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रायपुर विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन

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घर बैठे करें आवेदन, बुकिंग और मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान

कमल विहार एवं रावभाटा सहित लगभग 121 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां पोर्टल पर उपलब्ध

रायपुर- रायपुर विकास प्राधिकरण (आर.डी.ए.) ने नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए अपनी संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब इच्छुक नागरिक बिना कार्यालय आए घर बैठे ही प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपत्तियों की जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन एवं बुकिंग कर सकेंगे।

प्राधिकरण ने प्रथम चरण में लगभग 121 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों को ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया है। इनमें कमल विहार तथा रावभाटा सहित प्राधिकरण की प्रमुख योजनाओं की संपत्तियां शामिल हैं। कमल विहार में आवासीय फ्लैट, आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध हैं, जबकि रावभाटा में व्यावसायिक संपत्तियां बुकिंग के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

प्राधिकरण द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए भी आवासीय संपत्तियों का निर्माण किया गया है, ताकि प्रत्येक वर्ग के नागरिकों को उनकी आवश्यकता और सामर्थ्य के अनुरूप आवास उपलब्ध कराया जा सके।

ऑनलाइन बुकिंग सुविधा के साथ अब हितग्राही घर बैठे ही वेबसाइट के माध्यम से मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे। इससे नागरिकों को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी और सेवाएं अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध तथा पारदर्शी बनेंगी।

रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदे साहू ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य नागरिकों को आधुनिक, पारदर्शी एवं जनहितैषी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से समय की बचत होगी, प्रक्रिया सरल बनेगी तथा संपत्तियों के आवंटन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित होगी। डिजिटल भुगतान की सुविधा से हितग्राहियों को त्वरित एवं बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने नागरिकों से इस ऑनलाइन व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने बताया कि लंबे समय से संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया बंद थी। अब उपलब्ध सभी संपत्तियों को एक साथ ऑनलाइन पोर्टल पर लाइव कर दिया गया है, जिससे नागरिक पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक तरीके से संपत्तियों की बुकिंग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य अधिकाधिक सेवाओं का डिजिटलीकरण कर नागरिकों को सहज, सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

रायपुर विकास प्राधिकरण की यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने के साथ-साथ नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऑनलाइन आवेदन, बुकिंग और डिजिटल भुगतान की सुविधा से संपत्तियों के आवेदन, भुगतान एवं आवंटन की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो जाएगी।

नवा रायपुर अटल नगर: विकास, निवेश और आधुनिक भारत का उभरता स्मार्ट शहर

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नवा रायपुर अटल नगर: उपलब्धियों से नई ऊँचाइयों की ओर

रायपुर- छत्तीसगढ़ की आधुनिक और योजनाबद्ध राजधानी नवा रायपुर अटल नगर आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट शहरों में शामिल है। सुव्यवस्थित अधोसंरचना, हरित विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों में हुई उल्लेखनीय प्रगति ने नवा रायपुर को भविष्य के भारत का आदर्श शहरी मॉडल बना दिया है। यह केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार और समावेशी विकास का उभरता हुआ केंद्र है।

स्मार्ट अधोसंरचना और शहरी सेवाओं में बड़ी उपलब्धियाँ

नवा रायपुर अटल नगर में 52 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन और अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र के माध्यम से पूरे शहर में दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इससे वर्तमान आबादी के साथ-साथ नए विकसित हो रहे सेक्टरों की आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सकेगी।

वर्षाजल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए 10.66 किलोमीटर लंबी बायोस्वेल्स, रिचार्ज पिट्स और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र विकसित किए गए हैं। इन पहलों ने न केवल जल संरक्षण को मजबूत किया है, बल्कि शहर के पर्यावरणीय संतुलन को भी सुदृढ़ किया है।

परिवहन और कनेक्टिविटी को मिला नया आयाम

रायपुर-राजिम रेल सेवा का नवा रायपुर के सीबीडी स्टेशन तक विस्तार शहर की कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान कर रहा है।

महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पिंक ई-रिक्शा सेवा शुरू की गई है। साथ ही, ई-बस संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है और सेवा प्रारंभ होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह पहल हरित और टिकाऊ शहरी परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

शिक्षा के क्षेत्र में विकसित हो रहा एडूसिटी

नवा रायपुर के 13 सहकारी विद्यालयों का उन्नयन किया गया है और दो उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया गया है।

लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में एडूसिटी का विकास किया जा रहा है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों जैसे National Institute of Fashion Technology (NIFT), National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT) और National Forensic Sciences University (NFSU), Narsee Monjee को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त सेक्टर-7 में 17 एकड़ भूमि पर आवासीय विद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है।

मेडिसिटी: स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में विश्वस्तरीय मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यहाँ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर, धर्मशाला, होटल और आवासीय सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।

इस परियोजना के तहत Bombay Hospital को 300 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। साथ ही, लगभग 50 एकड़ भूमि पर आवासीय विकास हेतु निजी निवेशकों को भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिनमें लगभग 350 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।

महिला सशक्तिकरण और श्रमिक कल्याण

कार्यरत महिलाओं के लिए 1,000 क्षमता वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण 109 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना महिला सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।

इसके अतिरिक्त, प्रवासी श्रमिकों के लिए 1,100 क्षमता वाला सर्वसुविधायुक्त श्रमिक आवास भवन 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है।

पर्यटन, संस्कृति और MICE गंतव्य के रूप में उभार

नवा रायपुर में 77 एकड़ भूमि पर सेवाग्राम तथा सेक्टर-39 में Art of Living Foundation को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहाँ सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र विकसित हो रहे हैं।

सेक्टर-4 और 10 में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में निजी निवेश के माध्यम से कन्वेंशन सेंटर कम स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जा रही है। लगभग 800 करोड़ रुपये की इस परियोजना में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर और टेनिस, तैराकी, कुश्ती, तीरंदाजी तथा स्क्वैश जैसी खेल सुविधाएँ शामिल होंगी।

सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी का उभरता हब

नवा रायपुर में राज्य का पहला SEZ आधारित एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 4,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश अपेक्षित है।

यहाँ भारत का पहला GaN तकनीक आधारित सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने के लिए भी भूमि आवंटित की गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) हेतु भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हुई है, जहाँ PCB प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग और EMC टेस्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

सीबीडी क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर आईटी कंपनियों को सुसज्जित कार्यालय स्थान उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में लगभग 1,000 युवा कार्यरत हैं और 2,000 अतिरिक्त रोजगार सृजन की संभावना है।

सतत विकास और हरित पहल

“पीपल फॉर पीपल” अभियान के अंतर्गत 1 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे शहर के 26 प्रतिशत हरित क्षेत्र को संरक्षित और विस्तारित करने में मदद मिली है।

बायोस्वेल्स, रिचार्ज सिस्टम और हरित कॉरिडोर जैसे उपाय नवा रायपुर को पर्यावरण-अनुकूल और जल-संवेदनशील शहर के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

प्राधिकरण की आगामी कार्ययोजना

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण आने वाले वर्षों में शहर को और अधिक आधुनिक एवं निवेश-आकर्षक बनाने हेतु कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है:

सेरीखेड़ी और मंदिरहसौद क्षेत्र में लगभग 1,100 एकड़ पर 800 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विकास।
  • राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के एकीकृत विकास हेतु विशेष प्राधिकरण गठन।
  • 500 एकड़ में मेडिसिटी और 200 एकड़ में एडूसिटी का विस्तार।
  • नवा रायपुर को IT, ITeS और AI हब के रूप में स्थापित करना।
  • वार्षिक पूंजीगत व्यय क्षमता को 1,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना।
  • वेलनेस सेंटर, वेडिंग डेस्टिनेशन, MICE कैपिटल और पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहन।
  • प्रभावित ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास योजना के आधार पर आधुनिक अधोसंरचना विकास।
  • इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का तकनीकी उन्नयन।
  • सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने हेतु 40 नई ई-बसों का संचालन।
नई राजधानी, नए भारत की पहचान

नवा रायपुर अटल नगर आज योजनाबद्ध विकास, आधुनिक सुविधाओं और सतत शहरीकरण का सशक्त उदाहरण बन चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और हरित विकास के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति इसे न केवल छत्तीसगढ़ की नई पहचान बना रही है, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरक मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।

आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर निश्चित ही भारत के सबसे आधुनिक, निवेश-अनुकूल और जीवन गुणवत्ता से परिपूर्ण शहरों में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

दिल्ली मेट्रो Phase-V(A) परियोजना के तहत तीन नई कॉरिडोर मंजूर: केंद्रीय राजधानी में बेहतर कनेक्टिविटी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली मेट्रो के Phase-V(A) परियोजना के तहत तीन नई कॉरिडोर को मंजूरी दी है। ये कॉरिडोर निम्नलिखित हैं:

  1. आर.के. आश्रम मार्ग – इंद्रप्रस्थ (9.913 किमी)

  2. एरोसिटी – IGD एयरपोर्ट टर्मिनल-1 (2.263 किमी)

  3. तुगलकाबाद – कालिंदी कुंज (3.9 किमी)

इस परियोजना की कुल लंबाई 16.076 किमी होगी और इसका कुल अनुमानित लागत ₹12,014.91 करोड़ है, जो भारत सरकार, दिल्ली सरकार और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय एजेंसियों द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा।

मुख्य विशेषताएं और लाभ:

  • सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर से सभी कर्तव्य भवनों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे लगभग 60,000 ऑफिस जाने वाले और 2 लाख दैनिक आगंतुकों को लाभ मिलेगा।

  • ये कॉरिडोर प्रदूषण और जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करने में मदद करेंगे, जिससे नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।

कॉरिडोर विवरण:

  • आर.के. आश्रम मार्ग – इंद्रप्रस्थ: यह बोटैनिकल गार्डन–आर.के. आश्रम मार्ग कॉरिडोर का विस्तार होगा और सेंट्रल विस्टा क्षेत्र को मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

  • एरोसिटी – IGD एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद – कालिंदी कुंज: ये एरोसिटी–तुगलकाबाद कॉरिडोर के विस्तार हैं और एयरपोर्ट को दक्षिणी दिल्ली के क्षेत्रों जैसे तुगलकाबाद, साकेत, कालिंदी कुंज आदि से जोड़ेंगे।

  • इन तीन कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन होंगे, जिनमें से 10 भूमिगत और 3 उन्नत (elevated) स्टेशन होंगे।

स्टेशन विवरण:

  • आर.के. आश्रम मार्ग – इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर: आर.के. आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट, बरौदा हाउस, भारत मंडपम, इंद्रप्रस्थ।

  • तुगलकाबाद – कालिंदी कुंज कॉरिडोर: सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर, कालिंदी कुंज।

  • एरोसिटी – IGD एयरपोर्ट T-1: एरोसिटी स्टेशन IGD T-1 स्टेशन से जुड़ा होगा।

अन्य जानकारियाँ:

  • Phase-IV परियोजना की 111 किमी लंबाई और 83 स्टेशनों का निर्माण जारी है, और लगभग 80.43% सिविल निर्माण पूरा हो चुका है।

  • Phase-IV के प्राथमिक तीन कॉरिडोर दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से पूरे होने की संभावना है।

  • दिल्ली मेट्रो वर्तमान में 65 लाख यात्रियों प्रति दिन परिवहन कर रही है, जबकि अब तक का अधिकतम रिकॉर्ड 81.87 लाख यात्रियों का है।

  • DMRC वर्तमान में 12 मेट्रो लाइनों, लगभग 395 किमी लंबाई और 289 स्टेशनों के साथ दिल्ली और एनसीआर में संचालन कर रही है। दिल्ली मेट्रो भारत की सबसे बड़ी मेट्रो नेटवर्क और विश्व की बड़ी मेट्रो प्रणालियों में से एक बन चुकी है।

इन नई मेट्रो एक्सटेंशन से सेंट्रल दिल्ली और घरेलू एयरपोर्ट के क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी, सड़क पर ट्रैफिक कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

पुणे मेट्रो फेज-2 के लिए केंद्र ने लाइन 4 और 4A को दी मंजूरी, शहर को मिलेगा तेज़ और हरित परिवहन नेटवर्क

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केंद्र सरकार की कैबिनेट, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, ने पुणे मेट्रो परियोजना के फेज-2 के तहत लाइन 4 (खाराडी–हडपसर–स्वरगेट–खडकवासला) और लाइन 4A (नाल स्टॉप–वाजरे–माणिक बाग) को मंजूरी दे दी है। यह फेज-2 के तहत दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट है, पहले लाइन 2A (वानाझ–चांदनी चौक) और लाइन 2B (रामवाड़ी–वाघोली/विठ्ठलवाड़ी) को मंजूरी दी गई थी।

लाइन 4 और 4A मिलकर 31.636 किलोमीटर लंबी होंगी और 28 एलिवेटेड स्टेशनों से गुजरेंगी। ये आईटी हब, वाणिज्यिक क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान और आवासीय क्षेत्रों को पुणे के पूर्व, दक्षिण और पश्चिम हिस्सों में जोड़ेंगी। परियोजना की अनुमानित लागत 9,857.85 करोड़ रुपये है और इसे भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और बाहरी द्विपक्षीय/बहुपक्षीय वित्तपोषण एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित किया जाएगा।

ये लाइनें पुणे की कॉम्प्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) का अहम हिस्सा हैं और ऑपरेशनल तथा अनुमोदित कॉरिडोर से आसानी से जुड़ेंगी। हडपसर रेलवे स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी और भविष्य में लोणी कालभोर और ससवड रोड की ओर बढ़ने वाले कॉरिडोर से भी कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

लाइन 4 और 4A के मार्ग खाराडी आईटी पार्क से खडकवासला के पर्यटन क्षेत्र तक और हडपसर के औद्योगिक हब से वाजरे के आवासीय क्षेत्रों तक विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ेंगे। ये सोलापुर रोड, मगर्पट्टा रोड, सिंहगड रोड, कार्वे रोड और मुंबई–बेंगलुरु हाईवे से गुजरते हुए पुणे की व्यस्त सड़कों पर यातायात को कम करेंगे और सुरक्षित, हरित और सतत गतिशीलता को बढ़ावा देंगे।

प्रक्षेपणों के अनुसार, 2028 में लाइन 4 और 4A का दैनिक यात्रीसंख्या 4.09 लाख रहने का अनुमान है, जो 2038 में लगभग 7 लाख, 2048 में 9.63 लाख और 2058 में 11.7 लाख से अधिक हो जाएगी। खाराडी–खडकवासला कॉरिडोर 2028 में 3.23 लाख यात्रियों को संभालेगा, जो 2058 तक बढ़कर 9.33 लाख होगा, जबकि नाल स्टॉप–वाजरे–माणिक बाग स्पर लाइन 85,555 से बढ़कर 2.41 लाख यात्रियों तक पहुंच जाएगी।

परियोजना को महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (महा-मेट्रो) द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा, जो सभी सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिस्टम कार्यों को संभालेगी। प्रारंभिक निर्माण कार्य जैसे स्थलाकृतिक सर्वे और विस्तृत डिज़ाइन परामर्श पहले से ही चल रहे हैं।

इस मंजूरी के साथ, पुणे मेट्रो का नेटवर्क 100 किलोमीटर की सीमा को पार कर जाएगा, जो शहर के आधुनिक, एकीकृत और सतत शहरी परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लाइन 4 और 4A के साथ पुणे न केवल अधिक मेट्रो ट्रैक पाएगा, बल्कि एक तेज़, हरित और अधिक जुड़ा हुआ भविष्य भी पाएगा। ये कॉरिडोर नागरिकों को सुरक्षित, विश्वसनीय और किफायती विकल्प प्रदान करेंगे और शहर की विकास कहानी को नया आकार देंगे।

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