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ओडिशा में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार, ₹90,000 करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर: अश्विनी वैष्णव

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भुवनेश्वर: अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा में रेलवे बुनियादी ढांचे के तेजी से हो रहे विकास पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में ₹90,000 करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। यह निवेश राज्य में रेल नेटवर्क के अभूतपूर्व विस्तार को दर्शाता है।

अपने दौरे के दौरान उन्होंने  भुवनेश्वर रेलवे स्टेशनके पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया और समयबद्ध तथा उच्च गुणवत्ता के साथ परियोजनाओं को पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उन्नत स्टेशन आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करेगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ओडिशा को ₹10,928 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटन मिला है, जिससे परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 59 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध प्रयासों के जरिए ओडिशा के सभी 30 जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे दूरदराज और आंतरिक क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा,बालासोर से बेरहामपुर तक प्रस्तावित चार-लाइन तटीय रेल कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये पहल न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देंगी, बल्कि ओडिशा को राष्ट्रीय माल और यात्री नेटवर्क से और अधिक मजबूती से जोड़ेंगी।


भारतीय रेलवे ने रचा नया इतिहास, 99.6% विद्युतीकरण के साथ आधुनिक युग में प्रवेश

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नई दिल्ली- Indian Railways ने अपनी ऐतिहासिक यात्रा के 173 वर्ष पूरे करते हुए आधुनिकता और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 16 अप्रैल 1853 को मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) से ठाणे के बीच पहली यात्री ट्रेन के संचालन के साथ शुरू हुई यह यात्रा आज विश्व के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में शामिल हो चुकी है।


ऐतिहासिक शुरुआत से आधुनिक उपलब्धियों तक

1853 में शुरू हुई रेलवे सेवा ने समय के साथ भाप इंजनों से लेकर डीजल और फिर इलेक्ट्रिक ट्रेनों तक का लंबा सफर तय किया है। आज भारतीय रेलवे का ब्रॉड गेज नेटवर्क 99.6% तक विद्युतीकृत हो चुका है, जो इसे दुनिया के अग्रणी रेल नेटवर्क में शामिल करता है।


यात्री और माल परिवहन में रिकॉर्ड वृद्धि

  • वर्ष 2025–26 में लगभग 741 करोड़ यात्रियों ने रेल यात्रा की

  • प्रतिदिन लगभग 25,000 ट्रेनें संचालित हो रही हैं

  • माल परिवहन 1,670 मिलियन टन तक पहुंचा

  • कुल राजस्व लगभग ₹80,000 करोड़ रहा

ये आंकड़े भारतीय रेलवे की विशालता और उसकी मजबूत भूमिका को दर्शाते हैं।

तकनीकी और सुरक्षा में बड़ा सुधार

भारतीय रेलवे ने सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है—

  • ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली Kavach System 3,100 किलोमीटर मार्ग पर लागू

  • 24,400 किलोमीटर पर कार्य जारी

  • AI आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली 1,800 से अधिक स्टेशनों पर

  • डिजिटल सूचना प्रणाली से यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी

आधुनिक ट्रेनों और नई सेवाओं का विस्तार

  • Vande Bharat Express से यात्रा में तेजी और आराम

  • 2025–26 में लगभग 3.98 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की

  • Amrit Bharat Express से किफायती यात्रा सुविधा

  • 60 नई सेवाएं शुरू


हाई-स्पीड रेल और भविष्य की योजनाएं

सरकार ने रेलवे के लिए ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है।
इसके तहत 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें Mumbai Ahmedabad High Speed Rail प्रमुख है।

डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

  • 1,396 स्टेशनों पर डिजिटल नेटवर्क (IP MPLS)

  • 119 स्टेशनों का आधुनिकीकरण

  • ‘RailOne App’ से डिजिटल सेवाओं की शुरुआत

  • 35 गती शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू


निष्कर्ष

भारतीय रेलवे ने 173 वर्षों में एक लंबा और प्रेरणादायक सफर तय किया है।
आज यह न केवल देश की जीवन रेखा है, बल्कि आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रगति और सामाजिक एकता का मजबूत आधार भी है।


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