Media24Media.com: #TransparentRecruitment

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #TransparentRecruitment. Show all posts
Showing posts with label #TransparentRecruitment. Show all posts

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का किया स्वागत

No comments Document Thumbnail

करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में  ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम - मुख्यमंत्री साय

परीक्षा माफिया, प्रश्नपत्र लीक और संगठित अनियमितताओं पर लगेगा प्रभावी अंकुश

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनके परिश्रम और उनके भविष्य की रक्षा के लिए निरंतर ठोस एवं प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन उसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

https://x.com/i/status/2082441032570937404

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं करोड़ों युवाओं की वर्षों की मेहनत, आशाओं और विश्वास का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी गतिविधियां न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे अपराधों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया यह संशोधन परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन विधेयक के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया, संगठित आपराधिक गिरोहों तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता में शामिल तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई का मार्ग और मजबूत होगा। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों एवं सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी और अधिक सुनिश्चित होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल पारदर्शिता तथा अब परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह संशोधन युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवाओं को उनकी योग्यता और परिश्रम के अनुरूप निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों। यह संशोधन उसी सोच को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ईमानदार प्रतिभा को संरक्षण देने और परीक्षा सम्बन्धी अनियमितताओं पर कठोर प्रहार करने का कार्य करेगा।

जयपुर में राजस्थान पुलिस के 8 हजार से अधिक नव-नियुक्त कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र, गृह मंत्री अमित शाह ने किया संबोधन

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज जयपुर में राजस्थान पुलिस के नव-नियुक्त कांस्टेबलों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज का दिन राजस्थान पुलिस और राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज 8 हजार से अधिक युवा राजस्थान पुलिस में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये युवा पुलिसकर्मी प्रदेश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने के लिए अपना जीवन समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि एक ओर हजारों जवानों को वर्दी मिली है, वहीं दूसरी ओर उनके परिवारों और परिजनों के मन में एक नई आशा का संचार हुआ है।

अमित शाह ने कहा कि आज मल्टीपर्पज़ इंडोर हॉल का वर्चुअल उद्घाटन किया गया तथा चूरू जिले के रतननगर पुलिस थाने को राजस्थान का सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि आज नियुक्ति पत्र पाने वाले 8 हजार से अधिक कांस्टेबलों में 2500 से अधिक महिला कांस्टेबल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने इन युवाओं को बिना किसी रिश्वत और सिफारिश के, केवल उनकी योग्यता, क्षमता और मेरिट के आधार पर नौकरी दी है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता, भ्रष्टाचार के अंत और मेरिट के सम्मान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कोई भी राज्य तभी आगे बढ़ सकता है, जब वहां प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर मिले और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल जी ने पिछली सरकार के दौरान हो रहे पेपर लीक की श्रृंखला को समाप्त कर राजस्थान को इस अभिशाप से मुक्त किया है। उन्होंने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया तकनीक आधारित, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की गई है। वर्ष 2025 में शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत आज नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये सभी युवा मार्च 1949 में स्थापित राजस्थान पुलिस का हिस्सा बनेंगे, जिस पर उन्हें गर्व होना चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि राजस्थान पुलिस देश की सबसे सक्षम और उन्नत पुलिस बलों में से एक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं—एक ओर पाकिस्तान के साथ 1070 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा, चंबल के बीहड़ और विशाल थार मरुस्थल हैं, वहीं दूसरी ओर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल, ऐतिहासिक किले और महल तथा रणथंभौर, सरिस्का और केवलादेव जैसे अभयारण्य हैं। इन परिस्थितियों में पुलिस की जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ जाती हैं। उन्होंने नव-नियुक्त जवानों से प्रशिक्षण के दौरान पूरी एकाग्रता और सतर्कता बनाए रखने का आग्रह किया, ताकि वे सुरक्षित राजस्थान के सपने को साकार कर सकें।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भजन लाल सरकार के गठन के बाद राजस्थान में कुल अपराधों में लगभग 14 प्रतिशत और गंभीर अपराधों में 19 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि राज्य में हत्या में 25 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 19 प्रतिशत, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 10 प्रतिशत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 28 प्रतिशत, डकैती में 47 प्रतिशत और लूट में 51 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि जब मजबूत इच्छाशक्ति वाली सरकार सत्ता में आती है, तो ऐसा सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।

अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस ने कई नई पहलें की हैं। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया गया है, पुलिस आधुनिकीकरण के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। अभय कमांड सेंटर को CCTNS, 112 और ICJS से जोड़ा गया है। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट शुरू की गई है और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई है। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए आज राजस्थान में I4C की तर्ज पर साइबर हेल्पलाइन शुरू की गई है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नव-नियुक्त जवान ऐसे समय में अपने सेवाकाल की शुरुआत कर रहे हैं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में 150 साल पुराने ब्रिटिश कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता लागू की गई है। यह राजस्थान पुलिस का पहला बैच होगा, जो नए आपराधिक कानूनों के तहत सेवा में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि नए कानून नागरिकों के तन, मन, धन और सम्मान की सुरक्षा की संवैधानिक गारंटी को सशक्त बनाते हैं। नए कानूनों में तकनीक को विशेष महत्व दिया गया है और आपराधिक न्याय प्रणाली के सभी पांच स्तंभ—पुलिस, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक साइंस लैब और न्यायालय—को ऑनलाइन जोड़ा गया है।

अमित शाह ने कहा कि किसी भी राज्य का विकास तभी संभव है, जब वहां कानून-व्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अपराधों में कमी और सजा दर में वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि जब सुशासन वाली सरकार आती है तो सकारात्मक परिणाम निश्चित होते हैं। उन्होंने कहा कि भजन लाल सरकार ने पेपर लीक समाप्त किए, कानून-व्यवस्था मजबूत की और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राजस्थान को देश का अग्रणी निवेश गंतव्य बना दिया है। आज देशभर के निवेशक राजस्थान आने की होड़ में हैं, जो राज्य के उज्ज्वल भविष्य को दर्शाता है।

भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ भर्ती परीक्षाओं को पूर्ण करने के लिए की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर प्रदेश में आयोजित हो रही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रियाओं को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराना है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, इसलिए शासन की प्रतिबद्धता है कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी भर्ती परीक्षाएँ पारदर्शी ढंग से आयोजित की जाएँ तथा परीक्षा प्रणाली को वर्तमान चुनौतियों के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे, इसके लिए पारदर्शिता बढ़ाने संबंधी सभी उपायों पर गंभीरतापूर्वक कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे राज्य में भर्ती प्रणाली अधिक सरल, न्यायोचित और समयबद्ध बनेगी। बैठक में पुलिस बल सहित विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की गई और चयन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में समान अहर्ता वाले पदों के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग परीक्षाएँ आयोजित किए जाने की वर्तमान व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। समान पात्रता वाले पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि विभागों को समय पर मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

पीएससी की परीक्षा प्रणाली को और अधिक समकालीन, पारदर्शी तथा अभ्यर्थी हितैषी बनाने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। यह भी विचार किया गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को वर्तमान आवश्यकताओं एवं समसामयिक विषयों के अनुरूप और अधिक प्रासंगिक बनाया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्लै, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सचिव हिमशिखर गुप्ता, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस.आर.पी. कल्लूरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.