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वतन चन्द्राकर ने साहू समाज भवन नारा में बाउंड्रीवॉल निर्माण का किया भूमिपूजन

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4 लाख रुपए की लागत से बनेगा आहता, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए परिसर को मिलेगा व्यवस्थित स्वरूप

आरंग- ग्राम पंचायत नारा स्थित साहू समाज भवन परिसर में सोमवार को 4 लाख रुपए की लागत से बनने वाले बाउंड्रीवॉल (आहता) निर्माण कार्य का विधि-विधान से भूमिपूजन किया गया। निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने पर साहू समाज के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य वतन अंगनाथ चन्द्राकर का सम्मान कर आभार व्यक्त किया। निर्माण की स्वीकृति से समाज के लोगों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल रहा।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनपद सदस्य प्रतिनिधि महेश साहू, सरपंच प्रतिनिधि रितेश जांगड़े, उपसरपंच द्रोण चन्द्राकर, प्रहलाद चन्द्राकर सहित जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

पूजा-अर्चना के बाद रखी गई निर्माण की आधारशिला

भूमिपूजन कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों ने कुदाल चलाकर बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। ग्रामीणों ने बताया कि साहू समाज भवन परिसर में लंबे समय से बाउंड्रीवॉल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। परिसर खुला होने के कारण सुरक्षा और साफ-सफाई बनाए रखने में दिक्कत होती थी।

बाउंड्रीवॉल निर्माण पूरा होने के बाद परिसर को सुरक्षित और व्यवस्थित स्वरूप मिलने की उम्मीद है। इससे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

गांव के विकास में सामाजिक परिसरों की भी महत्वपूर्ण भूमिका : वतन

मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य वतन अंगनाथ चन्द्राकर ने कहा कि गांव का विकास केवल सड़क, नाली और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है। सामाजिक परिसरों का विकास भी ग्रामीण जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इससे सामाजिक एकजुटता को मजबूती मिलती है।

उन्होंने कहा कि साहू समाज भवन परिसर में बनने वाला बाउंड्रीवॉल सुरक्षा, स्वच्छता और परिसर के व्यवस्थित उपयोग में उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि गांवों की सबसे बड़ी ताकत आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़ा होना है। विकास का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही प्राथमिकता है।

वतन चन्द्राकर ने कहा कि नारा में सामाजिक सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक प्रयासों में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

निर्माण से ग्रामीणों में उत्साह

ग्रामीणों ने बताया कि बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई बनाए रखने में परेशानी होती थी। अब 4 लाख रुपए की लागत से आहता निर्माण होने से इन समस्याओं के दूर होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य को लेकर समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

भूमिपूजन कार्यक्रम के समापन के बाद उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।

जिला साहू संघ महासमुंद की ऐतिहासिक पहल

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शिक्षक दिवस पर 280 शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान

महासमुंद- शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला साहू संघ महासमुंद द्वारा कर्मा सदन, महासमुंद में समाज के शिक्षकों के सम्मान में भव्य एवं गरिमामय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज के कुल 280 शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

जिला साहू संघ महासमुंद की यह पहल शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और उनके योगदान को रेखांकित करने वाली एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल के रूप में सामने आई। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, सामाजिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

शिक्षकों का सम्मान शिक्षा और संस्कार के प्रति सम्मान

समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू तथा सभाध्यक्ष प्रो. ढालूराम साहू सहित जिला साहू संघ महासमुंद के पदाधिकारियों एवं मंचासीन अतिथियों ने शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों के चेहरों पर खुशी और गर्व का भाव देखने को मिला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला साहू संघ के अध्यक्ष प्रो. ढालूराम साहू ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उनके व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और जीवन-दृष्टि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाकर उन्हें बेहतर नागरिक बनाने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। शिक्षक स्वयं ज्ञान का प्रकाश बनकर विद्यार्थियों के जीवन को प्रकाशित करते हैं। वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे समय में शिक्षक समाज के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत की भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने नशामुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने में भी शिक्षा और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

शिक्षक सम्मान समाज की कृतज्ञता का प्रतीक

प्रो. ढालूराम साहू ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में शिक्षा, ज्ञान, संस्कार और शिक्षक धर्म के प्रति समाज के सम्मान का प्रतीक है। शिक्षक दिवस केवल औपचारिक आयोजन का अवसर नहीं, बल्कि उन सभी गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है, जिन्होंने अपने ज्ञान, अनुभव और समर्पण से पीढ़ियों के भविष्य को दिशा दी है।

सेवानिवृत्त शिक्षकों के योगदान को भी किया नमन

समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षकों का विशेष रूप से सम्मान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षकों का अनुभव, मार्गदर्शन और सामाजिक योगदान समाज के लिए अमूल्य है। अपने सेवाकाल में उन्होंने हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान कर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान वर्तमान और नई पीढ़ी के शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को निरंतर लाभ मिलता रहेगा।

आयोजन की सफलता में इनका रहा योगदान

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के सफल आयोजन में नंदकुमार साहू, डाक्टर तरुण साहू, डाक्टर देवेंद्र साहू, राजेश साहू, आत्माराम साहू, पवन साहू, नोहर साहू, केवल साहू, अशोक साहू, देवेंद्र साहू, खेमिन साहू, डोलमणी साहू, आकाशकरण साहू, आशीष साहू, टीकम साहू, सीएल साहू सहित पूरी आयोजक टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

बड़ी संख्या में शिक्षक हुए सम्मानित

समारोह में सम्मानित होने वाले शिक्षकों में जितेन्द्र कुमार साहू, देवेंद्र साहू, द्वारिका साहू, भोज साहू, मनोहर साहू, कैलाश साहू, ईश्वरी साहू, मानिक साहू, लक्ष्मण साहू, कोमल साहू, ईश्वर साहू, मोहन साहू, ललित साहू, राधेश्याम साहू, कार्तिक राम साहू, शंकर साहू, मुकेश साहू, मोनिका साहू, क्रांति साहू, खुमलता साहू, गोमेश्वरी साहू, पूर्णिमा साहू, नेहा साहू, पुष्पा साहू और वासना साहू सहित समाज के अनेक शिक्षक एवं सेवानिवृत्त शिक्षक शामिल रहे।

शिक्षा और सामाजिक समरसता को मिला बढ़ावा

शिक्षक सम्मान समारोह के माध्यम से समाज में शिक्षा के महत्व और शिक्षकों की भूमिका को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों और समाजजनों ने जिला साहू संघ महासमुंद की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज के शिक्षकों को एक मंच पर लाकर उनका सम्मान करना निश्चित रूप से गौरवपूर्ण कार्य है। इस तरह के आयोजन सामाजिक एकता, समरसता और शिक्षा के प्रति जागरूकता को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला साहू संघ महासमुंद के अध्यक्ष प्रो. ढालूराम साहू सहित संघ की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

जिला साहू संघ महासमुंद का यह शिक्षक सम्मान समारोह शिक्षा, संस्कार और शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को नई ऊंचाई देने वाली एक यादगार पहल के रूप में सामने आया। समारोह ने समाज में शिक्षकों की भूमिका और उनके योगदान को सम्मान देने के साथ ही शिक्षा के महत्व का भी प्रभावी संदेश दिया।

मुख्यमंत्री साय से साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी को बधाई और शुभकामनाएं दी। 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक ईश्वर साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष डॉ नीरेंद्र साहू,उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश साहू, गिरजा साहू, नारद साहू, नन्द लाल साहू चंद्रभूषण साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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