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डीआरआई ने सोना तस्करी और विदेशी मुद्रा तस्करी के बड़े रैकेट का किया भंडाफोड़

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राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने सीमा पार से होने वाली सोने की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए दिल्ली स्थित एक बड़े सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। यह गिरोह पूर्वोत्तर भारत से अलग-अलग ट्रेनों के माध्यम से कई वाहकों (कैरियर्स) का उपयोग कर विदेशी मूल का सोना दिल्ली पहुंचाता था। पकड़े जाने के जोखिम को कम करने के लिए तस्करों को अलग-अलग समय पर भेजा जाता था। गिरोह दिल्ली के घनी आबादी वाले क्षेत्र में अवैध रूप से सोना गलाने (मेल्टिंग) की इकाई भी संचालित कर रहा था।

प्रमुख घटनाक्रम

  • 26 जून 2026 को डीआरआई अधिकारियों ने एक समन्वित अभियान में न्यू कूचबिहार रेलवे स्टेशन (पश्चिम बंगाल) और मानसी जंक्शन (बिहार) पर दो वाहकों को पकड़ा।

  • इनके पास से शरीर पर छिपाकर रखा गया लगभग 2 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना बरामद किया गया।

  • इसी दौरान दिल्ली में भी दो अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लगभग 1.2 किलोग्राम तस्करी का सोना बरामद किया गया।

  • जांच के दौरान दिल्ली में संचालित एक अवैध सोना गलाने की इकाई का भी पता चला।

  • इस कार्रवाई में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

महिला तस्कर से 3.3 किलोग्राम सोना बरामद

  • उसी दिन एक अन्य अभियान में सैरांग से कोलकाता जा रही एक महिला यात्री को ट्रेन में पकड़ा गया।

  • उसके विशेष रूप से तैयार किए गए कमर बेल्ट में छिपाकर रखी गई विदेशी भाषा के चिन्हों वाली 20 सोने की ईंटें, जिनका कुल वजन लगभग 3.3 किलोग्राम था, बरामद की गईं।

  • महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।

चेन्नई में विदेशी मुद्रा तस्करी का खुलासा

  • डीआरआई ने चेन्नई एयर कार्गो में घरेलू हवाई कार्गो के माध्यम से विदेशी मुद्रा की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का भी पर्दाफाश किया।

  • अधिकारियों ने 7,58,500 अमेरिकी डॉलर (USD) और 35,00,000 थाई बहत (Thai Baht) बरामद किए, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹8.15 करोड़ है।

  • इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।

  • जांच में पता चला कि इस विदेशी मुद्रा को भारत से अवैध रूप से बाहर भेजकर उससे सोना और चांदी की तस्करी के लिए वित्तपोषण किया जाता था।

बेंगलुरु में आगे की कार्रवाई

  • जांच के आधार पर दुबई से लौट रहे एक व्यक्ति को बेंगलुरु हवाई अड्डे पर पकड़ा गया।

  • उसके पास से 1.8 किलोग्राम सोना बरामद हुआ।

  • उसके घर की तलाशी में लगभग 42 किलोग्राम चांदी, 700 ग्राम सोने के आभूषण तथा ₹26.67 लाख भारतीय मुद्रा जब्त की गई।

  • जांच से यह स्पष्ट हुआ कि भारत में अवैध रूप से जुटाई गई विदेशी मुद्रा को विदेश भेजकर उसी धन से सोना और चांदी की संगठित तस्करी की जा रही थी।

कुल बरामदगी

डीआरआई की इन संयुक्त कार्रवाइयों में:

  • लगभग 9 किलोग्राम विदेशी मूल का तस्करी का सोना,

  • 42 किलोग्राम चांदी,

  • ₹8.15 करोड़ मूल्य की विदेशी मुद्रा,

  • ₹26.67 लाख भारतीय नकदी जब्त की गई।

इन मामलों में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली में पेंशन अदालत का आयोजन, पेंशनभोगियों की शिकायतों का हुआ समाधान

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नई दिल्ली- प्रधान मुख्य नियंत्रक संचार लेखा (Pr. CCA), दिल्ली कार्यालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के लिए आज सफलतापूर्वक पेंशन अदालत (Pension Adalat) का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त सीसीए (पेंशन) रजत त्रिपाठी ने की, जबकि सहायक सीसीए (पेंशन) श्याम लाल दास भी उपस्थित रहे।

इस दौरान BSNL, MTNL और दूरसंचार विभाग (DoT) के पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों की विभिन्न शिकायतों को सुना गया और उनका समाधान किया गया। पेंशन भुगतान, कम्यूटेशन (पेंशन रूपांतरण), पारिवारिक पेंशन तथा अन्य लाभों से जुड़े मामलों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी मंच

पेंशन अदालत ने पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर प्रदान किया। पेंशन स्वीकृति, पेंशन संशोधन, पारिवारिक पेंशन और अन्य संबंधित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।

कार्यवाही के दौरान कई मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया।

पेंशनभोगियों के हित में जारी रहेंगे ऐसे आयोजन

प्रधान मुख्य नियंत्रक संचार लेखा, दिल्ली कार्यालय ने कहा कि वह पेंशनभोगियों को समयबद्ध और प्रभावी सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यालय भविष्य में भी पेंशनभोगियों के कल्याण और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए इस प्रकार की पेंशन अदालतों का नियमित आयोजन करता रहेगा।

"दिल्ली में आयोजित पेंशन अदालत में BSNL, MTNL और DoT के पेंशनभोगियों की शिकायतों का समाधान किया गया। पेंशन भुगतान, पारिवारिक पेंशन और अन्य लाभों से जुड़े मामलों पर अधिकारियों ने सुनवाई की।"


सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमशीला को दिल्ली में किया गया “इंटरनेशनल वूमेंस विजनरी अवार्ड” से सम्मानित

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इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंबेसेडर ऑर्गेनाइजेशन ने दिया पुरस्कार

महासमुंद- महासमुंद की सामाजिक कार्यकर्ता  प्रेमशीला बघेल को आज देश की राजधानी दिल्ली के वाईएमसीए हॉल में आयोजित कार्यक्रम में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंबेसेडर ऑर्गेनाइजेशन द्वारा “इंटरनेशनल विमेंस विजनरी अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें रमादेवी पूर्व सदस्य पैनल ऑफ चेयरपर्सन 17 वीं लोकसभा, राजीव मेनन अभिनेता एवं निर्माता, नुज़रथ जहाँ, अभिनेत्री, मनीष गवई सदस्य, जयलक्ष्मी राव अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एम्बेसडर ऑर्गेनाइजेशन नई दिल्ली द्वारा महिला एवं बाल सशक्तिकरण, डिजिटल वित्तीय समावेशन और ग्रामीण आजीविका विकास के क्षेत्र में उनके तीन दशकों के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

प्रेमशीला पिछले लगभग 30 वर्षों से गरीब, दलित, आदिवासी तथा ग्रामीण-शहरी महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 1994 में मात्र 300 रुपये मानदेय पर बालवाड़ी शिक्षिका के रूप में अपनी सामाजिक यात्रा शुरू की और अब तक 1,500 स्व-सहायता समूहों का गठन कर 15,000 से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाया। उन्होंने 1,000 से अधिक बैंक खाते खुलवाने, 50 लाख रुपये से अधिक माइक्रो-क्रेडिट लिंकिंग कराने तथा 850 महिलाओं को डिजिटल बैंकिंग व मोबाइल लेन-देन का प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।वर्ष 2005 में उन्होंने “उन्नयन जन विकास समिति” की स्थापना की, जिसके माध्यम से 2,200 से अधिक महिलाओं और युवाओं को साबुन निर्माण, बांस शिल्प, टेराकोटा, हाथकरघा, जैविक खेती एवं अन्य आजीविका कौशलों में प्रशिक्षण दिया गया। उनके प्रयासों से 7,500 से अधिक ग्रामीणों तक जागरूकता अभियान पहुंचा तथा 30 गांवों में बाल विवाह और शराबखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को कम करने में सफलता मिली।

डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में उन्होंने नाबार्ड के ई-शक्ति कार्यक्रम के तहत स्व-सहायता समूहों का डिजिटलीकरण कराया और महिलाओं को UPI, डिजिटल ट्रांजेक्शन, बैलेंस जांच तथा मोबाइल रिकॉर्ड कीपिंग का प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा महासमुंद रेलवे स्टेशन के पास सस्ती दर में भोजन उपलब्ध कराने महिला कैंटीन मां की रोटी स्थापित कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया।

 प्रेमशीला बघेल वर्ष 2000 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर महिलाओं की गरीबी और हिंसा से जुड़े मुद्दों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठा चुकी हैं।

उन्हें इस वर्ष 2025 में देश के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य शासन अंतर्गत अलंकरण “वीरांगना अवंतीबाई लोधी पुरस्कार” से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा नाबार्ड , मीडिया समूह, जिला प्रशासन तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया है। वे वर्तमान में श्रम विभाग अंतर्गत जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की सदस्य भी है। 

प्रेमशीला बघेल का महिला दिवस पर संदेश है कि नारी शक्ति जब आत्मविश्वास, शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़ती है, तब समाज में स्थायी परिवर्तन संभव होता है। उनके कार्यों से हजारों महिलाओं में आत्मनिर्भरता, डिजिटल साक्षरता और नेतृत्व की नई चेतना विकसित होती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर

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नई दिल्ली- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) सरकार द्वारा आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में भाग लिया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। सैनिक के रूप में वे देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं, वैज्ञानिक के रूप में प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं और खेल प्रतियोगिताओं में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा लहरा रही हैं। राजनीति, समाजसेवा, प्रशासन और व्यापार—सभी क्षेत्रों में महिलाएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। देशभर के दीक्षांत समारोहों में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बढ़ती बालिकाओं की संख्या प्रेरणादायक है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को अब भी हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक रूढ़ियों और स्वास्थ्य संबंधी उपेक्षा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन बाधाओं को दूर किए बिना महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि महिला तभी वास्तविक रूप से सशक्त होगी जब वह स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम हो, आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सके और उसे समान अवसर एवं सुरक्षा प्राप्त हो। एक सशक्त महिला न केवल अपना जीवन बदलती है, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों की दिशा भी निर्धारित करती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है। ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ लाखों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर उनके स्वास्थ्य की रक्षा कर रही है। ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करा रही है। ‘लखपति दीदी योजना’ जैसी पहलें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान कर रही हैं। ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ महिलाओं के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इन सभी प्रयासों से महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति में सुधार हो रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक सदस्य और संस्था की सामूहिक जिम्मेदारी है। महिलाओं को शिक्षित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें प्रोत्साहन एवं सहयोग देना हम सभी का कर्तव्य है। हमें महिलाओं को यह विश्वास दिलाना होगा कि वे सपने देख सकती हैं और उन्हें पूरा भी कर सकती हैं, और हम उनके साथ खड़े हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है, जहां हर राज्य और क्षेत्र के लोग निवास करते हैं। यदि दिल्ली की महिलाएं सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर हों तथा समाज के हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करें, तो यह पूरे देश में सकारात्मक संदेश देगा। दिल्ली को महिला-नेतृत्व विकास का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समृद्ध दिल्ली और विकसित भारत के सपने को साकार करने में महिलाओं की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार और समाज को उन्हें बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना होगा। ऐसा वातावरण जहां वे बिना किसी दबाव या भय के अपने जीवन से जुड़े स्वतंत्र निर्णय ले सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ‘कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन’ में क्रिसमस प्रार्थना सभा में की शिरकत

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज क्रिसमस के पावन अवसर पर दिल्ली स्थित ‘द कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन’ में आयोजित प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों को क्रिसमस की शुभकामनाएँ देते हुए प्रेम, शांति और करुणा के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रिसमस प्रार्थना सभा में प्रेम, शांति और करुणा का शाश्वत संदेश परिलक्षित हुआ। उन्होंने कामना की कि क्रिसमस की भावना समाज में सद्भाव, सौहार्द और परस्पर सद्भावना को और अधिक सुदृढ़ करे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर ईसाई समुदाय के धर्मगुरुओं और श्रद्धालुओं से संवाद भी किया और देश की एकता, भाईचारे तथा सांस्कृतिक विविधता को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अपने संदेश में कहा:

“आज दिल्ली के ‘द कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन’ में क्रिसमस की प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में सम्मिलित हुआ। इस सेवा में प्रेम, शांति और करुणा का शाश्वत संदेश झलका। क्रिसमस की भावना हमारे समाज में सद्भाव और सद्भावना को प्रेरित करे।”

प्रधानमंत्री की इस उपस्थिति को देश की विविध धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा रहा है।




दिल्ली में ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान के मेगा कैंप को संबोधित किया गया

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नई दिल्ली- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आज नई दिल्ली में आयोजित ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान के मेगा कैंप को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली बहुत मजबूत है और लोगों ने वर्षों से बैंकिंग सिस्टम पर विश्वास किया है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रशासन और सेवाओं का डिजिटलीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की विशेष प्राथमिकता रही है।

उन्होंने बताया कि 2014 से वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवाओं की डिलीवरी पर विशेष ध्यान दिया गया है। डिजिटलीकरण ने न केवल लेनदेन के तरीके बदले हैं बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की संरचना को भी बदल दिया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार अब नागरिकों की अनक्लेम्ड संपत्तियों को डिजिटल माध्यम से लौटाने की जिम्मेदारी ले रही है। इस पहल के तहत दिल्ली सरकार भी समर्थन देगी और वित्त मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने में सक्षम बनाएगी कि ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ के तहत कैंप आयोजित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट, पॉलिसी, शेयर या म्यूचुअल फंड्स के बारे में जानकारी जांचें और अपने फंड्स का दावा करने के लिए इन कैंपों में उपस्थित हों। उन्होंने कहा, “यह केवल धन की वापसी नहीं है, बल्कि अधिकारों की बहाली, न्याय की पूर्ति और आपके हक की पुष्टि है। अब तक लगभग 850 करोड़ रुपये उनके असली मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।”

केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, “आज मुझे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होकर गर्व हो रहा है। यह पहल सरकार की उस सोच को दर्शाती है जो हमेशा नागरिक को केंद्र में रखती है।” उन्होंने बताया कि ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान के तहत अक्टूबर से दिसंबर के तीन महीनों में देश के हर जिले में कैंप आयोजित किए जाएंगे ताकि कोई भी नागरिक अपनी पुरानी जमा पूंजी से वंचित न रहे।

चौधरी ने बताया कि यह अभियान केवल पैसे के बारे में नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सम्मान और नागरिकों के अधिकारों के बारे में है। उन्होंने कई योजनाओं का उल्लेख किया जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती हैं, जिनमें PMJDY, PMJJBY, PMSBY, APY, PMMY और PM SVANidhi शामिल हैं।

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नगराजू ने कहा, “हमने इस अभियान के लिए 3A फ़्रेमवर्क – Awareness, Accessibility और Action अपनाया है। इससे हर नागरिक आसानी से प्रक्रिया को समझ सके और अपने फंड्स का दावा कर सके।” उन्होंने बताया कि अब तक देशभर में 272 जिलों में मेगा कैंप आयोजित किए जा चुके हैं और अगले चरण में 102 अतिरिक्त कैंप आयोजित किए जाएंगे।

नगराजू ने कहा कि इन सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप केवल दो महीनों में ही ₹18.87 अरब से अधिक राशि नागरिकों को वापस की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में डिपॉजिटेड एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड के तहत लंबित राशि 31 अगस्त, 2025 तक केवल ₹3,210.84 करोड़ है।

यह अभियान वित्त मंत्रालय, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), IRDAI, SEBI, IEPFA, PFRDA और राज्य स्तर के बैंकर्स कमेटी के सहयोग से आयोजित किया गया है। मेगा कैंप में नागरिकों को अपने अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्तियों जैसे कि बैंक जमा, बीमा पॉलिसी, शेयर, डिविडेंड और म्यूचुअल फंड्स के दावे करने की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

इस अभियान का उद्घाटन 4 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुजरात के गांधीनगर से किया गया था।

‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान न केवल नागरिकों के धन को लौटाने का माध्यम है, बल्कि यह वित्तीय जागरूकता, डिजिटल समावेशन और सरकार द्वारा सेवाओं की पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


स्वदेशी एयरो-इंजन परियोजना से आत्मनिर्भरता की ओर भारत का बड़ा कदम

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नई दिल्ली- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में “21वीं सदी का युद्ध” विषयक रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद, महामारी और क्षेत्रीय संघर्षों के इस दौर में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल विकल्प नहीं बल्कि सुरक्षा, संप्रभुता और राष्ट्रीय प्रगति की अनिवार्यता है।

प्रमुख बिंदु

ऑपरेशन सिंदूर : स्वदेशी उपकरणों से भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सटीक व निर्णायक कार्रवाई; वर्षों की तैयारी और आत्मनिर्भरता का परिणाम।

सुदर्शन चक्र मिशन : प्रधानमंत्री द्वारा घोषित, अगले दशक में देश के महत्वपूर्ण स्थलों की संपूर्ण वायु सुरक्षा सुनिश्चित करने की परिकल्पना।

नौसैनिक आत्मनिर्भरता : INS हिमगिरी और INS उदयगिरि जैसे अत्याधुनिक स्टील्थ युद्धपोत अब पूरी तरह भारत में निर्मित।

स्वदेशी एयरो-इंजन परियोजना : लंबे समय से लंबित चुनौती निर्णायक चरण में; जल्द ही जमीन पर कार्य आरंभ होगा।

रक्षा औद्योगिक गलियारे : उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में सफल क्रियान्वयन; अन्य राज्यों तक विस्तार की संभावना।

रक्षा निर्यात : 2014 के ₹700 करोड़ से बढ़कर 2025 में लगभग ₹24,000 करोड़।

पॉजिटिव इंडिजिनाइजेशन लिस्ट : 5,500 से अधिक वस्तुएँ अब भारत में निर्मित होंगी; इनमें से 3,000 पहले ही स्वदेशीकरण हो चुकीं।

घरेलू रक्षा उत्पादन : ₹1.5 लाख करोड़ का आंकड़ा पार; 25% योगदान निजी क्षेत्र से।

सुधार एवं नीतिगत पहल

1]रक्षा लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाया गया।

2]प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) सीमा 74% तक बढ़ाई गई।

3]iDEX योजना : स्टार्ट-अप्स व युवाओं को नवाचार का अवसर।

4]ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड का कॉरपोरेटाइजेशन — घाटे से लाभकारी इकाई में परिवर्तन।

5]महिलाओं को कॉम्बैट रोल्स में शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय।

रक्षा मंत्री का संदेश
“भारत किसी देश को शत्रु नहीं मानता, पर अपने हितों पर समझौता भी नहीं करेगा।”
“रक्षा केवल व्यय नहीं, बल्कि डिफेंस इकोनॉमिक्स है, जो नौकरियों और औद्योगिक विकास का आधार है।”
“मीडिया युद्धकाल में चौथा स्तंभ ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रहरी भी है।”
“आत्मनिर्भर भारत रक्षा के क्षेत्र में कोई नारा नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और प्रगति का रोडमैप है।”

छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सांसदों संग सौजन्य भेंट—रात्रि भोज में हुई सार्थक चर्चा

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नई दिल्ली- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित 17, छत्तीसगढ़ सदन में राज्य के सांसदों से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर आयोजित रात्रि भोज के दौरान मुख्यमंत्री ने सांसदों के साथ राज्य और राष्ट्र के समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों को छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता से राज्य के हित और ज़मीनी ज़रूरतें राष्ट्रीय फलक पर बेहतर ढंग से प्रस्तुत हो पाती हैं। इस सौहार्दपूर्ण मुलाक़ात में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे व्यापक परिवर्तनों की चर्चा भी हुई। सांसदों ने छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति को लेकर फीडबैक साझा किया और राज्य के जमीनी अनुभवों से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, निवेश आकर्षण, युवाओं को मिल रहे नए अवसर, किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तनकारी विकास कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी।


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