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अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर NCSC का राष्ट्रीय संगोष्ठी, सरदार पटेल की 150वीं जयंती को भी दी श्रद्धांजलि

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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की महापरिनिर्वाण दिवस पर प्रधनमंत्री राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और सरदार पटेल एकता यात्रा के समापन अवसर के साथ आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता NCSC के माननीय अध्यक्ष किशोर मकवाना और आयोग के सदस्यों ने की। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में प्रख्यात इतिहासकार और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय संग्रहालय के सदस्य प्रो. रिज़वान क़ादरी ने मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने डॉ. आंबेडकर और सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदानों—सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक शासन और वंचित वर्गों के उत्थान—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने दोनों नेताओं की अस्पृश्यता उन्मूलन, सामाजिक सुधार, शिक्षा और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

इससे पहले NCSC के सचिव गुडे श्रीनिवास ने स्वागत भाषण देते हुए डॉ. आंबेडकर और सरदार पटेल के जीवनभर के संघर्षों और समर्पण को याद किया। उन्होंने डॉ. आंबेडकर की भेदभाव के खिलाफ लड़ाई और संविधान में दिए गए सुरक्षा प्रावधानों को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने सरदार पटेल के नेतृत्व में 562 रियासतों के सफल एकीकरण और "अखंड भारत" की नींव मजबूत करने की भूमिका पर प्रकाश डाला।

आयोग के माननीय सदस्य लवकुश कुमार और वड्डेपल्ली रामचंदर ने भी दोनों महान नेताओं द्वारा समानता आधारित समाज निर्माण के लिए किए गए कार्यों को याद किया।

अपने संबोधन में NCSC के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने डॉ. आंबेडकर और सरदार पटेल के बीच महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संवादों और सहयोग का उल्लेख किया—जिसमें सरदार पटेल द्वारा सामाजिक अशांति के दौरान अस्पृश्यों के अधिकारों की रक्षा के प्रयास भी शामिल थे। उन्होंने डॉ. आंबेडकर के उस सिद्धांत को विशेष रूप से रेखांकित किया कि राष्ट्र सदैव किसी भी व्यक्ति या संगठन से ऊपर होता है।

समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आयोग द्वारा संगोष्ठी आयोजित करने के प्रयासों की सराहना की और दोनों राष्ट्रनिर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनका सामाजिक न्याय, एकता और कल्याण का साझा दृष्टिकोण आज भी देश का मार्गदर्शन कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल की राष्ट्र-निर्माण की भावना को आगे बढ़ाया जा रहा है।


उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सरदार @150 यूनिटी मार्च—राष्ट्रीय पदयात्रा के समापन समारोह में की शिरकत

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भारत के उपराष्ट्रपति, सी. पी. राधाकृष्णन ने आज गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर आयोजित सरदार @150 यूनिटी मार्च – राष्ट्रीय पदयात्रा के समापन समारोह में भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय पदयात्रा के समापन में शामिल होना एक महान सम्मान है। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति पद संभालने के बाद महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की इस पवित्र भूमि की यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है।

14 लाख युवाओं की भागीदारी—एकता की ज्वाला आज भी प्रज्ज्वलित

उपराष्ट्रपति ने बताया कि पदयात्रा की शुरुआत 26 नवंबर—संविधान दिवस—को होना अत्यंत सार्थक है।
उन्होंने कहा कि 1,300 से अधिक पदयात्राओं में 14 लाख से ज्यादा युवाओं की भागीदारी यह साबित करती है कि सरदार पटेल द्वारा प्रज्ज्वलित राष्ट्रीय एकता की ज्योति आज भी उतनी ही उज्ज्वल है।

उन्होंने अपने पूर्व पदयात्रा अनुभवों को याद किया—जिसमें 19,000 किमी की रथयात्रा और तमिलनाडु, केरल एवं आंध्र प्रदेश में नदी जोड़ने, आतंकवाद उन्मूलन, समान नागरिक संहिता, अस्पृश्यता मिटाने और नशीले पदार्थों के विरुद्ध कई यात्राएँ शामिल थीं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी यात्राएँ लोगों से सीधे जुड़ने और राष्ट्रव्यापी संकल्प को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं।

‘भारत लौह पुरुष’ को नमन – 560 रियासतों के एकीकरण का ऐतिहासिक नेतृत्व

उन्होंने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा—

“भारत सदैव लौह पुरुष का ऋणी रहेगा, जिन्होंने 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की नींव रखी।”

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का सपना आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा है।

तेजी से बढ़ता भारत—आर्थिक, सामाजिक, सामरिक प्रगति का दशक

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने आर्थिक, सामाजिक, सैन्य और रणनीतिक क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है और अब वह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के मार्ग पर अग्रसर है।

युवा—भारत की ऊर्जा शक्ति

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवा देश की भविष्य ऊर्जा हैं, और जब वे एकता, अनुशासन और राष्ट्रीय उद्देश्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तो भारत को नवाचार और विकास का वैश्विक नेता बना सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से ‘नशीली दवाओं को ना कहने’ का आग्रह किया और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने, डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा में योगदान देने की सलाह दी।

नारी शक्ति—विकास से नेतृत्व की तरफ

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने देश के फोकस को महिला सशक्तिकरण से महिला-नेतृत्व विकास की ओर मोड़ दिया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा—भारत की अडिग प्रतिबद्धता

उन्होंने कहा कि भारत की रक्षा क्षमताएँ कई गुना बढ़ी हैं।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान ने भारत की संप्रभुता की रक्षा और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के संकल्प को प्रदर्शित किया।

श्रम सुधार—नए भारत की पारदर्शी और श्रमिक-केंद्रित व्यवस्था

उपराष्ट्रपति ने चार नए श्रम संहिताओं को एक बड़ा सुधार बताते हुए कहा कि यह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना का प्रतिबिंब है, जिसने भारत के श्रम ढांचे को आधुनिक, पारदर्शी और श्रमिक-केंद्रित बनाया है।

अमृतकाल में विकसित भारत 2047 की ओर

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय पदयात्रा का समापन विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा पर होना केवल सरदार पटेल को श्रद्धांजलि ही नहीं, बल्कि नए भारत की भावना को भी सलाम है।
उन्होंने कहा कि अमृतकाल में भारत विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और सरदार पटेल के आदर्श ही इस यात्रा के पथप्रदर्शक बने रहेंगे।

10-दिवसीय राष्ट्रीय पदयात्रा—आत्मनिर्भरता और पर्यावरण चेतना का प्रतीक

करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक 180 किमी की यह 10-दिवसीय पदयात्रा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण जागरूकता का संदेश समेटे हुए थी, जो प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश पुनः स्थापित करती है।

कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्ष खडसे, टोखन साहू सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व का प्रतीक

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि भारत शांति और सद्भावना की भाषा न समझने वालों को करारा जवाब देना बखूबी जानता है।” वे गुजरात के वडोदरा में 2 दिसंबर 2025 को आयोजित सरदार सभा को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम मेरा युवा (MY) भारत द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘यूनिटी मार्च’ का हिस्सा था।

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की शक्ति का संदेश

रक्षा मंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि दुनिया आज भारतीय सैनिकों की बहादुरी और क्षमता को मान रही है। उन्होंने कहा:

  • “हम शांति-प्रिय राष्ट्र हैं, लेकिन यदि कोई उकसाता है तो उसे बख्शते नहीं।”

  • ऑपरेशन सिंदूर ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और सम्मान के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।

सरदार पटेल की विरासत और भारत की एकता

राजनाथ सिंह ने सरदार पटेल को भारत की एकता का शिल्पकार बताते हुए कहा:

  • उनकी दूरदर्शिता के कारण भारत एकजुट हुआ।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वन इंडिया, बेस्ट इंडिया’ के उनके सपने को नई मजबूती मिली है।

  • अनुच्छेद 370 हटाना, जम्मू-कश्मीर को मुख्यधारा में लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था।

भारत की वैश्विक स्थिति और मजबूत नेतृत्व

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज भारत:

  • विश्व मंच पर अपनी बात मजबूती से रखता है।

  • एक प्रमुख आर्थिक व सामरिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

  • वर्ष 2014 में आर्थिक रैंकिंग में 11वें स्थान पर था, आज चौथे स्थान पर पहुंच चुका है।

उन्होंने सरकार की नीति ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ को सरदार पटेल के सिद्धांतों का आधुनिक रूप बताया।

रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता

 राजनाथ सिंह ने कहा:

  • सरदार पटेल की सोच रक्षा आधुनिकीकरण पर आधारित थी।

  • ‘मेक इन इंडिया’ के चलते आज भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है।

  • पिछले 11 वर्षों में रक्षा निर्यात 34 गुना बढ़ा है।

  • लक्ष्य:

    • ₹3 लाख करोड़ रक्षा उत्पादन

    • ₹50,000 करोड़ रक्षा निर्यात (वर्ष 2029 तक)

नैतिकता और सुशासन: संविधान (130वां संशोधन) विधेयक

उन्होंने सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख की जानकारी देते हुए कहा:

  • यदि किसी उच्च पदाधिकारी पर गंभीर आरोप में गिरफ्तारी के बाद 30 दिनों तक जमानत नहीं मिलती, तो वह स्वचालित रूप से अपने पद से मुक्त हो जाएगा।

युवा पीढ़ी से आह्वान

रक्षा मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया:

  • भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लें।

  • एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करें।

  • सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाएं और अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

  • पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

  • श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

  • केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे

  • अन्य वरिष्ठ अधिकारी

यह आयोजन सरदार पटेल की एकता, राष्ट्रवाद और दृढ़ नेतृत्व की भावना को समर्पित रहा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूनिटी मार्च के लिए राज्य के 68 युवाओं के दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया तक पदयात्रा में शामिल होंगे युवा

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित पदयात्रा में शामिल होने के लिए गुजरात जाने वाले राज्य के 68 युवाओं के दल को आज रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये युवा सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से केवड़िया तक आयोजित राष्ट्रीय पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की 562 रियासतों और ब्रिटिश शासन के अधीन क्षेत्रों को एकजुट कर अखंड भारत की नींव रखी। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, अटल संकल्प और अथक परिश्रम ने भारत को एक सूत्र में पिरोया। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विगत दिनों वे गुजरात के केवड़िया में आयोजित भारत पर्व में सम्मिलित हुए थे, जहाँ उन्होंने विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा—स्टैच्यू ऑफ यूनिटी—के दर्शन किए और भारत की सांस्कृतिक एकता की जीवंत झलक देखी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, विविधता और व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया गया था।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 नवम्बर से 06 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले यूनिटी मार्च में छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ देशभर के जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक एकता के निर्माण में सरदार पटेल का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने रियासतों के विलय का ऐतिहासिक कार्य किया जो भारत की एकता और अखंडता का आधार बना। उन्होंने चयनित युवाओं को राष्ट्रीय पदयात्रा के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने युवाओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और पदयात्रा में शामिल होने के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक नवीन मार्कण्डेय, जी. वेंकट राव, श्याम नारंग, राहुल टिकरिया, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।


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