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आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी किए

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आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहल

पर्यटन मंत्रालय ने आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए “आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे का विकास” हेतु राज्य सरकारों और UT प्रशासन के लिए दिशानिर्देश और प्रस्ताव तैयार करने का टेम्पलेट जारी किया है। यह पहल प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (PM-JUGA) के तहत स्वदेश दर्शन योजना का एक उप-योजना है।

इस पहल का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे विकसित करना, जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना और आदिवासी समुदायों के लिए रोज़गार व आजीविका के अवसर बढ़ाना है।

दिशानिर्देशों में होमस्टे मालिकों के तकनीकी कौशल विकास और प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इस योजना के तहत:

  • 1000 होमस्टे विकसित किए जाएंगे।

  • ग्राम समुदाय की आवश्यकताओं के लिए प्रति होमस्टे 5 लाख रुपये तक सहायता।

  • प्रत्येक परिवार के लिए दो नए कमरे बनाने के लिए 5 लाख रुपये तक सहायता।

  • मौजूदा कमरों के नवीनीकरण के लिए 3 लाख रुपये तक सहायता।

चुनौती आधारित पर्यटन स्थल विकास

स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत ‘Challenge Based Destination Development’ उप-योजना तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाना और पर्यटन स्थलों को सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।

ग्रामीण पर्यटन और सतत पर्यटन को बढ़ावा

पर्यटन मंत्रालय भारत को समग्र रूप में बढ़ावा देता है, विभिन्न पहलों के माध्यम से।

  • ग्रामीण होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना।

  • ग्रामीण पर्यटन स्थलों और उत्पादों का प्रचार मंत्रालय की वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से।

ग्रीन और इको पर्यटन के विकास हेतु:

  • मंत्रालय ने राष्ट्रीय इको पर्यटन और सतत पर्यटन रणनीतियाँ तैयार की हैं।

  • Travel for LiFE कार्यक्रम शुरू किया गया है, ताकि देश में सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके और पर्यटकों एवं पर्यटन व्यवसायों को सतत पर्यटन प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

यह जानकारी आज लोकसभा में पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा लिखित उत्तर में दी गई।


गंगटोक में आयोजित होगा उत्तर-पूर्व क्षेत्र का 13वां अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट 2025

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भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए 13वां अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट (ITM) का आयोजन 13 से 16 नवंबर 2025 तक गंगटोक, सिक्किम में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत करेंगे। इस अवसर पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उत्तर-पूर्वी राज्यों के पर्यटन मंत्री एवं पर्यटन मंत्रालय तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट, पर्यटन मंत्रालय की एक वार्षिक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य उत्तर-पूर्वी क्षेत्र — “भारत की अष्टलक्ष्मी” — की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करना है। यह आयोजन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए सतत और समावेशी पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। गंगटोक में आयोजित यह 13वां संस्करण मंत्रालय की इस प्रतिबद्धता को दोहराता है कि उत्तर-पूर्व को ईको-टूरिज़्म, वेलनेस, संस्कृति और एडवेंचर के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।

गंगटोक में इस आयोजन का विशेष महत्व है। सिक्किम को सतत और जिम्मेदार पर्यटन का आदर्श राज्य माना जाता है। स्वच्छ प्राकृतिक सौंदर्य, जैविक खेती, आध्यात्मिक विरासत और जीवंत स्थानीय संस्कृति के कारण सिक्किम उस सामुदायिक और पर्यावरण-सचेत पर्यटन का उत्कृष्ट उदाहरण है जिसे मंत्रालय पूरे देश में प्रोत्साहित करना चाहता है। यह आयोजन मंत्रालय की ‘ट्रैवल फॉर लाइफ’ पहल के अनुरूप है।

13वें अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में देश-विदेश से व्यापक भागीदारी होगी। 19 देशों (जैसे स्पेन, थाईलैंड, फ्रांस, रूस, जर्मनी, वियतनाम आदि) से प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में 39 अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर, 5 अंतरराष्ट्रीय इन्फ्लुएंसर, 50 घरेलू खरीदार, 20 घरेलू इन्फ्लुएंसर एवं ट्रैवल मीडिया, और 91 घरेलू विक्रेता शामिल होंगे। आयोजन में तकनीकी सत्र, पैनल चर्चाएं, उत्पाद प्रस्तुतिकरण और B2B मीटिंग्स आयोजित की जाएंगी ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हितधारकों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिल सके।

राज्य पर्यटन अधिकारियों के साथ चर्चाएं सिनेमैटिक टूरिज्म, होमस्टे, युवा उद्यमिता, डिजिटल नवाचार, स्थायित्व और साहसिक पर्यटन जैसे विषयों पर केंद्रित होंगी। कार्यक्रम में उत्तर-पूर्व की समृद्ध सांस्कृतिक और कलात्मक परंपराओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, प्रतिभागियों को गंगटोक और उसके आसपास के प्रमुख स्थलों जैसे रुमटेक मठ, दो द्रुल छोर्टेन और नामग्याल तिब्बतोलॉजी संस्थान के तकनीकी भ्रमण का अवसर भी मिलेगा।

उत्पाद प्रस्तुतियों में वन्यजीव और नदी क्रूज़ पर्यटन, त्योहारों, विरासत, हस्तशिल्प, खानपान और साहसिक गतिविधियों जैसे क्षेत्रों की संभावनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। आयोजन के बाद, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू प्रतिभागियों के लिए उत्तर-पूर्वी राज्यों के विभिन्न गंतव्यों की यात्राओं का आयोजन किया जाएगा ताकि वे क्षेत्र की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें।

गंगटोक में आयोजित 13वां अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट 2025, उत्तर-पूर्व की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता का उत्सव होने के साथ-साथ, सरकार की इस दृष्टि को भी सुदृढ़ करता है कि उत्तर-पूर्व को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। अपनी शांत प्राकृतिक दृश्यों, जीवंत समुदायों और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता के साथ, सिक्किम इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए एक आदर्श पृष्ठभूमि प्रस्तुत करता है — जो एकता में विविधता और जिम्मेदार पर्यटन आधारित विकास की भावना का प्रतीक है।

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