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सी-डॉट और दिल्ली पुलिस के बीच समझौता, तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा

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नई दिल्ली- दूरसंचार विभाग (DoT) के अंतर्गत कार्यरत प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संस्था सी-डॉट (C-DOT) ने दिल्ली पुलिस के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य राजधानी में तकनीक आधारित, स्वदेशी और सुरक्षित पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करना है।

इस समझौते के तहत सी-डॉट दिल्ली पुलिस को आधुनिक और उन्नत तकनीकी समाधान उपलब्ध कराएगा, जिससे पुलिस की संचार व्यवस्था, निगरानी प्रणाली, साइबर सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में बड़ा सुधार होगा। यह कदम आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी मजबूती देता है।

समझौते के अंतर्गत नौ प्रमुख तकनीकों को लागू किया जाएगा। इनमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए संदिग्धों और लापता व्यक्तियों की पहचान आसान होगी। SAMVAD प्लेटफॉर्म सुरक्षित मैसेजिंग और कॉलिंग की सुविधा देगा, जबकि SAMVAD Prime वरिष्ठ अधिकारियों के लिए विशेष सुरक्षित संचार प्रणाली होगी।
इसके अलावा, C-DOT Meet के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, MCX प्लेटफॉर्म से आपात स्थितियों में त्वरित संचार, और इंटेलिजेंट अटेंडेंस सिस्टम से प्रशासनिक कार्यों में सुधार होगा।

साथ ही, सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम के जरिए जनता को आपातकालीन सूचनाएं तुरंत भेजी जा सकेंगी। साइबर सुरक्षा के लिए Trinetra ESOC और Trinetra 360 जैसे AI आधारित सिस्टम लगाए जाएंगे। वहीं, क्वांटम आधारित सुरक्षा समाधान पुलिस संचार को भविष्य के खतरों से सुरक्षित बनाएंगे।

इस अवसर पर सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय और दिल्ली पुलिस आयुक्त श्री सतीश गोलछा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। दोनों पक्षों ने इस साझेदारी को देश में तकनीक आधारित पुलिसिंग का एक मॉडल बताया।

यह समझौता दिल्ली को एक सुरक्षित, स्मार्ट और तकनीकी रूप से सक्षम शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत ने प्रदर्शित किया पहला 500 किमी लंबा क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) नेटवर्क : राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत क्वांटम-सुरक्षित संचार में ऐतिहासिक उपलब्धि

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विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) के तहत समर्थित 8 स्टार्टअप्स में से एक ने भारत का पहला व्यापक क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन (QKD) नेटवर्क सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया है, जो 500 किलोमीटर से अधिक लंबाई तक फैला हुआ है।

New design of rack of Quantum Suraksha Kavach launched

यह ऐतिहासिक उपलब्धि बेंगलुरु स्थित क्वांटम टेक्नोलॉजी कंपनी, QNu Labs Pvt. Ltd. द्वारा हासिल की गई है, जिसने मौजूदा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पर यह क्वांटम-सुरक्षित संचार नेटवर्क विकसित किया। यह भारत में क्वांटम-सुरक्षित संचार (Quantum Secure Communication) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन (QKD) नेटवर्क के इस प्रदर्शन की औपचारिक घोषणा एमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2025) के दौरान की गई। इस अवसर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय के. सूद, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के मिशन गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी, और डीएसटी के सचिव प्रो. अभय करंडिकार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

QKD system installed in the QSK rack


नए ‘क्वांटम सुरक्षा कवच (Quantum Suraksha Kavach)’ रैक डिज़ाइन का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान क्वांटम सुरक्षा कवच (QSK) रैक में स्थापित QKD प्रणाली का नया डिज़ाइन भी लॉन्च किया गया।

यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है जिसमें वे भारत को उभरती हुई प्रौद्योगिकियों और सुरक्षित डिजिटल बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अग्रणी के रूप में देखते हैं। यह भारत को “सेकंड क्वांटम रेवोल्यूशन” में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करता है और सुरक्षित डिजिटल संचार एवं उन्नत साइबर सुरक्षा के नए आयाम खोलता है।

यह परियोजना आई-हब क्वांटम टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (I-Hub QTF) के माध्यम से वित्तपोषित की गई, जो राष्ट्रीय मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (NMICPS) के अंतर्गत आईआईएसईआर पुणे में स्थित है।

भारतीय सेना का महत्वपूर्ण योगदान

भारतीय सेना के सदर्न कमांड सिग्नल्स ने इस क्षमता प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस QKD परीक्षण के लिए विशेष रूप से राजस्थान सेक्टर में एक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क टेस्ट-बेड तैयार किया गया। इस नेटवर्क में कई नोड्स शामिल थे, जिनमें से दो को “ट्रस्टेड नोड्स” के रूप में उपयोग किया गया ताकि पूरे 500 किलोमीटर के प्रभावी क्षेत्र में क्वांटम की एक्सचेंज संभव हो सके।

यह उपलब्धि भारत में क्वांटम-सुरक्षित संचार प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। यह तकनीक, अनुसंधान, उद्योग और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र (STRIDE) के बीच उत्कृष्ट सहयोग का उदाहरण है।

QSIP तकनीक का प्रदर्शन प्रधानमंत्री के समक्ष

उसी स्टार्टअप QNu Labs द्वारा विकसित क्वांटम रैंडम नंबर जनरेटर सिस्टम-इन-पैकेज (QSIP) को ESTIC 2025 के उद्घाटन सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदर्शित किया। यह तकनीक क्वांटम-प्रमाणित रैंडमनेस प्रदान करती है, जो क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिद्म्स में उपयोग की जाती है, और मौजूदा साइबर खतरों व भविष्य के क्वांटम हमलों से सबसे मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

यह प्रदर्शन भारत के तकनीकी आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और डिजिटल संप्रभुता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

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