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कर्रेगुट्टा पर पहुंची बस्तर तिरंगा यात्रा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फहराया तिरंगा

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मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन -  शर्मा

बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति के बाद जन मन के भय और भ्रम को दूर करने के लिए 3 दिन की तिरंगा यात्रा पर निकले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

कर्रेगुट्टा पर विजय के प्रतीक के रूप में तिरंगा लहराकर यात्रा का हुआ समापन

यात्रा के अंतिम दिन यात्रा बीजापुर से निकल पहुंची आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला, कर्रेगुट्टा

रायपुर- बस्तर तिरंगा यात्रा के तीसरे दिन उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप एक बार फिर उसी जोश के साथ शुरुआत की। बीजापुर से निकल कर आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला होते हुए अपनी 600 किमी की यात्रा का समापन कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर झंडा फहराकर किया। मंत्री द्वय ने 3 दिनों में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर इन 5 जिलों में लगभग 600 किमी की  तिरंगा यात्रा बाइक से पूर्ण की।

यात्रा के अंतिम दिन करेगुट्टा की पहाड़ी पर जवानों से मिलकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने शहीदों की याद में वृक्षारोपण किया उसके बाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या में ध्वजारोहण किया । आज वह सपना पूरा हुआ जो हमने देखा था। आज बस्तर की जनता जीत गई, यहां के लोग जीत गए, एर्राबोर की कट्टम ज्योति जीत गई शहीद जवानों का अदम्य पराक्रम जीत गया और नक्सली हार गए। बस्तर की धरती पर नक्सलवाद के सफाए का संकल्प साकार हो रहा है। यह उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर झंडा फहराकर यह बातें जवानों से कही।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा की यह मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है मैं नक्सलियों के सबसे सुरक्षित गढ़ रहे स्थान में आप के सानिध्य में झंडा फहरा रहा हु।  लोग कहते है मंत्री जी सैनिकों का मनोबल बढ़ाने कैम्प जाते है। वास्तविकता यह है कि  मै तो आप से ऊर्जा प्राप्त करने आता हूं। उन्होंने कहा कि जवानों किं हिम्मत को सम्मानित करते हुए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 141 पुलिस जवानों को विशिष्ठ सेवा व सरहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया है।

बस्तर के लोगों के मन में भय पहले ही खत्म हो गया था बचा हुआ बस्तर तिरंगा यात्रा ने खत्म कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या में आज देश के कोने कोने में तिरंगा फहर रहा है। तिरंगे के साथ बाबा साहब द्वारा लिखा संविधान भी बस्तर के हर कोने में लागू हो रहा है। बस्तर में अभी बहुत से काम करने बचे हैं, बस्तर का विकास कर आ है पर यह होगा बस्तर की लय पर, बस्तर आगे बढ़े यही हमारी कामना है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर को सबसे समृद्ध स्थान बनाएंगे।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा की हमने कभी सोचा नहीं था कि कभी हम ऐसे इस  कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर आ सकेंगे, पर आज पहाड़ी में बिना किसी डर के खड़े हैं, यह हमारा सौभाग्य है। बस्तर तिरंगा यात्रा जिस मार्ग से होकर गुजरी है उस मार्ग पर दिन में लोग आने से डरते थे आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाया है। 

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि तिरंगे का संदेश लेकर सुकमा में 600 किमी की यात्रा करना अपने आप में ऐतिहासिक अवसर है। आजादी के 79 वर्ष बाद पहली बार इन क्षेत्रों में तिरंगा पूरे सम्मान और शान के साथ लहरा रहा है। तिरंगा शांति, बलिदान, हरियाली के साथ पराक्रम का भी संदेश देता है।

मंत्री द्वय एवं सांसद ने आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला, कर्रेगुट्टा पहाड़ी सभी जगह हुई घटनाओं में शहीदों की याद में पौधारोपण किया और शहीदों के शहादत की मिट्टी को संग्रहीत किया। शहीदों के परिजनों एवं ग्रामीणों से मुलाकात की। कर्रेगुट्टा के रास्ते में सभी बड़े से लेकर बच्चों ने सभी ने यात्रा का आत्मीय स्वागत किया, बच्चों ने भारत माता की जय, तिरंगे की जय के गगनचुंबी नारों से पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति से ओत प्रोत कर दिया।

इस अवसर पर चैतराम अटामी और पूर्व विधायक महेश गागड़ा एवं बड़ी संख्या में युवा भी उपस्थित रहे

देर रात मंत्री पहुंचे टेकलगुडेम

यात्रा के दूसरे दिन देर शाम 9 बजे उप मुख्यमंत्री शर्मा और वन मंत्री  कश्यप कभी घोर नक्सल पीड़ित इलाके माने जाने वाले टेकलगुडेम पहुंचे थे, जहां आश्चर्य यह था कि वहां कुख्यात नक्सलवादी रहे हिड़मा के ग्राम पूवर्ती से भी लोग उनका स्वागत करने पहुंचे थे। सभी का प्यार देखकर वे बहुत खुश हुए। सभी ने तिरंगा हाथ में लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा का अभिवादन किया। इसी तरह भारी बारिश के बाद भी सिलगेर, ताड़मेटला, तर्रेम, जगरगुंडा के ग्रामीण देर शाम तक उनके स्वागत के लिए मार्ग में पहुंच रहे थे। इन सुदूर क्षेत्रों में उप मुख्यमंत्री, वन मंत्री एवं सांसद को देखने कर लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा था, पूरी यात्रा सभी से मिलते हुए शुक्रवार रात में वापस बीजापुर पहुंचे।

तिरंगा मय हुआ चरौदा, सीआरपीएफ ने निकाली विशाल तिरंगा बाइक रैली

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आरंग- "घर घर तिरंगा" अभियान के तहत गुरुवार को सीआरपीएफ कैंप भिलाई के उप महानिरीक्षक अजय कुमार सिंह के दिशानिर्देश में कमांडेंट आशीष यादव, उप कमांडेंट अजय सिंह, सहायक कमांडेंट मोहम्मद जावेद, प्रभाकर प्रसाद सिंह, डॉ किरण कुमार इत्यादि द्वारा विशाल तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली में सैकड़ों सीआरपीएफ जवानों और अधिकारियों ने बाइकों पर तिरंगा फहराकर देशभक्ति का संदेश दिया। 

बाइकों पर लगे तिरंगे और जवानों के जोशीले नारों से पूरा क्षेत्र तिरंगा मय हो गया।

तिरंगा रैली का शुभारंभ मोंटेशरी स्कूल सीआरपीएफ कैंप भिलाई से हुआ। यहां से रैली शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा पहुंची। जहां बच्चों व शिक्षको व ग्रामीणों ने जवानों का गर्म जोशी के साथ स्वागत अभिनंदन किया। जवानों के पहुंचते ही बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। बैंड-बाजे पर बजते देशभक्ति गीत एवं सामूहिक वंदे मातरम् गायन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। बच्चों ने हाथों में तिरंगे लहराकर जवानों का स्वागत किया। 

इस अवसर पर कमांडेंट आशीष यादव और उप कमांडेंट अजय सिंह ने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने "घर घर तिरंगा" अभियान का महत्व समझाते हुए कहा कि तिरंगा हमारी आन-बान और शान का प्रतीक है। इसे हर घर में फहराकर हम देश के प्रति सम्मान व्यक्त करें। वहां से रैली भिलाई में भ्रमण करते हुए इंदिरा चौक आरंग पहुंचे जहां स्वयंसेवी संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यों ने जवानों का फूल मालाओं से आत्मीय अभिनंदन किया। वहां भी तिरंगा वितरण किया। तत्पश्चात् शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला आरंग पहुंचकर बैंड बाजे के साथ राष्ट्रीया गीत गायन पश्चात तिरंगा वितरण किया। इस दरम्यान संपूर्ण वातावरण तिरंगामय रहा।इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा और विकासखंड स्रोत समन्वयक सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन ने जवानों का गर्म जोशी से स्वागत करते हुए कहा आज हम जवानों के त्याग बलिदान से ही सुरक्षित है।हमें जवानों और तिरंगा का सदैव सम्मान करना चाहिए।अंत में केंद्रीय विद्यालय भिलाई में तिरंगा बाइक रैली का समापन हुआ।

इस दरम्यान "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के नारों से गूंजता रहा।

तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर उप मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री ने किया यात्रा का शुभारंभ

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उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा—बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के सहयोग से नक्सलवाद का हुआ खात्मा

रायपुर- तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने माँ दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात दंतेवाड़ा बस स्टैंड में आयोजित तिरंगा यात्रा कार्यक्रम को संबोधित किया।

जिले के 211 वीर बलिदानी जवानों को उप मुख्यमंत्री ने किया नमन

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के 211 सर्वोच्च बलिदानी वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के अमूल्य सहयोग से आज नक्सलवाद का खात्मा संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा उन क्षेत्रों से गुजर रही है, जहां कभी नक्सल आतंक के कारण पहुंचना भी मुश्किल था। आज उन्हीं क्षेत्रों में पूरे गौरव और उत्साह के साथ तिरंगा लहराया जा रहा है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने की हर घर तिरंगा लगाने की अपील

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए आमजनों से अपने घरों में तिरंगा लगाने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता निभाने की अपील की।

सांसद महेश कश्यप ने बताया ऐतिहासिक गर्व का क्षण

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से गुजर रही है, जहां कभी वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था और नक्सल आतंक के चलते जहां किसी का पहुंचना संभव नहीं था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सफल मार्गदर्शन में नक्सलवाद का खात्मा हुआ है और इन क्षेत्रों में विकास तथा राष्ट्रभक्ति का नया वातावरण बना है।

इस दौरान विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य ओजस्वी मंडावी, नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता भास्कर, सहित जनप्रतिनिधि  बस्तर आईजी बद्रीनाथ मीणा, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, डीएफओ रामकृष्ण रंगनाथ वाय एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।



बस्तर में 'तिरंगा यात्रा 2026' का आगाज़: महिला बाइकर्स भी होंगी शामिल, पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचेगा शांति और विकास का संदेश

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 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर 12 से 15 अगस्त तक भव्य ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आयोजित इस मोटरसाइकिल यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी विशेष रूप से शामिल होंगे। यह यात्रा बस्तर के उन दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों एवं ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा व विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं।




1. महिला बाइकर्स की विशेष सहभागिता

इस यात्रा में प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर्स के साथ-साथ महिला बाइकर्स भी हाथ में तिरंगा थामे विशेष रूप से शामिल होंगी। इसके अलावा स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, NCC, NSS, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी अपनी सहभागिता निभाएंगे।

2. 3 दिवसीय यात्रा का विस्तृत रूट प्लान

12 अगस्त (पहला दिन): यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहाँ रात्रि विश्राम होगा।

13 अगस्त (दूसरा दिन): दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-ताड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी, जहाँ रात्रि विश्राम होगा।

14 अगस्त (तीसरा दिन): बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी। यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले इस पहाड़ी स्थल पर तिरंगा फहराया जाएगा।

3. शहीदों को श्रद्धांजलि और शहादत स्थल की मिट्टी का संरक्षण

नक्सली हमलों में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के स्मरणीय स्थलों पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। एक ऐतिहासिक पहल के रूप में, शहीदों की शहादत वाले स्थानों की पवित्र मिट्टी को संग्रहित कर भविष्य में निर्मित होने वाले शहीद संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इससे प्रेरणा ले सकें।

4. ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान एवं जन-जागरूकता

प्रत्येक घटना स्थल पर शहादत की संख्या के बराबर पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही यात्रा के दौरान युवाओं और विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे तथा नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया जाएगा।

5. सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विकास प्रदर्शनी

यात्रा के दौरान आयोजित सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि व डिजिटल सेवाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी और मुख्यधारा में लौटे (पुनर्वासित) युवाओं की सफलता की कहानियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

6. 'बस्तर शांति दौड़' का आयोजन

प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य 'शांति दौड़', विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

बस्तर की नई पहचान का प्रतीक

‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की बदलती सुखद तस्वीर को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक ऐतिहासिक अभियान है।

बस्तर तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे शामिल

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नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली

महिला बाइकर्स भी होंगी सहभागी, शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि के साथ स्मृति के लिए मिट्टी का होगा संग्रहण

रायपुर- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है

यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा माध्यम से अब तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा और भारत का संविधान भी राज्य के कोने कोने में लागू होने का संदेश सभी को दिया जाएगा।

शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मान

तिरंगा यात्रा के दौरान उन स्थानों पर विशेष रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी। प्रत्येक शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। 

आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें

इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का भावनात्मक और ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।

महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी

बस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली  की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी तिरंगा हाथ में लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। 

तीन दिनों में बस्तर के दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी तिरंगा यात्रा

बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम होगा। 14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।

‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ से होंगे पौधरोपण

इस यात्रा के प्रत्येक घटना स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत स्थल पर जितने लोग शहीद हुए हैं उतने ही पौधों का पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। 

बस्तर की संस्कृति और विकास की झलक भी दिखेगी

तिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। 

बस्तर की वादियों में होगी शांति की दौड़

प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य बस्तर शांति दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। 

तिरंगा यात्रा बनेगी नए बस्तर की पहचान

 ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की नई पहचान को देश के सामने रखने का अभियान है। तिरंगे के साथ बस्तर के गांवों और उन स्थानों तक पहुंचने वाली यह यात्रा उन इलाकों में विश्वास का संदेश लेकर जाएगी, जहां कभी हिंसा और भय का साया था।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाथ में तिरंगा थामकर किया भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व

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मुख्यमंत्री ने कहा - 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधता है तिरंगा

हजारों कदमों के साथ गूंजा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संकल्प

तिरंगे के रंग में रंगा रायपुर, राष्ट्रध्वज के तले एकजुट हुआ जनसैलाब

छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों की शौर्यगाथा का किया स्मरण, शहीद वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर को किया नमन

रायपुर- हाथों में लहराता तिरंगा, भारत माता के जयघोष, देशभक्ति के गीत और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत हजारों नागरिकों का उत्साह - राजधानी रायपुर आज पूरी तरह तिरंगे के रंग में रंगी नजर आई। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा में हजारों नागरिक राष्ट्रध्वज के तले एकजुट हुए। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं हाथ में तिरंगा थामकर जनसैलाब के साथ कदम से कदम मिलाया। यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्कूली विद्यार्थियों द्वारा हाथों में थामा गया लगभग एक किलोमीटर लंबा तिरंगा पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।

तिरंगा यात्रा के शुभारंभ से लेकर समापन तक राजधानी में राष्ट्रभक्ति का अद्भुत वातावरण दिखाई दिया। हजारों हाथों में एक साथ लहराते राष्ट्रीय ध्वज और भारत माता के जयघोष ने पूरे यात्रा मार्ग को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया। मुख्यमंत्री साय भी नागरिकों के बीच तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान नागरिकों में मुख्यमंत्री के साथ चलने और राष्ट्रध्वज के सम्मान में आयोजित इस यात्रा का हिस्सा बनने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। यह केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और असंख्य बलिदानों का प्रतीक है। तिरंगे में देश के 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की अद्भुत शक्ति है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और क्षेत्रों की विविधता के बावजूद तिरंगा हम सभी को भारतीय होने के एक साझा गौरव से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तिरंगा लहराता है तो प्रत्येक भारतीय के मन में स्वाभाविक रूप से राष्ट्र के प्रति गौरव और सम्मान का भाव जागृत होता है। हमारा राष्ट्रीय ध्वज स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और एक सशक्त राष्ट्र के रूप में भारत की यात्रा का साक्षी है। तिरंगा हमें अपने अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज एक व्यापक जनअभियान का स्वरूप ले चुका है। इस अभियान ने तिरंगे को घर-घर तक पहुंचाने के साथ राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में पूरे सम्मान और गौरव के साथ तिरंगा फहराने तथा तिरंगा यात्राओं से जुड़कर राष्ट्रीय एकता के इस उत्सव को और भव्य बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में गर्व और सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं, वह स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई है। इसके पीछे लाखों देशवासियों का संघर्ष, त्याग, तपस्या और बलिदान जुड़ा हुआ है। देश के असंख्य वीर सपूतों ने मातृभूमि को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में देश के हर क्षेत्र और समाज के लोगों ने अपना योगदान दिया। किसी ने अपना जीवन समर्पित किया, किसी ने अपना घर-परिवार छोड़ा और अनेक वीरों ने मातृभूमि के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। इन बलिदानों के कारण ही आज हम स्वतंत्रता और लोकतंत्र के गौरव का अनुभव कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी स्वतंत्र भारत में जन्मी और आगे बढ़ रही है। इसलिए उसे यह जानना आवश्यक है कि आजादी कितनी अनमोल है और इसके लिए हमारे पूर्वजों ने कितना बड़ा संघर्ष किया। स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथाओं से परिचित होकर ही नई पीढ़ी स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य को समझ सकेगी।

उन्होंने कहा कि तिरंगा हमें उन सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों के बलिदान का स्मरण कराता है, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। स्वतंत्रता की इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इससे युवाओं के भीतर राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, समर्पण, सेवा और ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव और अधिक मजबूत होगा।

छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों ने स्वतंत्रता संग्राम में लिखी शौर्यगाथा

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों का स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भी वीरों, जननायकों और बलिदानियों की धरती रही है। देश की स्वतंत्रता के लिए हुए संघर्ष में छत्तीसगढ़ के अनेक वीर सपूतों ने अदम्य साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों के हित में आवाज उठाई और अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। उनका जीवन हमें बताता है कि राष्ट्रप्रेम के साथ जनसेवा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस भी सच्ची देशभक्ति का स्वरूप है।

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के महान जननायक गुण्डाधुर की शौर्यगाथा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विदेशी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर संघर्ष का बिगुल फूंका। बस्तर की धरती ने सदैव अपने स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। गुण्डाधुर का साहस और नेतृत्व आज भी छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर सहित छत्तीसगढ़ के अनेक ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष हमारे गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। इन महानायकों की शौर्यगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनके आदर्शों से युवाओं को परिचित कराना हमारा दायित्व है।

बदलते बस्तर में शांति और विकास के साथ लहराएगा तिरंगा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर आज हिंसा और भय के लंबे दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और क्षेत्रवासियों के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंची है।

उन्होंने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली हिंसा के कारण भय का वातावरण था, वहां अब विकास की नई रोशनी पहुंच रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों का शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। बस्तर के लोगों की आकांक्षाओं और सपनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, विश्वास और नई संभावनाओं से बन रही है। इस वर्ष बस्तर में भी स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा तथा तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। बस्तर के गांवों और दूरस्थ अंचलों में भी तिरंगा पूरे गौरव के साथ लहराएगा।

एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ आगे बढ़ी नई पीढ़ी

तिरंगा यात्रा में स्कूली छात्र-छात्राओं का उत्साह विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने लगभग एक किलोमीटर लंबे तिरंगे को अपने हाथों में थामकर अनुशासित पंक्तियों में यात्रा की। सड़क पर दूर तक फैला विशाल तिरंगा राजधानी में राष्ट्रीय एकता और गौरव की अनुपम छटा बिखेरता दिखाई दिया। यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। 

पुष्पवर्षा से स्वागत, भारत माता के जयघोष से गूंजा रायपुर

तिरंगा यात्रा को लेकर राजधानी के नागरिकों में भी विशेष उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह लोगों ने इसका आत्मीय स्वागत किया। कई स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया। लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों से तिरंगा लहराकर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करते नजर आए।

यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इसके साथ नागरिकों का उत्साह भी बढ़ता गया। देशभक्ति के गीतों और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ तथा ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ के उद्घोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। युवाओं के हाथों में लहराते तिरंगे और स्कूली बच्चों के उत्साह ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक चारों ओर तिरंगा ही तिरंगा दिखाई दे रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरी राजधानी ने तीन रंगों की चादर ओढ़ ली हो। हजारों हाथों में एक साथ लहराते तिरंगे और राष्ट्रभक्ति से भरे जयघोष के बीच पूरा रायपुर एक स्वर में यही संदेश देता नजर आया - भारत एक है, भारत श्रेष्ठ है और राष्ट्र सर्वोपरि है।

तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि देश स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व मनाने जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘हर घर तिरंगा’ तथा ‘तिरंगा यात्रा’ के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। यह उन स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिनके त्याग और बलिदान के कारण देश को स्वतंत्रता मिली।

उन्होंने कहा कि रायपुर के कोने-कोने से बड़ी संख्या में युवा तिरंगा यात्रा में शामिल होने पहुंचे हैं। यह उत्साह बताता है कि देश की नई पीढ़ी के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना कितनी मजबूत है। जिस तिरंगे ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों को एकजुट किया था, आज उसी तिरंगे के सम्मान में पूरा रायपुर एक साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।

तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने देशभर में राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की है। जब प्रत्येक घर पर तिरंगा लहराता है तो वह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति प्रत्येक नागरिक के सम्मान, गौरव और संकल्प की अभिव्यक्ति बन जाता है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से उत्साहपूर्वक जुड़ने का आह्वान किया।

तिरंगा यात्रा में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, सांसद  रूप कुमारी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर  मीनल चौबे, निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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