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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का जगदलपुर में शंखनाद

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महाराष्ट्र और अरुणाचल के धावकों ने बिखेरी स्वर्णिम चमक

रायपुर- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत एथलेटिक्स की स्पर्धाओं में विशेष रूप से 5000 मीटर की दौड़ आकर्षण का केंद्र रही, जहाँ धावकों के बीच सेकंड के सौवें हिस्से तक की कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस दौरान 110 मीटर बाधा दौड़ पुरूष एवं महिला वर्ग का पहला राउंड और 400 मीटर दौड़ महिला एवं पुरूष के पहले राउंड की प्रतियोगिता आयोजित की गई। बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर स्थित धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में सोमवार को चार दिवसीय खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन के पहले ही दिन देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय एथलीटों ने अपनी खेल कुशलता का परिचय दिया।

पुरुष वर्ग में पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में महाराष्ट्र के धावकों ने ट्रैक पर अपना एकतरफा दबदबा कायम किया। महाराष्ट्र के गोविंद प्रकाश पाड़ेकर ने 15:11.35 का शानदार समय निकालते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनके ठीक पीछे छाया की तरह चल रहे उन्हीं के राज्य के सूरज जयराम माशी ने 15:11.64 के समय के साथ रजत पदक हासिल कर महाराष्ट्र की झोली में दोहरी सफलता डाल दी। इसी स्पर्धा में मध्य प्रदेश के रंगलाल दोदियार ने 15:22.48 के समय के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

वहीं महिला वर्ग में महिलाओं की 5000 मीटर स्पर्धा में पूर्वोत्तर भारत की प्रतिभा का लोहा देखने को मिला l अरुणाचल प्रदेश की नेदी नगी ने 18.24.66 की रफ्तार के साथ दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीतते हुए अपनी राज्य का मान बढ़ाया। इस मुकाबले में मध्य प्रदेश की आरती डावर ने 18:19.28 के समय के साथ कड़ा संघर्ष करते हुए रजत पदक अपने नाम किया, जबकि नागालैंड की टी सूचोई टी ने 18:35.68 के साथ कांस्य पदक जीता।

पहले दिन की खेल समाप्ति के बाद पदक तालिका में महाराष्ट्र एक स्वर्ण और एक रजत के साथ शीर्ष स्थान पर काबिज है, जबकि अरुणाचल प्रदेश एक स्वर्ण पदक जीतकर दूसरे स्थान पर बना हुआ है। मध्यप्रदेश ने एक रजत और एक कांस्य के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है, वहीं नागालैंड एक कांस्य पदक के साथ तालिका में चौथे स्थान पर है। बस्तर की धरती पर शुरू हुआ यह खेल महाकुंभ आने वाले तीन दिनों में और भी रोमांचक मुकाबलों का गवाह बनेगा, जहाँ जनजातीय युवा अपनी खेल प्रतिभा से राष्ट्रीय मंच पर नई इबारत लिखेंगे।



चार साल की बेटी को घर पर छोड़, असम की भारोत्तोलक पल्लवी ने जीता खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक

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पल्लवी की बेटी महज छह महीने की थी जब उन्होंने दोबारा वेटलिफ्टिंग पर ध्यान देने का फैसला किया

बीएसएफ में कार्यरत पति के सहयोग के बगैर आसान नहीं था यह वापसी का सफर

रायपुर- जब पल्लवी पायेंग की बेटी सिर्फ छह महीने की थी, तब असम की इस वेटलिफ्टर के सामने एक कठिन फैसला था। या तो वह अपने पसंदीदा खेल को छोड़ दें या फिर अपनी बेटी से दूर रहकर दोबारा ट्रेनिंग शुरू करें। ऐसे समय में उनके पति सुखावन थौमंग ने उन्हें अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, जबकि उनकी मां ने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। पल्लवी ने इस त्याग को सार्थक करते हुए यहां आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।

असम की मिसिंग जनजाति से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी ने 2018 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन ने उनके खेल जीवन की रफ्तार को रोक दिया। इसी दौरान वह मां बनीं, लेकिन वेटलिफ्टिंग मंच पर वापसी की इच्छा उनके भीतर हमेशा बनी रही। हालांकि, मां बनने के बाद खेल में लौटने का विचार जितना उत्साहजनक था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी।

पल्लवी ने साई मीडिया से कहा, “यह आसान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महिलाओं ने मां बनने के बाद शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन एक महिला ही समझ सकती है कि पूरी फिटनेस में लौटने के लिए उसे किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बेटी को तब छोड़ा जब वह सिर्फ छह महीने की थी, ताकि मैं दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर सकूं। यह भावनात्मक फैसला था, लेकिन मुझे लगा कि यही सही समय है।” अब चार साल की उनकी बेटी, पल्लवी के सरूपथार स्थित किराए के घर और गोलाघाट जिले के बोरपाथार स्थित नानी के घर के बीच समय बिताती है, जो करीब 20 किलोमीटर दूर है।



यह फैसला आसान नहीं था।

बेटी से दूर लंबे समय तक रहना और कई बार अपने निर्णय पर सवाल उठाना, पल्लवी के सफर का हिस्सा रहा। लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, “मेरे पति ने हमेशा मेरा साथ दिया है, जबकि मेरी मां यह सुनिश्चित करती हैं कि जब मैं प्रतियोगिताओं के लिए बाहर जाती हूं, तो मेरी बेटी का पूरा ख्याल रखा जाए।” पल्लवी के पति, जो राष्ट्रीय स्तर के पूर्व मुक्केबाजी पदक विजेता रह चुके हैं, वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं और जम्मू में तैनात हैं।

इसके बावजूद वापसी का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। मां बनने के बाद 2023 में गोलाघाट में हुए राज्य चैंपियनशिप में पल्लवी छठे स्थान पर रहीं। अगले साल डिब्रूगढ़ में उन्हें निराशा हाथ लगी, जब प्रतियोगिता देर रात तक चली और वह अपनी लय नहीं बना सकीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2025 में उनकी मेहनत रंग लाने लगी। तेजपुर में हुए राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीता और उसी साल अस्मिता लीग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस वर्ष भी अस्मिता लीग में एक और स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपनी वापसी को और मजबूत किया।

रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक उनके लिए खास रहा। उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक मेरे करियर के लिए एक अहम उपलब्धि है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं इस स्तर की खिलाड़ी हूं।”

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026-महिला हॉकी में मिजोरम और ओडिशा पहुँचे फाइनल में

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रायपुर- 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में महिला हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले आज उत्साह और रोमांच के बीच खेले गए।

पहले सेमीफाइनल मैच में मिजोरम की टीम ने झारखंड को कड़े मुकाबले में 3-2 से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। दोनों टीमों के बीच मैच बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें मिजोरम ने अंत तक बढ़त बनाए रखी।

दूसरे सेमीफाइनल मैच में उड़ीसा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-0 से हराया। उड़ीसा की टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

इन परिणामों के साथ मिजोरम और उड़ीसा की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहाँ खेल प्रेमियों खिताब के लिए रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।


खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 :- वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग में ओवरऑल चैम्पियन

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छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी लहराया परचम, रिशिका कश्यप ने रजत और लकी बाबू मरकाम ने जीता कांस्य

रायपुर- इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता समापन के साथ ही चैम्पियनशिप टीम के परिणाम भी घोषित किए गए, जिसमें पुरुष वर्ग में अरुणाचल प्रदेश ने ओवरऑल चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं मिजोरम फर्स्ट रनरअप और असम सेकंड रनरअप रहा। महिला वर्ग में असम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैम्पियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि ओडिशा फर्स्ट रनरअप और छत्तीसगढ़ सेकंड रनरअप रहा।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं का आज शानदार समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान देशभर से आए खिलाड़ियों ने ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। समापन समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और रायपुर महापौर मीनल चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पुरुष 110 किलोग्राम भार वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने 299 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मिजोरम के डेविड लालजाव्मडिका ने 270 किलोग्राम के साथ रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू मरकाम ने 261 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। लकी बाबू का यह प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के लिए गर्व का क्षण रहा।

वहीं पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में मिजोरम के डेविड जोह्मिंगमाविया ने 290 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता। आंध्र प्रदेश के गुगुलोथु राजा शेखर (255 किग्रा) को रजत और असम के मनाश प्रतिम सोनवाल (223 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

महिला वर्ग में भी मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। 86 किलोग्राम वर्ग में महाराष्ट्र की साक्षी बंडु बुरकुले ने 150 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता और अपने मेडल का श्रेय अपने कोच को दिया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। एक अन्य महिला वर्ग के 86 किग्रा से अधिक के वर्ग में मिजोरम की जोसांगजुआली ने 140 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम की पिंकी बोरो और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किया।

छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी इस प्रतियोगिता में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। लकी बाबू मरकाम ने अपने प्रदर्शन के बाद कहा कि ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। इससे उन्हें बड़े मंच को देखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

पूरे आयोजन के दौरान तकनीकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं और प्रतियोगिताएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुईं। दर्शकों का उत्साह भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन में ऊर्जा भरता रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं ने यह साबित कर दिया कि देश के जनजातीय अंचलों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: तैराकी में कर्नाटक का दबदबा, महिला वर्ग में ओडिशा बनी चौंपियन

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छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत का शानदार प्रदर्शन, राज्य को दिलाया लगातार चौथा रजत 

कुल 8 पदकों के साथ छत्तीसगढ़ 6वें स्थान पर

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत तैराकी प्रतियोगिताओं का आज समापन हो गया। प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें पुरुष वर्ग में कर्नाटक ने 123 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चौंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं असम 69 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और ओडिशा 31 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा। महिला वर्ग में ओडिशा ने 102 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए चौंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि कर्नाटक 50 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और मेजबान छत्तीसगढ़ 38 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा।

प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की तैराक अनुष्का भगत ने लगातार चौथा रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। उन्होंने महिला 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनके इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की पदक स्थिति मजबूत हुई है और राज्य के खिलाड़ियों में उत्साह का संचार हुआ है।

आज आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धोनिश ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम के फर्मिनो एमोन लालुंग ने रजत और कर्नाटक के कीर्थन शरथ ने कांस्य पदक प्राप्त किया। महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा की रितिका मिन्ज ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं उनकी ही राज्य की कृष्णा प्रिया नायक ने रजत और असम की वायोलिना क्रो ने कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक में असम के निबिर निलिम क्रो ने स्वर्ण, कर्नाटक के धोनिश ने रजत और ओडिशा के राजेश सोरेन ने कांस्य पदक जीता। महिला 50 मीटर बैकस्ट्रोक में ओडिशा की अंजलि मुंडा ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने रजत और कर्नाटक की मेघांजली ने कांस्य पदक अपने नाम किया। रिले स्पर्धाओं में पुरुष 4Û100 मीटर मेडले में कर्नाटक ने स्वर्ण, असम ने रजत और त्रिपुरा ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला 4Û100 मीटर मेडले में ओडिशा ने स्वर्ण, त्रिपुरा ने रजत और गुजरात ने कांस्य पदक हासिल किया।

खेलो इंडिया खेलो ट्राइबल प्रतियोगिता 2026 में अब तक छत्तीसगढ़ ने कुल 8 पदक 1 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कांस्य अपने नाम किए हैं और इसी के साथ राज्य पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता में कर्नाटक और ओडिशा का दबदबा देखने को मिला, जबकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।


खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026:-58 किग्रा महिला वेटलिफ्टिंग में अरुणाचल की अनाई वांग्सू ने जीता स्वर्ण

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रायपुर- रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के खेल परिसर में आज सीनियर महिला वेटलिफ्टिंग (58 किलोग्राम भार वर्ग) प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतिस्पर्धा में देशभर की प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया।

प्रतियोगिता में अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांग्सू (Anai Wangsu) ने बेहतरीन ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए 169 किलोग्राम कुल वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 74 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 95 किलोग्राम उठाकर शीर्ष स्थान हासिल किया।

ओडिशा की मिना सांता (Mina Santa) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 165 किलोग्राम के कुल वजन के साथ रजत पदक जीता। वहीं ओडिशा की ही मीना सिंह (Mina Singh) ने 161 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

प्रतियोगिता में असम की मार्टिना मिली, तारा सोनवाल तथा आंध्र प्रदेश की जी. लेनिन एस प्रिया सहित अन्य खिलाड़ियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर सफल लिफ्ट पर दर्शकों की तालियां गूंज उठीं।

यह प्रतियोगिता न केवल महिला खिलाड़ियों की शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक बनी, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों की उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच भी प्रदान कर रही है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के माध्यम से देश की बेटियां खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

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