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गाजियाबाद की सोसायटी में लिफ्ट के अंदर पेशाब करने का वीडियो वायरल, बदबू की शिकायत के बाद खुला मामला

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गाजियाबाद- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके की एक हाईराइज सोसायटी से सामने आए CCTV वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी, अहिंसा खंड-1 के F-2 टावर की लिफ्ट में एक युवक कथित तौर पर पेशाब करता हुआ CCTV कैमरे में दिखाई दे रहा है। मामला तब सामने आया जब सोसायटी के निवासियों ने लिफ्ट से तेज दुर्गंध आने की शिकायत की। इसके बाद लिफ्ट की CCTV फुटेज खंगाली गई, जिसमें कथित घटना दिखाई दी।

बदबू की शिकायत से सामने आया पूरा मामला

रिपोर्टों के मुताबिक, सोसायटी के कुछ निवासियों को लिफ्ट के अंदर लगातार दुर्गंध महसूस हो रही थी। इसकी शिकायत Apartment Owners’ Association (AOA) और मेंटेनेंस टीम से की गई। इसके बाद यह पता लगाने के लिए लिफ्ट में लगे CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी गई कि दुर्गंध की वजह क्या है।

फुटेज में एक युवक लिफ्ट के अंदर कथित तौर पर पेशाब करता दिखाई देता है। रिपोर्टों के अनुसार, वह लिफ्ट के कंट्रोल पैनल की दिशा में पेशाब करता नजर आया। इस दौरान लिफ्ट अलग-अलग मंजिलों पर रुकती और उसके दरवाजे खुलते दिखाई देते हैं, लेकिन युवक कथित तौर पर अपनी हरकत जारी रखता है।

दरवाजा खुलने पर भी नहीं रुका

CCTV फुटेज के बारे में प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया है कि लिफ्ट कई मंजिलों पर रुकी। एक मौके पर एक अन्य व्यक्ति लिफ्ट में प्रवेश करने के लिए आगे बढ़ता दिखाई देता है, लेकिन अंदर की स्थिति देखकर वह पीछे हट जाता है।

इसके बाद युवक कुछ समय तक लिफ्ट में ही रहता है और फिर अपने फ्लोर पर उतरकर वहां से चला जाता है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।

साझा सुविधा के इस्तेमाल पर उठे सवाल

लिफ्ट किसी एक व्यक्ति की निजी जगह नहीं होती। हाईराइज सोसायटी में इसका इस्तेमाल रोजाना बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, घरेलू कर्मचारियों और दूसरे निवासियों द्वारा किया जाता है। ऐसे में साझा सुविधा के अंदर इस तरह की हरकत से सिर्फ साफ-सफाई का सवाल नहीं उठता, बल्कि अन्य निवासियों के लिए असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी पैदा हो सकती है।

घटना के बाद सोसायटी के लोगों ने साझा सुविधाओं के जिम्मेदार इस्तेमाल और नागरिक अनुशासन को लेकर नाराजगी जताई है।

Hygiene और Maintenance भी बड़ा मुद्दा

लिफ्ट के अंदर पेशाब किए जाने की स्थिति में केवल फर्श ही नहीं, बल्कि आसपास के हिस्सों और विशेष रूप से कंट्रोल पैनल जैसे स्थानों की भी उचित सफाई और सैनिटाइजेशन जरूरी हो जाता है।

ऐसी घटनाएं सोसायटी की मेंटेनेंस टीम के सामने भी चुनौती पैदा करती हैं, क्योंकि लिफ्ट जैसी बंद और रोजाना इस्तेमाल होने वाली जगह में स्वच्छता बनाए रखना सामुदायिक स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

क्या आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई?

इस मामले में उपलब्ध रिपोर्टों में आरोपी की पहचान सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है। हालांकि, अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी को सोसायटी स्तर पर जुर्माना लगाने के बाद छोड़ दिया गया। वहीं कुछ अन्य रिपोर्टों में कहा गया है कि पुलिस कार्रवाई या आगे की कानूनी स्थिति की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस मामले में अंतिम कानूनी कार्रवाई को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों के बीच अंतर है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने इस घटना पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने इसे साझा सार्वजनिक सुविधाओं के प्रति जिम्मेदारी और नागरिक व्यवहार से जोड़कर देखा।

हालांकि, वायरल CCTV वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति की पहचान, मानसिक स्थिति या नशे की हालत को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे अनुमानों को तथ्य नहीं माना जा सकता। कुछ रिपोर्टों ने भी स्पष्ट किया है कि उसके नशे में होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

घटना से क्या सीख मिलती है?

यह घटना केवल एक वायरल वीडियो का मामला नहीं है, बल्कि साझा सार्वजनिक सुविधाओं के प्रति जिम्मेदारी का भी सवाल उठाती है।

सोसायटी में रहने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि:

  • लिफ्ट, पार्किंग, लॉबी और अन्य कॉमन एरिया को निजी जगह की तरह इस्तेमाल न करें।

  • किसी भी तरह की गंदगी या नुकसान होने पर तुरंत मेंटेनेंस टीम को सूचित करें।

  • CCTV फुटेज का इस्तेमाल केवल उचित शिकायत और जांच के लिए किया जाए।

  • किसी व्यक्ति की पहचान उजागर करने या वीडियो को अनावश्यक रूप से फैलाने से बचें।

  • बच्चों और युवाओं को सार्वजनिक एवं साझा स्थानों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार के बारे में जागरूक किया जाए।

बड़ा सवाल: वायरल वीडियो से आगे क्या?

इस घटना ने सोशल मीडिया पर भले ही कुछ समय के लिए लोगों का ध्यान खींचा हो, लेकिन इसका वास्तविक महत्व इस बात में है कि हाउसिंग सोसायटियों में साझा सुविधाओं की निगरानी, सफाई और नागरिक अनुशासन को कैसे बेहतर बनाया जाए।

CCTV का उद्देश्य सुरक्षा और घटनाओं की जांच में मदद करना है। वहीं, ऐसी घटनाओं के वीडियो का अनियंत्रित प्रसार किसी व्यक्ति की निजता और प्रतिष्ठा से जुड़े अलग सवाल भी पैदा कर सकता है। इसलिए किसी वायरल वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी जरूरत और उसके संभावित प्रभाव पर विचार करना जरूरी है।

फिलहाल गाजियाबाद की इस घटना में CCTV फुटेज के आधार पर सामने आया कथित व्यवहार ही चर्चा का केंद्र है। आरोपी की पहचान और आगे की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी को आधिकारिक पुष्टि के साथ ही अंतिम तथ्य माना जाना चाहिए।

स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान 2025: 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाया गया

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नई दिल्ली-स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान, जिसे शहरी क्षेत्रों में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और स्वच्छता विभाग (DDWS), जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया, 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक मनाया गया और यह गांधी जयंती पर अपने समापन पर पहुँचा।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने इस अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर 2025 को स्वच्छता प्रतिज्ञा के साथ किया, जिसमें कार्यालयों और समुदायों में स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।

अभियान की प्रमुख थीम और गतिविधियाँ

  • इस वर्ष अभियान का फोकस Cleanliness Target Units (CTUs) को मॉडल स्वच्छ क्षेत्रों में बदलने और उच्च फुटफॉल वाले सार्वजनिक स्थानों में स्वच्छता बनाए रखने पर था।

  • सफाईमित्रों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, ताकि रोकथाम स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा दिया जा सके।

  • MoSPI और इसके कार्यालयों में व्यक्तिगत स्वच्छता और सतत स्वच्छता प्रथाओं के प्रति जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

अभियान की उपलब्धियाँ

  • कुल 52 CTUs को मॉडल स्वच्छ क्षेत्र में परिवर्तित किया गया।

  • 104 सार्वजनिक स्थानों की सफाई की गई।

  • MoSPI में सफाईमित्रों के लिए हेल्थ शिविर आयोजित किया गया, जिसमें व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर मार्गदर्शन दिया गया।

राष्ट्रीय श्रमदान और सहभागिता

  • 25 सितंबर 2025 को पूरे देश में श्रमदान आयोजित किया गया।

  • इस दौरान 2,500 से अधिक अधिकारी और स्वयंसेवक ने सफाई अभियान, वृक्षारोपण और जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया।

  • उनकी सक्रिय भागीदारी ने MoSPI की पर्यावरणीय स्थिरता और स्वच्छ भारत के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को प्रदर्शित किया।

अभियान का महत्व

SHS 2025 ने सामुदायिक सेवा, पर्यावरणीय जागरूकता और रोकथाम स्वास्थ्य देखभाल को सुदृढ़ किया और स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लिए राष्ट्रीय आंदोलन को आगे बढ़ाया।



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