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जनगणना 2027: दिल्ली में जागरूकता वैन रवाना, लोगों से सेल्फ-एन्यूमरेशन में भाग लेने की अपील

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भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ के तहत नई दिल्ली स्थित जनगणना भवन से जागरूकता वैन को रवाना किया गया। इन वैन के जरिए लोगों को जनगणना में भागीदारी, सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा और जनगणना 2027 की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

दिल्ली एनसीटी में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का कार्य जारी है। एमसीडी क्षेत्रों में निवासी 15 मई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से सेल्फ-एन्यूमरेशन कर सकते हैं। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक गणनाकर्ता घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।

सरकार के अनुसार अब तक 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 92 लाख परिवार सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। जनगणना से जुड़ा सारा डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं विकास योजनाओं के लिए किया जाएगा।


जनगणना 2027- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना

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छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक  

रायपुर- भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना  (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।

डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना  होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।

इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी

प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी।

जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। 

निगरानी

जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।

जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने जनगणना-2027 के लिए डिजिटल टूल्स और मैस्कॉट “प्रगति” व “विकास” का किया अनावरण

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नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च किया और आधिकारिक रूप से दो मैस्कॉट — “प्रगति” (महिला) और “विकास” (पुरुष) — का अनावरण किया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें केंद्रीय गृह सचिव तथा भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त भी उपस्थित थे।

जनगणना-2027 के लिए उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) द्वारा किया गया है, जिससे देशभर में गणना कार्य को सुगम और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 आयोजित करने के अपने इरादे की औपचारिक घोषणा 16 जून 2025 को राजपत्र अधिसूचना जारी कर की थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया होगी और पहली बार इसे डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा। साथ ही पहली बार नागरिकों को सेल्फ-एन्यूमरेशन (Self-Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा।

मैस्कॉट “प्रगति” और “विकास”

जनगणना-2027 के लिए लॉन्च किए गए मैस्कॉट “प्रगति” (महिला गणनाकर्मी) और “विकास” (पुरुष गणनाकर्मी) को जनगणना के मित्रवत और जनसुलभ प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। ये दोनों मैस्कॉट भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी का भी प्रतीक हैं। इनके माध्यम से जनगणना से जुड़ी जानकारी, उद्देश्य और संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी और सरल तरीके से पहुँचाए जाएंगे।

चार डिजिटल टूल्स

जनगणना-2027 में पहली बार डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इस अवसर पर चार प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए—

1. Houselisting Block Creator (HLBC) Web Application

यह वेब-मैप आधारित एप्लिकेशन चार्ज अधिकारियों को सैटेलाइट इमेजरी की सहायता से डिजिटल रूप में हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक बनाने की सुविधा देगा, जिससे पूरे देश में भौगोलिक कवरेज मानकीकृत किया जा सकेगा।

2. HLO Mobile Application

यह एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसके माध्यम से गणनाकर्मी घर-घर जाकर हाउस-लिस्टिंग डेटा एकत्र कर सर्वर पर अपलोड करेंगे। यह ऐप केवल CMMS पोर्टल पर पंजीकृत गणनाकर्मियों द्वारा ही उपयोग किया जा सकेगा और यह Android तथा iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। ऐप 16 क्षेत्रीय भाषाओं में संचालित किया जा सकेगा।

3. Self-Enumeration (SE) Portal

पहली बार नागरिकों को सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा दी जा रही है, जिसके तहत परिवार का कोई पात्र सदस्य घर से ही ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेगा। सफलतापूर्वक जानकारी दर्ज करने पर एक Self-Enumeration ID (SE ID) उत्पन्न होगी, जिसे बाद में गणनाकर्मी सत्यापित करेंगे।

4. Census Management and Monitoring System (CMMS) Portal

यह एक केंद्रीकृत वेब-आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से जनगणना से जुड़ी सभी गतिविधियों की योजना, प्रबंधन और निगरानी की जाएगी। जिला, उप-जिला और राज्य स्तर के अधिकारी इस डैशबोर्ड के माध्यम से रियल-टाइम में प्रगति और फील्ड प्रदर्शन की निगरानी कर सकेंगे।

दो चरणों में होगी जनगणना

जनगणना-2027 को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा—

पहला चरण: हाउस-लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (HLO)

इस चरण में घरों की स्थिति और घरेलू सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इसकी अधिसूचना 7 जनवरी 2026 को जारी की गई थी। यह सर्वेक्षण 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा निर्धारित 30-दिवसीय अवधि में किया जाएगा। इसके पहले 15 दिनों की वैकल्पिक सेल्फ-एन्यूमरेशन अवधि भी होगी।

दूसरा चरण: जनसंख्या गणना (Population Enumeration)

यह चरण पूरे भारत में फरवरी 2027 में आयोजित होगा। वहीं लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 में की जाएगी। इस चरण में जाति से संबंधित प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे।

जनगणना-2027 के लिए देशभर में 30 लाख से अधिक गणनाकर्मी, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी तैनात किए जाएंगे, जो मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर डेटा संग्रह करेंगे।

सरकार का मानना है कि तकनीक और समावेशिता का यह संयोजन जनगणना-2027 को अधिक सटीक, सुरक्षित और व्यापक बनाएगा।

जनगणना-2027 की संदर्भ तिथि अधिकांश राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 1 मार्च 2027 को 00:00 बजे होगी, जबकि लद्दाख और हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए यह 1 अक्टूबर 2026 को 00:00 बजे निर्धारित की गई है।

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