श्रद्धालु विशेष ट्रेन से अयोध्या धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए। इस पवित्र यात्रा के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा के मंगलमयी होने की कामना की।

रजत जयंती वर्ष में सांस्कृतिक चेतना को नई उड़ान: ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ अंतर्गत रायपुर से विशेष ट्रेन हुई रवाना

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धालुओं को हमारे 'भांचा राम' — श्रीरामलला के निःशुल्क दर्शन कराने की यह पुण्य यात्रा अनवरत जारी है। यह यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उस गारंटी को साकार कर रही है, जिसमें उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक को प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था।

उन्होंने कहा कि “श्री रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत सरकार ने मार्च 2024 तक 20,000 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया था, किंतु प्रदेशवासियों की अद्वितीय आस्था, उत्साह, और सरकार की प्रतिबद्धता के चलते यह संख्या 22,000 से अधिक हो चुकी है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए ₹36 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। अब तक बीते डेढ़ वर्षों में 27 विशेष ट्रेनें छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों से श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक, विशेषकर बुज़ुर्ग एवं वंचित वर्ग, अपने जीवन में एक बार प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान के दर्शन कर सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ आज प्रदेशवासियों के जनजीवन से गहराई से जुड़ चुकी है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन आज रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने दोपहर 1:00 बजे हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन के प्रस्थान के दौरान रायपुर रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 7 जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। तीर्थयात्रियों और उनके परिजनों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। यात्रियों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य एवं लोकवाद्य से स्वागत किया गया, वहीं IRCTC के प्रतिनिधियों द्वारा तिलक लगाकर अभिवादन किया गया।

इस अवसर पर विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहिब, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, सचिव संस्कृति एवं पर्यटन डॉ. रोहित यादव, पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं रेलवे व IRCTC के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि इस योजना की परिकल्पना मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेशवासियों को जीवन में एक बार अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इसके लिए 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और IRCTC के मध्य एमओयू संपादित किया गया था। योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को रायपुर से हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को रवाना किया था। इसके पश्चात बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों से भी विशेष ट्रेनों का संचालन हुआ। विगत वर्ष इस योजना के माध्यम से लगभग 22,100 श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम के दर्शन किए। योजना के अंतर्गत प्रत्येक संभाग से साप्ताहिक विशेष ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा।


Sushasan Tihar : देखें वीडियो : मुख्यमंत्री के कड़े तेवर, पीएचई के उप अभियंता को लगाई फटकार

No comments Document Thumbnail

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के दौरान आकस्मिक निरीक्षण में आज चुकतीपानी गांव पहुंचे।

आकस्मिक निरीक्षण में आज चुकतीपानी गांव पहुंचे मुख्यमंत्री साय

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(जीपीएम) जिले का ग्राम पंचायत है चुकतीपानी। यहाँ पर उन्होंने मिडिल स्कूल प्रांगण में महुआ पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। खाट पर बैठकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने चौपाल में पीएचई के सब इंजीनियर को फटकार लगाते हुए कहा कि - "या तो काम करो या फिर सस्पेंड होने को तैयार रहो, ये सरकार का काम है, कोई मजाक नहीं। गेट आउट"। डांट लगाने पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं।  सामान्यतः शांत रहने वाले मुख्यमंत्री के कड़े तेवर को देखकर अफसरों में हड़कंप मच गया।

ग्रामीणों का अभिवादन करते हुए मुख्यमंत्री

बैगा जनजाति बाहुल्य इस गांव के ग्रामीणों ने पूरी आत्मीयता के साथ फूल और पत्ती का गुलदस्ता देकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बैगा प्रमुख समरथ सिंह बैगा ने गुलमोहर का माला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। राइता बैगा ने मुख्यमंत्री को तेंदू फल की टोकरी भेंट किया।

समरथ सिंह बैगा ने गुलमोहर फूल का माला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मिडिल स्कूल का मरम्मत कराने और मिडिल स्कूल ग्राउंड को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने की घोषणा की। 

उतरते ही मुख्यमंत्री ने पूछा-सरकार कैसा काम कर रही है, सब ठीक है ना ? 

हेलीकॉप्टर से उतरकर ग्रामीणों के बीच पहुँचते ही मुख्यमंत्री ने पूछा- "सरकार कैसा काम कर रही है, सब ठीक है ना? यही जानने आपके घर आया हूं। आप लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है ना, कुछ दिक्कत परेशानी हो तो बताइए। 

देखें वीडियो:- मुख्यमंत्री ने ऐसे लगाई फटकार


 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर सुशासन तिहार के दौरान अचानक ही जीपीएम जिले के चुकतीपानी गांव में उतरा। हेलीकॉप्टर देखते ही बैगा बाहुल्य गांव में लोगों की भीड़ लग गई और अपने बीच में मुख्यमंत्री को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए। 


बैगा समुदाय के ग्राम प्रमुख ने मुख्यमंत्री को गुलमोहर की माला पहनाकर उनका स्वागत किया और बैगा ग्रामीण रैता बैगा ने तेंदू फल से भरी टोकरी देकर मुख्यमंत्री का गांव में आने के लिए आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वहां उपस्थित ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के बारे में पूछा। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर पीएचई विभाग के सब इंजीनियर को मुख्यमंत्री ने जमकर फटकार भी लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि या तो काम करो या फिर सस्पेंड होने के लिए तैयार रहो। श्री साय ने इस दौरान पानी टंकी से ओवरफ्लो हो रहे पानी को देखकर पानी की बरबादी करने पर भी नाराजगी जाहिर की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गरीब को आवास देने का सरकार अपना सबसे बड़ा वायदा पूरा कर रही है और इसी क्रम में चुकतीपानी में भी 179 पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं। महतारी वंदन योजना के बारे में महिलाओं से पूछने पर उन्होंने बताया कि वो योजना के पैसों से स्व सहायता समूह बनाकर काम कर रही है और घरेलू खाद से सब्जियां उगाकर उसे नजदीक के सभी मंडी में बेचकर आय अर्जित कर रही है। स्थानीय महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट में उगाई गई लाल भाजी को मुख्यमंत्री को भेंट भी किया। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर चुकतीपानी गांव के मिडिल स्कूल का मरम्मत करने की घोषणा की और साथ ही स्कूल के मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में उन्नयन करने की भी घोषणा की।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.