Media24Media.com: #TradeNegotiations

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #TradeNegotiations. Show all posts
Showing posts with label #TradeNegotiations. Show all posts

भारत और दक्षिण कोरिया ने CEPA अपग्रेड वार्ता में प्रगति पर चर्चा, डिजिटल ट्रेड और निवेश सहयोग पर जोर

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- India-Korea Comprehensive Economic Partnership Agreement (IK CEPA) के उन्नयन को लेकर 12वें दौर की वार्ता 25 से 27 मई 2026 के बीच नई दिल्ली में आयोजित की गई। यह वार्ता 20 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षरित संयुक्त घोषणा के बाद हुई, जिसमें दोनों देशों ने CEPA अपग्रेड वार्ता को तेज करने पर सहमति जताई थी।

यह वार्ता भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और कोरिया के व्यापार, उद्योग एवं ऊर्जा मंत्रालय के बीच हुई। भारतीय पक्ष का नेतृत्व कपिल चौधरी ने किया, जबकि कोरियाई पक्ष का नेतृत्व Park Geun-oh ने किया।

प्रमुख चर्चा बिंदु

वार्ता के दौरान दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया, जिनमें शामिल हैं:

  • वस्तु व्यापार (Trade in Goods)

  • सेवाओं का व्यापार (Trade in Services)

  • मूल नियम (Rules of Origin)

  • निवेश (Investment)

  • स्वच्छता एवं फाइटोसैनिटरी मानक (SPS)

दोनों पक्षों ने डिजिटल व्यापार, सप्लाई चेन सहयोग और रणनीतिक औद्योगिक सहयोग के लिए अलग-अलग उप-समूह बनाने पर भी सहमति जताई।

व्यापार घाटे पर चर्चा

भारत और कोरिया ने स्वीकार किया कि वर्ष 2010 में CEPA लागू होने के बाद भारत का व्यापार घाटा बढ़ा है। इस मुद्दे को CEPA ढांचे के भीतर संतुलित समाधान के साथ हल करने पर सहमति बनी।

रणनीतिक साझेदारी को मजबूती

दोनों देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के दृष्टिकोण के अनुरूप “फ्यूचरिस्टिक पार्टनरशिप” को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

समयबद्ध निष्कर्ष का लक्ष्य

भारत और कोरिया ने CEPA अपग्रेड वार्ता को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और एक आधुनिक, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौता तैयार करने का लक्ष्य दोहराया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग को नई दिशा मिल सके।

भारत ने पेरू और चिली के साथ व्यापार वार्ता के दो महत्वपूर्ण राउंड सफलतापूर्वक संपन्न किए

No comments Document Thumbnail

भारत ने लैटिन अमेरिका के देशों के साथ दो महत्वपूर्ण व्यापार वार्ता राउंड सफलतापूर्वक संपन्न किए हैं, जो क्षेत्र के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने और व्यापारिक संबंधों को गहरा करने के सरकार के संकल्प को दर्शाते हैं।

9वां राउंड – भारत–पेरू व्यापार समझौता वार्ता:

9वां राउंड भारत–पेरू व्यापार समझौता वार्ता 3 से 5 नवंबर 2025 तक लीमा, पेरू में आयोजित किया गया। इस वार्ता में प्रस्तावित समझौते के मुख्य अध्यायों में उल्लेखनीय प्रगति हुई, जिनमें सामान और सेवाओं का व्यापार, मूल नियम (Rules of Origin), तकनीकी बाधाएं, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, विवाद समाधान और महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं।

समापन समारोह में पेरू की विदेश व्यापार एवं पर्यटन मंत्री ह.ए. सुश्री टेरेसा स्टेला मेरा गोमेज़ और विदेश व्यापार के उप मंत्री ह.ए. सेसर अगस्तो ल्लोना सिल्वा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। भारत की ओर से ह.ए. विश्वास विदु सापकाल, भारत के पेरू राजदूत और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख विमल आनंद, संयुक्त सचिव और मुख्य वार्ता प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मंत्री गोमेज़ ने पेरू की ओर से वार्ता को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई और दोनों अर्थव्यवस्थाओं की परस्पर पूरकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समझौता व्यापार और निवेश प्रवाह को बढ़ावा देगा। राजदूत सापकाल ने भारत की सतत वृद्धि गति को रेखांकित किया और कहा कि यह समझौता महत्वपूर्ण खनिज, दवा, ऑटोमोबाइल, वस्त्र और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर उत्पन्न करेगा।

दोनों पक्षों ने अगली वार्ता राउंड से पहले लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए अंतर-सत्रीय बैठकें आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। अगली वार्ता राउंड जनवरी 2026 में नई दिल्ली में प्रस्तावित है।

तीसरा राउंड – भारत–चिली व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) वार्ता:

पहले, 27 से 30 अक्टूबर 2025 तक सैंटियागो, चिली में भारत–चिली CEPA वार्ता का तीसरा राउंड संपन्न हुआ। इस वार्ता में सामान और सेवाओं का व्यापार, निवेश संवर्धन, मूल नियम, बौद्धिक संपदा अधिकार, TBT/SPS उपाय, आर्थिक सहयोग और महत्वपूर्ण खनिज जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने CEPA वार्ता को जल्द और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के अपने साझा संकल्प को दोहराया। इस समझौते का उद्देश्य बाजार पहुंच बढ़ाना, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और आर्थिक एकीकरण को गहरा करना है।

निष्कर्ष:

पेरू और चिली के साथ भारत की बढ़ती व्यापारिक भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत लैटिन अमेरिकी क्षेत्र के साथ मजबूत साझेदारी बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो पारस्परिक रूप से लाभकारी और व्यापक आर्थिक सहयोग के ढांचे के माध्यम से आगे बढ़ रही है।


भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर प्रगति: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की ब्रुसेल्स में सार्थक वार्ताएं

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 26 से 28 अक्टूबर 2025 तक ब्रुसेल्स का दौरा किया और यूरोपीय संघ के व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोश शेफचोविच (Mr. Maroš Šefčovič) और उनकी टीम के साथ भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से संबंधित लंबित मुद्दों पर सार्थक और उत्पादक वार्ताएं कीं।

दोनों पक्षों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन द्वारा फरवरी 2025 में नई दिल्ली में आयोजित कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स की यात्रा के दौरान दिए गए स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप, वर्ष 2025 के अंत तक भारत-ईयू एफटीए को संपन्न करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। इस वार्ता का उद्देश्य एक ऐसा पारस्परिक रूप से लाभकारी, संतुलित और न्यायसंगत व्यापार समझौता करना था, जो भारत और यूरोपीय संघ के बीच गहरे राजनीतिक विश्वास और रणनीतिक संबंधों को दर्शाता हो, साथ ही एक-दूसरे की प्राथमिकताओं और संवेदनशीलताओं का सम्मान करता हो।

भारत ने यह स्वीकार किया कि एफटीए में टैरिफ और गैर-टैरिफ दोनों प्रकार की बाधाओं को संतुलित रूप से संबोधित करना आवश्यक है, ताकि आने वाले वर्षों में दोनों भागीदारों के बीच व्यापार को गति देने वाले पारदर्शी और पूर्वानुमेय विनियामक ढांचे तैयार किए जा सकें।

दोनों पक्षों के बीच लंबित मुद्दों पर संभावित समाधान क्षेत्रों की पहचान के लिए गहन चर्चा हुई। भारत की गैर-टैरिफ उपायों और नई यूरोपीय संघ की विनियमों से संबंधित चिंताओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। वार्ता के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने भारत के प्रमुख मांग वाले क्षेत्रों, विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों में, वरीयतापूर्ण व्यवहार (preferential treatment) की आवश्यकता पर जोर दिया।

दोनों पक्षों ने यह सहमति व्यक्त की कि गैर-संवेदनशील औद्योगिक टैरिफ श्रेणियों को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे। साथ ही यह भी माना गया कि इस्पात, ऑटोमोबाइल, CBAM और अन्य ईयू विनियमों से संबंधित विषय अधिक संवेदनशील हैं और उन पर आगे चर्चा की आवश्यकता है।

भारत यूरोपीय संघ के साथ घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से इस साझा दृष्टिकोण को साकार करने की आशा रखता है — ऐसा सहयोग जो नवाचार, संतुलित और सार्थक व्यापार, तथा शांति और समृद्धि के सामूहिक संकल्प पर आधारित हो। इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए, यूरोपीय संघ की तकनीकी टीम, व्यापार महानिदेशक (Director General for Trade) के नेतृत्व में, अगले सप्ताह भारत का दौरा करेगी ताकि बीते दो दिनों में पहचाने गए संभावित समाधानों के आधार पर रचनात्मक निष्कर्ष तक पहुँचा जा सके।

भारतीय विदेश व्यापार संस्थान ने वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ता कार्यक्रम का किया उद्घाटन

No comments Document Thumbnail

भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) ने आज वाणिज्य विभाग (DOC) के अधिकारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ता कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम IIFT के सेंटर फॉर इंटरनेशनल नेगोशिएशंस (CIN) द्वारा आयोजित किया गया है और इसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों के वार्ता कौशल को मजबूत करना और भारत की वैश्विक व्यापार भागीदारी को सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाणिज्य सचिव, सुनील बार्थवाल उपस्थित थे। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने संस्थागत क्षमता निर्माण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम सभी प्रासंगिक विषयों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रस्तुत करता है। IIFT ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और हम सभी प्रतिभागियों को इस अनोखे शैक्षणिक अनुभव के लिए शुभकामनाएँ देते हैं।”

IIFT के कुलपति प्रो. राकेश मोहन जोशी ने संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “आज IIFT लिंक्डइन और NIRF में शीर्ष रैंकिंग प्राप्त करता है, और संस्थान में प्लेसमेंट ₹1.23 करोड़ तक पहुँच चुके हैं। हाल ही में हमने काकिनाडा और GIFT सिटी में नए कैंपस खोले हैं। हमारे दुबई कैंपस को वाणिज्य, शिक्षा और गृह मंत्रालय, UGC और दुबई सरकार से मंजूरी मिल चुकी है और यह शीघ्र शुरू होगा। हम द्विपक्षीय व्यापार और FTA पर 30 केस स्टडी विकसित कर रहे हैं। भारत–यूके FTA और CETA जैसी दो प्रमुख FTAs यह दर्शाती हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी भारत जटिल व्यापार परिदृश्यों में कैसे सफलतापूर्वक बातचीत कर सकता है।”

CIN और MDP के प्रमुख तथा कार्यक्रम निदेशक, रोहित मेहतानी ने कहा कि यह कार्यक्रम वाणिज्य सचिव की दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम सरकारी अधिकारियों की अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ता के जटिल क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए IIFT की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रतिभागी बहुपक्षीय और द्विपक्षीय मंचों पर अधिक प्रभावी ढंग से बातचीत करने के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि और उपकरण प्राप्त करेंगे।”

यह पहल भारत के प्रमुख व्यापार-संबंधी प्रशिक्षण, अनुसंधान और नीति समर्थन संस्थान के रूप में IIFT की निरंतर भूमिका को रेखांकित करती है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.