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आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2026 की घोषणा

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नई दिल्ली- आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में असाधारण योगदान और निस्वार्थ सेवा के लिए सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) को संस्थागत श्रेणी में तथा लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के को व्यक्तिगत श्रेणी में सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2026 के लिए चयनित किया गया है।

भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्थापित यह वार्षिक पुरस्कार देश में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिया जाता है। यह पुरस्कार हर वर्ष 23 जनवरी, महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर घोषित किया जाता है।

आपदा प्रबंधन में देश ने किया उल्लेखनीय सुधार

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में आपदा प्रबंधन की तैयारियों, शमन उपायों और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जानमाल के नुकसान में उल्लेखनीय कमी आई है।

पुरस्कार 2026: चयन प्रक्रिया

वर्ष 2026 के लिए नामांकन 1 मई 2025 से आमंत्रित किए गए थे। इस पुरस्कार को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप देशभर से संस्थानों और व्यक्तियों की कुल 271 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। गहन मूल्यांकन के बाद विजेताओं का चयन किया गया।

व्यक्तिगत श्रेणी: लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के

भारतीय सेना की अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के ने वर्ष 2024 में केरल के वायनाड में आई बाढ़ और भूस्खलन के दौरान बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) अभियानों का नेतृत्व किया। उन्होंने नागरिक प्रशासन और स्थानीय नेतृत्व के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित निकासी, राहत सामग्री वितरण और आवश्यक सेवाओं की बहाली सुनिश्चित की।

विपरीत मौसम और उच्च जोखिम की परिस्थितियों में उन्होंने कई साहसिक बचाव अभियानों का नेतृत्व करते हुए सैकड़ों नागरिकों की जान बचाई। उनके निर्देशन में चूरलमाला में 190 फीट लंबा बेली ब्रिज रिकॉर्ड समय में बनाया गया, जिससे दूरदराज के गांवों की महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी बहाल हुई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने रात के समय केवल चार घंटे में एक अस्थायी पैदल पुल का निर्माण कर अभिनव इंजीनियरिंग समाधान प्रस्तुत किया।

लेफ्टिनेंट कर्नल शेल्के के नेतृत्व में 150 टन उपकरणों की तैनाती की गई, जिससे हजारों प्रभावित लोगों को समय पर राहत और पुनर्वास सहायता मिली। उन्होंने 2,300 से अधिक कर्मियों को आपदा प्रतिक्रिया और मानवीय अभियानों का प्रशिक्षण भी दिया। उनका कार्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) में व्यावहारिक नेतृत्व और आपदा प्रबंधन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

संस्थागत श्रेणी: सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA)

वर्ष 2005 में स्थापित SSDMA ने सिक्किम में आपदा तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमताओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्राधिकरण ने 1,185 प्रशिक्षित ‘आपदा मित्रों’ को तीन-स्तरीय ढांचे के तहत तैनात किया है—

  • ग्राम स्तर पर आपदा प्रबंधन सहायक

  • ब्लॉक स्तर पर आपदा प्रबंधन पर्यवेक्षक

  • जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन समन्वयक

सभी ग्राम पंचायतों में आपदा प्रबंधन सहायक की तैनाती से सहभागितापूर्ण योजना, क्षमता निर्माण और पंचायत-स्तरीय समितियों को मजबूती मिली है।

2016 मंताम भूस्खलन और 2023 तीस्ता बाढ़ जैसी गंभीर आपदाओं के दौरान SSDMA की रियल-टाइम समन्वय प्रणाली और प्रशिक्षित प्रथम प्रतिक्रियाकर्ताओं ने 2,563 लोगों को सुरक्षित बचाने में अहम भूमिका निभाई और जानमाल के नुकसान को न्यूनतम किया।

SSDMA ने आपदा मित्र कार्यक्रम के माध्यम से एक समुदाय-केंद्रित, सतत और दोहराए जाने योग्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण मॉडल विकसित किया है, जो विशेष रूप से हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

निष्कर्ष

सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2026 के लिए चयनित ये दोनों विजेता देश में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में साहस, समर्पण, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। उनका कार्य न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि भविष्य की आपदा प्रबंधन नीतियों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होगा।


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