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भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने ACITI त्रिपक्षीय प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारी की स्थापना की

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भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने आज एक नए त्रिपक्षीय प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारी में शामिल होने पर सहमति व्यक्त की: ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार (ACITI) साझेदारी।

तीनों पक्षों ने महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों पर सहयोग को मजबूत करने और मौजूदा द्विपक्षीय पहलों को पूरक बनाने पर सहमति व्यक्त की।

इस पहल में तीनों देशों की प्राकृतिक ताकतों का उपयोग किया जाएगा और इसमें हरित ऊर्जा नवाचार और महत्वपूर्ण खनिजों सहित लचीले आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण पर जोर दिया जाएगा। यह साझेदारी नेट जीरो की दिशा में उनके संबंधित लक्ष्यों और रणनीतिक सहयोग को गहरा करेगी और सुरक्षित, टिकाऊ और लचीले भविष्य की ओर आपूर्ति श्रृंखलाओं के और अधिक विविधीकरण को बढ़ावा देगी। यह साझेदारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास और व्यापक उपयोग की संभावनाओं का भी अध्ययन करेगी, ताकि हमारे नागरिकों के जीवन में सुधार हो सके।

उन्होंने सहमति व्यक्त की कि अधिकारियों को 2026 की पहली तिमाही में इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए बैठक करनी चाहिए।


इज़राइल दौरे में पीयूष गोयल की उच्चस्तरीय बैठकों से कृषि, प्रौद्योगिकी और व्यापार सहयोग को नई गति

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने आधिकारिक इज़राइल दौरे के दौरान व्यापक बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की, जिससे कृषि, प्रौद्योगिकी, नवाचार और व्यापार के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत हुआ।

अपनी बैठकों के क्रम में, 21 नवंबर 2025 को गोयल ने इज़राइल के कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिक्टर से मुलाकात की और कृषि सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री डिक्टर ने गोयल को इज़राइल की 25-वर्षीय खाद्य सुरक्षा रोडमैप, उन्नत बीज-सुधार रणनीतियों और कृषि के लिए जल-पुन: उपयोग तकनीकों में देश की वैश्विक नेतृत्व क्षमता के बारे में जानकारी दी।

अपने कार्यक्रम के दौरान, गोयल ने ‘पेरिस सेंटर फॉर पीस एंड इनोवेशन’ का दौरा किया, जहाँ उन्हें इज़राइल के अग्रणी तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र से अवगत कराया गया। उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, स्टेंट तकनीक, आयरन डोम सिस्टम सहित कई महत्वपूर्ण नवाचार दिखाए गए, साथ ही भविष्य की उभरती तकनीकों और वर्चुअल रियलिटी समाधान भी प्रस्तुत किए गए। उन्होंने पेरिस सेंटर को एक प्रेरणादायक संस्था बताया, जो इज़राइल की सृजनात्मकता, नवाचार और सामाजिक प्रभाव की यात्रा को दर्शाती है।

मंत्री ने मोबिलआई द्वारा प्रदर्शित स्वचालित-ड्राइव तकनीक के माध्यम से इज़राइल की अगली पीढ़ी की गतिशीलता समाधानों में प्रगति का अनुभव भी किया। उन्होंने किब्बुत्ज़ रमात रचेल का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने सहकारी जीवनशैली, टिकाऊ कृषि पद्धतियों और समुदाय-चालित नवाचार के उनके मॉडल को देखा। इन अनुभवों ने इज़राइल की तकनीकी क्षमता और ग्रामीण विकास व सततता के प्रति उसके दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण समझ प्रदान की।

इससे पहले, 20 नवंबर 2025 को,पीयूष गोयल ने इज़राइल के अर्थव्यवस्था मंत्री नीर बरकाट के साथ बैठक से अपने आधिकारिक कार्यक्रम की शुरुआत की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार की वर्तमान प्रगति की समीक्षा की और सहयोग के नए क्षेत्रों का पता लगाया। इसके बाद भारत–इज़राइल बिजनेस फोरम आयोजित हुआ, जिसमें दोनों देशों के मंत्रियों और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इस फोरम में तकनीकी सत्र और बी2बी बैठकें शामिल थीं, जो प्रौद्योगिकी, नवाचार, कृषि और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की मजबूत रुचि को दर्शाती हैं। अपने संबोधन में गोयल ने भारत–इज़राइल संबंधों की विश्वास-आधारित नींव पर जोर दिया और फिनटेक, एग्रीटेक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग, फार्मास्यूटिकल्स, अंतरिक्ष और रक्षा जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाओं का उल्लेख किया।

गोयल ने इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें निवेश संबंधों को मजबूत करने, वित्तीय प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने और अधिक प्रभावी आर्थिक आदान–प्रदान के लिए नियामक सहयोग पर चर्चा हुई।

अपने उद्योग संवाद के तहत, मंत्री ने इज़राइल की अग्रणी कंपनियों—चेक पॉइंट (साइबर सुरक्षा), आईडीई टेक्नोलॉजीज (जल समाधान), एनटीए (मेट्रो परियोजनाएँ) और नेटाफिम (प्रिसिजन कृषि)—के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात की। चर्चाएँ साइबर सुरक्षा, जल एवं सीवेज प्रबंधन, शहरी गतिशीलता समाधान और उन्नत सिंचाई तकनीकों पर केंद्रित रहीं—जो भारत की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।

दौरे का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था भारत–इज़राइल मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए टर्म्स ऑफ़ रेफ़रेंस पर हस्ताक्षर। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई और विश्वास व्यक्त किया कि वार्ताएँ संतुलित और परस्पर लाभकारी एफटीए की दिशा में सफल होंगी।

गोयल ने प्रमुख इज़राइली मीडिया से भी संवाद किया और डायमंड समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की, जो भारत–इज़राइल व्यापार संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ है। बाद में उन्होंने मंत्री बरकाट के साथ भारत–इज़राइल सीईओ फोरम में भाग लिया, जहाँ उन्होंने द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी की मजबूती, गहराई और बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित किया।

पीयूष गोयल की इन गतिविधियों ने भारत और इज़राइल की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया, जिसमें दोनों देश आर्थिक संबंधों को गहरा करने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक महत्व के क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।


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