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उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट: 13 जिलों के 173 गांव प्रभावित, 4,845 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

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लखनऊ- उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है। राज्य के 13 जिलों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 84,362 लोग और 13,058 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। हालांकि, राज्य सरकार के अनुसार मौजूदा स्थिति नियंत्रण में है और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। 

4,845 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 4,845 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य में 1,263 बाढ़ राहत केंद्र तैयार किए गए हैं, जिनमें से 41 फिलहाल संचालित हैं और इनमें 1,045 लोग रह रहे हैं। 

राज्य राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने बाढ़ की स्थिति और जारी राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन को जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को राहत शिविरों अथवा अन्य सुरक्षित स्थानों पर तत्काल पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। 

इन 13 जिलों में बाढ़ का असर

बाढ़ से प्रभावित जिलों में बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतम बुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और उन्नाव शामिल हैं।

प्रशासन को प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त भोजन, चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध रखने तथा नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। 

NDRF समेत बड़ी संख्या में राहत बल तैनात

बाढ़ से निपटने के लिए राज्य में 1,589 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए 428 नाव एवं मोटरबोट और 1,101 स्थानीय गोताखोर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा NDRF की 16 टीमें भी राज्य में तैनात हैं। कई जिलों में SDRF और PAC के जवान भी राहत कार्यों में लगाए गए हैं।

राहत सामग्री के तहत अब तक प्रभावित लोगों को 15,238 खाद्यान्न पैकेट और 30,316 भोजन के पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

मौसम और नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी

प्रशासन नदियों के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रख रहा है। राज्य राहत आयुक्त कार्यालय का नियंत्रण कक्ष प्रभावित जिलों के साथ लगातार संपर्क में है। नागरिकों की शिकायतों और सूचनाओं के लिए 1070 हेल्पलाइन के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त की जा रही है। 

राज्य सरकार के अनुसार, 1 से 18 अगस्त के बीच मौसम संबंधी चेतावनियों के लिए 140.52 करोड़ SMS लोगों को भेजे गए हैं। बाढ़ से बचाव और आपदा सुरक्षा से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से भी साझा की जा रही है।

फिलहाल प्रशासन का फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना, राहत सामग्री उपलब्ध कराना और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी करना है।

छत्तीसगढ़ में मानसून का कहर: कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट

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 रायपुर/भिलाई : छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, वज्रपात और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका व्यक्त करते हुए चेतावनी जारी की है।


बस्तर संभाग में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा जारी ताज़ा बुलेटिन के अनुसार:

  • बस्तर संभाग: भारी से अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
  • अन्य जिले: हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है।

रातभर हुई मूसलाधार बारिश से जलभराव की स्थिति

बीती रात प्रदेश के अनेक जिलों में हुई मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त नज़र आ रहा है।

मौसम विभाग की सलाह:

"खराब मौसम, गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिना आवश्यक कार्य के यात्रा करने से बचें।"

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। स्थिति पर नज़र रखते हुए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

आकाशीय बिजली का कहर: मासूम समेत 3 की मौत, 6 झुलसे

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 शहडोल : मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही हुई। जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में घटी इन घटनाओं में एक मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।


खेत में रोपाई के दौरान हादसा

पहली घटना झींक बिजुरी चौकी के ग्राम झींक की है, जहाँ खेत में धान की रोपाई कर रहे ग्रामीणों पर अचानक कड़कड़ाती बिजली गिर गई। हादसे में 28 वर्षीय किशन और उनकी पत्नी राकेश गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर अनुपस्थित थे, जिसके बाद घायलों को जिला अस्पताल शहडोल भेजा गया। इलाज के दौरान किशन ने दम तोड़ दिया।

मौके पर ही तोड़ा दम

दूसरी घटना दरशिला चौकी के छुटकी टोला की है, जहाँ खेत में काम कर रहे 45 वर्षीय सुंदर पाव पर गाज गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, ग्राम मुसरा में घर के बाहर खड़े 11 वर्षीय मासूम धर्मेंद्र सिंह (पिता प्रेमलाल सिंह) की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। धर्मेंद्र को बचाने दौड़ीं उनकी भाभी भी झुलस गईं।

इसके अतिरिक्त रेकोवा गांव में भी खेत में काम कर रहे दो अन्य लोग बिजली की चपेट में आकर घायल हुए हैं। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर है।

प्रशासन व मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तेज गरज-चमक की संभावना व्यक्त करते हुए किसानों व ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। बारिश व कड़क के दौरान खुले खेतों में काम न करने तथा ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है।

छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता बढ़ी: कई जिलों में मूसलाधार बारिश, मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों के लिए जारी किया अलर्ट

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गुरुवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि सरगुजा संभाग के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है।


राजधानी रायपुर में भी बीते शाम हुई तेज बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब और अधिक मजबूत हो गया है, जिसका सीधा असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है।

अगले 72 घंटे छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने इस मजबूत सिस्टम और सक्रिय मानसूनी द्रोणिका (Trough) के प्रभाव से आगामी तीन दिनों तक पूरे छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां काफी तेज रहेंगी।

इस दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी अलर्ट जारी किया है और लोगों को खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

फीफा वर्ल्ड कप 2026: नॉकआउट मुकाबलों पर मौसम की मार

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2026 फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 मुकाबले शुरू हो चुके हैं, लेकिन इस बार मैचों से ज्यादा चर्चा भीषण गर्मी और खराब मौसम की हो रही है।

अमेरिका के कई मेजबान शहरों में तापमान बेहद ऊंचा है। खासकर फिलाडेल्फिया में गर्मी और उमस के कारण खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ स्थानों पर हीट इंडेक्स 46°C (115°F) तक पहुंच सकता है।

इसी बीच मेक्सिको बनाम इंग्लैंड के नॉकआउट मुकाबले के समय में बदलाव की अटकलें भी लगीं, क्योंकि तूफान और तेज बारिश की संभावना जताई गई थी। हालांकि, बाद में फीफा ने स्पष्ट किया कि मैच अपने निर्धारित समय पर ही खेला जाएगा। 

खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए फीफा ने अतिरिक्त वॉटर ब्रेक, मेडिकल टीमों की तैनाती और स्टेडियमों में कूलिंग सुविधाओं की व्यवस्था की है। फिर भी कई विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी भीषण गर्मी में मैच आयोजित करना खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

कांकेर में बिजली का कहर: पेड़ के नीचे खड़े लोगों पर गिरी आकाशीय बिजली, 3 की मौत

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से दुखद खबर सामने आई है। जिले के कलगांव क्षेत्र में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, अचानक शुरू हुई बारिश से बचने के लिए कुछ लोग एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ पर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और प्रशासन पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दे रहा है।

भारत में भीषण गर्मी का कहर, दुनिया के सबसे गर्म शहरों में भारत का दबदबा

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देशभर में इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार भारत के कई शहरों का तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आज दुनिया के सबसे गर्म 50 शहरों में सभी भारत के हैं।

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और ओडिशा सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल हैं। महाराष्ट्र के ब्रम्हापुरी में तापमान 47.2°C दर्ज किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 48°C के करीब पहुंच गया।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, यूपी, राजस्थान, हरियाणा और विदर्भ क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक गंभीर हीटवेव जारी रहने की चेतावनी दी गई है। 

भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। कई शहरों में बिजली कटौती की समस्या भी बढ़ रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, ज्यादा पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार राहत मिलने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं।

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