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छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: युवाओं के लिए ₹500 करोड़ का स्टार्टअप मिशन, सरकारी कर्मचारियों की आयु सीमा 45 साल

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रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए साय कैबिनेट की बड़ी पहल; 33 जिलों में बनेंगे उद्यमिता विकास केंद्र

रायपुर- छत्तीसगढ़ में युवाओं, रोजगार और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी गई है। इस मिशन के लिए अगले पांच वर्षों में ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सरकार के मुताबिक इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर पैदा करना है। इसके तहत युवाओं को पारंपरिक नौकरी की तलाश तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपना व्यवसाय और रोजगार पैदा करने वाले उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

33 जिलों में बनेंगे उद्यमिता विकास केंद्र

‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही 100 उभरती तकनीक प्रयोगशालाएं और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर विकसित करने की योजना है।

इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। मिशन के तहत NIPUN Job Engine भी विकसित किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार के अवसरों से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके।

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, आयु सीमा 45 साल

कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने अन्य सरकारी सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने वाले पात्र कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने को मंजूरी दी है।

यह लाभ स्थायी और अस्थायी राज्य सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ निगम-मंडल, स्वायत्त संस्थाओं, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों जैसे संबंधित वर्गों पर लागू होगा। इस बदलाव से ऐसे कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं या उच्च पदों के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। सरकार ने कहा है कि संशोधित आयु सीमा को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।

स्टार्टअप और रोजगार पर सरकार का फोकस

सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न रहें, बल्कि उद्यमी बनकर नए रोजगार के अवसर भी पैदा करें। राज्य की मौजूदा स्टार्टअप नीति में भी नवाचार, सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन और तकनीक आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था है।

सरकार के इन फैसलों को प्रदेश में युवा रोजगार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और कौशल विकास को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। खास तौर पर ₹500 करोड़ के मिशन और सरकारी सेवाओं में आयु सीमा बढ़ाने से युवाओं तथा कार्यरत कर्मचारियों—दोनों वर्गों को राहत मिलने की उम्मीद है।

PM-SETU के तहत ITI आधुनिकीकरण को बड़ी मंजूरी, राजस्थान-UP-तेलंगाना के लिए ₹735.70 करोड़ के निवेश को स्वीकृति

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नई दिल्ली- देश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक और रोजगारपरक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs (PM-SETU) योजना के तहत 5वीं राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC) की बैठक में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के ITI क्लस्टरों के लिए कुल ₹735.70 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक की अध्यक्षता कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने की। बैठक में प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) के महानिदेशक दिलीप कुमार, अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार जी. मधुमिता दास, संयुक्त सचिव मानसी सहाय ठाकुर सहित मंत्रालय और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, बहुपक्षीय विकास बैंकों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत के साझेदार शामिल हुए।

9 ITI क्लस्टरों में अब तक ₹2,171 करोड़ का निवेश

5वीं NSC की मंजूरी के बाद PM-SETU के तहत अब तक 9 ITI क्लस्टरों के लिए कुल ₹2,171 करोड़ के निवेश को मंजूरी मिल चुकी है। सरकार का लक्ष्य इन संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं, नई तकनीकों और उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।

PM-SETU के तहत इंडस्ट्री-लेड हब एंड स्पोक मॉडल अपनाया जा रहा है। इसमें एक प्रमुख Hub ITI के साथ कई Spoke ITI को जोड़ा जाता है, जिससे संसाधनों, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक का बेहतर समन्वय हो सके।

राजस्थान को ₹241 करोड़ की मंजूरी

राजस्थान के भिवाड़ी ITI क्लस्टर के लिए ₹241 करोड़ के Strategic Investment Plan (SIP) को मंजूरी दी गई है। इसे H.G. Infra Engineering Limited (HGIEL) ने प्रस्तुत किया था।

इस क्लस्टर में Government ITI Bhiwadi को Hub ITI बनाया गया है, जबकि Government ITI Alwar, Neemrana, Tijara और Kishangarh Bas को Spoke ITI के रूप में शामिल किया गया है।

तेलंगाना के लिए ₹254.30 करोड़

तेलंगाना के Medchal ITI क्लस्टर के लिए ₹254.30 करोड़ के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह प्रस्ताव ZEN Technologies Limited ने प्रस्तुत किया था।

यह प्रस्ताव पहले 4वीं NSC बैठक में कुछ स्पष्टीकरणों के अभाव में टाल दिया गया था। बाद में कोर्स स्ट्रक्चर, वित्तीय गणना, पात्रता, दस्तावेज और सिविल वर्क्स से जुड़े विस्तृत स्पष्टीकरण दिए गए, जिसके बाद समिति ने जवाबों को संतोषजनक मानते हुए प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।

इस क्लस्टर में Government ITI Medchal Hub के रूप में होगा, जबकि Alwal, Shameerpet, Kukunoorpally और Siddipet ITI को Spoke संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ ITI क्लस्टर को ₹240.40 करोड़

उत्तर प्रदेश के Meerut ITI क्लस्टर के लिए ₹240.40 करोड़ के Strategic Investment Plan को भी मंजूरी मिली है। यह प्रस्ताव National Skill Development Corporation (NSDC) ने प्रस्तुत किया था।

इस क्लस्टर में Government ITI, Saket, Meerut को Hub ITI बनाया गया है। इसके साथ Ghaziabad, Hapur, Gautam Buddha Nagar और Baghpat के Government ITI को Spoke ITI के रूप में जोड़ा गया है।

उद्योग की भागीदारी से बदलेगा ITI का स्वरूप

PM-SETU का उद्देश्य सरकारी ITI को आधुनिक तकनीक, बेहतर आधारभूत ढांचे और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण सुविधाओं से लैस करना है। स्वीकृत योजनाओं में इन्फ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण, मौजूदा ट्रेड्स का अपग्रेडेशन, नए लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू करना तथा संस्थानों की संचालन क्षमता मजबूत करना शामिल है।

इन योजनाओं से ITI में पढ़ने वाले युवाओं को उभरती तकनीकों और बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है। इससे रोजगार के नए अवसरों के लिए युवाओं की तैयारी को भी मजबूती मिलेगी।

राजस्थान बना PM-SETU के तहत SHA साइन करने वाला पहला राज्य

बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी हासिल हुई। H.G. Infra Engineering Limited, राजस्थान सरकार और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (भारत सरकार) के बीच Shareholders' Agreement (SHA) पर हस्ताक्षर किए गए।

राजस्थान के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संदीप वर्मा की मौजूदगी में हुए इस समझौते के साथ भिवाड़ी ITI क्लस्टर में PM-SETU के तहत कार्यान्वयन की औपचारिक शुरुआत हो गई। इसके साथ राजस्थान PM-SETU के तहत SHA पर हस्ताक्षर करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने पर जोर

PM-SETU केंद्र सरकार की प्रमुख कौशल विकास योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य ITI इकोसिस्टम को उद्योग के साथ जोड़कर आधुनिक बनाना है। योजना के तहत बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम और उद्योग आधारित कौशल के जरिए युवाओं की रोजगार क्षमता (Employability) बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के तीन ITI क्लस्टरों के लिए ₹735.70 करोड़ की ताजा मंजूरी को देश में आधुनिक, उद्योग-उन्मुख और भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार ITI विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

खेल और युवा शक्ति बनेंगे विकसित भारत की ताकत, PM मोदी ने रोजगार और 2036 ओलंपिक पर रखा जोर

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में खेल और युवा शक्ति की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने खेलों में भारत की बढ़ती उपलब्धियों, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, स्टार्टअप, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

युवाओं के लिए ₹1 लाख करोड़ की रोजगार योजना

प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत करीब 3.5 करोड़ युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार की ओर से ₹15,000 की सहायता दी जाएगी। वहीं, अधिक संख्या में नए रोजगार पैदा करने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

2036 ओलंपिक की मेजबानी पर भारत की नजर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार के रूप में आगे बढ़ रहा है। साथ ही भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी करेगा।

उन्होंने कहा कि ओलंपिक में करीब 40 खेलों और 325 से 350 स्पर्धाओं का आयोजन होता है, लेकिन भारत आज लगभग दो-तिहाई स्पर्धाओं में हिस्सा नहीं लेता। ऐसे में इन खेलों में भारतीय प्रतिभाओं को आगे लाने की जरूरत है।

5 से 15 साल के बच्चों के लिए टैलेंट हंट

2036 ओलंपिक की तैयारी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने देशभर के गांवों, शहरों और स्कूलों में टैलेंट हंट अभियान चलाने की बात कही। इसके तहत 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान की जाएगी।

चयनित बच्चों की क्षमताओं का आकलन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। प्रधानमंत्री ने इस अभियान में बेटियों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।

खेलों के पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि TOPS योजना, खेलो इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स और बीच गेम्स के साथ-साथ खेल बुनियादी ढांचे, कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन और स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन के क्षेत्र में भी भारत आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जो युवा खिलाड़ी नहीं भी बन पाते, उनके लिए भी खेलों से जुड़े सपोर्ट सिस्टम में रोजगार और करियर के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

कोचिंग संस्थानों की बढ़ती लागत को मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बताते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि भारत के पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभाशाली शिक्षक और विशेषज्ञ हैं। इन सभी संसाधनों को एक साथ जोड़कर युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने बताया कि Startup India के तहत देश में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हो चुके हैं। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने ₹1 लाख करोड़ के Innovation Fund का भी उल्लेख किया और कहा कि युवा अपने सपनों के साथ आगे आएं, संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।

नशामुक्त भारत का आह्वान

प्रधानमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या को गंभीर चुनौती बताते हुए ‘नशामुक्त भारत’ को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति को मजबूत बनाना विकसित भारत के निर्माण के लिए जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है और 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की आकांक्षाओं और भागीदारी को विकास यात्रा से जोड़ना होगा।


https://twitter.com/i/status/2088497310938669077

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

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बदलती तकनीक और हरित परिवहन की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को मिलेगा आधुनिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण

ऑनलाइन प्रवेश पंजीयन प्रक्रिया शुरू

रायपुर- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), जीजामगांव में सत्र 2026-27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का प्रथम बैच प्रारंभ किया गया है। यह इस संस्था का भी पहला प्रशिक्षण सत्र होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए यह ट्रेड युवाओं के लिए करियर की दृष्टि से बेहद अहम साबित होगा।

दो वर्षीय पाठ्यक्रम और आधुनिक प्रशिक्षण

मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के साथ-साथ बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS), मोटर कंट्रोल, चार्जिंग सिस्टम, वाहन सर्विसिंग और फॉल्ट डायग्नोसिस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में यह ट्रेड छत्तीसगढ़ के चुनिंदा 5 शासकीय आईटीआई संस्थानों में ही संचालित है, जिससे जीजामगांव आईटीआई में इसकी शुरुआत जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

रोजगार व स्वरोजगार के बेहतर अवसर

ई-व्हीकल के बढ़ते चलन से अधिकृत सर्विस सेंटरों, ई-व्हीकल निर्माण कंपनियों, चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी से संबंधित सेवा इकाइयों में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, प्रशिक्षित युवा खुद का सर्विस सेंटर या तकनीकी सेवा शुरू कर स्वरोजगार भी स्थापित कर सकेंगे।

क्षेत्र का तेजी से हो रहा विकास

जीजामगांव क्षेत्र में फॉरेस्ट पार्क, फूड पार्क सहित विभिन्न विकास एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नवीन आईटीआई भवन के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण भी किया था। जिला धमतरी की नोडल संस्था शासकीय आईटीआई कुरूद के प्राचार्य योगेश देवांगन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए इस नवीन ट्रेड में प्रवेश लें।

प्रवेश प्रक्रिया और अन्य सौगातें

आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए शासकीय आईटीआई कुरूद से संपर्क किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 23 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम करेली बड़ी में आयोजित समारोह में जिले के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा की थी, जिसमें जीजामगांव में नवीन आईटीआई की स्थापना भी शामिल थी।


बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

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नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन

बस्तर में आमदनी दोगुनी करने का बड़ा संकल्प: तीन साल में हर परिवार की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का लक्ष्य

नई दिल्ली- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में नक्सलवाद से मुक्त बस्तर की नई तस्वीर देश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, दुग्ध क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, पर्यटन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने तथा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। वहां दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, खेतों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, गांवों में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज, छोटे उद्योग और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में “डेयरी मॉडल” को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य गांवों में स्थायी आय का स्रोत तैयार करना है। इस पहल से महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी उपलब्ध होने से खेती बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसान धान के साथ-साथ सब्जियां, फल तथा अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज, बीमारी और दवाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा तथा डॉक्टरों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा।

उन्होंने बताया कि बस्तर में बने लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चित्रकोट और बौद्ध धर्म से जुड़े तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जबकि सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, संग्रहालय और महानदी तट के विकास पर कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। पर्यटकों के आने से होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, दुकानदारों और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार मिलता है। बस्तर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेश, सुशासन और तकनीक आधारित विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत बनाकर निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक के जरिए विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही 341 पीएमश्री स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार ने एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए हैं। इन मिशनों से युवाओं को रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे तथा छत्तीसगढ़ को नवाचार और निवेश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और निर्यात को नई गति मिली है। खेल सामग्री, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना से राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा। इससे किसानों, कारीगरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित रोजगार मेले में युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देशभर के 47 स्थानों पर आयोजित 19वें रोजगार मेले के तहत सिलीगुड़ी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

सिलीगुड़ी रोजगार मेले में कुल 82 युवाओं को विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें भारतीय रेलवे, डाक विभाग, रक्षा विभाग, वित्तीय सेवा विभाग और भारतीय खाद्य निगम (FCI) जैसे विभागों में नियुक्तियां शामिल हैं। देशभर में आयोजित इस रोजगार मेले के माध्यम से 51 हजार से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल होने का अवसर मिला है।

अपने संबोधन में कमलेश पासवान ने कहा कि रोजगार मेला केवल नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों, प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पारदर्शी, तेज और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं के लिए लगातार नए अवसर उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘नागरिक देवो भवः’ मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों की सेवा करना सरकार और सरकारी कर्मचारियों का सर्वोच्च कर्तव्य है। उन्होंने नव नियुक्त युवाओं से ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करने तथा ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना को सर्वोपरि रखने की अपील की।

कार्यक्रम में सांसद जयंती रॉय, विधायक शंकर घोष, शिखा चटर्जी, आनंदमय बर्मन, सोनम लामा, दुर्गा मुर्मू और अनंत देव अधिकारी सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अपने समापन संबोधन में कमलेश पासवान ने सभी नव नियुक्त युवाओं और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति ही विकसित, आत्मनिर्भर और गौरवशाली भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे से बढ़ी पारदर्शिता, 58 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टेक परियोजना नई क्रांति का आधार बन रही है। इस परियोजना के अंतर्गत संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) योजना ने राज्य में खेती-किसानी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने का कार्य किया है। मोबाइल ऐप आधारित इस सर्वे के जरिए खरीफ और रबी फसलों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिससे कृषि प्रबंधन अधिक प्रभावी बन रहा है।

85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सत्यापन पूर्ण

खरीफ वर्ष 2025 के लिए 15 अगस्त 2025 से प्रारंभ किए गए डिजिटल क्रॉप सर्वे में राज्य के 33 जिलों के 18,008 गांवों के कुल 1 करोड़ 19 लाख 68 हजार 415 खसरों का सर्वेक्षण किया गया। इनमें से 1 करोड़ 18 लाख 07 हजार 537 खसरों को अनुमोदित किया गया है। इस प्रकार 85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। वहीं, रबी फसल वर्ष 2026 का सर्वे 1 जनवरी 2026 से जारी है।

79 प्रतिशत किसानों की बनी फार्मर आईडी

एग्रीस्टेक परियोजना के तहत राज्य के कुल 40 लाख 08 हजार 908 किसानों में से 31 लाख 68 हजार 555 किसानों का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। यह कुल किसानों का 79.22 प्रतिशत है। राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत 104 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है।

तकनीक से मजबूत होगा कृषि तंत्र

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर खेती को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक परियोजना के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र मिलेगा तथा कृषि आंकड़ों का वैज्ञानिक प्रबंधन संभव होगा।

ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 में 33 जिलों के 14,066 गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया गया, जिसमें 58 हजार 335 ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को सर्वेयर के रूप में रोजगार मिला। इन युवाओं को इस कार्य के एवज में लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।

साल में दो बार मिलेगा रोजगार

अब वर्ष में दो बार—खरीफ और रबी सीजन में—डिजिटल फसल सर्वे होने से ग्रामीण युवाओं को नियमित रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और तकनीक आधारित कृषि प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेला में युवाओं को संबोधित किया, 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से रोजगार मेला को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का दीपावली उत्सव सभी के जीवन में नई रोशनी लेकर आया है। त्योहार की खुशी के साथ स्थायी नौकरियों के नियुक्ति पत्र प्राप्त करना युवाओं के लिए डबल खुशी है। आज देशभर में 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, जिससे उनके परिवारों में भी अत्यधिक खुशी है। प्रधानमंत्री ने सभी नए नियुक्त कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नियुक्त युवा अपने उत्साह, मेहनत और सपनों को पूरा करने की आत्म-विश्वास की भावना के साथ जब देश सेवा का जज़्बा जोड़ते हैं, तो उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि राष्ट्र के लिए जीत बन जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की नियुक्तियाँ केवल सरकारी नौकरियाँ नहीं हैं, बल्कि देश के निर्माण में सक्रिय योगदान करने के अवसर हैं। उन्होंने नए नियुक्त कर्मचारियों से अपील की कि वे ‘नागरिक देवो भव’ के मंत्र को ध्यान में रखते हुए सेवा और समर्पण की भावना से कार्य करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि रोजगार मेले युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का एक सशक्त माध्यम बन गए हैं, जिसमें हाल के समय में 11 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रयास केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हैं। सरकार ने ‘पीएम विकसित भारत रोजगार योजना’ शुरू की है, जिसका लक्ष्य 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार प्रदान करना है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए एक नया पहल ‘प्रतिभा सेतु पोर्टल’ की घोषणा की, जो उन उम्मीदवारों के लिए अवसर प्रदान करता है जो UPSC की अंतिम सूची में पहुँच चुके हैं लेकिन चयनित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अब ये प्रतिभाशाली युवा सार्वजनिक और निजी संस्थानों के साथ जुड़कर अपने कौशल का उपयोग कर सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि GST बचत उत्सव ने भी उत्सव के मौसम को और समृद्ध किया है। उन्होंने बताया कि GST में दरों में सुधार ने न केवल उपभोक्ताओं को लाभ दिया, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ाए हैं। इससे उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला और नई नौकरियों के सृजन में वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वर्तमान में विश्व का सबसे युवा देश है और युवाओं की शक्ति देश की सबसे बड़ी संपत्ति है। उन्होंने बताया कि विदेश नीति और वैश्विक निवेश समझौतों में भी अब युवाओं के प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के दौरे में दोनों देशों ने AI, फिनटेक और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर सहमति जताई। इसी तरह, ब्राज़ील, सिंगापुर, कोरिया और कनाडा जैसे देशों के साथ निवेश साझेदारियाँ नई नौकरियाँ पैदा करेंगी और युवाओं को वैश्विक परियोजनाओं में काम करने के अवसर प्रदान करेंगी।

प्रधानमंत्री ने नए नियुक्त युवाओं से कहा कि वे विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में लगातार प्रयास करें और अपने योगदान से देश का भविष्य आकार दें। उन्होंने i-Got कर्मयोगी भारत प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करने की सलाह दी, जो लगभग 1.5 करोड़ सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण और सीखने का अवसर प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री ने अंत में सभी नए नियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दी और कहा कि उनके प्रयासों के माध्यम से ही भारत का भविष्य और नागरिकों के सपनों की प्राप्ति सुनिश्चित होगी।

https://youtu.be/C6wn1JY-T7Y

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