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नवा रायपुर में राज्य निर्वाचन आयुक्तों के 32वें अखिल भारतीय सम्मेलन का राज्यपाल रामेन डेका ने किया शुभारंभ

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Chhattisgarh Local Body Election Year Book- 2026 का किया विमोचन

रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि हर वर्ष अलग-अलग राज्यों में होने वाले राज्य निर्वाचन आयुक्तगणों के सम्मेलन के क्रम में 32वां सम्मेलन इस वर्ष 16-17 सितम्बर को छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में हो रहा है। इस सम्मेलन का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किया जा रहा है।

सम्मेलन का शुभारंभ आज माननीय राज्यपाल द्वारा किया गया। सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर मेजबान छत्तीसगढ़ के निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह, राज्य निर्वाचन आयुक्तगण की स्थाई समिति के अध्यक्ष विजय देव एवं संयोजक सुधांशु पांडे तथा प्रदेश के मुख्य सचिव विकासशील उपस्थित रहे। शुभारंभ सहारोह के इस विशेष अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ स्थानीय निकाय निर्वाचन वार्षिकी 2026 Year Book के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया।

उद्घाटन उपरांत आज सम्मेलन में देशभर से विभिन्न राज्यों के पधारे राज्य निर्वाचन आयुक्तगण ने स्थानीय लोकतंत्र विशेषकर त्रिस्तरीय पंचायतों व नगरीय निकायों को और अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी, विश्वसनीय एवं सहभागी बनाने हेतु निर्वाचन के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया एवं कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तगण और विषय-विशेषज्ञों के द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया ।

सम्मेलन के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्तगण द्वारा स्थानीय निकाय निर्वाचन के संचालन में सामने आने वाली चुनौतियों, अनुभवों और नवाचारों को साझा करने के क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा "राज्य गठन उपरांत नक्सल प्रभावित बस्तर में पिछले 25 वर्षों में स्थानीय लोकतंत्र की प्रगति" विषय पर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह के निर्देशन में तैयार प्रस्तुति आयोग की सचिव  शिखा राजपूत तिवारी द्वारा प्रस्तुत की गई।

बस्तर में स्थानीय लोकतंत्र की यात्रा को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। भौगोलिक दुर्गमता, विस्तृत वन क्षेत्र, सीमित संचार सुविधाओं तथा लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित बस्तर संभाग की परिस्थितियों के बीच स्थानीय निर्वाचन कराना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं लोकतांत्रिक चुनौती रहा है। छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकायों के निर्वाचन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया गया कि प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल, निर्वाचन कर्मियों तथा स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को निरंतर सुदृढ़ किया गया है। वर्ष 2025 में नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन एक साथ राज्यभर में, बस्तर संभाग सहित, शांतिपूर्वक एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने तथा पुनर्मतदान की आवश्यकता न पड़ने का उल्लेख किया गया।

मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान एवं केरलम की ओर से सूचना प्रोद्योगिकी के उपयोग के संबंध में 'EVM sharing tracking policy and it's challenges and EMS SOFTWARE' 'Panchayat Delimitation 2026: Transforming Delimitation through Technology A New Era of Paperless Delimitation', 'Digitalising Elections in India', 'Re-engineering elections in the Digital Era: The Kerala Story' विषयों पर प्रस्तुतियां दी गई।

सम्मेलन में लोकतांत्रिक निर्वाचन विषय से जुड़े प्रिंसटन यूनिवर्सिटी न्यू जर्सी अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विषय विशेषज्ञ ने भी हिस्सा लिया और उन्होंने भारत के राज्यों में होने वाले स्थानीय निर्वाचनों का तुलनात्मक एवं समेकित अध्ययन का सार प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रस्तुत किया। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, हैदराबाद एवं भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड, बेंगलूरु के ईलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के विषय विशेषज्ञ ने भी सम्मेलन में अपने संस्थानों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि निर्वाचन में उपयोग होने वाली इलेक्ट्रानिक वोति वोटिंग मशीन हर प्रकार से सुरक्षित है और इसमें लगातार नवाचार करते हुए राज्य निर्वाचन आयोगों के अनुकूल इसका विकास एवं उत्पादन किया जा रहा है।

डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक - राज्यपाल

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 रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए, जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई.


’विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचने सलाह’

राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी।

’विद्यार्थियों पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहें’

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें।

’विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए’

डेका ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और अधिक प्रयास जरूरी -राज्यपाल रमेन डेका

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वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज

राज्यपाल ने टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मानित

रायपुर- राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में अभी और बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री सहज रूप से उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। तकनीक के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने का वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का प्रयास सराहनीय और अनुकरणीय है।

वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम को उल्लेखनीय योगदान के लिए किया सम्मानित

राज्यपाल डेका से आज लोक भवन में वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने टीम के सभी सदस्यों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। टीम की उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने पर उन्होंने सभी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

शारदा ने 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी

वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम द्वारा दृष्टिबाधित एवं सामान्य विद्यार्थियों के लिए 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस अभिनव अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका के. शारदा के नेतृत्व में हुई। शारदा स्वयं अब तक 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 30 शिक्षक- शिक्षिकाएं अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ इस कार्य में योगदान दे रहे हैं।

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने समान अवसर

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ऑडियो के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को और व्यापक बनाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।

वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल को 8 लाख से अधिक बार देखा गया

वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल पर 107 से अधिक प्लेलिस्ट उपलब्ध हैं और इसे अब तक 8 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। टीम द्वारा विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम आधारित एवं उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है। इस अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की छत्तीसगढ़ हेड डॉ. सोनल राजेश शर्मा सहित वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम के सभी सदस्य उपस्थित थे।

जीवन में ऐसा कार्य करें जिसमें केवल पाना नहीं, समाज को कुछ देना हो- राज्यपाल रमेन डेका

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राजभवन (लोक भवन) में बालिका गृह की बेटियों से राज्यपाल ने किया आत्मीय संवाद

अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों का हुआ सम्मान

रायपुर- राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोक भवन  में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में एसओएस बालिका गृह, माना की बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेकर मानवता की सेवा का अनुकरणीय संदेश देने वाले 75 नागरिकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने बालिका गृह की बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं। शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कड़े परिश्रम के बल पर जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं से अपने सपनों को कभी छोटा न समझने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।


पुस्तकों से मिलता है स्थायी ज्ञान और आगे बढ़ने का साहस

राज्यपाल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर उपलब्ध बहुत सी जानकारियां समय के साथ बदल जाती हैं, लेकिन पुस्तकों में संचित ज्ञान लंबे समय तक हमारा मार्गदर्शन करता है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने की सलाह दी। विशेष रूप से सफल विभूतियों की जीवनी पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे यह समझने का अवसर मिलता है कि कैसे कठिन संघर्षों और निरंतर प्रयासों के बाद लोग सफलता के शिखर तक पहुंचे हैं। ऐसी प्रेरक कहानियां जीवन में आगे बढ़ने का साहस और संकल्प देती हैं। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि जीवन में हमेशा ऐसा कार्य करने का प्रयास करें जिसमें केवल पाने की लालसा न हो, बल्कि दूसरों की मदद करने और समाज के कल्याण में योगदान देने का निस्वार्थ भाव हो। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से सीधे बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के आत्मीय जवाब दिए। उन्होंने बालिकाओं को उपहार स्वरूप स्टेशनरी सामग्री भेंट की, वहीं बालिकाओं ने भी राज्यपाल को स्व-निर्मित उपहार भेंट कर अपना स्नेह व्यक्त किया।

मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन अनिवार्य

इस अवसर पर राज्यपाल ने पर्यावरण एवं जल संकट के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि मानव, पशु एवं प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस संतुलन को कायम रखने में वृक्षों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पेड़ों को बचाना और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।


राज्यपाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ष्हमने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन पानी भी खरीदकर पीना पड़ेगा। इसलिए जल का संवर्धन और संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हमने आज पेड़ों को नहीं संभाला, तो आने वाले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ को गंभीर भू-जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इंसान ही स्वच्छ हवा और पानी को प्रदूषित कर रहा है, इसलिए इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी इंसान की ही है।

अंगदान और देहदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा

राज्यपाल डेका ने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। इसी प्रकार, चिकित्सा शिक्षा और शोध (त्मेमंतबी) के क्षेत्र में देहदान का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जो लोग अंगदान और देहदान का संकल्प ले रहे हैं, वे समाज के सच्चे नायक हैं। उन्हें अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यह संवेदनशीलता और मानवता का सबसे उच्च भाव है, जिसे हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।


75 नागरिक और रायपुर कलेक्टर हुए सम्मानित

कार्यक्रम में राज्यपाल ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, रायपुर जिले के कलेक्टर गौरव सिंह को भी इस पुनीत क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार सत्यभामा दुबे सहित राजभवन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, अंगदान व देहदान का संकल्प लेने वाले प्रबुद्ध नागरिक, बालिका गृह की बालिकाएं तथा उनके शिक्षक उपस्थित थे।

मानवीय संवेदना के साथ आकांक्षी क्षेत्रों में विकास कार्य करें - राज्यपाल रमेन डेका

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राज्यपाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर के आकांक्षी विकासखण्डों की समीक्षा बैठक ली

रायपुर-राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के आकांक्षी विकासखण्डों में चल रहे कार्याे की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मानवीय संवेदना के साथ आकांक्षी क्षेत्र में तेजी से समन्वित विकास के लिए निर्देशित किया है।

बैठक में राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास की दिशा में विशेष पहल करें और इसमें तेजी से प्रगति लायें। टीबी उन्मूलन के कार्य को गति देने, स्कूलों से ड्राप आउट बच्चों पर विशेष ध्यान देने, आजीविका के लिए स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने और उन्हें रोजगार कार्यों से जोड़ने के लिए कहा गया है। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आकांक्षी जिलों के कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत एवं विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने बस्तर जिले के तोकापाल, बीजापुर जिले के उसूर, दंतेवाड़ा जिले के कुवाकोंडा, कोण्डागांव जिले के माकड़ी, नारायपुर जिले के ओरछा, सुकमा जिले के कोंटा और कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा एवं दुर्गकोंदल आकांक्षी विकासखण्डों में किए जा रहे समन्वित विकास कार्याे एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। राज्यपाल ने इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने और इसके लिए जनजागरूकता की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने रेडक्रॉस सोसायटी में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और इसका सक्रिय उपयोग लेने कहा है। बच्चों के सुपोषण, पशु टीकाकरण पर ध्यान देने कहा गया है। स्कूलों मं। बच्चों के आंख एवं कान की नियमित जांच कराने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में तेजी से आवास के निर्माण के लिए सामाग्री का भंडारण समन्वय के साथ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। अधिकारियों को दिसंबर माह तक कार्य में प्रगति लाकर प्रगति रिपोर्ट देने कहा गया है।

राज्यपाल रमेन डेका ने भिलाई स्कंदाश्रम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की खुशहाली के लिए की कामना

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 रायपुर - राज्यपाल रमेन डेका ने आज  भिलाई के हुडको स्थित स्कंदाश्रम में विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। तीन दिवसीय चलने वाले इस 28वीं स्कंद षष्ठी महोत्सव के महायज्ञ में राज्यपाल डेका धर्मपत्नी रानी डेका ककोटी के साथ सम्मिलित हुए तथा संकल्प लेकर देवी सप्तसती का पहला अध्याय पूर्ण किया। यह महायज्ञ हर वर्ष दिवाली के बाद स्कंद षष्ठी तिथि को दक्षिण भारतीय वेदाचार्यों द्वारा विधिवत सम्पन्न कराया जाता है। इस अवसर पर  राज्यपाल के सचिव सी.आर.प्रसन्ना, संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, स्कंदाश्रम के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।



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