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WAVES और CIC के युवा कलाकारों की चमक: नेशनल स्ट्रीट फूड फेस्टिवल 2025 में भारतीय रचनात्मकता का भव्य प्रदर्शन

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 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की प्रमुख पहलों WAVES और क्रिएट इन इंडिया चैलेंज (CIC) के विजेता कलाकारों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जब बैटल ऑफ बैंड्स और सिम्फनी ऑफ इंडिया के उत्कृष्ट प्रतिभागियों ने दिल्ली में आयोजित 15वें नेशनल स्ट्रीट फूड फेस्टिवल (NSSF) में मंच संभाला। यह प्रतिष्ठित आयोजन भारत की समृद्ध खाद्य संस्कृति का उत्सव मनाता है, जिसमें क्षेत्रीय व्यंजनों से लेकर लोकप्रिय स्ट्रीट फूड तक विविध स्वादों का संगम दिखता है।

इस वर्ष यह तीन दिवसीय उत्सव 12 से 14 दिसंबर 2025 तक ज Jawaharlal Nehru Stadium, New Delhi में आयोजित हो रहा है, जिसमें Create in India Challenge – Season 1 के विजेताओं के साथ-साथ मशहूर कलाकार कैलाश खेर, अभिनेता आशीष विद्यार्थी, श्रीलंकाई पॉप कलाकार योहानी, गीतकार-सinger अमिताभ एस वर्मा, और हिप-हॉप कलाकार MC Square व Kullar G भी प्रस्तुति देंगे।

CIC संगीत प्रस्तुतियों की प्रमुख झलकियाँ

फेस्टिवल में CIC के युवा और प्रतिभाशाली कलाकार अपनी कला का जादू बिखेरेंगे:

  1. बैंड शिवोहम (Battle of Bands) — पैडी, सनी, आशु और हितेश द्वारा सूफी और बॉलीवुड गीतों की प्रस्तुति।

  2. चिराग तोमर (Symphony of India) — पर्कशनिस्ट साहिल वर्मा के साथ लोकप्रिय बॉलीवुड गीत प्रस्तुत करेंगे।

  3. निशु शर्मा (Battle of Bands) — राजस्थानी लोक संगीत की प्रस्तुति।

  4. नयन कृष्णा (Symphony of India) — बाँसुरी वादन के माध्यम से मनमोहक धुनें।

  5. मालदीव के विजेता बैंड — पहली बार भारत में प्रस्तुति देंगे, जिससे कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय रंग जुड़ जाएगा।

ये सभी युवा कलाकार, WAVES और CIC पहल के माध्यम से निखरकर उभरे हैं। इन्होंने WAVES मुंबई, WAVES Global Outreach Events (मेलबर्न, ओसाका एक्सपो, टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल) में अपनी कौशल का प्रदर्शन किया है। नेशनल स्ट्रीट फूड फेस्टिवल में उनका प्रदर्शन उनके रचनात्मक सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।

भारत की ऑरेंज इकॉनमी को बढ़ावा

यह पहल कलाकारों और क्रिएटिव उत्साही लोगों को अपनी प्रतिभा विकसित करने, WAVES प्लेटफ़ॉर्म पर प्रस्तुत करने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे आर्थिक अवसरों में बदलने का अवसर देती है। इससे भारत की Orange Economy (Creative Economy) को और मज़बूती मिलती है।

WAVES और Create in India Challenge (CIC) के बारे में

Create in India Challenge (CIC), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की प्रमुख WAVES पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य संगीत, फिल्म, एनीमेशन, VFX, गेमिंग, कॉमिक्स, AI, XR और डिजिटल मीडिया जैसे मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्रों में भारत की रचनात्मक प्रतिभा को पहचानना, निखारना और दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।


आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय ईएमआरएस सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महोत्सव ‘उद्भव 2025’ सफलतापूर्वक संपन्न

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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति छात्र शिक्षा समिति (NESTS), जनजातीय कार्य मंत्रालय ने, 3 से 5 दिसंबर 2025 तक आयोजित 6वीं राष्ट्रीय ईएमआरएस सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महोत्सव तथा कला उत्सव – उद्भव 2025 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर ज़िले के वड्देस्वरम स्थित केएल विश्वविद्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह महोत्सव NESTS द्वारा आयोजित और आंध्र प्रदेश जनजातीय कल्याण आवासीय शैक्षणिक संस्थान समिति (APTWREIS–Gurukulam) द्वारा मेज़बानी किया गया, जिसमें केएल विश्वविद्यालय का व्यापक संस्थागत सहयोग मिला।

समापन समारोह में आंध्र प्रदेश सरकार की माननीय जनजातीय कल्याण तथा महिला एवं बाल कल्याण मंत्री जी. संध्या रानी; माननीय सामाजिक कल्याण, दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण, सचिवालय एवं गांव वॉलंटियर विभाग के मंत्री डॉ. डी. एस. स्वामी; तथा आंध्र प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, सिनेमाटोग्राफी एवं गुंटूर जिले के प्रभारी मंत्री कंदुला दुर्गेश उपस्थित रहे। आंध्र प्रदेश सरकार के सामाजिक कल्याण एवं जनजातीय कल्याण विभाग के सचिव एम. एम. नायक भी समारोह में उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और प्रतिभागियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।

अपने संबोधन में माननीय अतिथियों ने जनजातीय छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों की जनजातीय शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उद्भव जैसे मंच न केवल भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि जनजातीय युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अनुभव विकसित करते हैं।

महोत्सव का संचालन NESTS के कमिश्नर अजीत कुमार श्रीवास्तव (IRAS) तथा आंध्र प्रदेश के सामाजिक एवं जनजातीय कल्याण विभाग के सचिव एम. एम. नायक (IAS) के मार्गदर्शन में हुआ। आयोजन सचिव एम. गौथमी (IAS), सचिव APTWREIS (गुरुकुलम), ने अपनी टीमों और दोनों संस्थानों के अधिकारियों के साथ मिलकर कार्यक्रम की सुचारू रूप से व्यवस्था सुनिश्चित की।

कुल 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1,558 छात्र–छात्राओं ने महोत्सव में भाग लिया, जिनमें 524 पुरुष और 1,024 महिला प्रतिभागी शामिल थे। इनके साथ 45 टीम लीडर, 178 एस्कॉर्ट, 22 कंटिंजेंट मैनेजर, 22 लायज़न अधिकारी, 10 अधिकारी, 19 NESTS अधिकारी एवं कर्मचारी, 137 उप-समिति सदस्य, 48 जूरी सदस्य और 60 राज्य अधिकारी/ APTWREIS अधिकारी भी जुड़े। तीन दिनों तक 49 सांस्कृतिक, साहित्यिक, रचनात्मक और प्रदर्शन कलाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए—पहले दिन 18, दूसरे दिन 22 और तीसरे दिन 9—जिनमें भारत की विविध जनजातीय समुदायों की प्रतिभा, सांस्कृतिक गहराई और कलात्मक अभिव्यक्ति देखने को मिली।

समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए। कुल पदक तालिका में तेलंगाना प्रथम स्थान पर रहा, जिसके बाद झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का स्थान रहा। कुल 105 प्रथम पुरस्कार, 105 द्वितीय पुरस्कार और 105 तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए, साथ ही सर्वश्रेष्ठ राज्य चैम्पियनशिप का पुरस्कार भी दिया गया। सभी प्रतिभागियों को उनके उत्साह और सहभागिता के सम्मान में प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

उद्भव 2025 के 12 चयनित वर्गों के विजेता अब यशदा, पुणे में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कला उत्सव में ईएमआरएस का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिसमें देशभर से टीमें भाग लेंगी। जनजातीय हस्तशिल्प, दृश्य कलाएँ, पारंपरिक प्रस्तुतियाँ और स्वदेशी रचनात्मक अभिव्यक्तियों ने इस महोत्सव में विशेष आकर्षण जोड़ा, जो जनजातीय समाज की सांस्कृतिक समृद्धि और कलात्मक परंपराओं को दर्शाता है।

उद्भव 2025 ने माननीय प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के दृष्टिकोण को साकार करते हुए जनजातीय छात्रों को राष्ट्रीय मंच, आत्मविश्वास और अपनी सांस्कृतिक पहचान का उत्सव मनाने का अवसर प्रदान किया। इस महोत्सव ने ईएमआरएस की परिवर्तनकारी भूमिका को भी रेखांकित किया, जो विकासात्मक अंतर को पाटने, शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षमताओं को मजबूत करने तथा जनजातीय युवाओं में नेतृत्व गुणों को विकसित करने में महत्वपूर्ण है।

छठे संस्करण की सफल पूर्णता के साथ, NESTS ने देशभर के जनजातीय छात्रों के लिए समग्र शिक्षा, सांस्कृतिक सशक्तिकरण और रचनात्मक अवसरों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। संगठन स्वदेशी प्रतिभा को पहचान देने और सांस्कृतिक तथा साहित्यिक क्षेत्रों में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने वाले मंचों के विस्तार के लिए समर्पित है।


राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में धमक, धमतरी और रायपुर के खिलाड़ियों ने दिखाई अपनी ताकत

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छत्तीसगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में धमतरी और रायपुर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में कुल 364 प्रतिभागियों ने अपनी कराटे कुशलता का प्रदर्शन किया और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले का अनुभव कराया।

प्रतियोगिता में 9 से 60 वर्ष तक के विभिन्न आयु समूहों के खिलाड़ी शामिल हुए, जिससे राज्य में मार्शल आर्ट्स के प्रति बढ़ते हुए उत्साह और प्रतिभा का पता चलता है। युवा खिलाड़ियों ने अपनी फुर्ती, तकनीक और सामरिक कौशल से जजों और दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं वरिष्ठ खिलाड़ियों ने अनुभव और रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

आयोजकों ने बताया कि यह प्रतियोगिता प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और मार्शल आर्ट्स के महत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न प्रकार की कराटे तकनीकों, किकिंग और पिनिंग की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने अपनी मेहनत और लगन का परिचय दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं न सिर्फ खेल कौशल बढ़ाती हैं, बल्कि युवा पीढ़ी में अनुशासन, आत्म-रक्षा और शारीरिक फिटनेस के महत्व को भी उजागर करती हैं। इस चैंपियनशिप ने छत्तीसगढ़ में मार्शल आर्ट्स के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


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