Media24Media.com: #PublicAwareness

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #PublicAwareness. Show all posts
Showing posts with label #PublicAwareness. Show all posts

सीजी पीएससी द्वारा एस आई भर्ती परीक्षा,सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों के नामों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें

No comments Document Thumbnail

केवल छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें

रायपुर- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत आयोजित सूबेदार, उप-निरीक्षक (SI) संवर्ग और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2024 के प्रारंभिक लिखित परीक्षा परिणाम 04 अगस्त 2026 को घोषित किए गए। परिणाम जारी होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों के नामों को लेकर भ्रामक व तथ्यहीन जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं।

अभ्यर्थियों के वही नाम प्रदर्शित किए गए हैं जो ऑनलाइन आवेदन पत्र में दर्ज है

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (रील्स और शॉर्ट्स वीडियो) पर कुछ अभ्यर्थियों के नामों को लेकर उनका उपहास उड़ाया जा रहा है और परीक्षा परिणाम की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रही इन रील्स और वीडियो में प्रदर्शित दावों का सख्ती से खंडन किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा परिणाम में अभ्यर्थियों के वही नाम प्रदर्शित किए गए हैं, जो उन्होंने स्वयं अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र में दर्ज कर अंतिम रूप से सबमिट किए थे। इन्हीं नामों के आधार पर अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन, शारीरिक परीक्षण (PST) और प्रारंभिक लिखित परीक्षा संपन्न हुई थी।

अभ्यर्थियों के प्रवेश-पत्र (Admit Card) में भी यही नाम अंकित थे

अभ्यर्थियों के प्रवेश-पत्र (Admit Card) में भी यही नाम अंकित थे। इन्हीं नामों के आधार पर अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन किया गया। अवर सचिव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सभी अभ्यर्थियों और जनसामान्य से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही ऐसी किसी भी असत्य, भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी या अफ़वाहों पर विश्वास न करें। परीक्षा से जुड़ी किसी भी अधिकृत जानकारी के लिए केवल छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।

कोकड़ी-खट्टा का जर्जर पुल बना ग्रामीणों की चिंता, जनदर्शन में उठेगा मुद्दा

No comments Document Thumbnail

17 अगस्त को नागपंचमी पर जनपहल कार्यक्रम, बालिका शिक्षा और सुरक्षित आवागमन पर होगी चर्चा

महासमुंद- ग्राम कोकड़ी-खट्टा का वर्षों पुराना जर्जर पुल अब ग्रामीणों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। बरसात के मौसम में पुल की खराब स्थिति के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसी समस्या को जनदर्शन के माध्यम से शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के उद्देश्य से 17 अगस्त 2026 (नागपंचमी) को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोकड़ी में "कोकड़ी दर्शन–जनपहल कार्यक्रम" आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर के चेतना विकास मूल्य शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रभारी के.के. साहू सहित जीवन विद्या एवं चेतना विकास मूल्य शिक्षा केन्द्र, अभ्युदय संस्थान अछोटी (दुर्ग) के प्रतिनिधि, विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधि, पंच-सरपंच, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, प्राचार्य, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के सदस्य, अभिभावक, समाजसेवी तथा अनेक शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह शैक्षिक भ्रमण जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन–2026 की तैयारियों के अंतर्गत भी आयोजित किया जा रहा है।

विशेष बात यह है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकांश अतिथि उसी जर्जर पुल से होकर विद्यालय पहुँचेंगे, जिससे वे उसकी वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की कठिनाइयों का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे।

बच्चों ने पूछा—"गुरुजी, नया पुल कब बनेगा?"

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा "गांव की समस्या, हमारी समस्या" विषय पर रचनात्मक लेखन, विचार-विमर्श और संवाद आयोजित किया जाएगा। बच्चों ने अपने प्रश्नों के माध्यम से ग्रामीण जीवन की पीड़ा व्यक्त की है—

"यदि पुल टूट गया तो हम स्कूल कैसे जाएंगे?"

"बरसात में मरीज अस्पताल कैसे पहुँचेंगे?"

"नई सड़क और नया पुल कौन बनाएगा?"

"क्या हमारी पढ़ाई और हमारा भविष्य सुरक्षित नहीं होना चाहिए?"

इन सवालों ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और जनसुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी सामने रखा है।

बालिका शिक्षा पर पड़ रहा असर

ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर पुल के कारण सबसे अधिक परेशानी छात्राओं और छोटे बच्चों को होती है। बरसात के दिनों में अभिभावक सुरक्षा कारणों से बच्चों को विद्यालय भेजने से हिचकते हैं, जिससे उनकी नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है। ग्रामीणों का मानना है कि सुरक्षित पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास का आधार है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग

ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि कोकड़ी-खट्टा मार्ग पर जल्द से जल्द एक मजबूत एवं सुरक्षित पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि एक मजबूत पुल पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

17 अगस्त को आयोजित होने वाला यह जनदर्शन एवं जनपहल कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सामूहिक आवाज़ को शासन तक पहुँचाने का प्रयास होगा। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि इस पहल के बाद जर्जर पुल की समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।


जनगणना 2027: दिल्ली में जागरूकता वैन रवाना, लोगों से सेल्फ-एन्यूमरेशन में भाग लेने की अपील

No comments Document Thumbnail

भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ के तहत नई दिल्ली स्थित जनगणना भवन से जागरूकता वैन को रवाना किया गया। इन वैन के जरिए लोगों को जनगणना में भागीदारी, सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा और जनगणना 2027 की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

दिल्ली एनसीटी में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का कार्य जारी है। एमसीडी क्षेत्रों में निवासी 15 मई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से सेल्फ-एन्यूमरेशन कर सकते हैं। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक गणनाकर्ता घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।

सरकार के अनुसार अब तक 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 92 लाख परिवार सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। जनगणना से जुड़ा सारा डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं विकास योजनाओं के लिए किया जाएगा।


स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत विधि कार्य विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान

No comments Document Thumbnail

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग द्वारा स्वच्छता, स्वास्थ्य और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

इस अभियान की शुरुआत शास्त्री भवन स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में सामूहिक स्वच्छता शपथ और स्वच्छ भारत गीत के साथ हुई। 2 अप्रैल 2026 को विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई, जिसमें स्वच्छ और स्वस्थ भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।

कार्यालय परिसर में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसके माध्यम से कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ने और इसे सफल बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

जागरूकता बढ़ाने के लिए सेल्फी बूथ की भी व्यवस्था की गई, जहां प्रतिभागियों ने स्वच्छता के समर्थन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इसके अलावा रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आकर्षक चित्र प्रस्तुत किए गए।

इन सभी गतिविधियों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यस्थल और समाज में स्वच्छता बनाए रखने के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश मजबूत हुआ।

विधि कार्य विभाग ने स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

एमबीबीएस अंतर्गत पंजीयन या बिजली बिल भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया के लिए होगा शिविर का आयोजन

No comments Document Thumbnail

साइबर ठगों से बचने पॉवर कंपनी ने की उपभोक्ताओं से अपील

बिजली की जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करें  

सतर्कता ही समझदारी है, सावधानी बरते और साइबर ठगी से बचें

रायपुर- बिजली आज हमारी मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और पूरा भुगतान करना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं से यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है। 

छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी भीम सिंह ने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर फैल रहे साइबर ठगी के प्रयासों से सतर्क रहें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि योजना के पंजीयन या बिजली बिल भुगतान से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए अनजान वॉट्सएप मैसेज, ई-मेल या एसएमएस में आए किसी लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी एपीके फाइल को डाउनलोड करें।

कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण उपभोक्ता बिजली बिल बकाया रह जाता है और समय के साथ उस पर बिजली बिल में अधिभार बढ़ता जाता है। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपना पंजीयन कराना आवश्यक होगा। यह पंजीयन बिजली विभाग की वेबसाइट, मोबाइल एप या नजदीकी कार्यालय में जाकर कराया जा सकता है। 

छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी श्री भीम सिंह ने अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने बकाया बिजली बिल का समाधान करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाना है।

पॉवर कंपनी के अनुसार वह अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए उपभोक्ताओं को कोई एपीके फाइल या संदिग्ध वेब लिंक नहीं भेजती है। इसलिए यदि किसी संदेश में ऐसा लिंक या फाइल प्राप्त होती है तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। कंपनी ने बताया कि योजना की जानकारी और पंजीयन की सुविधा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोग सीधे अधिकृत माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकें।

छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिजली बिल या किसी अन्य शुल्क का भुगतान केवल “मोर बिजली एप”, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय में ही करें। किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है।

साथ ही उपभोक्ताओं को बताया गया है कि पॉवर कंपनी की ओर से भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक संदेश “CSPDCL-S” सेंडर ID से ही आते हैं। यदि किसी अन्य आईडी से संदेश प्राप्त होता है तो उसे संदिग्ध माना जाए। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉवर कंपनी ने कहा है कि सतर्कता ही समझदारी है और थोड़ी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।

ग्राम पंचायतों के लिए उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली:- उपभोक्ता मामलों के विभाग (DoCA) ने वर्ष 2024 और 2025 में आयोजित वर्चुअल क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की सफलता के बाद, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ग्राम पंचायतों के लिए अपने राष्ट्रीय वर्चुअल क्षमता निर्माण कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू किया है। यह श्रृंखला 13 फरवरी 2026 को पंचायती राज मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाना और संरक्षण तंत्र को मजबूत करना है।

इस पहल के तहत पहली बैठक बिहार, झारखंड और ओडिशा राज्यों के साथ आयोजित की गई, जिसमें 1,011 ऑनलाइन लिंक के माध्यम से हजारों पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को उपभोक्ता अधिकारों, उभरते उपभोक्ता मुद्दों और शिकायत निवारण की संस्थागत व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। पंचायत प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की समस्याओं पर सीधे सवाल पूछने और स्पष्टीकरण प्राप्त करने का अवसर भी मिला।

पंचायतों की अहम भूमिका पर जोर

सत्र में पंचायतों की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया, ताकि वे उपभोक्ता अधिकारों को बढ़ावा दें, अनुचित व्यापार प्रथाओं पर रोक लगाएं और नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (1915) और ई-जागृति पोर्टल जैसे शिकायत मंचों तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित कर सकें।

इससे पहले विभाग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत पंचायत प्रतिनिधियों के लिए उपभोक्ता अधिकारों, कर्तव्यों और शिकायत निवारण प्रणाली पर व्यापक जागरूकता सत्र आयोजित किए थे। यह अभियान 20 दिसंबर 2024 को शुरू होकर 22 अगस्त 2025 को समाप्त हुआ था और दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पंचायतों को कवर किया गया था।

क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजन

इस कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता क्षेत्रीय भाषाओं में सत्रों का आयोजन रहा, जिससे प्रभावी संवाद, व्यापक भागीदारी और बेहतर समझ सुनिश्चित हुई। संबंधित राज्यों की भाषाओं में दक्ष अधिकारियों ने सत्रों की अध्यक्षता की, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद संभव हुआ।

ग्रामीण उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने की पहल

इस पहल से पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता मजबूत हुई है, जिससे वे अपने समुदायों में उपभोक्ता संरक्षण के संवाहक बन सकें। स्थानीय संस्थाओं को उपभोक्ता अधिकारों और शिकायत निवारण प्रणाली की व्यावहारिक जानकारी देकर ग्रामीण उपभोक्ताओं को जागरूक और सशक्त बनाने में मदद मिली है।

वर्चुअल कार्यक्रम के फायदे

वर्चुअल प्रारूप ने कम लागत, व्यापक पहुंच और तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर संपर्क स्थापित करने के लाभ दिखाए हैं। सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद विभाग ने पंचायती राज मंत्रालय के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को जारी रखने और विस्तार करने का निर्णय लिया है।

निष्कर्ष

इस सतत प्रयास के माध्यम से उपभोक्ता मामलों का विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उपभोक्ता जागरूकता शासन के हर स्तर तक पहुंचे और विशेष रूप से ग्रामीण नागरिकों को जागरूक निर्णय लेने और समय पर शिकायत निवारण तक पहुंचने में सशक्त बनाया जा सके।


सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे जन-जागरूकता कार्यक्रम

No comments Document Thumbnail

रायपुर- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत प्रतिदिन जन-जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। 

प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप की ओर से लीड एजेंसी द्वारा जन जागरूकता संबंधी तैयार पोस्टर एवं फ्लैक्स जारी किया गया। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा प्रदेश के समस्त सरपंचों एवं पंचगणों को पंचायत अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आवश्यक पहल करने के लिए एक अपील जारी किया गया। सड़क सुरक्षा माह के प्रथम दिवस 01 जनवरी 2026 को न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे, माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी की अध्यक्षता में बेमेतरा में हेलमेट रैली को हरी झण्डी दिखाकर इसका शुभारंभ किया। इसी कड़ी में 03 जनवरी को दुर्ग में संभाग स्तरीय अधिकारियों, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, सात जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, परिवहन, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, आबकारी, स्वास्थ्य निर्माण एजेंसियों की बैठक तथा 05 जनवरी को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की उपस्थिति में संबंधित विभागीय सचिवों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को रोकने कार्ययोजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ ही विशेष रूप से सर्वाधिक दुर्घटनाओं वाले जिले रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग के लिए समन्वित प्रयास से कार्ययोजना बनाया जाकर वर्ष 2026 के दौरान दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिये गये।

प्रदेश में वर्ष 2025 में गत वर्ष की तुलना में मृत्यु दर में यद्यपि कमी आई है। गत वर्ष की तुलना में यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही में लगभग 45 प्रतिशत अधिक (लगभग 9 लाख प्रकरणों) की जाकर लगभग 39 करोड़ रूपये परिशमन शुल्क संकलित किये गये। साथ ही जन जागरुकता के कार्यों के फलस्वरूप अर्थात् लगभग 3 प्रतिशत मृत्यु दर में कमी परिलक्षित हुई है। प्रदेश के 20 जिलों में मृत्युदर में कमी हुई है। रायपुर सहित अन्य 13 जिलों में मृत्यु दर को कम करने कार्य किए जा रहे हैं। इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में न्यूनतम 10 प्रतिशत की कमी सहित दुर्घटना जन्य सड़क खण्डों में यथाशीघ्र सुधारात्मक उपायों एवं आकस्मिक उपचार हेतु त्वरित प्रतिक्रिया हेतु समुचित उपाय का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह 2026 के दौरान जन-जागरुकता के लिये यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन पृथक-पृथक गतिविधियों के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। इसी अनुक्रम में वाहन चालकों एवं यात्रीगणों को बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल में बात करते हुए या नशे का सेवन कर तथा तेज गति से वाहन चलाने वालों को समझाईश देकर यातायात के नियमों का पालन करने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही यातायात नियमों के पालन करने वालों को सम्मानित करने का कार्य भी किया जा रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हैदराबाद के राष्ट्रपति निलयम में उद्यान उत्सव 2026 की तैयारियों की समीक्षा की

No comments Document Thumbnail

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (19 दिसंबर 2025) हैदराबाद स्थित राष्ट्रपति निलयम में उद्यान उत्सव के दूसरे संस्करण के उद्घाटन की तैयारियों की समीक्षा की।

उद्यान उत्सव आम जनता के लिए 3 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से रात 8:00 बजे तक खुला रहेगा। अंतिम प्रवेश शाम 7:00 बजे तक होगा।

इस उत्सव में प्रवेश सभी आगंतुकों के लिए निःशुल्क रहेगा।

नौ दिवसीय यह कृषि एवं उद्यानिकी महोत्सव टिकाऊ कृषि, उद्यानिकी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यह भारत की हरित परंपराओं, सतत प्रथाओं और सामुदायिक सहभागिता का उत्सव होगा।

उत्सव में पुष्प एवं अपुष्प दोनों प्रकार के आकर्षण देखने को मिलेंगे, जिनमें उन्नत मौसमी फूलों की क्यारियाँ, सुसज्जित पुष्प स्थापना, सेल्फी पॉइंट और उन्नत उद्यान क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा आगंतुक कृषि एवं उद्यानिकी विषयक स्टॉल, लाइव प्रदर्शन, इको-क्राफ्ट कार्यशालाएँ और इंटरैक्टिव ज्ञान क्षेत्र भी देख सकेंगे।

नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ: छत्तीसगढ़ में 19,958 स्थलों पर 6.70 लाख लोगों ने ली नशामुक्ति की शपथ

No comments Document Thumbnail

रायपुर- नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी और जागरूकता के अद्भुत संगम के रूप में मनाई गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न विभागों के समन्वय से पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर शपथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें हर वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम रायपुर स्थित होटल मैरियट में आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव तथा संचालक  रोक्तिमा यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत की शपथ ली और समाज से नशे के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों ने इस राष्ट्रीय अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। 543 स्थलों पर 24,749 प्रतिभागियों, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 505 कार्यक्रमों में 69,356 प्रतिभागियों ने शपथ ली। इसी क्रम में राज्य के 7,452 विद्यालयों में 3,98,675 छात्रों और शिक्षकों ने नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए आयोजित 9,355 कार्यक्रमों में 1,20,410 प्रतिभागियों ने नशा छोड़ने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प लिया। साथ ही अन्य 2,103 आयोजनों में 57,570 लोगों ने शपथ लेकर अभियान को और मजबूत किया। इस प्रकार कुल 19,958 स्थलों पर 6,70,760 नागरिकों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण का प्रण लिया।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम 18 नवंबर को गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देशभर की तरह छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर देखा गया। राज्य के सभी जिलों, विभागों, शासकीय कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में सामूहिक रूप से प्रसारण का अवलोकन किया गया, जिससे अधिक से अधिक लोग राष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़े।

नशामुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य मादक द्रव्यों, तंबाकू और शराब की लत जैसी सामाजिक बुराइयों से लोगों को बचाना तथा युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखना है। अभियान के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रमों, शिक्षा संस्थानों की गतिविधियों, समुदाय की सहभागिता, काउंसिलिंग, उपचार और पुनर्वास सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिले।

समाज कल्याण विभाग ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शहरी प्रशासन, युवा सेवाएँ सहित अनेक विभागों को अभियान से जोड़कर बहु-विभागीय समन्वय के माध्यम से नशामुक्ति की दिशा में एक व्यापक और प्रभावशाली जन-अभियान आगे बढ़ाया है।

इतनी बड़ी जनसहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत संदेश दिया है कि राज्य नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। नशामुक्त भारत अभियान के तहत राज्य में जनजागरूकता, काउंसिलिंग और समुदाय आधारित गतिविधियाँ निरंतर जारी रहेंगी, जिससे छत्तीसगढ़ नशामुक्त और प्रगतिशील प्रदेश की दिशा में निरंतर आगे बढ़े।


सीपीआर जागरूकता सप्ताह का उद्घाटन, हर घर और सार्वजनिक स्थल पर जीवनरक्षक प्रशिक्षण का लक्ष्य

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- हृदयाघात के गंभीर मामलों में जीवन बचाने के लिए कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) एक महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक आपातकालीन प्रक्रिया है। आम जनता में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज CPR जागरूकता सप्ताह (13–17 अक्टूबर 2025) का उद्घाटन किया। यह अभियान CPR प्रशिक्षण, प्रशिक्षण में भागीदारी और समुदाय आधारित सक्रियता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है।

इस उद्घाटन समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने मुख्य रूप से उद्घाटन किया, जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, स्वास्थ्य पेशेवर, और चिकित्सा संस्थानों व नागरिक समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने CPR कौशल के प्रति सार्वजनिक क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा,

“केवल हाथों द्वारा CPR करने की सरल प्रक्रिया महत्वपूर्ण अंगों में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बनाए रख सकती है जब तक कि पेशेवर मदद नहीं पहुँचती, जिससे जीवन रक्षा की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।”

स्वास्थ्य सचिव ने यह भी बताया कि CPR जागरूकता सप्ताह का लक्ष्य है कि हर घर, स्कूल, कार्यालय और सार्वजनिक स्थल पर कम से कम एक व्यक्ति इस जीवनरक्षक तकनीक में प्रशिक्षित हो। उन्होंने कहा,

“हृदयाघात भारत में अचानक मृत्यु का एक प्रमुख कारण बना हुआ है, जिसमें लगभग 70% मामले अस्पताल के बाहर होते हैं, जहां तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं होती। ऐसे समय में किसी बायस्टैंडर द्वारा समय पर CPR देना जीवन रक्षा की संभावना को काफी बढ़ा सकता है।”

उद्घाटन कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने CPR जागरूकता बढ़ाने और अन्य लोगों को यह प्रशिक्षण सीखने के लिए प्रेरित करने की प्रतिज्ञा भी ली। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा हैंड्स-ओनली CPR का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें दर्शाया गया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा सरल कदमों का पालन करके हृदय आपातकालीन स्थिति में किसी की जान बचाई जा सकती है।

कम बायस्टैंडर CPR प्रशासन दर और समुदाय-केंद्रित प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय पूरे भारत में 13-17 अक्टूबर, 2025 तक CPR जागरूकता सप्ताह मना रहा है। सप्ताह के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिज्ञा समारोह, भौतिक और वर्चुअल CPR प्रदर्शन, विशेषज्ञ बातचीत, पैनल चर्चा और अन्य IEC गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। उद्घाटन में देशभर से 15,000 से अधिक स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिभागी और चिकित्सा संस्थानों एवं नागरिक समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने MyGov और MyBharat प्लेटफ़ॉर्म के सहयोग से ऑनलाइन प्रतिज्ञा और CPR क्विज़ भी प्रकाशित किया है। प्रतिज्ञा और क्विज़ निम्नलिखित लिंक से एक्सेस किए जा सकते हैं:


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.