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रोजगार, स्वावलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारा लक्ष्य, वीबीजीरामजी से विकास की बढ़ेगी रफ्तार: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

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छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान 

राज्य में दो साल में ही बने 8 लाख से अधिक मकान, 17 लाख 60 हजार आवास हुए पूर्ण, बस्तर संभाग में लंबित विकास योजनाओं को पूर्ण करने बनेगी विशेष रणनीति

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा

रायपुर- रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।

शिवराज चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।

इस दौरान शिवराज चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं।

केंद्रीय केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम उपस्थित थे।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में  प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई। 

इस बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ राष्ट्रीय सम्मेलन में संबोधन और पुरस्कार वितरण

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज, 17 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 'आदि कर्मयोगी अभियान' के राष्ट्रीय सम्मेलन में संबोधन दिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों, जिलों, ब्लॉकों और एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसियों को सम्मानित किया।

राष्ट्रपति का संबोधन: मुख्य बिंदु

  • समावेशी और सहभागी शासन की प्रतिबद्धता: राष्ट्रपति ने कहा कि यह सम्मेलन हमारे राष्ट्रीय संकल्प को दर्शाता है कि शासन को वास्तव में सहभागी, समावेशी और जनभागीदारी आधारित बनाना है।

  • आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य: इस अभियान की शुरुआत हर जनजातीय गांव को आत्मनिर्भर और गर्वित बनाने के लिए की गई थी। यह सुनिश्चित करने का लक्ष्य है कि जनजातीय समुदायों की विकास यात्रा में भागीदारी हो और विकास के लाभ सभी जनजातीय क्षेत्रों और लोगों तक पहुंचे।

  • ग्राम सभाओं और समुदाय-प्रेरित संस्थाओं का सशक्तिकरण: आदि कर्मयोगी अभियान ग्राम सभाओं और समुदाय-प्रेरित संस्थाओं को सशक्त बनाकर जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है। राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समाज की सार्थक भागीदारी के माध्यम से राष्ट्रीय नीति को प्रभावित किया जा सकता है और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

  • जनजातीय समुदायों का सांस्कृतिक योगदान: राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे जनजातीय समुदाय देश की सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी परंपराएं हमें याद दिलाती हैं कि विकास को प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण होना चाहिए।

  • सरकार की पहलें: सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया है, आवासीय विद्यालयों की स्थापना की है और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय युवाओं को मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए हैं। कौशल विकास और आत्म-रोजगार योजनाओं ने पारंपरिक शिल्प, हस्तशिल्प और उद्यमिता को नया impetus दिया है।

  • समावेशी समाज की आवश्यकता: राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे विकसित भारत की यात्रा में हमें यह याद रखना चाहिए कि राष्ट्र और समाज की वास्तविक प्रगति समाज के सभी वर्गों के विकास में है। हमें एक समावेशी समाज बनाना चाहिए जहां सभी नागरिक सार्थक रूप से भाग लें और अपनी किस्मत खुद आकार दें।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को 'श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य' का पुरस्कार मिला, बैतूल को 'श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला' का पुरस्कार प्राप्त हुआ, और भिलवाड़ा को 'श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला ब्लॉक' का पुरस्कार मिला।



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