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क्षेत्र के इतिहास पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में 2000 से अधिक छात्रों ने लिया भाग

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आरंग‌। गुरूवार को स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन और संस्कार भारती छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में आरंग  क्षेत्र के ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया। जिसमें आरंग नगर के समस्त हाई, हायर सेकंडरी स्कूलों के कक्षा नवमी से बारहवी तक के सभी संकाय के छात्र - छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। फाउंडेशन के संयोजक और इस आयोजन की परिकल्पना कर्ता महेन्द्र कुमार पटेल ने बताया की आरंग व क्षेत्र के इतिहास एवं पुरातत्व पर आधारित प्रश्न, बच्चों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा। सभी विद्यालयों में नगर व क्षेत्र के इतिहास से संबंधित प्रतियोगिता को लेकर छात्रों में काफी उत्साह दिखा। इस मौके पर स्कूली छात्रो ने अपने विचार साझा करते हुए कहा की इस प्रकार के आयोजन से हमें अपने नगर के गौरवशाली इतिहास और धरोहर के महत्व की जानकारी मिलती है। नगर व क्षेत्र के इतिहास पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता से हमें बहुत कुछ जानने व सीखने को मिला। इस आयोजन पर संस्कार भारती प्राचीन कला विभाग की सह - संयोजक और पुराविद् डॉ. शुभ्रा रजक तिवारी ने सोसल मीडिया के माध्यम से अपने विचार देते हुए कहा की छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक नगरों में आरंग का प्राचीन काल से ही विशिष्ट स्थान रहा है।


आरंग के इतिहास पर आधारित प्रश्न रहा कौतूहल का विषय

आरंग नगर सहित आरंग के आस - पास के क्षेत्र भी पुरातात्विक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। आज भी अंचल के अनेक गांवों में पुरा अवशेष देखे जा सकते हैं। हजारों साल पुराने प्राचीन धरोहर हमारे सभ्यता और संस्कृति की पहचान है। जिसे सहेजकर रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। वहीं जाने माने शिक्षाविद् थिंक आईएएस कोचिंग संस्थान रायपुर के डायरेक्टर मुरली मनोहर देवांगन ने वर्चुअल माध्यम से कहा है यह आयोजन मात्र प्रश्नोत्तर की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक अतुलनीय योगदान है, जिसने बच्चों को उनके अपने नगर आरंग की धरोहर, संस्कृति और इतिहास से साक्षात्कार कराया। दोनों संस्थाओं की यह पहल नगर व क्षेत्र में पुरातात्विक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिल का पत्थर साबित होगी। वहीं यह प्रतियोगी परीक्षा में आरंग के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सृजन सोनकर उच्चतर विद्यालय, आत्मानंद उच्चतर विद्यालय, अरूंधति देवी उच्चत्तर विद्यालय, गांधी इंग्लिश मीडियम उच्चतर विद्यालय स्कूल, राधाकृष्ण उच्चतर विद्यालय, मदर्स प्राइड स्कूल एवं शिशु मंदिर स्कूल से 2000 से अधिक छात्र - छात्राओं ने भाग लिया।सभी संस्थाओं ने पीपला और संस्कार भारती की पहल का स्वागत करते हुए आभार जताये है।परीक्षा के आयोजन, संयोजन व व्यवस्थापन में फाऊंडेशन से महेन्द्र कुमार पटेल, दूजेराम धीवर, यादेश देवांगन, ब्रजेश अग्रवाल, योगेश साहू, अभिमन्यु साहू, रीति शर्मा सोनपीपरे, कोमल लाखोटी, राहुल पटेल, प्रतीक टोंड्रे, जय वर्मा, कियांश देवांगन की अहम् भूमिका रही।



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