Media24Media.com: #YourMoneyYourRight

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #YourMoneyYourRight. Show all posts
Showing posts with label #YourMoneyYourRight. Show all posts

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की समीक्षा बैठक में रिकॉर्ड प्रदर्शन, डिजिटल सुधार और वित्तीय समावेशन पर जोर

No comments Document Thumbnail

वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव एम. नागराजू ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान उनके परिचालन, वित्तीय और रणनीतिक प्रदर्शन का आकलन किया गया। इस बैठक में DFS के विशेष सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एमडी एवं सीईओ तथा कार्यकारी निदेशक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान “आपकी पूँजी, आपका अधिकार (Your Money, Your Right)” शीर्षक से एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। यह पुस्तक देशभर में चलाए गए उस अभियान को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को उनके अनक्लेम्ड वित्तीय परिसंपत्तियों की पहचान करने और उन्हें वापस प्राप्त करने में सक्षम बनाना है। इस पहल के तहत बैंकों, वित्तीय संस्थानों, नियामकों और अन्य हितधारकों के सहयोग से पिछले छह महीनों में लगभग ₹6,800 करोड़ की राशि लगभग 29 लाख लाभार्थियों को वापस की गई है।

बैठक में DFS की नवीनीकृत वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया। नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ तैयार यह पोर्टल अधिक सुगमता, सरल नेविगेशन और बेहतर सूचना प्रसार प्रदान करता है। यह वेबसाइट 23 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है और इसमें दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए विशेष सुविधाएँ भी शामिल हैं, जो समावेशी डिजिटल सेवा वितरण की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

समीक्षा के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के व्यवसाय वृद्धि, लाभप्रदता, परिसंपत्ति गुणवत्ता, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय समावेशन, डिजिटल बैंकिंग, एमएसएमई ऋण प्रवाह, साइबर सुरक्षा और परिचालन जोखिम प्रबंधन सहित विभिन्न पहलुओं का विस्तृत आकलन किया गया। बताया गया कि वित्त वर्ष 2025–26 में PSBs ने मजबूत वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन किया है। कुल बैंकिंग व्यवसाय लगभग ₹283.3 लाख करोड़ तक पहुँच गया, जबकि शुद्ध लाभ बढ़कर लगभग ₹1.98 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

बैठक में यह भी बताया गया कि सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) घटकर 1.93% और शुद्ध NPA घटकर 0.39% के ऐतिहासिक निम्न स्तर पर आ गई है, जो बैंकिंग प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री जन धन योजना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पीएम मुद्रा योजना, पीएम विश्वकर्मा और डिजिटल लेंडिंग जैसी वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

डिजिटल लोन प्रोसेसिंग, ई-केवाईसी, पेपरलेस सिस्टम और सरकारी प्लेटफॉर्म के एकीकरण जैसे उपायों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में एमएसएमई क्षेत्र को ऋण उपलब्धता बढ़ाने, साइबर सुरक्षा मजबूत करने और डिजिटल बैंकिंग प्रणाली को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।

अंत में सचिव ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बदलते वैश्विक परिदृश्य में सतर्क रहते हुए दक्षता, पारदर्शिता और ग्राहक सेवा पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को समर्थन मिल सके।

“आपकी पूंजी, आपका अधिकार” : अदावी वित्तीय संपत्तियों की पहचान और वापसी हेतु राष्ट्रव्यापी पहल

No comments Document Thumbnail

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • “आपकी पूंजी, आपका अधिकार – Your Money, Your Right” एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता एवं सुविधा अभियान है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को उनकी अदावी (Unclaimed) वित्तीय संपत्तियों की पहचान कराने और उन्हें वापस दिलाने में सहायता करना है।
  • यह पहल बैंकों, बीमा, म्यूचुअल फंड, लाभांश, शेयर तथा सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़ी अदावी बचत को संबोधित करती है, जो विनियमित वित्तीय प्रणाली के भीतर सुरक्षित रूप से रखी गई हैं।
  • वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) द्वारा वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के साथ समन्वय में संचालित यह अभियान डिजिटल पोर्टलों और जिला-स्तरीय सुविधा शिविरों को जोड़ता है।
  • सरकारी विभागों, नियामकों और वित्तीय संस्थानों के समन्वित प्रयासों से अब तक लगभग ₹2,000 करोड़ की राशि वास्तविक हकदारों को लौटाई जा चुकी है।

परिचय (Introduction)

पीढ़ियों से भारतीय परिवारों ने सावधानीपूर्वक बचत की है—बैंक खाते खोलकर, बीमा पॉलिसियाँ लेकर, म्यूचुअल फंड में निवेश कर, शेयरों से लाभांश अर्जित कर तथा सेवानिवृत्ति के लिए धन सुरक्षित रखकर। ये निर्णय बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य आवश्यकताओं और वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की आशा के साथ लिए जाते हैं।

लेकिन समय के साथ इन मेहनत की कमाई में से एक बड़ा हिस्सा अदावी रह गया है। यह धन न तो गायब हुआ है और न ही दुरुपयोग हुआ है—यह विनियमित वित्तीय संस्थानों के पास सुरक्षित है। जागरूकता की कमी, पुराने रिकॉर्ड, निवास परिवर्तन, या दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण कई परिवारों को इन संपत्तियों की जानकारी ही नहीं होती।

Your Money, Your Right इसी उद्देश्य से शुरू किया गया प्रयास है—नागरिकों को उनकी भूली-बिसरी वित्तीय संपत्तियों से पुनः जोड़ना और यह सुनिश्चित करना कि उनका धन अंततः उन्हीं तक पहुँचे।

अदावी वित्तीय संपत्तियाँ क्या हैं? (What Are Unclaimed Financial Assets)

जब किसी वित्तीय संस्था के पास रखा धन लंबे समय तक खाताधारक या उसके वैध उत्तराधिकारियों द्वारा दावा नहीं किया जाता, तो वह अदावी वित्तीय संपत्ति कहलाता है। इनमें शामिल हैं:

  • 10 वर्ष या उससे अधिक समय से निष्क्रिय बैंक जमा (बचत, चालू, एफडी, आरडी)

  • देय तिथि के बाद भी अप्रदत्त बीमा पॉलिसी की राशि

  • म्यूचुअल फंड रिडेम्पशन/लाभांश जो बैंक खाते में जमा न हो पाए

  • अदावी लाभांश और शेयर जो वैधानिक प्राधिकरणों को स्थानांतरित हो गए हों

  • पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ जिनका समय पर दावा नहीं किया गया हो

ये संपत्तियाँ अक्सर नौकरी के लिए स्थानांतरण, संपर्क विवरण में बदलाव, पुराने खाते बंद होने या परिवार/उत्तराधिकारियों को जानकारी न होने के कारण अदावी रह जाती हैं।

“आपकी पूंजी, आपका अधिकार” पहल

अक्टूबर 2025 में सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए “आपकी पूंजी, आपका अधिकार – Your Money, Your Right” पहल शुरू की।
यह पहल वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवा विभाग द्वारा, निम्न नियामकों के सहयोग से संचालित है:

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)

  • बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI)

  • भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI)

  • निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष प्राधिकरण (IEPFA)

  • पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA)

मुख्य उद्देश्य है—नागरिकों को उनकी वैध वित्तीय संपत्तियों की पहचान, पहुँच और दावा करने में सरल, पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से सहायता करना।

अदावी धन की व्यापकता (The Scale of Unclaimed Money)

  • बैंकों में अदावी जमा: लगभग ₹78,000 करोड़

  • अदावी बीमा राशि: लगभग ₹14,000 करोड़

  • म्यूचुअल फंड में अदावी राशि: लगभग ₹3,000 करोड़

  • अदावी लाभांश: लगभग ₹9,000 करोड़

ये आँकड़े दर्शाते हैं कि नागरिकों की बड़ी मात्रा में बचत आज भी उपयोग में नहीं आ पा रही है।

अदावी संपत्तियाँ क्यों महत्वपूर्ण हैं? (Why Unclaimed Assets Matter)

अदावी धन केवल आँकड़ा नहीं है—यह परिवारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आपात स्थितियों में सहारा बन सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह पेंशन या बीमा लाभ के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रणालीगत स्तर पर, अदावी संपत्तियाँ औपचारिक वित्तीय व्यवस्था में नागरिकों के भरोसे और सहभागिता को कमजोर करती हैं। यह पहल उस भरोसे को मजबूत करती है।

डिजिटल पोर्टल

1. UDGAM पोर्टल (अदावी बैंक जमा)

RBI द्वारा विकसित यह पोर्टल विभिन्न बैंकों में अदावी जमाओं की केंद्रीय खोज सुविधा देता है।

2. बीमा भरोसा पोर्टल (अदावी बीमा राशि)

बीमा पॉलिसीधारकों/नामांकितों को अदावी बीमा राशि खोजने में सहायता करता है।

3. MITRA पोर्टल (म्यूचुअल फंड)

MF Central पर उपलब्ध यह प्लेटफॉर्म अदावी/निष्क्रिय म्यूचुअल फंड निवेश की पहचान में मदद करता है।

4. IEPFA पोर्टल (लाभांश और शेयर)

7 वर्ष से अदावी लाभांश/शेयर IEPFA को स्थानांतरित होते हैं, जिन्हें कभी भी दावा किया जा सकता है।

ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन

अक्टूबर–दिसंबर 2025 के बीच यह तीन माह का राष्ट्रव्यापी अभियान रहा, जिसमें सभी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश शामिल हुए।
3A फ्रेमवर्क—जागरूकता (Awareness), पहुँच (Accessibility) और कार्रवाई (Action) पर आधारित इस अभियान के तहत 668 जिलों में सुविधा शिविर आयोजित हुए।
डिजिटल कियोस्क, हेल्पडेस्क और स्थानीय प्रशासन/वित्तीय संस्थानों के समन्वय से नागरिकों को सीधे सहायता मिली।

प्रगति और उपलब्धि (Progress Achieved)

  • लगभग ₹2,000 करोड़ की राशि वास्तविक हकदारों को लौटाई गई

  • नामांकन, दस्तावेज़ीकरण और रिकॉर्ड-कीपिंग के प्रति जागरूकता बढ़ी

  • वित्तीय समावेशन और प्रणाली में विश्वास मजबूत हुआ

निष्कर्ष (Conclusion)

“आपकी पूंजी, आपका अधिकार – Your Money, Your Right” एक नागरिक-केंद्रित पहल है, जो लोगों को उनकी वैध वित्तीय संपत्तियों से पुनः जोड़ती है।
जागरूकता, सरल पहुँच और समन्वित सुविधा के माध्यम से यह पहल वित्तीय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक-प्रथम बनाती है, ताकि हर व्यक्ति की बचत सुरक्षित, सुलभ और हस्तांतरणीय बनी रहे।

प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान: ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ आंदोलन में भाग लें

No comments Document Thumbnail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नागरिकों से ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया। यह पहल लोगों को उनके अप्राप्त जमा, बीमा लाभ, लाभांश और अन्य वित्तीय संपत्तियों को पुनः प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए शुरू की गई है।

मोदी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने लिंक्डइन ब्लॉग में लिखा:

“यह एक अवसर है कि आप अपनी भूली हुई वित्तीय संपत्ति को नए अवसर में बदल सकें।

‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ आंदोलन में भाग लें!”

भारत सरकार ने शुरू किया राष्ट्रीय अभियान “आपकी पूँजी, आपका अधिकार”

No comments Document Thumbnail

भारत सरकार ने “आपकी पूँजी, आपका अधिकार — Your Money, Your Right” नामक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य बैंक जमा, बीमा, डिविडेंड, शेयर, म्यूचुअल फंड और पेंशन जैसी अप्राप्त (unclaimed) वित्तीय परिसंपत्तियों को उनके वास्तविक दावेदारों तक पहुँचाना है।


यह अभियान 4 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ और 3A Framework—Awareness, Accessibility और Action पर आधारित है। तीन महीने (अक्टूबर–दिसंबर 2025) तक चलने वाले इस अभियान को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है। अक्टूबर से 5 दिसंबर 2025 तक 477 जिलों में कैंप आयोजित किए गए जिनमें जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों ने भाग लिया।

जनजागरूकता बढ़ाने के लिए SOPs, FAQs, क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री और छोटे वीडियो संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किए गए हैं। जिला स्तर पर आयोजित कैंपों में डिजिटल डेमोंस्ट्रेशन, हेल्पडेस्क और मार्गदर्शन सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं ताकि दावा प्रक्रिया सरल बने।

इस अभियान में सभी प्रमुख वित्तीय क्षेत्र नियामकों की भागीदारी है—

  • RBI,

  • SEBI,

  • IRDAI,

  • PFRDA,

  • IEPFA।

RBI का UDGAM (अप्राप्त बैंक जमा), IRDAI का बीमा भरोसा, और SEBI का MITRA (अप्राप्त म्यूचुअल फंड) जैसे मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म नागरिकों को अपनी अप्राप्त राशि खोजने में मदद कर रहे हैं।

अभियान के पहले दो महीनों में लगभग ₹2,000 करोड़ की अप्राप्त राशि को उसके वास्तविक लाभार्थियों द्वारा सफलतापूर्वक दावा किया गया है।

यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.