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“भारत संपर्क” पहल के तहत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आईआईटी दिल्ली दौरा, छात्रों से संवाद

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“भारत संपर्क—भारत के युवा मस्तिष्कों से संवाद” जनसंपर्क पहल के अंतर्गत केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली परिसर का दौरा किया और विद्यार्थियों के साथ एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया।

आईआईटी दिल्ली परिसर में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रौद्योगिकी अंगीकरण, लॉजिस्टिक्स, नवाचार, अनुसंधान सहयोग तथा सार्वजनिक संस्थानों में युवाओं की भागीदारी जैसे विविध विषयों पर केंद्रीय मंत्री से विचार-विमर्श किया। केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक सेवा के रूपांतरण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

करियर के अवसरों और सरकारी संस्थानों के साथ प्रत्यक्ष जुड़ाव से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक व्यापक तकनीकी उन्नयन और संगठनात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। उन्होंने लॉजिस्टिक्स, नागरिक-केंद्रित सेवाओं, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवा वितरण में भारतीय डाक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और नवाचार आधारित सहयोग के माध्यम से विभाग से जुड़ने का आमंत्रण दिया।

नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित विकास से जुड़े प्रश्नों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक अपने व्यापक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को, विशेष रूप से टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों में, सशक्त सहयोग प्रदान करने की मजबूत स्थिति में है। उन्होंने बताया कि आईटी 2.0 आधुनिकीकरण परियोजना के अंतर्गत नई तकनीकों और डिजिटल प्रणालियों को अपनाने से भारतीय डाक एक भरोसेमंद और भविष्य-तैयार सार्वजनिक सेवा संस्था के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलती उपभोक्ता अपेक्षाओं और उभरते व्यावसायिक अवसरों के अनुरूप भारतीय डाक नए और बाजारोन्मुख उत्पादों एवं सेवाओं की शुरुआत कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली स्थित एन-जेन (नेक्स्ट जेनरेशन) कैंपस पोस्ट ऑफिस का भी दौरा किया, जो एन-जेन पहल के अंतर्गत पुनर्निर्मित देश का पहला डाकघर है। इस पहल का उद्देश्य कैंपस डाकघरों को युवा-केंद्रित, डिजिटल रूप से सक्षम और छात्र-प्रेरित सेवा केंद्रों में परिवर्तित करना है।

आईआईटी दिल्ली के एन-जेन पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री

पुनर्निर्मित एन-जेन कैंपस पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन किए गए इंटीरियर और वॉल आर्ट, निःशुल्क वाई-फाई, विद्यार्थियों के लिए समर्पित सेवा काउंटर, क्यूआर आधारित बुकिंग एवं डिजिटल भुगतान, पार्सल पैकिंग सुविधाएं तथा विद्यार्थियों के लिए रियायती स्पीड पोस्ट सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही डाक संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने के लिए छात्र सहभागिता मॉडल भी शुरू किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली के भारती स्कूल ऑफ टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट का भी दौरा किया, जहां विद्यार्थियों ने टैक्टाइल इंटरनेट और हैप्टिक रोबोटिक्स तकनीक में अत्याधुनिक प्रगति का प्रदर्शन किया। यह स्वदेशी रूप से विकसित समाधान अल्ट्रा-लो लेटेंसी नेटवर्क के माध्यम से मानव स्पर्श के वास्तविक समय में प्रसारण को संभव बनाता है, जिससे उपयोगकर्ता हैप्टिक फीडबैक के जरिए दूरस्थ वस्तुओं की बनावट, आकार, कठोरता और तापमान का अनुभव कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचार और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह तकनीक कौशल-आधारित शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं रखती है। यह भारत के डीप-टेक और ‘इंटरनेट ऑफ स्किल्स’ इकोसिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

डिजिटल इंडिया, अमृत काल सुधारों और युवा शक्ति की भागीदारी की सरकार की परिकल्पना के अनुरूप, एन-जेन पहल के तहत 31 मार्च 2026 तक 100 कैंपस-आधारित डाकघरों के पुनरुद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक आईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एनआईटी और राज्य विश्वविद्यालयों में 40 से अधिक एन-जेन डाकघरों का उद्घाटन किया जा चुका है।

भारतीय डाक नवाचार, सहभागिता और आधुनिक सार्वजनिक सेवा अवसंरचना के माध्यम से देश के युवाओं के साथ अपने जुड़ाव को लगातार मजबूत कर रही है, जिससे समावेशी और भविष्य-उन्मुख सेवा वितरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हो रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन की गई वॉल आर्ट की सराहना की


आईआईटी दिल्ली में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री

EPFO अधिकारियों के लिए नैतिक नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम: PDUNASS और ICCfG के बीच रणनीतिक साझेदारी

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भारत में सार्वजनिक सेवा वितरण को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की शीर्ष प्रशिक्षण संस्था पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (PDUNASS) ने आईसी सेंटर फॉर गवर्नेंस (ICCfG) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस संबंध में नई दिल्ली में आज एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह MoU EPFO अधिकारियों के लिए तकनीकी दक्षता के साथ-साथ नैतिक नेतृत्व और नैतिक मूल्यों को संस्थागत रूप से प्रशिक्षण प्रणाली में शामिल करने का एक व्यापक ढांचा स्थापित करता है।

समझौता ज्ञापन पर PDUNASS की ओर से क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I राम आनंद तथा ICCfG की ओर से महासचिव शांति नारायण ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर PDUNASS के निदेशक कुमार रोहित सहित ICCfG के कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब EPFO “ईज़ ऑफ लिविंग” सुधारों और डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में संगठन को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बल्कि नैतिक रूप से सुदृढ़ अधिकारियों की आवश्यकता है।

‘मिशन कर्मयोगी’ की दिशा में कदम

इस सहयोग का उद्देश्य “मिशन कर्मयोगी” की परिकल्पना को साकार करना है, जिसमें नियम-आधारित कार्यप्रणाली से आगे बढ़कर भूमिका-आधारित नैतिक दक्षता पर जोर दिया गया है। यह पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता को प्रशासन का अभिन्न हिस्सा बनाने में सहायक होगी।

PDUNASS के निदेशक कुमार रोहित ने कहा कि EPFO की बढ़ती जिम्मेदारियों के मद्देनज़र अधिकारियों को केवल प्रक्रियात्मक ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक विवेक की भी आवश्यकता है। यह साझेदारी कौशल प्रशिक्षण से आगे बढ़कर चरित्र निर्माण पर केंद्रित है।

संरचित प्रशिक्षण व्यवस्था

MoU के तहत चरणबद्ध वार्षिक प्रशिक्षण ढांचा तैयार किया गया है। इसमें

  • ग्रुप ‘A’ अधिकारियों के लिए ICCfG केंद्रों पर आवासीय नेतृत्व और नीति-आधारित प्रशिक्षण

  • ग्रुप ‘B’ अधिकारियों के लिए PDUNASS परिसर में पेशेवर आचरण और नागरिक-केंद्रित सेवा पर आधारित प्रशिक्षण शामिल है।

इससे सभी स्तरों पर अधिकारियों को भरोसेमंद और उत्तरदायी सार्वजनिक सेवा देने के लिए तैयार किया जाएगा।

सुधारों के संदर्भ में पहल

यह पहल 2025 में EPFO द्वारा लागू किए गए हालिया सुधारों—जैसे सरल निकासी प्रणाली और केंद्रीकृत पेंशन भुगतान व्यवस्था—को नैतिक आधार प्रदान करती है। डिजिटल स्वचालन के साथ-साथ मानवीय विवेक और नैतिक निर्णय-क्षमता को मजबूत करना इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य है।

यह समझौता भारत की सामाजिक सुरक्षा प्रशासन प्रणाली को भविष्य के लिए तैयार, मूल्य-आधारित और जनविश्वास से परिपूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारतीय रेल आरक्षण प्रणाली को और सुरक्षित व पारदर्शी बनाने हेतु व्यापक सुधार लागू

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भारतीय रेल की आरक्षण टिकट बुकिंग प्रणाली एक मजबूत और अत्यंत सुरक्षित आईटी प्लेटफ़ॉर्म है, जिसमें उद्योग-मानक, अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा नियंत्रण व्यवस्थित हैं। भारतीय रेल ने आरक्षण प्रणाली के प्रदर्शन और नियमित/तत्काल टिकटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें प्रमुख पहलें निम्नलिखित हैं:

1. संदिग्ध यूज़र आईडी निष्क्रिय

जनवरी 2025 से अब तक लगभग 3.02 करोड़ संदिग्ध यूज़र आईडी निष्क्रिय कर दी गई हैं।

2. एंटी-बॉट समाधान लागू

ग़ैर-प्रामाणिक उपयोगकर्ताओं को फ़िल्टर करने और वास्तविक यात्रियों को सुचारू टिकट बुकिंग सुनिश्चित करने के लिए AKAMAI जैसे एंटी-बॉट समाधान लागू किए गए हैं।

3. ऑनलाइन तत्काल टिकट के लिए आधार-आधारित OTP

तत्काल टिकट बुकिंग में दुरुपयोग रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने हेतु, आधार-आधारित OTP सत्यापन चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है।
04.12.2025 तक यह सुविधा 322 ट्रेनों में चालू है।
इससे इन ट्रेनों में लगभग 65% मामलों में कन्फर्म तत्काल टिकट उपलब्धता समय बढ़ा है।

4. आरक्षण काउंटरों पर आधार-आधारित OTP

काउंटर बुकिंग में भी आधार-आधारित OTP लागू किया गया है और 04.12.2025 तक 211 ट्रेनों में इसे लागू किया जा चुका है।

5. लोकप्रिय ट्रेनों में सुधार

96 लोकप्रिय ट्रेनों में लगभग 95% मामलों में कन्फर्म तत्काल टिकट उपलब्धता समय बढ़ा है।

6. संदिग्ध PNR मामलों पर कार्रवाई

संदिग्ध रूप से बुक किए गए PNR के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायतें दर्ज की गई हैं।

7. बहु-स्तरीय साइबर सुरक्षा अवसंरचना

रेलवे आरक्षण प्रणाली कई सुरक्षा परतों से सुसज्जित है—

  • नेटवर्क फ़ायरवॉल

  • इंट्रूज़न प्रिवेंशन सिस्टम

  • एप्लिकेशन डिलीवरी कंट्रोलर

  • वेब एप्लिकेशन फ़ायरवॉल

  • एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन

  • निगरानी के लिए CCTV
    डेटा सेंटर पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड है और ISO 27001 ISMS प्रमाणित है।

8. RailTel द्वारा साइबर सुरक्षा सेवाएँ

RailTel उभरते साइबर ख़तरों से निपटने के लिए निम्न सेवाएँ प्रदान करता है:

  • थ्रेट इंटेलिजेंस

  • डीप और डार्क वेब निगरानी

  • डिज़िटल रिस्क प्रोटेक्शन

  • टेक-डाउन सेवाएँ

9. नियमित सुरक्षा ऑडिट

CERT-In द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसियों से नियमित सुरक्षा ऑडिट किया जाता है।
CERT-In और NCIIPC लगातार टिकटिंग सिस्टम से जुड़े इंटरनेट ट्रैफ़िक की निगरानी करते हैं।

10. सुझावों पर कार्रवाई

जनप्रतिनिधियों, संगठनों और रेल उपयोगकर्ताओं से प्राप्त सुझावों पर समय-समय पर समीक्षा कर उपयुक्त कार्रवाई की जाती है। इनका केंद्रीकृत संकलन नहीं रखा जाता क्योंकि यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है।

यह जानकारी रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लोकसभा में लिखित उत्तर में दी गई।

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