Media24Media.com: #WeavingIndiaTogether

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #WeavingIndiaTogether. Show all posts
Showing posts with label #WeavingIndiaTogether. Show all posts

“Weaving India Together” राष्ट्रीय सम्मेलन में बोले शिवराज सिंह चौहान – पूर्वोत्तर के कारीगर भारत की सांस्कृतिक धरोहर के संवाहक

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- राजधानी दिल्ली के सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, NASC कॉम्प्लेक्स में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “Weaving India Together” में देशभर से आए बुनकरों और कारीगरों ने अपनी कला, अनुभव और चुनौतियों को साझा किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्वोत्तर भारत से आए बुनकरों और कारीगरों से संवाद किया और उनकी समृद्ध कला, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है और बुनकरों व कारीगरों की मेहनत से देश की पहचान और भी सशक्त होती है।

“वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “वोकल फॉर लोकल” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक बाजारों से जोड़ने की दिशा में सरकार कई कदम उठा रही है, जिससे ग्रामीण कारीगरों को आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

नीति निर्माताओं और कारीगरों का संवाद

इस अवसर पर उपस्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक एवं DARE सचिव डॉ. मांगी लाल जाट, तथा ICAR के कृषि प्रसार के उप महानिदेशक डॉ. राजबीर सिंह ने भी कारीगरों से बातचीत की और उनके अनुभव सुने।
कार्यक्रम ने कारीगरों को अपने अनुभव, चुनौतियाँ और आकांक्षाएँ साझा करने का मंच दिया, वहीं अधिकारियों और विशेषज्ञों ने पारंपरिक कला और आधुनिक तकनीक को एकजुट करने के उपायों पर चर्चा की।

इम्फाल विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, इम्फाल के प्रयासों की भी सराहना की गई, जिसने बुनाई परंपराओं को बढ़ावा देने, कारीगरों को प्रशिक्षण देने और सामुदायिक हस्तशिल्प के माध्यम से आर्थिक अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभाई है।

 कारीगरों के माध्यम से “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का संदेश

सम्मेलन ने “वीविंग इंडिया टुगेदर” के माध्यम से यह संदेश दिया कि भारत की विविधता उसकी ताकत है — और देश के कारीगर इस विविधता को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहे हैं।



Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.