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जनवरी 2026 में रेस-वॉक शुरू करने वाली शिलांग की युवा एथलीट बेथलीन माकरी ने खुद पर यकीन रखते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में जीता कांस्य पदक

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रायपुर- पिछले साल 29 दिसंबर को शिलांग के साई के स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर में बेथलीन ग्रेस माकरी के कोच ने अचानक इस युवा एथलीट में एक रेस-वॉक एथलीट बनने की काबिलियत देखी। मजे की बात यह है कि बेथलीन खुद इस इवेंट के बारे में लगभग कुछ भी नहीं जानती थी और इसकी तकनीकी बारीकियों की तो बात ही छोड़ दें।

पिछले साल तक, मेघालय की यह युवा एथलीट एक मिडिल और लॉन्ग-डिस्टेंस रनर के तौर पर मुकाबला कर रही थीं। लेकिन 2026 की शुरुआत में, उसे अपना खेल बदलने के लिए कहा गया जिसने उसकी शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की ताकत की परीक्षा ली।

खासी ट्राइब से आने वाली बेथलीन के लिए यह बदलाव बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उनके लिए शुरुआती कुछ सप्ताह बहुत कठिन थे, जब वह रेस-वॉक की अनजान तकनीक के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही थीं और शरीर में तेज दर्द से जूझ रही थीं। इसके चलते कई रातें बिना नींद के बीतीं और मन में आत्म-संदेह भी पैदा होने लगा।

हालांकि, उनके कोच और परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी और इकलौती बेटी होने के नाते, बेथलीन ने इस चुनौती को स्वीकार किया और खेल की तकनीकी बारीकियों को सीखने में खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया। इसके बाद उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के पहले एडिशन में भाग लेने के लिए जगदलपुर का रुख किया।

उन्होंने साई मीडिया से कहा, '' पहले दो हफ्ते वाकई बहुत मुश्किल थे, खासकर मेरे शरीर के लिए। रेस-वॉक की तकनीकी बारीकियां मध्यम या लंबी दूरी की दौड़ से बिल्कुल अलग होती हैं, इसलिए मुझे इसे समझने में समय लगा। इसके बाद कई रातों तक नींद नहीं आई, घबराहट के पल आए और आखिरकार मुझे खुद पर शक होने लगा कि क्या मेरा फैसला सही था।'' 

लेकिन बुधवार को उन संघर्षों का भरपूर फल मिला। बेथलीन ने महिलाओं की रेस-वॉक स्पर्धा में 1:05:18 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। वह झारखंड की नेहा ज़ालक्सो (1:04:02) और ओडिशा की एलीश एक्का (1:04:59) के बाद तीसरे स्थान पर रहीं।

पदक जीतने के कुछ ही पलों बाद इस एथलीट ने इसका श्रेय अपने कोच और परिवार को दिया। उन्होंने कहा, ''मेरे कोच और मेरे परिवार ने मेरा पूरा साथ दिया, और मुझे इसे जारी रखने के लिए लगातार प्रेरित करते रहे। मैंने भी इसे आज़माने का सोचा, और आज मैं यहां हूं। मेरे पास अभी भी सुधार की गुंजाइश है, लेकिन यह ठीक वैसी ही शुरुआत थी जिसकी मुझे ज़रूरत थी।'' 

उन्होंने आगे कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मिला कांस्य पदक मेरी कड़ी मेहनत, मेरे विश्वास और मेरे कोचों व परिवार के समर्थन का प्रमाण है और यह इस खेल में आगे बढ़ने के लिए मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करता है।“

शिलांग कॉलेज में बीए की दूसरे वर्ष की छात्रा बेथलीन को इस बात पर बेहद गर्व है कि वह मेघालय की एकमात्र ऐसी 'रेस वॉकर' हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता है।

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, '' मेघालय से कोई रेस वॉकर नहीं है और मेरा मानना है कि मेरा 'खेलो इंडिया' पदक युवाओं को इस खेल को पेशेवर तौर पर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। मुझे भी अब यह खेल पसंद आने लगा है।''

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का किया उद्घाटन

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अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से सजी 16 टीमें ले रही हिस्सा

छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन द्वारा 3-8 फरवरी तक रायपुर में आयोजन

मुख्यमंत्री साय ने तमिलनाडू और सर्विसेस के बीच हुए उद्घाटन मैच को पूरा देखा, कांटे के मुकाबले वाले मैच के समाप्त होने के बाद ही इंडोर स्टेडियम से निकले

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ राज्य व्हॉलीबॉल एसोशिएशन द्वारा 3 फरवरी से 8 फरवरी तक इसका आयोजन किया गया है। चैंपियनशिप में भारत के लिए खेल चुके कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं। रेलवे, सर्विसेस और इंडियन यूनिवर्सिटी सहित कई राज्यों की टीमें इसमें भागीदारी कर रही हैं। पुरुष वर्ग में 10 टीमें और महिला वर्ग में 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। 

मुख्यमंत्री साय ने फेडरेशन कप के उद्घाटन के बाद इंडोर स्टेडियम में रुककर तमिलनाडू और सर्विसेस के बीच हुए उद्घाटन मैच को पूरा देखा। वे कांटे के मुकाबले वाले इस मैच के समाप्त होने के बाद ही स्टेडियम से निकले। विधायक सुनील सोनी भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मैं देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करता हूं। व्हॉलीबॉल हमें टीमवर्क, सहयोग और समन्वय सिखाता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इसमें प्रदेश का काफी नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा और कौशल का पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर सके, इसके लिए जरूरी अधोसंरचना और प्रशिक्षण पर हम लगातार जोर दे रहे हैं। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कई वर्षों से बंद राज्य खेल अंलकरण सम्मान को हमने पुनः प्रारंभ किया है। ओलंपिक खेलों में राज्य के खिलाड़ी की भागीदारी पर शासन की ओर से 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने पर एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे। साय ने कहा कि खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की नई पहचान अब देश-दुनिया के सामने है। पिछले दो सालों से राज्य में बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पहले साल एक लाख 65 हजार और दूसरे साल करीब 4 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है। 

छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के अध्यक्ष महेश गागड़ा ने अपने स्वागत भाषण में फेडरेशन कप के आयोजन की रूपरेखा और कार्यक्रमों की जानकारी दी। रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव विक्रम सिसोदिया, भारतीय व्हॉलीबॉल संघ के महासचिव रामानंद चौधरी, मध्यप्रदेश व्हॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष रूद्रप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के सचिव हेमप्रकाश नायक, रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, राहुल कौशिक और विनोद नायर सहित विभिन्न व्हॉलीबॉल संघों के पदाधिकारी, सदस्यगण, खिलाड़ी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फेडरेशन कप के उद्घाटन के दौरान मौजूद थे।

इन राज्यों की टीम ले रही हिस्सा

रायपुर में हो रहे 37वें फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप में पुरूष वर्ग में रेलवे, सर्विसेस, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, तमिलनाडू, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ की टीमें भाग ले रही हैं। वहीं महिला वर्ग में रेलवे, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें से कई टीमों में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं।

बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन 11 से 13 दिसम्बर तक

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उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने तैयारियों की समीक्षा की

आयोजन से जुड़े सभी विभागों को उत्कृष्ट और पुख्ता तैयारियों के निर्देश, स्थानीय लोगों के साथ ही ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खिलाड़ियों को बस्तर ओलंपिक से जोड़ने कहा

संभाग स्तरीय स्पर्धाओं में 3500 खिलाड़ी दिखाएंगे अपना कौशल और दमखम, नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी करेंगे भागीदारी

रायपुर-उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक-2025 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में 11 दिसम्बर से 13 दिसम्बर तक इसका आयोजन किया जाएगा। बस्तर ओलंपिक के जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के तीन हजार विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। करीब 500 नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी इन स्पर्धाओं में हिस्सेदारी करेंगे। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के रायपुर के सिविल लाइन स्थित निवास कार्यालय में हुई बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार भी शामिल हुए। संभागायुक्त डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. के साथ बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ तथा खेल अधिकारी बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि विकास और खेल का संगम है। यह बस्तर के युवाओं के सशक्तीकरण और उनमें नेतृत्व के विकास की पहल है। राज्य सरकार बस्तर के युवाओं को खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना चाहती है। उन्होंने संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के सफल और उत्कृष्ट आयोजन के लिए सभी विभागों को परस्पर समन्वय के साथ पुख्ता तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभागियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कमी या खामी नहीं छोड़ते हुए आयोजन स्थलों, खेल प्रबंधन, आवास, साफ-सफाई, भोजन, परिवहन, सुरक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों इत्यादि के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं बनाने को कहा। साव ने कहा कि बस्तरवासियों के साथ ही देश और दुनिया में बस्तर ओलंपिक का बहुत अच्छा और सकारात्मक संदेश जाना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन से जुड़े सभी विभागों और अधिकारियों को इसे यादगार बनाने अपनी-अपनी भूमिका और कार्यों के अनुरूप दायित्वों का गंभीरता व सक्रियता से वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के युवाओं को खेलों से जोड़ने तथा उनकी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित करने स्थानीय लोगों के साथ ही ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खिलाड़ियों को बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन से जोड़ने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को पिछले बस्तर ओलंपिक के विजेताओं और इस बार के विजेताओं को यूथ-आइकॉन बनाकर ज्यादा से ज्यादा गतिविधियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हों। 

बस्तर जिले के प्रभारी खेल अधिकारी ऋषिकेश तिवारी ने बैठक में बताया कि बस्तर ओलंपिक में भाग लेने के लिए संभाग के सभी 32 विकासखंडों के कुल तीन लाख 91 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन कराया था। विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं के दस हजार से अधिक विजेता खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय स्पर्धाओं में भागीदारी की। जिला स्तरीय आयोजनों के करीब तीन हजार विजेता संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। संभाग स्तरीय स्पर्धाओं में लगभग 500 नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी हिस्सेदारी करेंगे। 11 खेलों एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में ये अपना खेल कौशल दिखाएंगे। 

तिवारी ने बताया कि बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन के दौरान जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में फुटबॉल, व्हॉलीबॉल, कराटे, वेटलिफ्टिंग एवं बैडमिंटन स्पर्धाएं होगी। पंडरीपानी स्थित खेलो इंडिया सेंटर में हॉकी के मैच होंगे। वहीं धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में कबड्डी, खो-खो, आर्चरी, एथलेटिक्स और रस्साकसी की प्रतियोगिताएं होंगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनूजा सलाम, उप संचालक  रश्मि ठाकुर एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

राउरकेला में 4th राष्ट्रीय EMRS स्पोर्ट्स मीट 2025 का भव्य समापन, तेलंगाना ने जीता ओवरऑल चैम्पियनशिप

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राउरकेला- बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में आज 4th राष्ट्रीय EMRS खेल प्रतियोगिता 2025 का भव्य समापन हुआ। यह आयोजन पूरे देश में मनाए जा रहे भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय गौरव दिवस के साथ खास तौर पर मेल खाता रहा। कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए भारत के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत का उत्सव मनाया गया।

यह खेल महोत्सव ओडिशा मॉडल ट्राइबल एजुकेशन सोसाइटी (OMTES) द्वारा, ST & SC विकास, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, ओडिशा सरकार के अंतर्गत आयोजित किया गया। आयोजन का संचालन नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (NESTS), जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथि

  • मोहन् चरण माझी, माननीय मुख्यमंत्री, ओडिशा (मुख्य अतिथि)

  • जुअल ओराम, माननीय केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री (विशिष्ट अतिथि)

  • अजीत कुमार श्रीवास्तव, IRAS, आयुक्त, NESTS

  •  बी. परमेश्वरन, IAS, सचिव, ST & SC विकास विभाग, ओडिशा

  • डॉ. शुभंकर मोहापात्र, IAS, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, सुंदरगढ़

  • दूती चंद, अंतरराष्ट्रीय धाविका

  • सुंदरगढ़ क्षेत्र के माननीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि

आयुक्त श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत कर खेल प्रतियोगिता की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की और EMRS छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन व जनजातीय समुदायों में बढ़ती खेल संस्कृति की सराहना की।

परिणाम सारांश

ओवरऑल स्पोर्ट्स चैम्पियन

    • रैंक
    • राज्य
    •  स्वर्ण 
    • रजत
    •  कांस्य
    •  कुल
    •  अंक
    • 1
    • तेलंगाना        
    •  88
    •  66
    •    76
    • 230
    •  714
    • 2
    • छत्तीसगढ़
    •  55
    •  43
    •    64
    • 162
    •  468
    • 3
    • मध्य प्रदेश
    •  40
    •  49
    •    62
    • 151
    •  409

शीर्ष 3 – व्यक्तिगत स्पर्धाएँ

  • रैंक
  • राज्य
  • स्वर्ण
  • रजत
  • कांस्य
  • कुल
  • अंक
  • 1
  • तेलंगाना
  • 82
  • 65
  • 74
  • 221
  • 679
  • 2
  • छत्तीसगढ़
  • 54
  • 43
  • 62
  • 159
  • 461
  • 3
  • मध्य प्रदेश
  • 40
  • 47
  • 61
  • 148
  • 402

शीर्ष 3 – टीम इवेंट्स

  • रैंक
  • राज्य
  • स्वर्ण
  • रजत
  • कांस्य
  • कुल
  • अंक
  • 1
  • तेलंगाना
  • 6
  • 1
  • 2
  • 9
  • 35
  • 2
  • ओडिशा
  • 2
  • 5
  • 1
  • 8
  • 26
  • 3
  • आंध्र प्रदेश
  • 1
  • 2
  • 2
  • 5
  • 13

तेलंगाना ने 230 पदकों और 714 अंकों के साथ ओवरऑल चैम्पियनशिप जीती।

पीएम मोदी के खेल एवं जनजातीय सशक्तिकरण के विज़न की दिशा में बड़ा कदम

यह EMRS खेल महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न को आगे बढ़ाता है:

  • खेलो इंडिया – "खेलो, बढ़ो, प्रगति करो"

  • ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभा की खोज

  • EMRS छात्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाना

  • फिटनेस, नेतृत्व, टीमवर्क सुदृढ़ करना

  • विकसित भारत के निर्माण में खेलों की भूमिका को मजबूत करना

NESTS और EMRS संस्थान जनजातीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय उत्कृष्टता तक ले जाने के मार्ग तैयार कर रहे हैं।

सांस्कृतिक एवं औपचारिक कार्यक्रम की झलकियाँ

समापन समारोह में शामिल थे:

  • छात्रों द्वारा अतिथियों का पारंपरिक स्वागत

  • दीप प्रज्वलन, वंदे मातरम और वेव मार्च

  • ओडिशी एवं धीमसा जैसे सांस्कृतिक नृत्य

  • पदक एवं ट्रॉफी वितरण

  • अद्भुत आतिशबाज़ी

  • मुख्य अतिथि एवं दूती चंद द्वारा मशाल का विसर्जन और EMRS ध्वज अवतरण

कार्यक्रम का समापन कलेक्टर डॉ. शुभंकर मोहापात्र द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


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